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	<title>cbi Archives - आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</title>
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	<description>आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</description>
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		<title>बिहार में भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए विभाग चिठ्ठी भी लिखती है और नेता, अधिकारी, दलाल भ्रष्टाचार में गोंता भी लगाते हैं 😢 कोई तो है जो &#8216;तैरना सिखा रहा है?&#8217;👁</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/special-story/bihar-indulged-in-corruption</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 07 May 2025 05:39:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष कहानी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: नई दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच एजेंसियों &#8211; केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय &#8211; के कार्यालय अथवा उसके नियंत्रण मंत्रालय में हो रही सुगबुगाहट को यदि संकेत माना जाए तो आने वाले दिनों में, यानी विधानसभा चुनावी हवा से पूर्व, बिहार में दर्जनों अधिकारी ही नहीं, दर्जनों सफ़ेद वस्त्रधारी इन जांच एजेंसियों के हत्थे चढ़ने वाले [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: नई दिल्ली स्थित केंद्रीय जांच एजेंसियों &#8211; केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, प्रवर्तन निदेशालय &#8211; के कार्यालय अथवा उसके नियंत्रण मंत्रालय में हो रही सुगबुगाहट को यदि संकेत माना जाए तो आने वाले दिनों में, यानी विधानसभा चुनावी हवा से पूर्व, बिहार में दर्जनों अधिकारी ही नहीं, दर्जनों सफ़ेद वस्त्रधारी इन जांच एजेंसियों के हत्थे चढ़ने वाले हैं। इन अधिकारियों में कुछ ऊँची कुर्सियों पर विराजमान हैं, कुछ खाकी वर्दी में है, कुछ प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों के &#8216;दलाल और बिचौलिए&#8217; के रूप में कार्य कर रहे हैं, तो कुछ &#8216;नेताओं के नाम पर उगाही&#8217; कर रहे हैं। कहते भी हैं &#8216;प्यार और युद्ध में सब जायज है,&#8217; अतः सत्ताईस-साल बाद दिल्ली विधानसभा पर कब्ज़ा करने के बाद अब बिहार की बारी है, क्योंकि विगत दो दशक से भाजपा अपना स्वतंत्र अस्तित्व नहीं बना पायी है। अतः कैक्टस को हटाना होगा, बैसाखी को त्यागना होगा। चलिए यह तो प्रशासनिक बातें हुईं। </strong> <br />
 <br />
सामाजिक सरोकार की दृष्टि से महात्मा गांधी के विचारों और सिद्धांतों को जमीनी सतह पर क्रियान्वयन करने के लिए पांच दशक पहले जब बिहार के डॉ. बिंदेश्वर पाठक आरा समाहरणालय के बाहर पीपल पेड़ के नीचे आम लोगों के सहायतार्थ न्यूनतम लागत पर शौचालय शुरू किये थे, जो समयांतराल वह एक शौचालय भारत ही नहीं, विदेशों तक सामाजिक क्रांति लाने में अभूतपूर्व सफलता पाया। बाद में देश के कॉर्पोरेट घरानों द्वारा लोगों को सुविधा उपलब्ध करने के साथ-साथ शौचालय को पैसे छापने का कारखाना बना दिया। अगर ऐसा नहीं होता तो आज शहरों में महात्मा गांधी के विचारों, सिद्धांतों का धज्जी नहीं उड़ती। लोग अपने शौचालय को साफ़ करने के लिए मोबाईल एप डाउनलोड नहीं करते, लघु-दीर्ध शंकाओं के उत्सर्जित स्थानों को (शौचालयों) की साफ़-सफाई कराने निजी क्षेत्र के कर्मियों को नहीं बुलाते। वैसे यह कहा जाता है कि देश में मैला ढ़ोने / साफ़ करने की प्रथा समाप्त हो गयी है। दुःखद है। </p>
<p><strong>वर्धा आश्रम में महात्मा गाँधी अपना शौचालय स्वयं बनाये थे। अपने शौचालय की देखभाल, साफ़-सफाई करने की जिम्मेदारी स्वयं स्वीकार किये थे। शौचालय की साफ़-सफाई, देख-रेख करना जीवन का एक अभिन्न अंग स्वीकार किये थे। उनका कहना था कि भारत के प्रत्येक घरों में शौचालय उतनी ही साफ़-सुथरा होनी चाहिए जितना शहरों में ड्राइंग रूम और गाँव में बैठकी। वे यह भी कहे थे कि आपके मलों की सफाई दूसरा व्यक्ति क्यों करेगा? समय बदला। पैसे की कमाई के कारण गांधी के विचारों को &#8216;बैक बेंचर&#8217; बना दिया गया और कागज पर मुद्रित, प्रकाशित गांधी, जिसका अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा बाजार में लगातार मोलों में गिराबट के बाद भी, लोगों के जेबों से लेकर, बक्से, संदूकों, बैंकों तक आधिपत्य जमा लिया। चाहे कमाई का तरीका और द्रव्यों के आगमनों का स्रोत चोरी, चमारी, बेईमानी ही क्यों न हो?</strong></p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/cash-letter.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/cash-letter.jpg" alt="" width="1363" height="1704" class="aligncenter size-full wp-image-6488" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/cash-letter.jpg 1363w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/cash-letter-240x300.jpg 240w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/cash-letter-819x1024.jpg 819w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/cash-letter-768x960.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/cash-letter-1229x1536.jpg 1229w" sizes="(max-width: 1363px) 100vw, 1363px" /></a></p>
<p>दृष्टान्त सामने है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 155 वें जन्मदिन के 21 वें दिन, यानी 23 अक्टूबर को पत्रांक नि.वि. स्था (विविध) &#8211; 35 /2010 दिनांक 23-10-2024 को बिहार सरकार के निगरानी विभाग के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा प्रदेश के सभी अपर सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त और जिलाधिकारियों के नाम एक पत्र लिखते हैं। इस पत्र में अमृत लाल मीणा की भाषा जितनी साफ़-सुथरी है, काश प्रदेश भी उतना ही साफ़ होता। मीणा कहते हैं कि &#8220;यह कहने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए कि लोक प्रशासन में भ्रष्टाचार जन-जीवन को आक्रांत और कलुषित करता है और अंततः उसे संज्ञाहीन बना डालता है।&#8221;</p>
<blockquote><p>पत्र में कहा जाता है कि &#8220;एक स्वच्छ, सक्रिय और निष्ठावान प्रशासन तंत्र ही राज्य में प्रगति का मार्ग प्रसस्त कर सकता है, गरीबी उन्मूलन की योजना को सदगति प्रदान कर सकता है एवं मानवाधिकार की रक्षा कर सकता है। इस परिपेक्ष में पूरे जन-जीवन और प्रशासन तंत्र में भ्रष्टाचार उन्मूलन की दिशा में अपेक्षित सतर्कता के प्रति अभिचेतना का संचार, प्रचार और प्रसार होगा।&#8221;</p></blockquote>
<p>मीणा साहब कहते हैं कि &#8220;विदित हो कि राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध &#8216;जीरो टॉलरेंस&#8217; निति को दृढ़ता पूर्वक लागु कर सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार नियंत्रण हेतु ठोस प्रयास जारी है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु बिहार विशेष अधिनियम 2009 के अंतर्गत भ्रष्ट लोक सेवकों की की संपत्ति को राजसात कराने करने की कार्रवाई को गति प्रदान की गयी है। अतः अनुरोध है कि दिनांक 28-10-2024 को सभी नागरिकों द्वारा सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा सम्बन्धी संकल्प लिया जाय। सभी सरकारी कार्यालयों में कार्यालय प्रधान/वरीयतम पदाधिकारी द्वारा सभी पदाधिकारियों/कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा संबंधी संकल्प 11 बजे पूर्वाह्न में दिलाया जाय। संगठनों के लिए भी सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा के आलोक में भी कार्रवाई की जाए।&#8221; </p>
<p>मीणा साहब शायद यह बताने में चूक गए कि यह संकल्प कितने समय तक लिया जायेगा? &#8216;संकल्प&#8217; का &#8216;वजूद&#8217; कितना &#8216;संकल्पित&#8217; होता है यह इस बात से ही स्पष्ट है कि बिहार ही नहीं, देश के किसी भी राज्य में, सरकारी संस्थानों में, निजी निकायों में या कहीं भी जब लोग बाद राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में फर्क करने में चूक जाते हैं, लगभग 52-सेकेंड्स में गाये जाने वाले &#8216;राष्ट्रगान&#8217; (जन गण मन अधिनायक जय हे) के समय काल में &#8216;आम नागरिक ही नहीं, बल्कि आला अधिकारी से चपरासी तक, पंचायत के चयनित लोगों से लेकर विधानसभा और लोकसभा/राज्यसभा के चयनित सदस्य तक, मंत्री से अधिकारी तक, &#8216;सावधान अवस्था को &#8216;ठुकराकर &#8216;चलते-फिरते नजर आते हैं; वैसी स्थिति में &#8216;कुछ समय का संकल्प प्रदेश से भ्रष्टाचार का उन्मूलन कैसे कर सकता है। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-3.jpg"><img decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-3.jpg" alt="" width="2047" height="1367" class="aligncenter size-full wp-image-6489" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-3.jpg 2047w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-3-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-3-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-3-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-3-1536x1026.jpg 1536w" sizes="(max-width: 2047px) 100vw, 2047px" /></a></p>
<blockquote><p>अगर ऐसा होता तो बिहार के वरिष्ठ मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल अपने विभाग में कथित भ्रष्टाचार की बात नहीं करते। कुछ समय पूर्व जायसवाल स्वीकार किए थे कि उनके विभाग में बिना पैसे के कोई काम नहीं होता है। उन्होंने कहा था कि राजस्व कर्मचारी और अन्य निचले स्तर के अधिकारी तथा भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत वाले बिचौलियों ने स्थिति को और खराब कर दिया है, क्योंकि गरीब लोग भी तब तक अपना काम नहीं करवा पा रहे हैं, जब तक कि वे अच्छा पैसा नहीं देते। एक मंत्री का यह कथन पूरे तंत्र पर एक प्रहार था। वैसे प्रदेश में भाजपा सरकार में है तो लेकिन उसकी सरकार नहीं है। नीतीश कुमार का सिक्का चलता है और नीतीश जनता दल यूनाइटेड के हैं। </p></blockquote>
<p>चलिए आगे बढ़ते हैं। इसी तरह, वैसे राष्ट्रीय जनता दल या उसके किसी भी नेता को भ्रष्टाचार के बारे में कुछ भी बोलना शोभा नहीं देता, क्योंकि राष्ट्रीय जनता दल का परिवार भ्रष्टाचार को न केवल  पुनः परिभाषित किया है, बल्कि आधुनिक भी बनाया है। अध्यक्ष का परिवार दृष्टांत है। तथापि पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा था कि राज्य में भ्रष्टाचार सर्वव्यापी है। कोई भी काम नहीं करवा सकता, क्योंकि अब तो मंत्री भी आईना दिखा रहे हैं। हमारे राज्य में संस्थागत भ्रष्टाचार है, कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता, लेकिन मुख्यमंत्री &#8216;भीष्म पितामह&#8217; की तरह काम कर रहे हैं और मूकदर्शक बने हुए हैं। अब क्या चाहिए?</p>
<p><strong>ज्ञातव्य हो कि विगत दिनों प्रदेश के निगरानी विभाग पद का दुरुपयोग करने वाले, भ्रष्ट या जिन पर विभागीय कार्रवाई चल रही है, ऐसे सभी स्तर के कर्मियों की सूची जारी की थी। इस सूची के अनुसार प्रदेश के सरकारी विभाग में मकड़े की जाल जैसा भ्रष्ट अधिकारी फैले हैं। विभाग ने 4517 ऐसे भ्रष्ट अधिकारिओं का नाम जारी किया था। इसका अर्थ यह है कि बिहार में कुल 2046201 सरकारी कर्मियों में प्रत्येक 454 कर्मचारी में एक कर्मचारी भ्रष्ट है, बेईमान है, रिश्वत लेता है। और यह कर्मचारी चपरासी भी हो सकता है और शीर्षस्त अधिकारी भी। इसमें सभी विभागों के अलावा जिला स्तरीय कर्मियों और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में शामिल निजी लोगों की सूची भी शामिल है। सबसे ज्यादा वैसे पदाधिकारियों या कर्मियों की संख्या है, जिन पर अपने पद के दुरुपयोग का आरोप लगा है।</strong> </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-1.jpg"><img decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-1.jpg" alt="" width="2047" height="1367" class="aligncenter size-full wp-image-6490" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-1.jpg 2047w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-1-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-1-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-1-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-1-1536x1026.jpg 1536w" sizes="(max-width: 2047px) 100vw, 2047px" /></a></p>
