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	<title>kashi Archives - आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</title>
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		<title>काशी सिर्फ़ एक नगर नहीं है &#8211; यह एक जीवंत आत्मा है</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 10:53:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>काशी सिर्फ़ एक नगर नहीं है &#8211; यह एक जीवंत आत्मा है। यह गंगा की लहरों और अपने लोगों की शांत शक्ति के माध्यम सांस लेती है। यहां, प्राचीन पत्थर अतीत की कहानियां सुनाते हैं जबकि कांच के सामने वाली इमारतें कल के वादे को दर्शाती हैं। वह शहर जहां मणिकर्णिका घाट पर जीवन और मृत्यु [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>काशी सिर्फ़ एक नगर नहीं है &#8211; यह एक जीवंत आत्मा है। यह गंगा की लहरों और अपने लोगों की शांत शक्ति के माध्यम सांस लेती है। यहां, प्राचीन पत्थर अतीत की कहानियां सुनाते हैं जबकि कांच के सामने वाली इमारतें कल के वादे को दर्शाती हैं। वह शहर जहां मणिकर्णिका घाट पर जीवन और मृत्यु का मिलन होता है, अब चौड़ी सड़कों, स्मार्ट लाइटिंग और आधुनिक गलियारों का स्वागत करता है। यह काशी की यात्रा है &#8211; जहां पवित्र और स्मार्ट एक साथ मौजूद हैं, संघर्ष में नहीं, बल्कि सद्भाव में। एक ऐसी जगह जहां हर गली एक कहानी रखती है और हर कदम आत्मा और संरचना के मिश्रण की ओर ले जाता है।</strong></p>
<p>11 अप्रैल को, प्राचीन शहर काशी विकास के एक पल का गवाह बना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में 3,880 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की लोकार्पण और शिलान्यास किया। यह विकास का उत्सव था &#8211; जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने सच्चा &#8220;विकास का उत्सव&#8221; कहा। </p>
<p>दस वर्ष पहले, वाराणसी से होकर यात्रा करने का मतलब था अंतहीन यातायात और धूल भरे चक्कर। आज, यह नगर उस कहानी को फिर से लिख रहा है। फुलवरिया फ्लाईओवर और रिंग रोड जैसी परियोजनाएँ यातायात की समस्याओं को कम कर रही हैं, जिससे दैनिक यात्रियों और लाखों तीर्थयात्रियों का बहुमूल्य समय बच रहा है। जौनपुर, गाजीपुर, बलिया और मऊ जैसे जिलों के बीच यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज़ और कनेक्टेड हो गई है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी रिंग रोड और सारनाथ को जोड़ने वाले एक सड़क पुल, भिखारीपुर और मंडुआडीह में लंबे समय से प्रतीक्षित फ्लाईओवर और वाराणसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या -31 पर 980 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली एक राजमार्ग अंडरपास सड़क सुरंग का भी शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं केवल कंक्रीट और स्टील की नहीं हैं; बल्कि ये दुनिया के लिए खुलते एक बढ़ते नगर की रीढ़ हैं।</p>
<p>जीवन को रोशन करने और नगर को रोशन करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने काशी के विद्युत नेटवर्क को एक बड़ा प्रोत्साहन दिया। उन्होंने 400 केवी के दो और 220 केवी का एक उपकेंद्र का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं की लागत 1,045 करोड़ रुपये से अधिक की है। इसके अलावा चौकाघाट और गाजीपुर में 775 करोड़ रुपये की लागत से नए उपकेंद्रों का निर्माण हुआ है।</p>
<p><strong>लेकिन असली शक्ति सिर्फ़ तारों में नहीं, बल्कि बुद्धि में निहित है। प्रधानमंत्री ने &#8220;सभी के लिए शिक्षा&#8221; के अपने दृष्टिकोण पर कायम रहते हुए, सीखने के नए दरवाज़े खोले। 356 पुस्तकालयों और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ ग्रामीण शिक्षा को प्रोत्साहन मिला। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत 77 प्राथमिक विद्यालयों के पुनरुद्धार की नींव भी रखी।</strong></p>
