नई दिल्ली / पटना : इधर दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने घोषणा किया कि बिहार में 18 वां विधानसभा के गठन के लिए प्रदेश में दो चरणों में चुनाव आगामी 6 और 11 नवम्बर को होगा और मतों की गिनती 14 नवम्बर को सम्पन्न होगा। उधर पटना में प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 4.3 किलोमीटर लंबी मेट्रो मार्ग का उद्घाटन किया।
पटना मेट्रो रेल के चमचमाते डब्बे में जब प्रदेश के मुख्यमंत्री एक डब्बे में यात्रा प्रारम्भ किये, दिल्ली मेट्रो लोगों ने नवनिर्मित, नव चलित मेट्रो सीट पर ‘सफ़ेद वस्त्र’ बिछाकर मुख्यमंत्री और उनके साथ चल रहे अन्य नेताओं को बैठाया। दिल्ली में जब पहली बार मेट्रो चली थी, उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी, और बाद में अन्य परियोजनाओं के उद्घाटन में वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके लोग ‘बिना सफ़ेद चादर’ के मेट्रो डब्बे में बैठकर यात्रा किये थे। बिहार में नेताओं के प्रति गजब का ‘समर्पण’ होता है।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दिल्ली में घोषणा किये कि पूरी चुनाव प्रक्रिया 16 नवंबर तक समाप्त हो जाएगी। कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “बिहार चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे। मतों की गिनती 14 नवंबर को होगी।” उन्होंने कहा, “मतगणना के अंतिम दो दौर से पहले डाक मतपत्रों की गिनती पूरी करना अनिवार्य है।”
243 सदस्यीय राज्य विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। पिछली बार 2020 का विधानसभा चुनाव तीन चरणों में हुआ था, जिसमें 56.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। चुनाव आयोग के अनुसार पहले चरण के लिए गजट अधिसूचना जारी करने की तिथि 10.10.2025 जबकि दूसरे चरण के लिए 13.10.2025 निश्चित है। पहले चरण के लिए नामांकन करने की अंतिम तिथि 17.10.2025 जबकि दूसरे चरण के लिए 20.10.2025 है। नामांकन की जांच की तिथि 18.10.2025 (पहला चरण) और 21.10.2025 (दूसरा चरण), उम्मीदवारों की नाम वापसी की अंतिम तिथि – 20.10.2025 पहला चरण 23.10.2025 दूसरा चरण। मतदान की तिथि 06.11.2025 पहला चरण 11.11.2025 दूसरा चरण मतगणना की तिथि 14.11.2025 और जिस तारीख से पहले चुनाव संपन्न हो जाएगा 16.11.2025
चुनाव की घोषणा के साथ ही तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा- मेरे प्रिय बिहारवासियों, 𝟏𝟒 नवंबर 𝟐𝟎𝟐𝟓! इस तारीख को हम सभी को याद कर लेना है। इतिहास के पन्नों को भविष्य में जब भी पलटा जाएगा तो ये तारीख बिहार के सुनहरे भविष्य, परिवर्तन, विकास और बुलंदी की शुरुआत बनकर हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दिखेगी। परिवर्तन का बिगुल बज चुका है, जनता की जीत का शंखनाद हो चुका है। बस अब पूरे मनोयोग, समस्त ऊर्जा का संचय कर प्रत्येक बिहारवासी को जुट जाना है, महागठबंधन की सरकार बनाने के लिए।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों की घोषणा पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, “भारत के चुनाव आयोग का बहुत आभार कि एक शांतिपूर्ण पारदर्शिता के साथ बिहार लोकतंत्र का पर्व मनाएं, इसके लिए विस्तृत योजना बनाई है। बिहार लोकतंत्र की जननी है…दो तारीखें तय की गई हैं…मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि चुनाव आयोग ने जो व्यवस्था बनाई है और 1990 से 2005 तक जो जंगल राज में बूथ लूट लिए जात थे, मतदाताओं को धमकाया जाता था, वो अब बिहार में नहीं हो पाएगा…” खैर।
प्रथम चरण में तीन मेट्रो स्टेशन आई॰एस॰बी॰टी॰, जीरोमाइल और भूतनाथ को जोड़ते हुए कुल 4.3 किमी लंबे रूट पर पटना मेट्रो का परिचालन प्रारम्भ हुआ। यह राज्य सरकार द्वारा आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल एवं सुगम यातायात व्यवस्था को विकसित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। मेट्रो परियोजना के माध्यम से पटना के लोगों को आवागमन हेतु एक नया सुरक्षित और तेज विकल्प मिल जाएगा, जिससे उन्हें आवागमन में और अधिक सुविधा होगी।
केंद्र सरकार ने जून 2014 में हरी झंडी दिखाई और पांच चरणों का निर्माण प्लान मंजूर किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में 13,365 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली पटना मेट्रो रेल परियोजना की आधारशिला रखी थी।दिल्ली मेट्रो (DMRC) को पटना मेट्रो के लिए सलाहकार बनाया गया है। पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत करीब 13,925 करोड़ रुपये है। बिहार सरकार के अलावा केंद्र औऱ जापन इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी (JICA) ने भी इसके लिए वित्तीय सहायता दी है। पटना मेट्रो के साथ भारत में कुल मेट्रो नेटवर्क बढ़कर 1017 किलोमीटर हो गया है। देश में पटना मेट्रो के पहले 23 शहर मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े थे। 2014 में सिर्फ 5 शहरों में 248 किमी का ही मेट्रो नेटवर्क था, जबकि 2025 में 24 शहरों में अब तक 1017 किमी का नेटवर्क अब तैयार हो चुका है।
नीतीश कुमार के कालखंड में पटना में मेट्रो चलना निश्चित रूप से ऐतिहासिक है, लेकिन मेट्रो सीट पर सफ़ेद चादर बिछाना कुछ अटपटा सा लगा। चादर बिछे सीट पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावे ‘विवादित’ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य नेतागण बैठे दिखे। जबकि दूसरे उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा सेल्फी लेते दिखाई दिए। पहले चरण में ब्लू लाइन मेट्रो चार स्टेशनों के बीच चलेगी. ये पाटलिपुत्र ISBT से, जीरो माइल होते हुए भूतनाथ के बीच सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी। पटना मेट्रो किराया 15 रुपये से शुरू होगा।
पटना देश का 24वां ऐसा शहर बन गया है, जो मेट्रो नेटवर्क से जुड़ा है। नीतीश कुमार ने पाटलिपुत्र बस डिपो से इसे हरी झंडी दिखाई। मेट्रो के कोच बिहार की लोकप्रिय कला मधुबनी पेटिंग पर आधारित हैं, जिसके पारंपरिक पैटर्न डिब्बों से लेकर मेट्रो स्टेशन पर दिखाई देगी। एक मेट्रो ट्रेन में अधिकतम 900 यात्री सवार हो सकेंगे।



