<p>इतना ही नहीं, सभी स्तर के कर्मियों की इसी सूची में कुछ उच्च पद पर रह चुके राजनीतिक शख्सियत भी शामिल है। एक पूर्व विधान परिषद एवं विधान सभा अध्यक्ष के नाम भी शामिल हैं। इन आरोपी कर्मियों की सूची में सबसे ज्यादा शिक्षा विभाग से मुख्यालय से लेकर जिला एवं स्कूल स्तर तक के 930 कर्मियों के नाम है। इसके अलावा कृषि से 55, पशुपालन विभाग से 24, भवन निर्माण से 47, वाणिज्य कर के 11, सहकारिता विभाग के 63, ऊर्जा से 114, वित्त से 14, खाद्य ए‌वं उपभोक्ता संरक्षण से 72, वन से 30, सामान्य प्रशासन विभाग से 243, स्वास्थ्य से 160, गृह (जेल एवं अग्निशमन) से छह, उद्योग से 11, श्रम संसाधन से 22, खनन से सात कर्मियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा अल्पसंख्यक विभाग से 12, पंचायती राज से 321, पीएचईडी से 19, योजना से 28, पुलिस महकमा से 221, सड़क निर्माण से 79, निबंधन से 23, राजस्व से 174, ग्रामीण विकास विभाग से 123, ग्रामीण कार्य विभाग से 50, समाज कल्याण विभाग से 68, ट्रांसपोर्ट से 36, नगर विकास एवं आवास से 117 एवं ग्रामीण कार्य विभाग से 102 कर्मियों के नाम हैं। इसके अलावा इसमें विभाग से जुड़े या भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों में शामिल 658 निजी लोगों के नाम भी शामिल है। </p>
<p>भ्रष्टाचार के इसी परिदृश्य में विगत दिनों रिशु रंजन सिन्हा का नाम उभरा । रंजन का नाम जैसे ही प्रवर्तन निदेशालय के फ़ाइल में आया, प्रदेश में हड़कंप मच गया, खासकर प्रदेश में ऊँची-ऊँची कुर्सियों पर बैठे अधिकारियों-पदाधिकारियों की नींद उड़ गयी। दिल्ली के प्रवर्तन निदेशालय में इस बात की चर्चा है कि रिशु रंजन के मुख में बहुत राजनेताओं का भी नाम है जिनके लिए/नाम पर वे करती करते थे। संभव है वह सभी नाम शीघ्र सामने परोसा जाय। वैसे स्थानीय अख़बारों में अनेकों सवाल उठ रहे हैं कि प्रदेश के सैकड़ों &#8216;खास&#8217; अधिकारी कौन-कौन हैं जिनके साथ/जिनके लिए रंजन &#8216;झुनझुन्ना&#8217; बजाते थे। दिल्ली जान एजेंसियों के पास फाइलों की मोटाई बढ़ रही है जिसमें यह लिखा जा रहा है कि &#8216;फैलाने फैलाने अधिकारियों, राजनीति से जुड़े लोगों के आदेश से सैकड़ों महत्वपूर्ण फाइलों को वसूली अभियान की समाप्ति तक &#8216;दिव्यांग&#8217; बना दिया गया था। रंजक का यह कार्य सरकारी स्तर पर होने वाले सभी कार्यों &#8211; निविदा, स्थानांतरण, सरकारी सामग्रियों की खरीददारी, ठेका, निर्माण कार्य आदि तक फैला था जो बड़े-बड़े भारतीय प्रशासनिक/पुलिस अधिकारियों से रास्ते मंत्रालय और मंत्री के मेज तक फैला था। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-2.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-2.jpg" alt="" width="2047" height="1367" class="aligncenter size-full wp-image-6491" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-2.jpg 2047w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-2-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-2-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-2-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-2-1536x1026.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2047px) 100vw, 2047px" /></a></p>
<p><strong>एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि &#8220;चारा घोटाला के बाद, अलकतरा घोटाला, गर्भाशय घोटाला, सृजन घोटाला, शौचालय घोटाला, सड़क निर्माण घोटाला और न जाने कितने घोटाला हुए हैं। इन सभी घोटालों में नए-नए अवतार भी जन्म लिए हैं, उसी तरह जैसे नए-नए अधिकारी बने हैं, नए नए नेता और मंत्री। आज यह तय करना कठिन है कि कौन वास्तव में अपना विकास चाहता है और कौन समाज और प्रदेश का। आप विगत 20-25 वर्षों का इन अधिकारियों, नेताओं और मंत्रियों का आर्थिक इतिहास पर शोध करें तो आपको ज्ञात हो जाएगा कि जो कल दरिद्र था, आज प्रदेश को दरिद्र बनाने लायक हो गया है। यह कार्य कोई अकेले नहीं कर सकता। बहुत बड़ा गिरोह है। रिशु रंजन अथवा संजीव हंस तो महज एक छोटा सा पियादा है। पूरी व्यवस्था में मकड़े की जाल जैसा भ्रष्ट लोगों का साम्राज्य है। जिस तरह कल भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सम्मानित न्यायमूर्तियों ने अपनी-अपनी संपत्ति और देनदारी को सार्वजनिक किया है, क्या बिहार ही नहीं, देश के अधिकारी, पदाधिकारी, नेता, अभिनेता, मंत्री, संत्री अपनी सम्पत्तियों को सार्वजनिक करने की कूबत रखते हैं? शायद नहीं।</strong> </p>
<p>स्थानीय अख़बारों में प्रकाशित समाचारों को उद्धृत करते अधिकारी कहते हैं कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच रिपोर्ट के अनुसार, रिशु ने पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये की संपत्ति जुटाई। यह संपत्ति ठेके, लाइजनिंग और कमीशन के जरिए अर्जित की गई। बताया जा रहा है कि वह कई वरिष्ठ अधिकारियों की काली कमाई को दुबई, सिंगापुर और यूरोपीय देशों में निवेश करने में सहायता कर रहा था। उसका लगातार विदेश दौरे पर रहना इस बात का सबूत है कि यह सिर्फ एक ‘बिचौलिया’ नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित आर्थिक अपराध नेटवर्क का चेहरा है। कोई तो है जो इन सभी कार्यों के पीछे है। रिशु या हंस बिहार की भ्रष्ट व्यवस्था का मात्र एक कड़ी है और हमारी कोशिश है कि हम अंतिम कड़ी तक पहुंचे। </p>
<p>बिहार की हर सरकार ने ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को सीधे या परोक्ष रूप से संरक्षण दिया। सत्ता चाहे जो हो, सिस्टम वही रहा। नौकरशाही में बैठे भ्रष्ट अफसरों की पकड़ इतनी मज़बूत है कि वे सरकारें बदलवा सकते हैं, लेकिन खुद पर आंच नहीं आने देते। ज्ञातव्य हो कि प्रवर्तन निदेशालय  ने पिछले सप्ताह संजीव हंस के सहयोगियों की 23.72 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त कीं। संजीव हंस 1997 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और अब बेउर सेंट्रल जेल में बंद हैं। कहा जा रहा है कि हंस एक चालाक मनी लॉन्ड्रिंग ऑपरेशन के आर्किटेक्ट और लाभार्थी दोनों थे। ईडी के एक आधिकारिक नोट के अनुसार, जब्त की गई सात अचल संपत्तियां कथित तौर पर हंस से जुड़ी हैं। इनमें नागपुर में तीन जमीन के टुकड़े, दिल्ली में एक फ्लैट और जयपुर में तीन फ्लैट शामिल हैं, जो हंस के करीबी सहयोगियों- प्रवीण चौधरी, पुष्पराज बजाज और बजाज के परिवार के सदस्यों के नाम पर हैं। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-4.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-4.jpg" alt="" width="2047" height="1367" class="aligncenter size-full wp-image-6492" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-4.jpg 2047w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-4-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-4-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-4-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-4-1536x1026.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2047px) 100vw, 2047px" /></a></p>
<p>स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, ईडी जांचकर्ताओं का दावा है कि ये संपत्तियां बिहार सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहने और 2018 से 2023 तक केंद्रीय प्रतिनियुक्तियों पर रहने के दौरान हंस की कथित भ्रष्ट गतिविधियों के माध्यम से अर्जित &#8220;अपराध की आय&#8221; (पीओसी) का उपयोग करके खरीदी गई थीं। ईडी का दावा है कि वास्तविक स्वामित्व को छिपाने के लिए इन संपत्तियों को हंस के सहयोगियों के नाम पर खरीदा गया था। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में हंस का कार्यकाल ईडी की जांच का केंद्र बिंदु बना हुआ है। एजेंसी का आरोप है कि 2018 से 2023 के बीच की इस अवधि में हंस भ्रष्ट आचरण में लिप्त रहे, जिसने उनके अवैध साम्राज्य की नींव रखी। हंस के नाटकीय पतन की ओर ले जाने वाली घटनाओं की श्रृंखला वित्तीय अनियमितताओं से नहीं बल्कि जनवरी 2023 में दर्ज एक बलात्कार के मामले से शुरू हुई। </p>
<p><strong>प्रकाशित रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि एक महिला वकील ने हंस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व विधायक गुलाब यादव पर यौन शोषण, ब्लैकमेल और जबरदस्ती का आरोप लगाया। हालांकि पटना उच्च न्यायालय ने प्राथमिकी को खारिज कर दिया, लेकिन ईडी, जिसने पहले ही प्रारंभिक प्राथमिकी की जांच शुरू कर दी थी, ने कहीं अधिक गंभीर अपराधों का पता लगाया। 18 अक्टूबर को, हंस और यादव को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत कथित धन शोधन के लिए गिरफ्तार किया गया था। जांचकर्ताओं ने हाल ही में खोले गए डीमैट खातों का पता लगाया, जो सतह पर हानिरहित प्रतीत होते हैं, लेकिन इनमें 60 करोड़ रुपये के आश्चर्यजनक शेयर छिपे हुए थे। हंस के एक करीबी सहयोगी के परिवार के सदस्यों के ये खाते जानबूझकर बहुत सक्रिय नहीं रखे गए थे, ताकि पता न चले। </strong></p>
<p>एजेंसी ने 70 बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया, जिनका कथित तौर पर अवैध धन को प्रसारित करने और जमा करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। इन खातों में कुल 6 करोड़ रुपये की संदिग्ध नकदी जमा की पहचान की गई। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, जयपुर, पटना, पुणे, चंडीगढ़, अमृतसर और नागपुर में की गई तलाशी में लग्जरी सामान और अघोषित नकदी का खजाना मिला। ईडी ने क्रमशः 80 लाख रुपये और 65 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और लग्जरी घड़ियां जब्त कीं। इसके अलावा, 1.07 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी बरामद की गई, साथ ही 11 लाख रुपये मूल्य के 13 किलो चांदी के सिक्के और 1.25 करोड़ रुपये मूल्य के 1.5 किलो सोने के सिक्के और आभूषण भी बरामद किए गए। जांचकर्ताओं ने 20 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा भी जब्त की।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-6.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-6.jpg" alt="" width="2047" height="1367" class="aligncenter size-full wp-image-6493" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-6.jpg 2047w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-6-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-6-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-6-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/05/Cash-6-1536x1026.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2047px) 100vw, 2047px" /></a></p>
<p>संजीव हंस के केस में जांच के बाद 7 अफसरों पर शिकंजा कसते हुए छापेमारी शुरू की थी। इस दौरान राजधानी पटना में नीतीश सरकार के अलग-अलग अफसरों के यहां छापे मारे थे। उसमें एक या दो करोड़ नहीं बल्कि 11 करोड़ 65 लाख तो सिर्फ कैश जब्त किए गए। एक अखबार के अनुसार इन अफसरों के पास से आपत्तिजनक दस्तावेज तक मिले हैं। इसी तरह, जब ईडी ने भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर तारिणी दास के यहां रेड की तो नोट गिनने वाली मशीन मंगानी पड़ी। इसके बाद ही उनके ठिकाने से मिली नकदी को गिना जा सका। अब सोच लीजिए एक चीफ इंजीनियर ने इतने पैसे कहां से पीट लिए। विगत 7 मार्च को नालंदा के DTO अनिल कुमार दास के ठिकानों पर विजिलेंस ने छापा मारा था जिसमें अनिल दास की आय से अधिक करीब 94 लाख रुपए से अधिक संपत्ति का मामला मिला। </p>