<p>पूर्वांचल में सबसे अधिक दिल को छू लेने वाले बदलावों में से एक बदलाव बनास डेयरी के माध्यम से आया है। इसने हज़ारों छोटे डेयरी किसानों को आत्मविश्वास से भरे उद्यमी बनने में सहायता की है। पशुपालक परिवारों को 105 करोड़ रुपये से अधिक बोनस वितरित किए गए &#8211; जिनमें से अधिकांश महिलाएँ थीं। ये महिलाएँ, जिन्हें अब गर्व से &#8220;लखपति दीदी&#8221; के नाम से जाना जाता है, वास्तविक सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट प्रतीक हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि किसान क्रेडिट कार्ड, पशुओं के लिए नि:शुल्क टीकाकरण और राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी योजनाएं किस तरह किसानों की सहायता कर रही हैं। वे स्वस्थ पशुओं का पालन-पोषण कर रहे हैं और अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार प्राप्त कर रहे हैं।</p>
<p>एक समय था जब पूर्वांचल के लोगों को अच्छी चिकित्सा सुविधा के लिए दूर-दूर तक यात्रा करनी पड़ती थी। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों को नि:शुल्क उपचार मिला है और उनकी जान बच रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से बुज़ुर्ग नागरिकों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड प्रदान किए- जिससे 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को, चाहे उनकी आय कुछ भी हो, मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिल रही है।</p>
<p>काशी में विकास सिर्फ़ सड़कों और अस्पतालों तक सीमित नहीं है &#8211; यह सपनों के बारे में भी है। नए स्टेडियम और विश्व स्तरीय खेल परिसर के साथ, वाराणसी के युवा एथलीटों को अब वह मंच मिल रहा है जिसकी उन्हें चमकने के लिए आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को याद दिलाया कि अगर भारत 2036 ओलंपिक की मेज़बानी करना चाहता है, तो हमारे युवाओं को अपनी यात्रा अभी से शुरू करनी होगी &#8211; और काशी सुनिश्चित कर रही है कि वे इसके लिए तैयार हों।</p>
<p><strong>तबले की लयबद्ध थाप से लेकर जरदोजी की जटिल डिजाइन तक, वाराणसी की समृद्ध संस्कृति अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर रही है। वाराणसी और आस-पास के जिलों के 30 से अधिक स्थानीय उत्पादों को अब प्रतिष्ठित जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग प्राप्त है, जिसमें प्रसिद्ध ठंडाई, लाल भरवां मिर्च, तिरंगा बर्फी और यहां तक कि जौनपुर की इमरती और पीलीभीत की बांसुरी भी शामिल है।</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने एकता मॉल के निर्माण की भी घोषणा की, जहां पूरे भारत के विविध शिल्प और उत्पादों को एक ही छत के नीचे -यहीं काशी में प्रदर्शित किया जाएगा।</p>
<p>वाराणसी परंपरा और परिवर्तन के चौराहे पर खड़ा है, यह शहर एक सरल सत्य साबित करता है: विकास तब सबसे सार्थक होता है जब यह जीवन को छूता है और किसी स्थान की आत्मा को संरक्षित करता है। हाथ जोड़कर और दृढ़ संकल्प के साथ, काशी आगे बढ़ती है &#8211; अपने अतीत पर गर्व करती है, और अपने भविष्य के लिए तैयार होती है।</p>
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		<title>&#8216;इक्वीनॉक्स&#8217; के साथ ही पूर्व-राष्ट्रपति कोविंद &#8216;एक साथ चुनाव&#8217; की बैठक किये और  बनारस के सांसद बनारस में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान का किये शिलान्यास</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/sports/pm-lays-foundation-stone-of-international-cricket-stadium-in-varanasi</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Sep 2023 12:12:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली / बनारस : इधर ब्रह्माण्ड में दिन और रात बराबर हुआ, यानि इक्वीनॉक्स का समय आया, देश में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई। पूर्व-राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद देश में साथ-साथ निर्वाचन कराने से संबंधित मुद्दे की जांच करने और उस पर सिफारिशें करने के लिए गठित उच्च-स्तरीय समिति की बैठक की शुरुआत किये। उधर [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली / बनारस : इधर ब्रह्माण्ड में दिन और रात बराबर हुआ, यानि इक्वीनॉक्स का समय आया, देश में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई। पूर्व-राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद देश में साथ-साथ निर्वाचन कराने से संबंधित मुद्दे की जांच करने और उस पर सिफारिशें करने के लिए गठित उच्च-स्तरीय समिति की बैठक की शुरुआत किये।  उधर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वैसे प्रभावित तो मध्य प्रदेश के शहडोल के आदिवासी गाँव में प्रभावित हुए, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैदान का शिलान्यास किये।मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ उपस्थित थे। </strong></p>
