गृहमंत्री ओडिशा में: “प्रजातंत्र” अखबार उत्कल की जनता की आवाज है, बिना किसी समझौते के जनता को समर्पित है

"प्रजातंत्र" अखबार उत्कल की जनता की आवाज है, बिना किसी समझौते के जनता को समर्पित है : अमित शाह

आज़ादी के अमृत महोत्सव का वर्ष देश की आज़ादी के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले आंदोलनकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण करने और देश की आज़ादी में दिए गए उनके योगदान को  स्वीकार करने का वर्ष है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज ओडिशा के कटक में उड़िया भाषा के समाचार पत्र ‘प्रजातंत्र’ की 75 वीं वर्षगाँठ पर  आयोजित प्रजातंत्र केअमृत उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। 

श्री अमित शाह ने देश की आज़ादी में उत्कल केसरी डॉ हरिकृष्ण महताब और प्रजातंत्र अखबार के योगदान को नमन करते कहा कि उत्कल केसरी डॉ हरिकृष्ण महताब ने ना केवल आज़ादी की लड़ाई लड़ी, बल्कि आज़ादी के बाद भी केंद्रीय मंत्री, मुंबई के राज्यपाल, ओडिशा के मुख्यमंत्री और प्रजातंत्र के सजग प्रहरी के नाते हमेशा उत्कल प्रजा को गौरव भी दिलाया। उनके द्वारा शुरू किया गया ‘प्रजातंत्र’ 75वर्षों से जनता के हितों के प्रति समर्पित होकर काम कर रहा है।

इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। श्री अमित शाह ने भुवनेश्वर के सुप्रसिद्ध लिंगराज मंदिर में महादेव के दर्शन भी किए।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कटक में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के पैत्रक निवास व जन्मस्थली पर जाकर नेताजी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

नेताजी के जन्मस्थान पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की छवि को नमन करते गृह मंत्री

प्रजातंत्र के अमृत उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अमित शाह ने कहा कि मैं जब-जब भी उत्कल भूमि पर आता हूँ तो महाप्रभु को प्रणाम करके ही भूमि पर पैर रखता हूँ, भगवान जगन्नाथ पूर्व से पश्चिम तक समग्र देश को भक्ति और संस्कृति से जोड़ कर रखते हैं।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रजातंत्र सिर्फ एक अखबार नहीं है बल्कि एक ऐसा संस्थान है जहां से सैकड़ों कलम के सन्यासी निकलेहैं, जिन्होंने साहित्य का सृजन किया, पत्रकारिता में आए, गद्य और पद्य का सृजन किया और कुछ लोगों ने ओडिशा के गौरवगान के लिए अपना जीवन समर्पित किया। 75 साल में प्रजातंत्र ने अनेक साहित्यकार और पत्रकार दिए हैं। प्रजातंत्र ने पत्रकारिता की ज्योत को जलाए रखने के साथ-साथ पत्रकार धर्म को भी संभाल कर रखा है

Tलिंगराज महादेव मंदिर परिसर में गृह मंत्री

उन्होंने कहा कि डॉ हरिकृष्ण महताब के दिखाए हुए रास्ते पर आज भ्रतृहरी महताब जी प्रजातंत्र को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होने कहा कि किसी समाचार पत्र के 75 साल होना अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है, लेकिन 75 साल तक एक विचार, देश और जनता को समर्पित रखते हुए बिना कोई समझौता किये हमेशा उत्कल जनता की आवाज बनकर अखबार चलाना उससे  उससे भी बड़ी बात है।चाहे आपातकाल हो, कालाहांडी हो, राज्य पुनर्गठन आयोग (एसआरसी) आंदोलन हो या 1964 का छात्र आंदोलन हो, प्रजातंत्र ने  हर आंदोलन को आवाज़ देने का काम किया है। 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह उत्कल प्रदेश के साथ ही पूरे भारत के लिए गर्व की बात है कि एक गरीब जनजातीय परिवार से आने वाली श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी देश की राष्ट्रपति बनी हैं, इसके लिए मैं सभी उत्कल वासियों को बधाई देता हूँ। उन्होंने कहा 
देश की हमारी संविधान सभा में एक भी जनजातीय महिला नहीं थी, लेकिन आज उसी संविधान द्वारा स्थापित प्रजातंत्र में श्रीमती द्रौपदी मुर्मु देश की महामहिम राष्ट्रपति हैंश्री धर्मेन्द्र प्रधान शिक्षा मंत्री हैं, श्री अश्विनी वैष्णव रेल मंत्री हैं, श्री विश्वेश्वर टुडु भी केन्द्र में मंत्री हैं और भारतीय रिज़र्व बैंकके गवर्नर भी ओडिशा से आते हैं।  

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लिंगराज महादेव मंदिर परिसर में गृह मंत्री

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्कल केसरी डॉ हरिकृष्ण महताब जी को उनके एक और योगदान के लिए याद किया जाता है।जब वर्ष 1947 में सरदार पटेल इस क्षेत्र की सभी रियासतों को जोड़ने यहाँ आये थे तब उन्होंने डॉ हरिकृष्ण महताब को सभी रियासतों को भारतीय संघ में जोड़ाने की ज़िम्मेदारी दी थी और डॉ महताब ने बहुत अच्छे तरीके से यह काम किया। श्री शाह ने भारत सरकार और देश की जनता की ओर से डॉ हरिकृष्ण महताब को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ महताब ने कहा था कि किसी भी देश की जनता जो सांस्कृतिक विकास के बिना महान नहीं बना सकते हैं और हमारा उत्कल प्रदेश सांस्कृतिक विरासत का बहुत धनी है।

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