<p><strong>बहरहाल, विगत 19, मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने संसद को सूचित किया है कि प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले 10 वर्षों में वर्तमान और पूर्व सांसदों और विधायकों सहित राजनेताओं के खिलाफ कुल 193 मामले दर्ज किए और उनमें से दो में दोषसिद्धि हासिल की। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही थी । उन्होंने कहा कि संघीय धन शोधन निरोधक एजेंसी ने मौजूदा और पूर्व सांसदों, विधायकों और एमएलसी सहित राजनेताओं के साथ-साथ राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं, लेकिन इसका राज्यवार डेटा नहीं रखा जाता है। चौधरी ने कहा कि अप्रैल 2015 से फरवरी 2025 के बीच ईडी ने इस श्रेणी के व्यक्तियों के खिलाफ 193 मामले दर्ज किए। मंत्री ने कहा कि दो मामले, एक वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान और दूसरा 2019-20 में, दोषसिद्धि के लिए नेतृत्व किया और कोई भी बरी नहीं हुआ। उन्होंने जवाब में मामलों या आरोपियों के नामों का उल्लेख नहीं किया।</strong></p>
<p>हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, झारखंड के पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को 2017 में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत सात साल के कठोर कारावास और 5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी, जबकि राज्य के एक अन्य पूर्व मंत्री अनोश एक्का को 2020 में सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी और 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ईडी ने दोनों की जांच की थी। यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों दोषी राजनेताओं ने रांची में विशेष पीएमएलए अदालतों द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ अपील की थी या नहीं। आंकड़ों के अनुसार, ईडी ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान पूर्व और वर्तमान विधायकों के खिलाफ सबसे अधिक 32 मामले दर्ज किए। </p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/special-story/bihar-indulged-in-corruption">बिहार में भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए विभाग चिठ्ठी भी लिखती है और नेता, अधिकारी, दलाल भ्रष्टाचार में गोंता भी लगाते हैं 😢 कोई तो है जो &#8216;तैरना सिखा रहा है?&#8217;👁</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>​बिहार का सत्यानाश (भाग-1) विशेष कहानी : चारा चोर-चारा चोर चिल्लाते, नारा लगाते सभी विधानसभा, लोकसभा, राज्य सभा में बैठते गए, मतदाता बाएं के स्थान पर दाहिनी तर्जनी पर अमिट स्याही लगाते गए​</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jan 2025 13:22:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[assembly]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[cbi]]></category>
		<category><![CDATA[election]]></category>
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		<category><![CDATA[Nitish Kumar]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पटना / नई दिल्ली : विगत पाँच, दस, पंद्रह वर्षों में बिहार के मतदाता अपने अपने प्रदेश में यदि भ्रष्टाचार का कोई मामला देखे हों, क़ानून-व्यवस्था में गिरावट की बात सुने हों, रोज़ी-रोज़गार का कोई मामला सामने आया हो, शिक्षा के पतन के बारे में घरना-जुलूस निकला हो, महिलाओं का बलात्कार हुआ हो, गरीब-गुरबा को [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/special-story/shouting-fodder-thief-fodder-thief-they-kept-sitting-in-the-houseajya-sabha">​बिहार का सत्यानाश (भाग-1) विशेष कहानी : चारा चोर-चारा चोर चिल्लाते, नारा लगाते सभी विधानसभा, लोकसभा, राज्य सभा में बैठते गए, मतदाता बाएं के स्थान पर दाहिनी तर्जनी पर अमिट स्याही लगाते गए​</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पटना / नई दिल्ली : विगत पाँच, दस, पंद्रह वर्षों में बिहार के मतदाता अपने अपने प्रदेश में यदि भ्रष्टाचार का कोई मामला देखे हों, क़ानून-व्यवस्था में गिरावट की बात सुने हों, रोज़ी-रोज़गार का कोई मामला सामने आया हो, शिक्षा के पतन के बारे में घरना-जुलूस निकला हो, महिलाओं का बलात्कार हुआ हो, गरीब-गुरबा को गोली से छल्ली किया गया हो, रिश्वत या फिरौती नहीं देने पर अपहरण हुआ हो, तो सभी  मुद्दों को ज़मीन में दफ़ना दीजिए, संदूक में बंद कर दीजिए। भारत का चुनाव आयोग बिहार में विधान सभा चुनाव के लिए तारीख़ की घोषणा करने जा रहा है। अगर उन मामलों को दफ़नाने में आप चूक गये, संदूक में बन कर चाभी गंगा मैया को देना भूल गये तो यक़ीन कीजिए आप मतदाता फिर से चुनावी जाल में, नेताओं की चाल में फँसने जा रहे हैं।</strong> </p>
<p>यकीन नहीं होता तो उदहारण पर नजर दीजिये। सबसे बड़ा दृष्टांत यह है कि पिछले दो दशक में चारा चोर &#8211; चारा चोर का चिचियाकर नारा देने वाला अनपढ़, अशिक्षित, बदमाश, दबंग सभी विधायक बन गए। मंत्री बन गए। संत्री बन गए। लोक सभा और राज्य सभा का सांसद बन गए। इतना ही नहीं, जिसे भारत का कार्यपालिका, विधानपालिका और न्यायपालिका भ्रष्टाचार का नेता घोषित कर लाखों-करोड़ों रुपये का दंड ठोका, उनके घर में दो विधायक और दो सांसद बन गए और आप मतदाता फिर से अपने दाहिने और बायें हाथ की तर्जनी उँगली में नहीं छूटने वाला रोशनाई लगाने के लिए सज्ज हो रहे हैं। </p>
<blockquote><p>कभी सोचे कि चारा घोटाला का मामला नब्बे के दशक के उत्तरार्ध पुलिस के पास और न्यायालय में आया और उसी कालखंड में जन्म लिए कभी मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं छोड़ने वाले अभियंता नीतीश कुमार। उसी कालखंड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के पूर्व निदेशक (अब दिवंगत) जोगिन्दर सिंह का किताब INSIDE CBI का प्रकाशन हुआ जिसमें चारा घोटाला का वर्णन सिंह साहब चौपाई में किये। इनसाइड सीबीआई के रचयिता और कुमार साहेब का यह जन्म-जन्मांतर वाला सम्बन्ध आने वाले दिनों में एक वृहत शोध का विषय होगा। </p></blockquote>
<figure id="attachment_6014" aria-describedby="caption-attachment-6014" style="width: 2048px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-3.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-3.jpg" alt="" width="2048" height="1290" class="size-full wp-image-6014" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-3.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-3-300x189.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-3-1024x645.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-3-768x484.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-3-1536x968.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2048px) 100vw, 2048px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6014" class="wp-caption-text">दो मित्र-दो नेता-दो मुख्यमंत्री-एक बहुत &#8211; एक वर्तमान</figcaption></figure>
<p>चारा घोटाला में भले हज़ारों करोड़ रुपये का चपत लगा हो सरकारी कोषों को, उस मुकदमें पर सरकारी कोष से भले कई सौ करोड़ रूपये खर्च किये गए हों; अंततः चारा घोटाला में लिप्त वे सभी व्यक्ति लाभान्वित हुए तो इस कांड में लिप्त थे, जो चारा-चोर, चारा-चोर का नारा लगाए, जो विभिन्न भारतीय भाषाओँ में किताबों का प्रकाशन किये। कभी सोचे कि नीतीश कुमार के अलावे प्रदेश में मुख्यमंत्री पद पर कोई अन्य व्यक्ति क्यों नहीं आसीन हो पाए? नहीं न। आप आगामी चुनाव में फिर नया नारा सुनने की प्रतीक्षा करें, ठगने-ठगाने का इंतज़ार करें, तर्जनी वाली ऊँगली पर कभी नहीं छूटने वाला रोशनाई लेपने की प्रतीक्षा करें और फिर सामाजिक क्षेत्र के संचार साधनों पर तस्वीर चिपकाएं। वैसे भारत में तथाकथित रूप से बड़े-बड़े लोग, मतदाता, चाहे पुरुष हों तय महिला, नहीं जानते की किस हाथ की किस ऊँगली में रोशनाई लगनी चाहिए मतदान के समय। </p>
<p>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सरदार पटेल चौक के बाएं भारत का निर्वाचन आयोग के प्रवेश द्वार पर संतरियों का मानना है कि बिहार में राजनीतिक गतिविधियां शीघ्र ही कछुए की चाल से चीता की चाल में तब्दील होने वाली है। आगामी चुनाव में अपनी-अपनी टोपी उछालने वाले दिन-रात मेहनत कर, निजी क्षेत्र लोगों को नियोजन देकर &#8216;झूठ-सच&#8217; बातों का पुलिंदा चुनाव प्रचार-प्रसार में लाउडस्पीकर पर चिल्लाने के लिए तैयार हो रहे हैं। &#8216;फलनमा&#8217; डकैत है, फलनमा &#8216;जनता का अहित किया है&#8217;, फलनमा प्रदेश को लूट लिया है &#8211; जैसे नारों से पटना का गाँधी मैदान जल्द ही गूंजने वाला है। दिल्ली के कई शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक शास्त्र, सांख्यिकी के छात्र-छात्राओं का विशाल समूह आंकड़ों के साथ सज्ज हो रहा है, आखिर कैसे मतदाताओं को ठगा जाए । जाति के आधार पर गणित का गुणनफल निकाला जाए। अल्पसंख्यकों को उनके झोले से निकालकर अपने झोले में डाला जाए।  </p>
<p>2020 के चुनाव के बाद एक विश्लेषण में कहा गया कि बिहार विधानसभा के 243 नवनिर्वाचित सदस्यों में से 162 करोड़पति हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और बिहार इलेक्शन वॉच द्वारा किए गए विश्लेषण में कहा गया था कि &#8220;इस साल बिहार विधानसभा में कुल 67 प्रतिशत निर्वाचित प्रतिनिधि करोड़पति हैं, जबकि 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान विश्लेषण किए गए 228 विधायकों में से 45 विधायक, यानी 20 प्रतिशत, करोड़पति थे।&#8221; 243 नवनिर्वाचित विधायकों के हलफनामों के अध्ययन के अनुसार, 162 में से 14 विधायकों के पास 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। राजद के 80 में से 51 विधायक, जदयू के 71 में से 53 विधायक, भाजपा के 53 में से 32 विधायक, कांग्रेस के 27 में से 19 विधायक, रालोसपा के दो में से एक विधायक और लोजपा के दोनों विधायक करोड़पति हैं। </p>
<p>बिहार की सबसे अमीर विधायक खगड़िया से पूनम देवी यादव के पास 41 करोड़ रुपए से ज़्यादा की संपत्ति है, जो मौजूदा विधायकों की औसत संपत्ति से लगभग 14 गुना ज़्यादा है। सूची में दूसरे नंबर पर भागलपुर के अजीत शर्मा हैं, जिनके पास 40 करोड़ रुपए की संपत्ति है। उनकी चल संपत्ति 3.7 करोड़ रुपये है, जबकि उनकी अचल संपत्ति जैसे भूमि, संपत्ति और संपदा 36.7 करोड़ रुपये की है। मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह ने कुल 28 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज की, जिसमें भूमि और संपत्ति लगभग 25 करोड़ रुपये है। शेष 2.8 करोड़ रुपये चल संपत्ति हैं। अनंत कुमार सिंह 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में चुनाव लड़ रहे सबसे अमीर उम्मीदवार भी हैं, जिनकी कुल संपत्ति तीन गुना बढ़कर 68 करोड़ रुपये हो गई है। कुमार के खिलाफ सबसे ज्यादा आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। इसके विपरीत, रानीगंज के विधायक अचमित ऋषिदेव ने सबसे कम 9.8 लाख रुपये की संपत्ति दर्ज की।</p>
<figure id="attachment_6015" aria-describedby="caption-attachment-6015" style="width: 2048px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-4.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-4.jpg" alt="" width="2048" height="1363" class="size-full wp-image-6015" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-4.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-4-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-4-1024x682.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-4-768x511.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/F-4-1536x1022.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2048px) 100vw, 2048px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6015" class="wp-caption-text">पिता-पुत्र यानी एक पूर्व मुख्यमंत्री, एक पूर्व-उप-मुख्यमंत्री एयर एक पूर्व स्वास्थ्य मंत्री</figcaption></figure>