<p>सरकारी सूत्र के अनुसार 2 सितंबर 2023 की अधिसूचना के माध्यम गठित उच्च-स्तरीय समिति में आज राम नाथ कोविंद अपनी प्रारम्भिक बैठक आयोजित की। श्री अमित शाह, भारत के गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री, श्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) विधि और न्याय मंत्रालय, श्री गुलाम नबी आज़ाद, पूर्व नेता विपक्ष, राज्यसभा, श्री एन.के. सिंह, पूर्व अध्यक्ष, 15वां वित्त आयोग, डॉ. सुभाष सी. कश्यप, पूर्व महासचिव, लोकसभा, श्री संजय कोठारी, पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त ने बैठक में भाग लिया। श्री हरीश साल्वे, वरिष्ठ अधिवक्ता बैठक में आभासी रूप से शामिल हुए। श्री अधीर रंजन चौधरी, विपक्ष में सबसे बड़ी एकल पार्टी के नेता बैठक में उपस्‍थित नहीं थे। उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए समिति के अध्यक्ष, श्री राम नाथ कोविन्द ने बैठक के एजेंडे की रूपरेखा बतायी।</p>
<p>समिति के कामकाज के तौर-तरीकों की रूपरेखा बताते हुए समिति ने निर्णय लिया कि समिति देश में साथ-साथ निर्वाचन के मुद्दे पर सुझाव/विचार मांगने के लिए मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों, राज्यों की सत्‍ताधारी राजनीतिक पार्टियों, संसद में प्रतिनिधित्‍व रखने वाली राजनीतिक पार्टियों, अन्‍य मान्‍यता प्राप्‍त राज्‍य राजनीतिक पार्टियों को आमंत्रित करेगी। इसके अतिरिक्‍त, समिति देश में साथ-साथ निर्वाचन के मुद्दे पर सुझाव/दृष्‍टिकोण प्रदान करने के लिए भारत के विधि आयोग को भी आमंत्रित करेगी।  </p>
<figure id="attachment_5129" aria-describedby="caption-attachment-5129" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435.jpg" alt="" width="2200" height="2166" class="size-full wp-image-5129" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435-300x295.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435-1024x1008.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435-768x756.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435-1536x1512.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435-2048x2016.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435-24x24.jpg 24w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435-48x48.jpg 48w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139435-96x96.jpg 96w" sizes="(max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-5129" class="wp-caption-text">PM at laying the foundation stone of the International Cricket Stadium at Varanasi, in Uttar Pradesh on September 23, 2023.</figcaption></figure>
<p><strong>उधर, बनारस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी गई है। ये स्टेडियम ना सिर्फ वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल के युवाओं के लिए एक वरदान जैसा होगा। ये स्टेडियम जब बनकर तैयार हो जाएगा,  तो इसमें एक साथ 30 हजार से ज्यादा लोग बैठकर के मैच देख पाएंगे। और मैं जानता हूं, जब से इस स्टेडियम की तस्वीरें बाहर आई हैं, हर काशीवासी गदगद हो गया है। महादेव की नगरी में ये स्टेडियम, उसकी डिजाइन, स्वयं महादेव को ही समर्पित है। इसमें क्रिकेट के एक से बढ़कर एक मैच होंगे, इसमें आसपास के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम में ट्रेनिंग का मौका मिलेगा। और इसका बहुत बड़ा लाभ मेरी काशी को होगा।</strong></p>
<p>मोदी ने कहा: &#8220;पिछले 1-2 महीने पहले, मैं मध्यप्रदेश का एक आदिवासी इलाका शहडोल के आदिवासी गांव में गया था, वहां मुझे कुछ नौजवानों से मिलने का अवसर मिला और मैं सचमुच में वहां का दृश्य और उनकी बातें सुनकर के इतना प्रभावित हुआ, उन युवकों ने मुझे कहा कि ये तो हमारा मिनी ब्राजील है, मैंने कहा भई तुम मिनी ब्राजील कैसे बन गए हो, बोले हमारे यहां हर घर में फुटबॉल का खिलाड़ी है और कुछ लोगों ने मुझे कहा कि मेरे परिवार में तीन-तीन पीढ़ी राष्ट्रीय फुलबॉल खिलाड़ी रही है। एक खिलाड़ी रिटायर होने के बाद, उसने वहां अपनी जान लगा दी। और आज हर पीढ़ी का व्यक्ति आपको वहां फुटबॉल खेलता नजर आएगा। और वो कहते कि हमारा जब वार्षिक कार्यक्रम होता है तो कोई घर में आपको नहीं मिलेगा इस पूरे इलाके के सैकड़ों गांव और लाखों की तादाद में लोग 2-2, 4-4 दिन मैदान में डटे रहते हैं। ये संस्कृति, उसे सुनकर के, देखकर के, देश के उज्ज्वल भविष्य का विश्वास मेरा बढ़ जाता है। और काशी का सांसद होने के नाते, मैं यहां आए बदलावों का भी साक्षी बना हूं। सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान जो उत्साह यहां रहता है, उसकी जानकारी मुझे लगातार पहुंचती रहती है।&#8221;</p>