<p><strong>अगर प्रदेश के राजनेता अपने-अपने कलेजे पर हाथ रखकर स्वयं से पूछें तो इस बात से इंकार नहीं कर सकेंगे की सन 1975 जयप्रकाश नारायण के आंदोलन के बाद अभी तक जितने भी नेता, मंत्री, संत्री, विधायक, सांसद बने, प्रदेश के विकास की तुलना में स्वयं का विकास अधिक महत्व दिए। भारत के चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र और संपत्ति विवरण इस बात का गवाह है कि राजनीति इनके लिए सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ-साथ शायद व्यवसाय भी है, अन्यथा इतनी संपत्ति की प्रचुरता के बाद प्रदेश का, विधानसभा क्षेत्र के उनके मतदाताओं की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक स्थिति इतनी दरिद्र क्यों है ? क्या वे सच में चाहते हैं कि उनके विधानसभा अथवा संसदीय क्षेत्र के मतदाता सच में समृद्ध हों, विकसित हों, शिक्षित हों, विचारवान हों।  शायद नहीं।</strong> </p>
<blockquote><p>जिन लोगों ने &#8216;भ्रष्टाचार&#8217; का नारा बुलंद कर, गिरती, लुढ़कती विधि-व्यवस्था को अपने नारों में प्रमुखता देकर मतदाता को बरगलाये, चुनाव जीते, वे तो समाज और राजनीतिक व्यवस्था में &#8216;संभ्रांत&#8217; हो गए, मतदाता वहीँ का वहीँ कहीं पांच तो कहीं तीन डिग्री के तापमान में, पेट-पीठ एक किये, कल भी कलपती थी, कराहती थी, आज भी कलाप रही है, कराह रही है। यही उसका प्रारब्ध है क्योंकि शहरों में 60-65 % और ग्रामीण क्षेत्रों में 35-45 % साक्षरता दर पर, 90 % बेरोजगारी पर &#8211; इससे अधिक सोच भी नहीं सकते हैं।</p></blockquote>
<p>चलिए जब भ्रष्टाचार की बात उठी तो नई दिल्ली के सीजीओ परिसर चलते हैं जहाँ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का दफ्तर है। नब्बे के दशक में ब्यूरो में जो अधिकारी थे, वे सभी अवकाश प्राप्त कर लिए क्योंकि वे सभी साठा हो गए। यह बात ब्यूरो में ही नहीं, देश और प्रदेश के किसी भी संस्था में काम करने वाले कर्मी से लेकर अधिकारी के लिए लागु होता है। जैसे ही साठा होते हैं, वे काम करने लायक नहीं रहते। उन्हें अवकाश ग्रहण करना पड़ता हैं। अपवाद छोड़कर (जो नेताओं चाहे मुख्यमंत्री हों या प्रधानमंत्री, के नीली आँख वाले अगर हैं तो साठ ही नहीं,  जीवन के अंतिम सांस तक काम करने लायक रहते हैं, चाहे हाथ-पैर थरथराये या बोली लड़खड़ाए। विश्वास नहीं है तो चश्मा लगाकर, आँख फाड़कर देख लीजिये। </p>
<p>ब्यूरो के एक अधिकारी कहते हैं कि &#8216;स्वतंत्र भारत में दर्जनों भ्रष्टाचार कांड हुए लेकिन नब्बे के दशक में पशुओं के चारा के नाम पर जो गबन हुआ, शायद इतिहास में काले अक्षर में ही दर्ज रहेगा। बहु-अरब डॉलर का पशुपालन विभाग घोटाला, जिसे आम तौर पर चारा घोटाला के रूप में जाना जाता है, 1990 के दशक के मध्य में उजागर हुआ था, जिसमें कथित तौर पर स्कूटर और मोटरसाइकिल पंजीकरण संख्या वाले ट्रकों और लॉरियों पर पशु चारा की आपूर्ति की गई थी। इस मामले में कई राजनेताओं को दोषी पाया गया और उन्हें विधानसभा और संसद में अपने पदों से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा। इतना संवेदनशील होने के बावजूद कि यह घोटाला 1996 में सामने आया था। </p>
<p>लालू प्रसाद यादव मंत्रिमंडल में तत्कालीन पशुपालन मंत्री रामजीवन सिंह ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया और सीबीआई जांच का प्रस्ताव रखा। हालांकि, लालू प्रसाद के नेतृत्व वाले प्रशासन, जिनके पास वित्त मंत्रालय भी था, ने कुछ नहीं किया। बाद में, जनवरी 1996 में, तत्कालीन वित्त आयुक्त वी.एस. दुबे ने अमित खरे को चाईबासा में जिला कोषागार से अत्यधिक और धोखाधड़ी से निकासी की जांच करने का काम सौंपा। </p>
<p>कहा जाता है कि यह घोटाला सरकारी अधिकारियों द्वारा गलत व्यय रिपोर्ट दाखिल करने के छोटे पैमाने पर गबन से शुरू हुआ था, लेकिन समय के साथ यह बढ़ता गया और राजनेताओं और व्यापारियों सहित और भी प्रतिभागियों को इसमें शामिल किया गया, जब तक कि यह एक पूर्ण माफिया नहीं बन गया। घोटाले के बारे में जानने का आरोप लगने वाले पहले मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा थे, जो 1970 के दशक के मध्य में पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे। सीबीआई ने चाईबासा कोषागार मामले में पहली एफआईआर 27 मार्च 1996 को दर्ज की थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अदालत द्वारा अनेक लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हुए लेकिन इस काण्ड में लालू प्रसाद यादव को दोषी ठहराया गया। </p>
<p><strong>अधिकारी कहते हैं कि तब आइए, नतीजा पर। जब से इस काण्ड में लालू यादव का नाम आया, ब्यूरो, अदालत उन्हें दोषी पाने लगा, उनकी कुर्सी गयी। वे सत्ता के शरीर से बाहर हो गए। लेकिन पिछले दो दशकों में अगर प्रदेश की राजनीतिक व्यवस्था पर नजर डालें तो प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (जिनका नाम भी आया था प्रारम्भ में) हों, या दिवंगत सुशील कुमार मोदी हों, या वर्तमान में जनतादल यूनाइटेड के राज्यसभा सदस्य संजय झा हों, चारा घोटाला से भले मौद्रिक लाभ नहीं हुआ हो, लेकिन सत्ता की गलियारे में कुर्सी पर विराजमान होना &#8211; इत्तिफाक नहीं, बल्कि उसी का परिणाम है।</strong></p>
<p>इतना ही नहीं, आज के बिहार की अनुमानित जनसख्यां 132,790,000 में सिर्फ लालू प्रसाद यादव और उनका ही परिवार इतना दक्ष है कि विधान सभा से लेकर संसद तक उनकी पत्नी, उनके बाल-बच्चे, सगे सम्बन्धी बैठें &#8211; यह मूलतः तमाचा है सम्पूर्ण व्यवस्था पर, चाहे राजनीतिक हो विधि-विधान हो, न्यायिक हो। लालू यादव तो 29 वर्ष की आयु में संसद पहुंचे थे, लेकिन उनका छोटका पुत्र तेजस्वी यादव 26 साल की आयु में प्रदेश का उप-मुख़्यमंत्री बन गया। यह कार्य न तो प्रदेश का या केंद्र का मंत्रिमंडल कार्यालय अधिसूचना निकालकर उन्हें रखा, बल्कि प्रदेश के लोग ही चुने &#8211; पूरे परिवार को। फिर दोषी कौन है?</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/INSIDE-CBI-fotor.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/INSIDE-CBI-fotor.jpg" alt="" width="1367" height="2047" class="aligncenter size-full wp-image-6016" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/INSIDE-CBI-fotor.jpg 1367w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/INSIDE-CBI-fotor-200x300.jpg 200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/INSIDE-CBI-fotor-684x1024.jpg 684w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/INSIDE-CBI-fotor-768x1150.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/01/INSIDE-CBI-fotor-1026x1536.jpg 1026w" sizes="auto, (max-width: 1367px) 100vw, 1367px" /></a></p>
<p>चारा घोटाला के मामले में कई जनहित याचिकाएं दायर की गयी, जिसमें तीन व्यक्ति &#8211; सुशील मोदी, सरयू राय और शिवानंद तिवारी &#8211; प्रमुख थे । याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पटना उच्च न्यायालय ने 11 मार्च, 1996 को अपने आदेश में कहा, “राज्य के अनुसार, विभाग में अतिरिक्त निकासी 1977-78 से हो रही है। मेरा मानना है कि प्रस्तावित जांच और जांच 1977-78 से 1995-96 तक की पूरी अवधि को कवर करनी चाहिए। मैं सीबीआई को उसके निदेशक के माध्यम से निर्देश देता हूं कि वह 1977-78 से 1995-96 की अवधि के दौरान बिहार राज्य में पशुपालन विभाग में अतिरिक्त निकासी और व्यय के सभी मामलों की जांच और छानबीन करे तथा जहां निकासी धोखाधड़ी की प्रकृति की पाई जाए, वहां मामला दर्ज करे और उन मामलों में जांच को यथाशीघ्र, बेहतर होगा कि चार महीने के भीतर, तार्किक निष्कर्ष तक ले जाए।&#8221; एजेंसी ने राज्य पुलिस द्वारा पहले से दर्ज 41 मामलों की जांच शुरू की, और पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद खुफिया रिपोर्टों और शिकायतों के आधार पर 23 मामले दर्ज किए गए। कुल मिलाकर, सीबीआई ने चारा घोटाले के चौसठ मामलों की जांच की। 27 मार्च, 1996 को, सीबीआई ने चाईबासा कोषागार मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज की।</p>
<p><strong>क्रमशः</strong> </p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/special-story/shouting-fodder-thief-fodder-thief-they-kept-sitting-in-the-houseajya-sabha">​बिहार का सत्यानाश (भाग-1) विशेष कहानी : चारा चोर-चारा चोर चिल्लाते, नारा लगाते सभी विधानसभा, लोकसभा, राज्य सभा में बैठते गए, मतदाता बाएं के स्थान पर दाहिनी तर्जनी पर अमिट स्याही लगाते गए​</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>सीबीआई के 60 वर्ष: प्रधानमंत्री ने कहा कि &#8220;भ्रष्टाचार, कोई सामान्य अपराध नहीं होता, भ्रष्टाचार गरीब से उसका हक छीनता है&#8221;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Apr 2023 12:39:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[60-year 0f CBI]]></category>
		<category><![CDATA[cbi]]></category>
		<category><![CDATA[corruption]]></category>
		<category><![CDATA[government]]></category>
		<category><![CDATA[investigation]]></category>
		<category><![CDATA[prime minister]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के 60 वर्ष पूरे होने, हीरक जयंती समारोह के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि &#8220;भ्रष्टाचारियों ने देश का खजाना लूटने का एक और तरीका बना रखा था, जो दशकों से चला आ रहा था। ये था, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से लूट। पहले की [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/special-story/corruption-is-not-an-ordinary-crime-it-snatches-the-rights-of-the-poor">सीबीआई के 60 वर्ष: प्रधानमंत्री ने कहा कि &#8220;भ्रष्टाचार, कोई सामान्य अपराध नहीं होता, भ्रष्टाचार गरीब से उसका हक छीनता है&#8221;</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के 60 वर्ष पूरे होने, हीरक जयंती समारोह के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि &#8220;भ्रष्टाचारियों ने देश का खजाना लूटने का एक और तरीका बना रखा था, जो दशकों से चला आ रहा था। ये था, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से लूट। पहले की सरकारों में जो मदद गरीब लाभार्थियों के लिए भेजी जाती थी, वो बीच में ही लूट ली जाती थी। राशन हो, घर हो, स्कॉलरशिप हो, पेंशन हो, ऐसी अनेक सरकारी स्कीम्स में असली लाभार्थी खुद को ठगा हुए महसूस करते थे। और एक प्रधानमंत्री ने तो कहा था, एक रुपया जाता है 15 पैसा पहुंचता है, 85 पैसों की चोरी होती थी।&#8221;</strong></p>
<p><strong>साल 2014 के बाद हमारा पहला दायित्व, व्यवस्था में भरोसे को फिर कायम करने का रहा और इसलिए हमने काले धन को लेकर, बेनामी संपत्ति को लेकर, मिशन मोड पर एक्शन शुरु किया। हमने भ्रष्टाचारियों के साथ-साथ, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले कारणों पर, प्रहार करना शुरु किया।आप याद कीजिए, सरकारी टेंडर प्रक्रियाएं, सरकारी ठेके, ये सवालों के सबसे बड़े घेरे में थीं। हमने इनमें पारदर्शिता को प्रोत्साहन दिया। आज जब हम 2G और 5G स्पेक्ट्रम के आवंटन की तुलना करते हैं, तो अंतर साफ-साफ नज़र आता है। आप भी जानते हैं अब केंद्र सरकार के हर विभाग में खरीदारी के लिए GeM यानि गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस की स्थापना की गई है। आज हर विभाग ट्रांसपेरेंसी के साथ इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अधिक से अधिक खरीदारी कर रहा है।</strong></p>
<figure id="attachment_4836" aria-describedby="caption-attachment-4836" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129481.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129481.jpg" alt="" width="2200" height="1411" class="size-full wp-image-4836" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129481.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129481-300x192.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129481-1024x657.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129481-768x493.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129481-1536x985.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129481-2048x1314.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4836" class="wp-caption-text">3 अप्रैल, 2023 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सीबीआई के हीरक जयंती समारोह में सीबीआई के अधिकारियों को प्रेसिडेंट पुलिस मेडल प्रदान करते हुए</figcaption></figure>
<p>उन्होंने कहा कि &#8220;पिछले दिनों मैं सोच रहा था हमने DBT के द्वारा करीब 27 लाख करोड़ रुपये नीचे लोगों ने पहुंचाया है। अगर उस हिसाब से देखता तो 27 लाख करोड़ में से करीब-करीब 16 लाख करोड़ कहीं चले गए होते। आज जनधन, आधार, मोबाइल की ट्रिनिटी से हर लाभार्थी को उसका पूरा हक मिल रहा है। इस व्यवस्था से 8 करोड़ से अधिक फर्जी लाभार्थी सिस्टम से बाहर हुए हैं। जो बेटी पैदा नहीं हुई वो विधवा हो जाती थी और विधवा पेंशन चलता था। DBT से देश के करीब सवा 2 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं।</p>
<p>श्री मोदी ने कहा कि पिछले 6 दशकों में सीबीआई ने multi-dimensional और मल्टी-डिसिप्लिनरी जांच एजेंसी के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। आज सीबीआई का दायरा काफी बड़ा हो चुका है। बैंक फ्रॉड से लेकर, वाइल्ड लाइफ से जुड़े हुए अपराधों, यानी यहां से यहां तक, महानगर से ले करके जंगल तक अब सीबीआई को दौड़ना पड़ रहा है। ऑर्गेनाइज्ड क्राइम से लेकर, साइबर क्राइम तक के मामले, सीबीआई देख रही है। केंद्रीय मंत्रिमंल के डॉक्टर जितेंद्र सिंह जी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजित डोभाल जी, कैबिनेट सेक्रेटरी, डायरेक्टर सीबीआई, अन्य अधिकारीगण सभी उपस्थित थे ।</p>
<figure id="attachment_4837" aria-describedby="caption-attachment-4837" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129483.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129483.jpg" alt="" width="2200" height="1434" class="size-full wp-image-4837" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129483.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129483-300x196.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129483-1024x667.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129483-768x501.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129483-1536x1001.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129483-2048x1335.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4837" class="wp-caption-text">3 अप्रैल, 2023 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सीबीआई के हीरक जयंती समारोह में सीबीआई के अधिकारियों को प्रेसिडेंट पुलिस मेडल प्रदान करते हुए</figcaption></figure>
<p>लेकिन मुख्य रूप से सीबीआई की जिम्मेदारी भ्रष्टाचार से देश को मुक्त करने की है। भ्रष्टाचार, कोई सामान्य अपराध नहीं होता। भ्रष्टाचार, गरीब से उसका हक छीनता है, भ्रष्‍टाचार अनेक अपराधों का सिलसिला शुरू करता है, अपराधों को जन्म देता है। भ्रष्टाचार, लोकतंत्र और न्याय के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा होता है। विशेष रूप से जब सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार हावी रहता है, तो वो लोकतंत्र को फलने-फूलने नहीं देता। जहां भ्रष्टाचार होता है, वहां सबसे पहले युवाओं के सपने बलि चढ़ जाते हैं, युवाओं को उचित अवसर नहीं मिलते हैं। वहां सिर्फ एक विशेष इकोसिस्टम ही फलता-फूलता है। भ्रष्टाचार, प्रतिभा का सबसे बड़ा दुश्मन होता है, और यहीं से भाई-भतीजावाद, परिवारवाद पनपता रहता है और अपना शिकंजा मजबूत करता रहता है। जब भाई-भतीजवाद और परिवारवाद बढ़ता है, तो समाज का, राष्ट्र का सामर्थ्य कम होता जाता है। और जब राष्ट्र का सामर्थ्य कम होता है, तो विकास अवश्‍य प्रभावित हो जाता है। दुर्भाग्य से, गुलामी के कालखंड से, करप्शन की एक legacy हमें मिली है। लेकिन दुख इस बात का है कि आज़ादी के बाद के अनेक दशकों तक इस legacy को हटाने के बजाय किसी न किसी रूप में कुछ लोग उसको सशक्त करते रहे।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ शहरों में सीबीआई का नया दफ्तर हो, ट्विटर हैंडल हो, अन्य व्यवस्थाएं, जिनका आज शुभारंभ हुआ है, वो निश्चित रूप से सीबीआई को और सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएंगी। सीबीआई ने अपने काम से, अपने कौशल से सामान्य जन को एक विश्वास दिया है। आज भी जब किसी को लगता है कि कोई केस असाध्य है, तो आवाज़ उठती है कि मामला सीबीआई को दे देना चाहिए। लोग आंदोलन करते हैं कि केस उनसे ले करके सीबीआई को दे दो। यहां तक कि पंचायत स्तर पर भी कोई मामला आता है, तो लोग कहते हैं- अरे भई, इसको तो सीबीआई के हवाले करना चाहिए। न्याय के, इंसाफ के एक ब्रांड के रूप में सीबीआई हर ज़ुबान पर है।</p>
<p>सामान्य जन का ऐसा भरोसा जीतना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। और इसके लिए पिछले 60 वर्षों में जिन-जिन ने योगदान दिया है इस संगठन में रहे सभी अधिकारी, सभी कर्मचारी बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं। अभी यहां कई साथियों को उत्कृष्ठ सेवा के लिए पुलिस मेडल से भी सम्मानित किया गया है। जिनका सम्‍मान करने का मुझे अवसर मिला है, जिनको सम्‍मान प्राप्‍त हुआ है, उनको, उनके परिवारजनों को मेरी तरफ से बहुत-बहुत बधाई।</p>
<figure id="attachment_4838" aria-describedby="caption-attachment-4838" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129484.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129484.jpg" alt="" width="2200" height="1511" class="size-full wp-image-4838" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129484.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129484-300x206.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129484-1024x703.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129484-768x527.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129484-1536x1055.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129484-2048x1407.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129484-100x70.jpg 100w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/04/H20230403129484-218x150.jpg 218w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4838" class="wp-caption-text">3 अप्रैल, 2023 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सीबीआई के हीरक जयंती समारोह में सीबीआई के अधिकारियों को प्रेसिडेंट पुलिस मेडल प्रदान करते हुए</figcaption></figure>
<p><strong>श्री मोदी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर अतीत की उपलब्धियों के साथ ही, आने वाले समय की, भविष्य की चुनौतियों पर मंथन भी उतना ही आवश्यक है। आपने ये जो चिंतन शिविर किया है, इसका उद्देश्य भी अपने-आपको अपग्रेट रखना, अपने-आपको अपडेट करना और इसमें पुराने अनुभवों से सीख लेते हुए, भविष्य के रास्ते निकालने हैं, निर्धारित करने हैं। ये भी ऐसे समय में हो रहा है जब देश ने अमृतकाल की यात्रा का आरंभ किया है। कोटि-कोटि भारतीयों ने आने वाले 25 सालों में भारत को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। और विकसित भारत का निर्माण, professional और efficient institutions के बिना संभव नहीं है। और इसलिए सीबीआई पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि &#8220;आप याद कीजिए, 10 वर्ष पहले, जब आप गोल्डन जुबली मना रहे थे, तब देश क्या स्थिति थी? तब की सरकार के हर फैसले, हर प्रोजेक्ट, सवालों के घेरे में थे। करप्शन के हर केस में, पहले के केस से, बड़ा होने की होड़ लगी हुई थी, तूने इतना किया तो मैं इतना करके दिखाऊंगा। आज देश में इकॉनॉमी के साइज़ के लिए लाख करोड़ यानि ट्रिलियन डॉलर की चर्चा होती है। लेकिन तब, घोटालों की साइज़ के लिए लाख करोड़ की टर्म मशहूर हुई थी। इतने बड़े-बड़े घोटाले हुए, लेकिन आरोपी निश्चिंत थे। उन्हें पता था कि तब का सिस्टम उनके साथ खड़ा है। और इसका असर क्या हुआ? देश का व्यवस्था पर भरोसा टूट रहा था। पूरे देश में करप्शन के खिलाफ आक्रोश लगातार बढ़ रहा था। इससे पूरा तंत्र छिन्न-भिन्न होने लगा, लोग फैसला लेने से बचने लगे, पॉलिसी पैरालिसिस का माहौल बन गया। इसने देश का विकास ठप कर दिया। देश में आने से निवेशक डरने लगे। करप्शन के उस कालखंड ने भारत का बहुत ज्यादा नुकसान किया।&#8221;</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि जांच में देरी दो तरीके से समस्या को जन्म देती है। एक तरफ, भ्रष्टाचारी को सजा देर से मिलती है, तो दूसरी तरफ निर्दोष परेशान होता रहता है। हमें सुनिश्चित करना होगा कि कैसे हम इस प्रोसेस को तेज बनाएं और भ्रष्टाचार में दोषी को सजा मिलने का रास्ता साफ हो पाए। हमें Best international practices को स्टडी करना होगा। जांच अधिकारियों की Capacity building पर फोकस करना होगा। आज देश में करप्शन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए राजनीति की इच्छाशक्ति की कोई कमी नहीं है। आपको कहीं पर भी हिचकने, कहीं रुकने की ज़रूरत नहीं है।</p>
<p>&#8220;मुझे बताया गया है कि सीबीआई ने 75 ऐसी प्रथाओं को compile किया है, जिन्हें समाप्त किया जा सकता है। हमें एक समयबद्ध तरीके से इस पर काम करना चाहिए। बीते वर्षों में सीबीआई ने खुद को evolve किया है। ये प्रक्रिया, बिना रुके, बिना थके, ऐसे ही चलती रहनी चाहिए। मुझे पूरा विश्‍वास है ये चिंतन शिविर एक नए आत्‍मविश्‍वास को जन्‍म देगा, ये चिंतन शिविर नए आयामों तक पहुंचने के रास्‍तें बनाएगा, ये चिंतन शिविर गंभीर से गंभीर, कठिन से कठिन समस्‍याओं को सुलझाने के तौर-तरीके मे आधुनिकता ले आएगा। और हम ज्‍यादा प्रभावी होंगे, ज्‍यादा परिणामकारी होंगे और सामान्‍य नागरिक न बुरा करना चाहता है न बुरा उसको पसंद है। हम उसके भरोसे आगे बढ़ना चाहते हैं जिसके दिल में सच्‍चाई जिंदा है।&#8221;</p>
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		<title>अपना &#8216;किडनी&#8217; देने वाली लालू की 44-वर्षीय &#8216;डाक्टर&#8217; बेटी रोहिणी आचार्य ट्विटर पर लिखी: &#8216;दिल्ली की कुर्सी हिला देंगी&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Mar 2023 11:56:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[cbi]]></category>
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		<category><![CDATA[job scam]]></category>
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		<category><![CDATA[rohini acharya]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली / पटना :  बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, देश के पूर्व रेल मंत्री, राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व अध्यक्ष, ऐतिहासिक चारा घोटाला में सजाभोक्ता लालू प्रसाद यादव की 44-वर्षीय &#8216;डाक्टर&#8217; पुत्री रोहिणी आचार्य अभी खबर में हैं। दिल्ली की कुर्सी हिला देने की बात भी कर रही हैं पिता के सम्मानार्थ । विगत दिनों पिताक [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/special-story/lalus-daughter-says-will-shake-delhis-chair">अपना &#8216;किडनी&#8217; देने वाली लालू की 44-वर्षीय &#8216;डाक्टर&#8217; बेटी रोहिणी आचार्य ट्विटर पर लिखी: &#8216;दिल्ली की कुर्सी हिला देंगी&#8217;</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली / पटना :  बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, देश के पूर्व रेल मंत्री, राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व अध्यक्ष, ऐतिहासिक चारा घोटाला में सजाभोक्ता लालू प्रसाद यादव की 44-वर्षीय &#8216;डाक्टर&#8217; पुत्री रोहिणी आचार्य अभी खबर में हैं। दिल्ली की कुर्सी हिला देने की बात भी कर रही हैं पिता के सम्मानार्थ । विगत दिनों पिताक के रक्षार्थ पैन &#8216;किडनी&#8217; दान की थी। जब से प्रवर्तन निदेशालय और केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो विभिन्न मामलों में, जिसमें लालू यादव और अन्य लोगों को तथाकथित रूप से अभियुक्त मान रही है, जांच शुरू की है, रोहिणी आचार्य &#8216;तारम-तोड़&#8217; ट्यूटर पर अपने पिता के समर्थन में लिख रही हैं। </strong></p>