<p>प्रधानमंत्री आगे कहते हैं: &#8220;काशी के युवा, स्पोर्ट्स की दुनिया में अपना नाम कमाएं, मेरी यही कामना है। इसलिए हमारा प्रयास वाराणसी के युवाओं को उच्च स्तरीय खेल सुविधाएं देने का है। इसी सोच के साथ इस नए स्टेडियम के साथ ही सिगरा स्टेडियम पर भी करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सिगरा स्टेडियम में 50 से अधिक खेलों के लिए, जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। और इसकी एक और खास बात है। ये देश का पहला बहुस्तरीय स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स होगा जो दिव्यांगजनों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। इसे भी बहुत जल्दी ही काशीवासियों को समर्पित किया जाएगा। बड़ालालपुर उसमें बना सिंथेटिक ट्रैक हो, सिंथेटिक बास्केट बाल कोर्ट हो, अलग-अलग अखाड़ों को प्रोत्साहन देना हो,  हम नया निर्माण तो कर ही रहे हैं, पर शहर की पुरानी व्यवस्थाओं को भी सुधार रहे हैं।&#8221;</p>
<figure id="attachment_5130" aria-describedby="caption-attachment-5130" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139442.jpg"><img decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139442.jpg" alt="" width="2200" height="1224" class="size-full wp-image-5130" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139442.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139442-300x167.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139442-1024x570.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139442-768x427.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139442-1536x855.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/09/H20230923139442-2048x1139.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-5130" class="wp-caption-text">Gathering of people at laying the foundation stone of the International Cricket Stadium at Varanasi, in Uttar Pradesh on September 23, 2023. PM addressing on the occasion.</figcaption></figure>
<p><strong>काश !!! भारत के संसद के अन्य सांसद प्रधानमंत्री जैसा सोच रखते !!!!</strong></p>
<p>प्रधान मंत्री इस बात को स्वीकारते हैं कि &#8220;भारत के गांव-गांव में, कोने-कोने में खेल प्रतिभाएं मौजूद है, खेलों के महारथी मौजूद हैं। जरूरी है इन्हें तलाशना और इन्हें तराशना। आज छोटे से छोटे गांवों से निकले युवा, पूरे देश की शान बने हुए हैं। ये उदाहरण बताते हैं कि हमारे छोटे शहरों के खिलाड़ियों में कितना टैलेंट है, कितनी प्रतिभा है। हमें इस टैलेंट को ज्यादा से ज्यादा अवसर देने हैं। इसलिए खेलो इंडिया अभियान से आज बहुत कम उम्र में ही देश के कोने-कोने में टैलेंट की पहचान की जा रही है। खिलाड़ियों की पहचान करके उन्हें इंटरनेशनल लेवल का एथलीट बनाने के लिए सरकार हर कदम उठा रही है। आज इस कार्यक्रम में बहुत से दिग्गज खिलाड़ी हमारे बीच विशेष तौर पर पधारे हैं, स्पोर्ट्स की दुनिया में उन्होंने देश का नाम रोशन किया है। काशी से ये स्नेह दिखाने के लिए मैं उन सबका विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूँ।&#8221;</p>
<p>मोदी का कहना है कि बनारस का ये इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम इस डिमांड को पूरा करेगा, पूरे पूर्वांचल का चमकता हुआ ये सितारा बनने वाला है। यूपी का ये पहला स्टेडियम होगा जिसके निर्माण में BCCI का भी बहुत सहयोग होगा। मैं BCCI के पदाधिकारियों का काशी का MP होने के नाते, यहां का सांसद होने के नाते मैं आप सबका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव में जो आधुनिक खेल के इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रही है, उससे गांव के, छोटे कस्बों के खिलाड़ियों को भी नए मौके मिलेंगे। पहले बेहतर स्टेडियम, सिर्फ दिल्ली-मुंबई-कोलाकाता-चेन्नई ऐसे बड़े शहरों में ही उपलब्ध थे। अब देश के हर कोने में, देश के दूर-सुदूर इलाकों में भी, खिलाड़ियों को ये सुविधाएं देने की कोशिश हो रही है। मुझे खुशी है कि खेलो इंडिया प्रोग्राम के तहत जो स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है, उसका बहुत अधिक लाभ हमारी बेटियों को हो रहा है। अब बेटियों को खेलने के लिए, ट्रेनिंग के लिए घर से ज्यादा दूर जाने की मजबूरी कम हो रही है।</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/sports/pm-lays-foundation-stone-of-international-cricket-stadium-in-varanasi">&#8216;इक्वीनॉक्स&#8217; के साथ ही पूर्व-राष्ट्रपति कोविंद &#8216;एक साथ चुनाव&#8217; की बैठक किये और  बनारस के सांसद बनारस में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान का किये शिलान्यास</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>काशी-तमिल संगमम की पूर्णाहुति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के दो शिखरों के सांस्कृतिक मिलन की शुरूआत है: अमित शाह</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/culture/kashi-tamil-sangamam-is-beginning-of-the-cultural-meeting</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 17 Dec 2022 10:48:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[संस्कृति]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>काशी: एक महीने तक चले काशी तमिल संगमम का शुक्रवार को भव्य आयोजन के साथ समापन हो गया। एम्फीथिएटर बीएचयू के मुक्ताकाशी प्रांगण में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में श्री अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। इस अवसर पर श्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री, [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>काशी: एक महीने तक चले काशी तमिल संगमम का शुक्रवार को भव्य आयोजन के साथ समापन हो गया। एम्फीथिएटर बीएचयू के मुक्ताकाशी प्रांगण में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में श्री अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। इस अवसर पर श्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री, श्री रवींद्र नारायण रवि, तमिलनाडु के माननीय राज्यपाल, श्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री, श्री गंगापुरम किशन रेड्डी, पर्यटन, संस्कृति मंत्री और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्रालय, डॉ. लोगनाथन मुरुगन, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय और सूचना और प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री, श्री चमू कृष्ण शास्त्री, भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष ,प्रोफेसर सुधीर कुमार जैन, कुलपति बीएचयू, श्री वी. कामकोटि, निदेशक आईआईटी मद्रास सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद थे।</strong></p>
<p>अपने संबोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि आज एक प्रकार से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की काशी &#8211; तमिल संगमम की कल्पना की पूर्णाहुति होने जा रही है, लेकिन ये पूर्णाहुति नहीं है बल्कि भारतीय संस्कृति के दो शिखरों, यानी, तमिलनाडु की संस्कृति, दर्शन, भाषा, ज्ञान और पूरी दुनिया में मान्यताप्राप्त काशी नगरी के सांस्कृतिक मिलन की शुरूआत है। उन्होंने कहा कि ये प्रयास आजादी के तुरंत बाद होना चाहिए था, एक गुलामी के लंबे कालखंड ने हमारी सांस्कृतिक एकता, विरासत की विविधता और अलग-अलग संस्कृतियों में भारतीयता की एकरूपता को कुछ हद तक मलिन किया था, जिसे पुनर्जागरण की ज़रूरत थी। श्री शाह ने कहा कि काशी तमिल संगमम का आयोजन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आजादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में भारत की सांस्कृतिक एकता के पुनर्जागरण का एक उत्तम प्रयास किया है।</p>