<p>कोई दो दशक से अधिक समय तक परत-दर-परत जांच होने, खुलने वाला ऐतिहासिक चारा घोटाला की शुरुआत 1996 में हुआ था जिसमें लालू प्रसाद यादव, जगन्नाथ मिश्र और दर्जनों राजनेताओं के साथ-साथ अधिकारी लिप्त थे, उन दिनों किसी भी सामाजिक क्षेत्र के मीडिया पर इस कदर नहीं लिखा गया था। वजह भी था। रोहिणी आचार्य सहित, लालू प्रसाद यादव के सभी बच्चे छोटे-छोटे थे। </p>
<p><strong>कोई साढ़े आठ हज़ार लोगों द्वारा देखे गए एक ट्यूट में रोहिणी आचार्य कल लिखी कि: छापे के बदले सत्ता पाने का इनके इरादे को धूल में मिलाना है। अस्मत स्वहारों की टोली को कुछ ऐसा सबक सीखना है।&#8217; पहली जून, 1979 को जन्म ली डॉ रोहिणी आचार्य एक अलग ट्यूट में लिखती हैं : &#8216;बिहारियों की लाश बिछती हैं जहाँ, राजनीतिक रोटी सेंकती भाजपा वहां।&#8217; </strong></p>
<p>यह तो कल की बात थी, आज लिखती हैं: <strong>&#8216;पापा को लगातार परेशान किया जा रहा है। अगर उन्हें कुछ हुआ तो मैं किसी को नहीं छोड़ूंगी। पापा को तंग कर रहे हैं यह ठीक बात नहीं है। यह सब याद रखा जाएगा। समय बलवान होता है, उसमें बड़ी ताकत होती है। यह याद रखना होगा। दिल्ली की कुर्सी हिला देंगे। अब बर्दाश्त करने की सीमा जवाब दे रही है।&#8217;</strong></p>
<p>सूत्रों के अनुसार, कल राबड़ी देवी के आवास पर सीबीआई की टीम करीब पांच घंटे तक उनसे पूछताछ की। पूछताछ का मुख्य बिंदु &#8216;जमीन के बदले नौकरी&#8217; का मामला है । इस मामले में लालू यादव-राबड़ी देवी की बेटी मीसा भारती समेत 14 लोग आरोपी हैं और आगामी 15 मार्च को लालू प्रसाद, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया है। राबड़ी देवी से पूछताछ करने के अगले दिन लालू प्रसाद से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। </p>
<p>सूत्रों के अनुसार रेल भर्ती से जुड़े एक और घोटाले का आरोप यूपीए सरकार में रेल मंत्री रहे पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला पर भी लगा है। कहा जाता है कि इस मामले में भी सीबीआई ने विजय सिंगला समेत 10 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में विजय सिंगला पर मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप है। सन 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि लालू के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे भर्ती में घोटाला हुआ। कहा जा रहा है कि नौकरी लगवाने के बदले आवेदकों से जमीन और प्लॉट लिए गए। </p>
<figure id="attachment_4798" aria-describedby="caption-attachment-4798" style="width: 890px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/2-2.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/2-2.jpeg" alt="" width="890" height="1156" class="size-full wp-image-4798" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/2-2.jpeg 890w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/2-2-231x300.jpeg 231w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/2-2-788x1024.jpeg 788w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/2-2-768x998.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 890px) 100vw, 890px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4798" class="wp-caption-text">मीसा भारती अपने घर में</figcaption></figure>
<p>सूत्रों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गयी और इस दौरान एक विशेष कमरे में कुछ दस्तावेजों को लेकर प्रसाद से पूछताछ की गयी। प्रसाद किडनी प्रतिरोपण सर्जरी के बाद, अपनी बेटी मीसा भारती के आवास पर इस कमरे में पृथक रह रहे हैं। एजेंसी सूत्रों के अनुसार &#8216;जांच चल रही है। यह कहा जाता है कि जो जमीनें ली गईं वो राबड़ी देवी और मीसा भारती के नाम पर भी ली गईं। यह भी कहा जाता है कि लालू प्रसाद के परिवार को तोहफे में जमीन देकर या जमीन बेचने के बदले में रेलवे में कथित तौर पर नौकरी प्रदान की गयी थी।&#8217; </p>
<p>सीबीआई सूत्रों के अनुसार, पांच सीबीआई अधिकारियों का एक दल दो कार में सवार होकर मंगलवार को सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर इंडिया गेट के समीप पंडारा पार्क में मीसा भारती के आवास पर पहुंचा, जहां प्रसाद अभी रह रहे हैं। सीबीआई दल दोपहर करीब 12 बजकर 55 मिनट पर वहां से निकला। सीबीआई ने इस मामले में आपराधिक षडयंत्र और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत प्रसाद, राबड़ी देवी और 14 अन्य के खिलाफ पहले ही एक आरोपपत्र दाखिल कर दिया है और सभी आरोपियों को 15 मार्च को अदालत में पेश होने के लिए सम्मन भेजा गया है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह पूछताछ ‘‘आगे की जांच’’ के तौर पर की जा रही है जिसमें जांच एजेंसी धन के लेनदेन और वृहद साजिश का पता लगाने की कोशिश कर रही है। सीबीआई की आठ सदस्यीय टीम ने लालू यादव से दो घंटे से भी ज्यादा पूछताछ की। लालू की बेटी मीसा के घर पर मौजूद रही। लालू प्रसाद के छोटे बेटे एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि उनका परिवार केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का लगातार विरोध करता रहा है और यही कारण है कि सीबीआई की टीम पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर पहुंची।</p>
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		<title>सत्येंद्र जैन जेल में, सिसोदिया के घर पर सीबीआई का छापा; केजरीवाल कहते हैं: ‘आप के नेताओं को परेशान किया जा रहा है&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Aug 2022 12:36:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[cbi]]></category>
		<category><![CDATA[corruption]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi]]></category>
		<category><![CDATA[government]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: इधर आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अधीन 2017 में दर्ज मुकदमे के सिलसिले में कारावास में बंद हैं, आज सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास और 20 अन्य स्थानों पर शुक्रवार को छापा मारा। इस कार्रवाई [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: इधर आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अधीन 2017 में दर्ज मुकदमे के सिलसिले में कारावास में बंद हैं, आज सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास और 20 अन्य स्थानों पर शुक्रवार को छापा मारा। इस कार्रवाई से आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के बीच तनाव बढ़ गया है। </strong></p>
<p>सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने पिछले साल नवंबर में लाई गई दिल्ली आबकारी नीति बनाने और उसके क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सिसोदिया और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी आरव गोपी कृष्ण के परिसरों के अलावा 19 स्थानों पर शुक्रवार को छापा मारा। उधर &#8216;आप&#8217; का आरोप है कि कि सीबीआई ‘‘ऊपर से मिले’’ आदेशों पर काम कर रही है। सात राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 21 स्थानों पर छापेमारी की गई। दो अन्य लोक सेवकों के परिसरों पर भी छापेमारी की गई।</p>
<p>सीबीआई के दलों की देशभर में छापेमारी और सिसोदिया के मध्य दिल्ली स्थित आवास के बाहर ‘आप’ समर्थकों का जमावड़ा लगने के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है और एजेंसी को उन्हें परेशान करने के लिए ‘‘ऊपर से’’ आदेश दिए गए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हमारी राह में, हमारे अभियान में कई रोड़े अटकाए जाएंगे। सिसोदिया के खिलाफ यह पहली छापेमारी नहीं है, पहले भी छापेमारी की गई है। मेरे और मेरे कई मंत्रियों के खिलाफ छापे मारे गए हैं, लेकिन उनमें कुछ भी नहीं निकला और इस बार भी कुछ नहीं निकलेगा।’’</p>
<p>सिसोदिया को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री बताते हुए केजरीवाल हाथ में समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ लिए नजर आए, जिसके पहले पन्ने पर ‘‘दिल्ली की शिक्षा क्रांति’’ के बारे में एक लेख प्रकाशित हुआ है। सिसोदिया दिल्ली के आबकारी और शिक्षा सहित कई विभागों का कार्यभार संभालते हैं। केजरीवाल ने कहा: ‘‘यह देश के लिए गर्व की बात है कि मनीष सिसोदिया का नाम दुनिया के सबसे ताकतवर देश के सबसे बड़े अखबार के पहले पन्ने पर है। एक तरह से उन्हें दुनिया का सबसे बेहतरीन शिक्षा मंत्री घोषित किया गया है। सबसे बड़े अखबार ने दिल्ली की शिक्षा क्रांति के बारे में लिखा और सिसोदिया की तस्वीर भी लगाई।’’</p>
<p>केजरीवाल ने इस मौके पर अपने ‘मेक इंडिया नंबर वन कंट्री’ अभियान का भी जिक्र किया, जिसकी घोषणा उन्होंने बुधवार को की थी और लोगों से कहा था कि &#8221; लोग 9510001000 नंबर पर मिस कॉल देकर इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। हम देश को राजनीतिक दलों के भरोसे नहीं छोड़ सकते। हमें एक साथ आना होगा।’’ इस बीच सिसोदिया ने कहा कि दिया ने कहा कि साजिशें ना उन्हें तोड़ सकेंगी और न ही अच्छी शिक्षा के लिए काम करने के उनके संकल्प को बाधित कर पाएंगी।</p>
<figure id="attachment_4333" aria-describedby="caption-attachment-4333" style="width: 960px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/HT.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/HT.jpg" alt="" width="960" height="543" class="size-full wp-image-4333" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/HT.jpg 960w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/HT-300x170.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/HT-768x434.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 960px) 100vw, 960px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4333" class="wp-caption-text">दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री का आवास और सीबीआई का छापा। तस्वीर: हिंदुस्तान टाइम्स के सौजन्य से</figcaption></figure>
<p><strong>सिसोदिया ने ट्वीट किया: ‘‘सीबीआई आई है। उनका स्वागत है। हम कट्टर ईमानदार हैं। लाखों बच्चों का भविष्य बना रहे हैं। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में जो अच्छा काम करता है उसे इसी तरह परेशान किया जाता है। इसलिए हमारा देश अभी तक नंबर-एक नहीं बन पाया।’’ सिलसिलेवार ट्वीट में सिसोदिया ने कहा कि &#8220;वह जांच में पूर्ण सहयोग देंगे। हम सीबीआई का स्वागत करते हैं। जांच में पूरा सहयोग देंगे ताकि सच जल्द सामने आ सके। अभी तक मेरे खिलाफ कई मामले बनाए गए, लेकिन कुछ नहीं निकला। इसमें भी कुछ नहीं निकलेगा। देश में अच्छी शिक्षा के लिए मेरा काम रोका नहीं जा सकता।’’</strong></p>
<p>सिसोदिया ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘ये लोग दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में शानदार काम से परेशान हैं। इसीलिए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और शिक्षा मंत्री को पकड़ा है, ताकि शिक्षा एवं स्वास्थ्य के अच्छे काम रोके जा सकें। हम दोनों के ऊपर झूठे आरोप हैं। अदालत में सच सामने आ जाएगा। मुझे तुम्हारी साजिशें तोड़ न सकेंगी। मैंने दिल्ली के लाखों बच्चों के लिए ये स्कूल बनाए हैं। लाखों बच्चों की जिंदगी में आई मुस्कान मेरी ताकत है।’’</p>