<p>केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत अनेक संस्कृतियों, भाषाओं, बोलियों और कलाओं का देश है, लेकिन इसकी आत्मा एक है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में सारे देश जियोपॉलिटिकल कारणों से बने हैं,  लेकिन भारत एकमात्र जियोकल्चरल, सांस्कृतिक और संस्कृति के आधार पर बना हुआ देश है। श्री शाह ने कहा कि भारत एक भू सांस्कृतिक देश है और हमारी एकात्मता का आधार हमारी संस्कृतियाँ हैं, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने काशी तमिल संगमम के माध्यम से सदियों के बाद इन संस्कृतियों को जोड़ने का कार्य किया है, जो कभी समाप्त नहीं होगा।</p>
<p>श्री अमित शाह ने कहा कि आज़ादी के बाद एक समय ऐसा आया जब भारत की संस्कृतिक एकता में जहर घोलने का काम किया गया,कई प्रकार के अलग-अलग विचारों के माध्यम से एक ही देश के दो समाजों को विमुख करने का प्रयास किया गया। श्री शाह ने कहा कि अब एक भारत, श्रेष्ठ भारत की रचना करने का समय आ गया है और वो भारत की सांस्कृतिक एकता से ही हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने भारत की संस्कृति के दो शिखरों के बीच सेतु बनाकर कई दूरियों को समाप्त करने का काम किया है और यहीं से भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण की शुरूआत होने वाली है। श्री शाह ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से तमिलनाडु की कई कलाओं को काशी में मंच मिला है। उन्होंने कहा कि काशी – तमिल संगमम, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, वास्तुकला, साहित्य, व्यापार, शिक्षा, कला, नृत्य, संगीत और भाषाओं के आदान-प्रदान का एक अद्भुत मंच बना है।</p>
<p>केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि काशी – तमिल संगमम से पूरे उत्तर भारत और सभी भारतवासियों को ये जानकारी दी है कि तमिल दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि दोनों संस्कृतियों के अनेक पहलुओं को जोड़ने का ये एक बड़ा प्रयास हुआ है और इस प्रयास ने तमिलनाडु को एक संदेश दिया है कि पूरा भारत आपका हृदय से स्वागत करने के लिए तैयार है। श्री शाह ने कहा कि उत्तरपूर्व से लेकर गुजरात, बंगाल और केरल तक ये महान देश तमिल भाईयों- बहनों के स्वागत के लिए हृदय से तैयार है। उन्होंने कहा कि विश्वास और प्रेम में एक समानता है कि दोनों को जबरदस्ती पैदा नहीं किया जा सकता है। श्री शाह ने कहा कि काशी तमिल संगमम ने दोनों प्राचीनतम संस्कृतियों के बीच विश्वास व प्रेम का एक नया माहौल पैदा करने का काम किया और ये आज़ादी के अमृत   महोत्सव के वर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/12/2.jpeg"><img decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/12/2.jpeg" alt="" width="602" height="464" class="alignleft size-full wp-image-4679" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/12/2.jpeg 602w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/12/2-300x231.jpeg 300w" sizes="(max-width: 602px) 100vw, 602px" /></a></p>
<p>श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने नई शिक्षा नीति में भाषा व संस्कृति के माध्यम से देश के आध्यात्मिक गौरव और ज्ञान परंपरा के साथ आधुनिक शिक्षा के ज़रिए भारत के छात्रों द्वारा विश्व पटल पर अपना स्थान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि हमारी अपनी भाषाएं और उनका गौरव इस नई शिक्षा नीति की आत्मा हैं, इसीलिए मोदी जी ने नई शिक्षा नीति में आग्रह से कहा कि शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होनी चाहिए। केन्द्रीय गृह मंत्री ने तमिलनाडु सरकार से अनुरोध किया कि राज्य में मेडिकल, टेक्निकल और कानून की शिक्षा तमिल भाषा में सुनिश्चित करें, जिससे तमिल को और अधिक मज़बूती मिले।</p>
<p>इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से काशी तमिल संगमम का शुभारंभ हुआ था। एक माह में तमिलनाडु से अलग—अलग समूहों में आकर लोगों ने न केवल दुनिया की दो प्राचीनतम सभ्यता और संस्कृति को जाना बल्कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना को मूर्त रूप होते हुए देखा है। श्री आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व करता है तो तमिलनाडु भी इसी परंपराओं का प्रतिनिधित्व करता है। जो कि इस आयोजन के जरिए साकार किया जा रहा है।</p>