<p>आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा उनके कार्य करने के तरीकों की ‘‘बढ़ती लोकप्रियता’’ के कारण पार्टी व उसके नेताओं को बदनाम करने के लिए जांच एजेंसी का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वहीं, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के बारे में शुक्रवार को कहा कि दिल्ली के ‘एक्साइज’ (आबकारी) मंत्री ‘एक्सक्यूज’ (बहाना बनाने वाले) मंत्री बन गए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘आज का मामला शराब के कारोबार के लाइसेंस और इसमें शामिल भ्रष्टाचार से जुड़ा है। संबंधित मंत्री मनीष सिसोदिया हैं। उन्होंने सीबीआई को जांच सौंपे जाने के दिन आबकारी नीति को पलट दिया। यह कदम क्यों उठाया गया, क्योंकि शराब के कारोबार के लाइसेंस जारी करने में भ्रष्टाचार किया गया है।’’ मंत्री ने कहा कि सीबीआई जांच के डर से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सिसोदिया को, छापेमारी को राष्ट्रीय राजधानी में शिक्षा सुविधाओं से जोड़ना पड़ा।</p>
<p>दूसरी ओर कांग्रेस ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ संघीय एजेंसियों के ‘‘निरंतर दुरुपयोग’’ से उनकी विश्वसनीयता कम होती है और इससे भ्रष्टाचारियों को बच निकलने का अवसर भी मिलता है। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ट्वीट किया, ‘‘एजेंसी के निरंतर दुरुपयोग का एक बड़ा नुकसान यह भी होता है कि जब एजेंसी सही काम भी करती है, तब भी उसके कदम को शक की दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे में, भ्रष्ट लोग दुरुपयोग की दुहाई देकर बच निकलते हैं और जो ईमानदारी से जनता के मुद्दे उठाते हैं, वे दुरुपयोग का शिकार होते रहते हैं।’’</p>
<figure id="attachment_4334" aria-describedby="caption-attachment-4334" style="width: 1200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/news18.png"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/news18.png" alt="" width="1200" height="800" class="size-full wp-image-4334" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/news18.png 1200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/news18-300x200.png 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/news18-1024x683.png 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/08/news18-768x512.png 768w" sizes="auto, (max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4334" class="wp-caption-text">सीबीआई आई है। उनका स्वागत है। हम कट्टर ईमानदार हैं। तस्वीर: न्यूज18 के सौजन्य से</figcaption></figure>
<p>ज्ञातव्य हो कि दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने आबकारी नीति 2021-22 के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की थी। उन्होंने इस मामले में 11 आबकारी अधिकारियों को निलंबित भी किया है। सिसोदिया ने खुद भी कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी।</p>
<p>अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के मुख्य सचिव की जुलाई में दी गई रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन अधिनियम 1991, कार्यकरण नियम (टीओबीआर)-1993, दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम-2009 और दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम-2010 का प्रथम दृष्टया उल्लंघन पाए जाने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में पाया गया था कि निविदा जारी करने के बाद ‘‘शराब कारोबार संबंधी लाइसेंस हासिल करने वालों को अनुचित लाभ’’ पहुंचाने के लिए ‘‘जानबूझकर और घोर प्रक्रियात्मक चूक’’ की गई। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट की एक प्रति मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है।</p>
<p>आरोप है कि राजकोष को नुकसान पहुंचाकर निविदाएं जारी की गईं और इसके बाद शराब कारोबार संबंधी लाइसेंस हासिल करने वालों को अनुचित वित्तीय लाभ पहुंचाया गया। सूत्रों ने दावा किया कि आबकारी विभाग ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के नाम पर लाइसेंसधारियों को निविदा लाइसेंस शुल्क पर 144.36 करोड़ रुपये की छूट दी। उन्होंने बताया कि लाइसेंस के लिए सबसे कम बोली लगाने वाले को 30 करोड़ रुपये की बयाना राशि भी तब वापस कर दी गई, जब वह हवाई अड्डा अधिकारियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने में विफल रहा था।</p>
<p>एक सूत्र ने कहा, ‘‘यह दिल्ली आबकारी अधिनियम 2010 के नियम 48(11)(बी) का घोर उल्लंघन था, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि बोलीदाता को लाइसेंस प्रदान करने के लिए सभी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा, ऐसा न करने पर सरकार उसकी जमा राशि जब्त कर लेगी।’’</p>
<p>बहरहाल, विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई आबकारी नीति, 2021-22 को पिछले साल 17 नवंबर से लागू किया गया था और इसके तहत निजी बोलीदाताओं को शहरभर में 32 क्षेत्रों में 849 दुकानों के लिए खुदरा लाइसेंस जारी किए गए थे। इस बीच, पुलिस ने बताया कि छापेमारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी (आप) के कई समर्थकों को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पार्टी के समर्थक मथुरा रोड पर स्थित सिसोदिया के आवास के निकट आ गए और प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया गया और बसों के जरिए वसंत कुंज थाने ले जाया गया है।’’ <strong>(भाषा के सहयोग से) </strong></p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/crime/satyendra-jain-in-jail-cbi-raids-sisodias-house">सत्येंद्र जैन जेल में, सिसोदिया के घर पर सीबीआई का छापा; केजरीवाल कहते हैं: ‘आप के नेताओं को परेशान किया जा रहा है&#8217;</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>#हैप्पीवेलेंटाइनडे : 1996 में 1$=35.43 रुपये था, जब लालू दोषी करार हुए 1$=74.87 रुपये है, यानी 950 करोड़ रुपयेका घोटाला 400 करोड़ रुपये का हो गया</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/law/lalu-prasad-yadav-conviction-5th-fodder-scam-case</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Feb 2022 13:32:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कानून]]></category>
		<category><![CDATA[bihar]]></category>
		<category><![CDATA[cbi]]></category>
		<category><![CDATA[court]]></category>
		<category><![CDATA[fodder]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>रांची / पटना / दिल्ली : ऐतिहासिक वेलेंटाइन दिवस के अगले दिन अविभाजित बिहार (बिहार+झारखण्ड) के 20 वें मुख्यमंत्री अंततः ऐतिहासिक चारा घोटाला मुकदमा में दोषी हो गए। रांची की सड़कों पर कई लोग &#8220;हैप्पी वेलेंटाइन डे&#8221; कहते सुने गए। रांची के रास्ते पटना होते हुए, दिल्ली के आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि जब चारा घोटाला [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/law/lalu-prasad-yadav-conviction-5th-fodder-scam-case">#हैप्पीवेलेंटाइनडे : 1996 में 1$=35.43 रुपये था, जब लालू दोषी करार हुए 1$=74.87 रुपये है, यानी 950 करोड़ रुपयेका घोटाला 400 करोड़ रुपये का हो गया</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रांची / पटना / दिल्ली : ऐतिहासिक वेलेंटाइन दिवस के अगले दिन अविभाजित बिहार (बिहार+झारखण्ड) के 20 वें मुख्यमंत्री अंततः ऐतिहासिक चारा घोटाला मुकदमा में दोषी हो गए। रांची की सड़कों पर कई लोग &#8220;हैप्पी वेलेंटाइन डे&#8221; कहते सुने गए। रांची के रास्ते पटना होते हुए, दिल्ली के आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि जब चारा घोटाला हुआ था तब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एक डॉलर के लिए 35.43 रुपये अदा करना पड़ता था। आज जब भारतीय न्यायालय ने लालू यादव को दोषी करार किये, भारतीय मौद्रिक बाजार में 1$ की कीमत 74 रुपये 87 पैसे हो गए। इस दृष्टि से तत्कालीन 950 करोड़ का चारा घोटाला विगत 26 वर्षों में आज महज 400 करोड़ का हो गया। </strong></p>
<p>लगभग 950 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक चारा घोटाला कांड जिस साल हुआ था, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय मुद्रा की कीमत $35.43 थी। कोई तीन दशक पहले, यानी 10 मार्च, 1990 को, जिस दिन जनता दल के तत्कालीन अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिए और अपनी पहली पारी में (28 मार्च, 1995) मुख्यमंत्री बने रहे, अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में भारतीय मुद्रा की कीमत डॉलर की तुलना में 18 . 11 : $1 था। अगली पारी की शुरुआती वर्षों में ही लालू यादव &#8220;चारा घोटाला&#8221; में लिप्त हो गए। हो भी क्यों नहीं, डालर की तुलना में भारतीय रुपये का चरित्र लुढ़कना प्रारम्भ कर दिया था।</p>
<p>सांख्यिकी के अनुसार, जिस साल चारा घोटाला भारतीय मीडिया में अपना स्थान बनाया, भारतीय न्यायालयों में लाल कपड़ों में कागजों और दस्तावेजों का फ़ाइल बनने लगा; एक भारतीय को एक डॉलर के लिए 35 रुपये 43 पैसे देने लगे थे । आज 26 साल बाद, जब डोरंडा कोषागार गबन मामले में उस गबन कांड में भारत के पूर्व रेलमंत्री, बिहार के पुर मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के संस्थापक लालू प्रसाद यादव को दोषी करार किया गया, अंतराष्ट्रीय बाजार में एक डॉलर के लिए भारत के लोगों को 74 रुपये 87 पैसे चुकाने पर रहे हैं। यानी अन्तराष्ट्रीय बाजार में भारतीय मुद्रा की मोल की दृष्टि से 26 साल पहले जिस ऐतिहासिक चारा घोटाला का मोल 950 करोड़ था, आज 400 करोड़ के आस-पास का हो गया है। क्या कहते हैं? खैर। </p>
<p>केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने लालू प्रसाद को 139.5 करोड़ रुपये के डोरंडा कोषागार गबन मामले में दोषी ठहराया। सीबीआई के एक वकील ने कहा कि सजा 18 फरवरी को सुनाई जाएगी। अदालत ने 29 जनवरी को मामले में दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रसाद को इससे पहले चारा घोटाला के चार अन्य मामलों में 14 साल जेल की सजा सुनाई जा चुकी है।</p>
<p><strong>सीबीआई के वकील ने कहा, &#8220;लालू प्रसाद को दोषी ठहराया गया है। सजा 18 फरवरी को सुनाई जाएगी।&#8221; विशेष सीबीआई के न्यायाधीश एस के शशि की अदालत ने प्रसाद सहित 99 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई पूरी की थी, जो पिछले साल फरवरी से चल रही थी। अंतिम आरोपी डॉ शैलेंद्र कुमार की ओर से बहस 29 जनवरी को पूरी हुई। सभी आरोपियों को फैसले के दिन अदालत में प्रत्यक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया गया था।</strong></p>
<p>26 साल से कोर्ट में चल रहे देश के बहुचर्चित चारा घोटाले में एक बार फिर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को तगड़ा झटका लगा है। पांचवें और सबसे बड़े मामले में लालू को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने दोषी ठहराया है।उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। 139.5 करोड़ रुपए की अवैध निकासी केस में सजा का ऐलान बाद में होगा। डोरंडा ट्रेजरी से अवैध निकासी मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव समेत कुल 110 अभियुक्त थे। 99 आरोपियों को सजा मिलेगी और 24 लोग बरी हो गए। पहला मामला चाईबासा कोषागार से अवैध तरीके से 37.7 करोड़ रुपए निकालने का है। इस मामले में लालू यादव समेत 44 आरोपी थे। आरजेडी मुखिया को 5 साल की सजा हुई है। साथ ही 25 लाख रुपए का जुर्माना भी हुआ था।</p>
<p>चारा घोटाले के तहत देवघर सरकारी कोषागार मामला 89.28 लाख रुपये के घोटाले से जुड़ा था। लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा मिली और पांच लाख जुर्माना भी लगाया गया। तीसरा मामला चाईबासा कोषागार का है। इसमें 33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी की गई थी। इसमें लालू को 5 साल की सजा और 10 लाख का जुर्माना लगा। चौथा मामला दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का है। लालू प्रसाद यादव को दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा सुनाई गई। इसमें 60 लाख का जुर्माना भी लगा। बिहार की राजनीति से दिल्ली की सियासत में अपना दबदबा रखने वाले लालू चारा घोटाले में ऐसे घिरे कि सियासत में अर्श से फर्श पर आ गए।</p>