<p>केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की पहल पर काशी तमिल संगमम का ऐतिहासिक आयोजन हुआ और स्वयं प्रधानमंत्री जी ने इस आयोजन का शुभारंभ किया। आज केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी समापन अवसर पर मौजूद हैं। श्री प्रधान ने कहा कि इस आयोजन के जरिए दो संस्कृतियों का मिलन हुआ। इस संगमम में काशी और तमिल का जुड़ाव तो हुआ ही साथ ही काशी और तमिलवासियों को बहुत कुछ सीखने का अवसर भी मिला। इससे काशीवासियों को तमिल भाषा, साहित्य एवं संस्कृति को आत्मसात करने का अवसर ​भी मिला है।श्री प्रधान ने कहा कि काशी तमिल संगमम की सफलता इसी से परिलक्षित होती है कि बीएचयू के ऐतिहासिक परिसर में 2 लाख से अधिक लोग पहुंचे। वहीं लाखों लोग डिजिटल माध्यम से जुड़े रहे। कार्यक्रम में तमिलनाडु और काशी के 1500 से अधिक कलाकार, 300 से अधिक विशिष्ट अतिथि, 75 विशेषज्ञ वक्ता शामिल हुए।</p>
<p>तमिलनाडु के राज्यपाल श्री रविंद्र नारायण रवि ने कहा कि इस पर्व से हजारों साल पुरानी काशी और तमिल के बीच जो घनिष्ठ संबंध रहा है उसे पुर्नजीवित किया जा रहा है। श्री रवि ने कहा कि  यह पर्व भले ही आज समाप्त हो रहा है लेकिन आने वाले दिनों में यह संबंध और मजबूत होगा।  उन्होंने कहा कि इस संगमम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी  जी की सोच को साकार किया गया। इस संगमम से एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान को और ताकत मिलेगी।</p>
<p><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/12/1.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/12/1.jpeg" alt="" width="602" height="707" class="alignright size-full wp-image-4680" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/12/1.jpeg 602w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/12/1-255x300.jpeg 255w" sizes="auto, (max-width: 602px) 100vw, 602px" /></a></p>
<p>केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति मंत्री और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास विभाग के मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने इस अवसर पर कहा कि इस भव्य कार्यक्रम के जरिए काशी और तमिल का पुराना मिलन पुर्नजीवित हुआ है। इस आयोजन के जरिए भारत की विविधता को एकता में पिरोया गया है। श्री रेड्डी ने कहा कि इस आयोजन के जरिए एक भारत श्रेष्ठ भारत को साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदी और तमिल भाषा अलग—अलग हो सकती है लेकिन भावना एक ही है। </p>
<p>इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्प और सिद्धि पर आधारित दो पुस्तकों &#8216;मोदी@20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी&#8217; और &#8216;आंबेडकर एवं मोदी: सुधारक का विचार परफॉर्मर का काम&#8217; के तमिल संस्करण का विमोचन भी किया गया।</p>
<p>समापन समारोह के दौरान आयोजित सांस्कृतिक संध्या में तमिलनाडु और स्थानीय लोक कलाकारों के समूह द्वारा गायन वादन एवं नृत्य की मनोहारी एवं प्रभावशाली प्रस्तुति ने उपस्थित श्रोताओं का मन मोंह लिया।                                                                                                                        </p>
<p>आजादी का अमृत महोत्सव के तहत &#8216;एक भारत श्रेष्ठ भारत&#8217; की भावना को कायम रखने के लिए काशी तमिल संगमम का आयोजन किया गया था। एक महीने तक चलने वाले इस महोत्सव का उद्घाटन 19 नवंबर 2022 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। सम्मेलन का उद्देश्य तमिलनाडु और काशी के बीच सदियों पुराने संबंधों को पुर्नजीवित करना था। तमिलनाडु के सांस्कृतिक और लोक कलाकारों, साहित्यकारों, उद्यमियों, किसानों, धार्मिक लोगों, खिलाड़ियों आदि के छोटे जत्थों में 2,500 से अधिक प्रतिनिधियों ने काशी तमिल संगमम उत्सव में भाग लिया। तमिलनाडु से आए समूहों ने काशी के अलावा प्रयागराज और अयोध्या का भी भ्रमण किया। सम्मेलन में उत्तर और दक्षिण के लोगों के बीच शिक्षा, कला और संस्कृति, साहित्य, खेल आदि के क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों के अलावा कला, फिल्म, हथकरघा और हस्तशिल्प आदि की प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया। एक माह के महोत्सव में केंद्रीय मंत्रियों के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री गण और गणमान्य अतिथि समय—समय पर आते रहे।</p>
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