<p><strong>बहरहाल, मामले के मूल 170 आरोपियों में से 55 की मौत हो चुकी है, सात सरकारी गवाह बन चुके हैं, दो ने अपने ऊपर लगे आरोप स्वीकार कर लिए हैं और छह फरार हैं। प्रसाद के अलावा पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, तत्कालीन लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष ध्रुव भगत, पशुपालन सचिव बेक जूलियस और पशुपालन सहायक निदेशक डॉ के एम प्रसाद मुख्य आरोपी हैं। 950 करोड़ रुपये का यह घोटाला अविभाजित बिहार के विभिन्न जिलों में धोखाधड़ी कर सरकारी खजाने से सार्वजनिक धन की निकासी से संबंधित है। राजद सुप्रीमो को चारा घोटाला मामले में 14 साल जेल की सजा सुनाई गई है और कुल 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्हें दुमका, देवघर और चाईबासा कोषागार से जुड़े चार मामलों में जमानत मिल गई है।</strong> </p>
<p>चारा घोटाला मामला जनवरी 1996 में पशुपालन विभाग में छापेमारी के बाद सामने आया। सीबीआई ने जून 1997 में प्रसाद को एक आरोपी के रूप में नामित किया। एजेंसी ने प्रसाद और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के खिलाफ आरोप तय किए। सितंबर 2013 में निचली अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में प्रसाद, मिश्रा और 45 अन्य को दोषी ठहराया और प्रसाद को रांची जेल भेज दिया गया। दिसंबर 2013 में उच्चतम न्यायालय ने मामले में प्रसाद को जमानत दे दी, जबकि दिसंबर 2017 में सीबीआई अदालत ने उन्हें और 15 अन्य को दोषी पाया और उन्हें बिरसा मुंडा जेल भेज दिया। झारखंड उच्च न्यायालय ने प्रसाद को अप्रैल 2021 में जमानत दे दी थी।</p>
<p>लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री रहते 1990 से 95 के बीच बिहार के सरकारी खजाने के पशु चारा के नाम पर 950 करोड़ की अवैध निकासी हुई थी। इसका खुलासा 1996 में हुआ और जांच बढ़ने के साथ लालू प्रसाद पर आंच आ गयी। झारखंड में चारा घोटाले के कुल पांच मुकदमों में लालू प्रसाद यादव अभियुक्त बनाये गये। 24 लोगों को इस मामले में बरी किया गया है। बरी होने वालों में राजेंद्र पांडेय, साकेत बिहारी लाल, दीनानाथ सहाय, राम सेवक, ऐनल हक, सनाउल हक, मो हुसैन, कलशमनी कश्यप, बलदेव साहू, रंजित सिन्हा,अनिल सिन्हा, अनिता प्रसाद, रमावतार शर्मा, चंचल सिन्हा, रामशंकर सिंह, बसंत सिन्हा, क्रांति सिंह, मधु मेहता शामिल हैं। </p>
<p>तस्वीर: जागरण जोश के सौजन्य से<br />
रिपोर्ट : पीटीआई/भाषा के सहयोग से</p>
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		<item>
		<title>नितीश कुमार मुजफ्फरपुर बालिका-गृह यौन उत्पीड़न का मामला सी बी आई को सौंप दिए, अब &#8220;ठंठा&#8221; हो जाएँ</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/crime/muzaffarpur-case-to-cbi</link>
					<comments>http://www.aryavartaindiannation.com/crime/muzaffarpur-case-to-cbi#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Jul 2018 12:57:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[abuse]]></category>
		<category><![CDATA[case]]></category>
		<category><![CDATA[cbi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पटना: अंततः बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार ने मुजफ्फरपुर जिला स्थित एक बालिका गृह की 29 बालिकाओं के यौन उत्पीड़न मामले की जांच सीबीआई से कराने की आज अनुशंसा कर दी है। सी बी आई के पास एक और फाईल पहुँच गया। मामला, बहरहाल, तत्काल तो ठंठा हो ही जायेगा। उत्पीड़ित बालिकाओं को &#8220;न्याय&#8221; [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पटना: अंततः बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार ने मुजफ्फरपुर जिला स्थित एक बालिका गृह की 29 बालिकाओं के यौन उत्पीड़न मामले की जांच सीबीआई से कराने की आज अनुशंसा कर दी है। सी बी आई के पास एक और फाईल पहुँच गया। मामला, बहरहाल, तत्काल तो ठंठा हो ही जायेगा। उत्पीड़ित बालिकाओं को &#8220;न्याय&#8221; मिलेगा अथवा नहीं, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। </strong></p>
<p>ऐसे कितने हज़ारों, लाखों मुकदमें भारतीय न्यायालयों में &#8211; जिला-सत्र न्यायलय से सर्वोच्च न्यायालय तक &#8211; दसकों से लम्बित पड़े हैं। सी बी आई, जिसके पास मुक़दमे लड़ने के लिए, अधिवक्ताओं को पैसे देने के लिए पैसे की किल्लत है, के पास ऐसे मुक़दमे कम नहीं हैं जो लंबित हैं। वैसे मुख्य मंत्री का कहना है कि प्रदेश में एक भ्रम का वातावरण बनाया जा रहा है जबकि उनकी सरकार निष्पक्ष जान के लिए प्रतिबद्ध है। </p>
<p>दो दिन पूर्व राज्य के पुलिस महानिदेशक के एस द्विवेदी ने कहा था, &#8220;मैं अपनी जांच से पूरी तरह संतुष्ट हूं । मुझे इसमें कोई खामी दिखाई नहीं दे रही है इसलिए नहीं लगता कि सीबीआई या अन्य किसी एजेंसी द्वारा जांच किए जाने की आवश्यकता है।&#8221; मुख्य मंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है वैसे सरकार निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है परन्तु प्रदेश में प्रदेश में उत्पन्न भ्रम के वातावरण के कारण इस घृणित घटना की जांच सी बी आई करे, सरकार अनुशंसा करती है। </p>
<p>सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि भ्रम का वातावरण नहीं रहे, इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और प्रधान सचिव गृह को तत्काल इस मामले को जांच के लिए सीबीआई के सुपुर्द करने की सिफारिश की है। इस मामले की तहकीकात निष्पक्ष ढंग से हो, इसके लिए विपक्ष इसकी सीबीआई से, उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच कराए जाने की मांग करता रहा है। यह मांग बिहार विधानमंडल के जारी मानसून सत्र के दौरान सदन के भीतर और बाहर लगातार उठी है।</p>
<p>बिहार विधानमंडल और संसद में विपक्षी दलों के सदस्यों द्वारा इस मामले को सदन में उठाए जाने तथा केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बयान के बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक के एस द्विवेदी ने गत 24 जुलाई को कहा था, &#8220;मैं अपनी जांच से पूरी तरह संतुष्ट हूं । मुझे इसमें कोई खामी दिखाई नहीं दे रही है इसलिए नहीं लगता कि सीबीआई या अन्य किसी एजेंसी द्वारा जांच किए जाने की आवश्यकता है।&#8221; गौरतलब है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था कि अगर राज्य सरकार मामले की सीबीआई जांच के लिए सिफारिश करती है तो उस पर विचार किया जाएगा। द्विवेदी का कहना है कि &#8220;बिहार पुलिस ऐसा महसूस नहीं कर रही है क्योंकि हम अपने अब तक के अनुंसाधन से संतुष्ट हैं।&#8221; </p>
<p>इस मामले को लेकर पटना उच्च न्यायालय में दो व्यक्तियों नवनीत कुमार और संतोष कुमार की जनहित याचिका की न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश एस कुमार की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ललित किशोर ने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने का निर्णय किया है। इस पर खंडपीठ ने आज की सुनवाई स्थगित करते हुए आदेश दिया कि दोनों जनहित याचिकाओं की सुनवाई, पूर्व में निर्धारित की जा चुकी तारीख 9 अगस्त को होगी।</p>
<p>पटना उच्च न्यायालय में गत 9 जुलाई को यह मामला लिया गया था। तब सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा गया था। बहरहाल, यह मामला आज भी सूचीबद्ध था इसलिए इसे लिया गया। इस मामले को विपक्ष ने बिहार विधानमंडल के जारी मानसूत्र सत्र में बार बार उठाया और दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार बाधित हुई। स्तब्ध कर देने वाले इस मामले में जेल में बंद बालिका गृह के सीपीओ रवि कुमार रौशन की पत्नी ने समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंदेश्वर वर्मा पर उक्त बालिका गृह जाने का कल आरोप लगाया और इस मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की थी ।</p>
<p>रवि की पत्नी ने मंजू वर्मा के पति पर बालिका गृह में अपने साथ जाने वाले अधिकारियों को बाहर छोड़कर खुद अंदर जाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वहां की लडकियां उन्हें ‘नेताजी’ के तौर पर जानती थीं । मंत्री मंजू वर्मा ने अपने साथ फरवरी 2016 में पति के बालिका गृह जाने की बात स्वीकारते हुए कल कहा था कि इस प्रकरण को उजागर हुए करीब एक महीने बीत चुके हैं लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस की जांच के क्रम में इस तरह का आरोप किसी पर नहीं लगा। पर आज जब बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने वहां का दौरा किया तो साजिश के तहत मंत्री, मंत्री के पति और राज्य सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।</p>
<p>बिहार विधानसभा की आज की कार्रवाई शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों फिर यह मामला उठाया। उन्होंने मंत्री मंजू वर्मा के पति का नाम आने का जिक्र किया और मामले की जांच सीबीआई द्वारा उच्च न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग की। बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे विपक्ष सदस्यों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने बैठक भोजनावकाश दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p>बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने आज आरोप लगाया कि इस मामले में समाज कल्याण मंत्री के पति के अलावा बिहार सरकार के एक अन्य मंत्री का नाम आया है। उन्होंने नाम लिए बिना कहा कि जिन्होंने हाल ही में पश्चिम बंगाल की यात्रा के क्रम में एक होटल में मारपीट की थी, उनका नाम क्यों छुपाया गया । उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के &#8216;चहेते&#8217; हैं, और सुशील पर उक्त मंत्री को बचाने का दबाव है इसलिए हमलोग सीबीआई की जांच की मांग कर रहे थे ।</p>
<p>मुजफ्फरपुर बालिका गृह में रही 44 लड़कियों में 42 की मेडिकल जांच कराए जाने पर उनमें से 29 के यौन शोषण की पुष्टि हुई थी। दो लड़कियों के बीमार होने के कारण उनकी जांच नहीं हो पायी है। पुलिस की जांच के दौरान वर्ष 2013 से बालिका गृह के अभिलेखों की छानबीन करने पर पता चला कि चार लड़कियाँ बालिका गृह से फरार हैं। ये लड़कियां माह नवम्बर—दिसम्बर 2013 में बालिका गृह में आयी थीं और माह दिसम्बर 2013 में ही फरार दिखायी गयी हैं। पुलिस इस तथ्य का सत्यापन कर रही है।</p>
<p>मुजफ्फरपुर बालिका गृह में एक बालिका गत 28 मार्च को आयी थी, पर उसके डिस्चार्ज की तिथि अभिलेखों में अंकित नहीं है। जांच में उसका पता लगा लिया गया है। वह मुजफ्फरपुर जिले में ही विवाह के उपरान्त अपने ससुराल में रह रही हैं।मुजफ्फरपुर बालिका गृह में तीन बालिकाओं के मृत होने की प्रविष्टियाँ बालिका गृह के अभिलेखों में दर्ज हैं। इसमें एक की तिथि 2015 एवं दो की तिथि 2017 है। इनका सत्यापन किया जा रहा है।</p>
<p>मुजफ्फरपुर बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर सहित कुल 10 आरोपियों किरण कुमारी, मंजू देवी, इन्दू कुमारी, चन्दा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, विकास कुमार एवं रवि कुमार रौशन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है । एक अन्य फरार दिलीप कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए इश्तेहार दिए गए हैं और कुर्की की कार्रवाई की जा रही है । (भाषा के सहयोग से)</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/crime/muzaffarpur-case-to-cbi">नितीश कुमार मुजफ्फरपुर बालिका-गृह यौन उत्पीड़न का मामला सी बी आई को सौंप दिए, अब &#8220;ठंठा&#8221; हो जाएँ</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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