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	<title>finance Archives - आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</title>
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	<description>आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</description>
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		<title>बजट 2026-27 युवा शक्ति पर आधारित एक अनूठा बजट हैः वित्त मंत्री</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 11:34:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[budget]]></category>
		<category><![CDATA[finance]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, फरवरी 1: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए विकसित भारत की दिशा में सुधारों की गति को तेज करने हेतु तीन कर्तव्यों का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने कहा कि पहला कर्तव्य उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली, फरवरी 1: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए विकसित भारत की दिशा में सुधारों की गति को तेज करने हेतु तीन कर्तव्यों का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने कहा कि पहला  कर्तव्य उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में सुदृढ़ता का निर्माण कर आर्थिक विकास की गति को तेज करना और उसे बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का विकास कर भारत की समृद्धि की राह में उन्हें एक सशक्त साझेदार बनाना है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप तीसरा कर्तव्य सार्थक भागीदारी हेतु प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र एवं सेक्टर के लिए संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों को  सुलभ बनाना है।</strong></p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि इस तीन-सूत्री दृष्टिकोण के लिये एक सहयोगी इकोसिस्टम की आवश्यकता है। पहली जरूरत संरचात्मक सुधारों – निरंतर, अनुकूल एवं भविष्योन्मुखी – की गति को बनाए रखना है। दूसरा, बचत को बढ़ावा देने, वित्त के कुशल आवंटन और जोखमों के प्रबंधन हेतु एक मजबूत एवं सुदृढ़ वित्तीय क्षेत्र अहम है। तीसरा, एआई के अनुप्रयोगों सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां बेहतर शासन के गुणक के तौर कार्य कर सकती हैं।</p>
<blockquote><p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट युवा शक्ति पर आधारित एक ऐसा अनूठा बजट है, जो उन रचनात्मक विचारों से प्रेरित है जिन्हें विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के दौरान माननीय प्रधानमंत्री के साथ साझा किया गया था।</p></blockquote>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत की आर्थिक प्रगति की राह स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, सतत विकास और कम मुद्रास्फीति से प्रभावित रही है। सरकार ने सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर को कायम रखते हुए दूरगामी संरचनात्मक सुधारों, राजकोषीय मितव्ययिता और मौद्रिक स्थिरता को निरंतर बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखते हुए, सरकार ने घरेलू उत्पादन क्षमता एवं ऊर्जा सुरक्षा का निर्माण किया है और आयात पर निर्भरता में कमी लाई है। इसके साथ-साथ नागरिक-आधारित विकास को सुनिश्चित किया गया है और रोजगार सृजन, कृषिगत उत्पादकता, परिवारों की क्रय शक्ति और लोगों को सार्वभौमिक सेवाएं प्रदान करने हेतु विभिन्न सुधारों को अपनाया गया है। उन्होंने केहा कि इन उपायों ने लगभग सात प्रतिशत की उच्च वृद्धि दर सुनिश्चित की है और गरीबी घटाने एवं लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के हमारे उल्लेखनीय प्रयासों में मदद दी है।</p>
<figure id="attachment_7319" aria-describedby="caption-attachment-7319" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019.jpg" alt="" width="2200" height="1328" class="size-full wp-image-7319" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-300x181.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-1024x618.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-768x464.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-1536x927.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-2048x1236.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7319" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में नेशनल मीडिया सेंटर में बजट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।</figcaption></figure>
<p><strong>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक ऐसे बाहरी वातावरण में जहां व्यापार तथा बहुपक्षवाद खतरे में है और संसाधनों की सुलभता एवं आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हुई हैं, नई प्रौद्योगिकियां पानी, ऊर्जा एवं दुर्लभ खनिजों की मांग तेजी से बढ़ाते हुए उत्पादन प्रणालियों में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं। भारत महत्वाकांक्षाओं एवं समावेशन के बीच संतुलन बिठाते हुए विकसित भारत की दिशा में आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ाना और अधिक निर्यात एवं स्थिर दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित करते हुए वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ना जारी रखेगा। वित्त मंत्री ने सरकार के साथ दृढ़ता से खड़े होने और मिलकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह तैयार करने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया।</strong></p>
<p>आकांक्षाओं को उपलब्धियों में और क्षमताओं को प्रदर्शन में बदलने के सरकार के लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के लाभों को प्रत्येक किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू समुदाय, युवा, गरीब और महिला तक पहुंचाना सुनिश्चित कर रही  है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन, उत्पादकता को बढ़ाने और विकास को गति देने की दिशा में व्यापक आर्थिक सुधार किये हैं। वर्ष 2025 में स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री जी की घोषणा के पश्चात, 350 से अधिक सुधारों को शुरू किया गया है। इसमें जीएसटी का सरलीकरण, श्रम संहिताओं को अधिसूचित करना तथा अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को युक्तिसंगत बनाना शामिल है। उच्चस्तरीय समितियां गठित की गई हैं और इसके साथ-साथ केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के साथ मिलकर विनियमन हटाने तथा अनुपालन संबंधी अपेक्षाओं में कमी लाने की दिशा में काम कर रही है। सुधार एक्सप्रेस अपने मार्ग पर चल पडा है और यह हमारे कर्तव्य को पूरा करने में मदद के लिए अपनी गति बनाए रखेगा ।</p>
<blockquote><p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आर्थिक विकास में तेजी लाने और उसे बनाए रखने के पहले कर्तव्य  के तहत छह क्षेत्रों में विभिन्न पहलों का प्रस्ताव कियाः i) 7 रणनीतिक एवं अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना; ii) विरासत के औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करना; iii) “चैंपियन एमएसएमई” का निर्माण करना; iv) अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन प्रदान करना; v) दीघिकालिक ऊजा सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्निच करना; और vi) शहरी आर्थिक क्षेत्र विकसित करना।</p></blockquote>
<figure id="attachment_7320" aria-describedby="caption-attachment-7320" style="width: 1763px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-scaled.jpg"><img decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-scaled.jpg" alt="" width="1763" height="2560" class="size-full wp-image-7320" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-scaled.jpg 1763w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-207x300.jpg 207w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-705x1024.jpg 705w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-768x1115.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-1058x1536.jpg 1058w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-1411x2048.jpg 1411w" sizes="(max-width: 1763px) 100vw, 1763px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7320" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में नेशनल मीडिया सेंटर में बजट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।</figcaption></figure>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं को पूरा करना और समता का विकास करना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दशकों के निरंतर और सुधार आधारित प्रयासों के माध्यम से 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने हेतु सेवा क्षेत्र पर नये सिरे से जोर देने का निर्णय लिया है। इसके  लिए ‘शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम’ से संबंधित एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित करने जैसे उपाय किये जाएंगे, जो विकसित भारत के मुख्य वाहक के रूप में सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने के लिए तरीके सुझाएगा। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात क्षमता का अधिकतम दोहन  करने को प्राथमिकता देगी। यह समिति एआई सहित विभिन्न उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के रोजगार एवं कौशल संबंधी जरूरतों का आकलन करेगी और उसके लिए उपाय सुझाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाएगा और 2047 तक दस प्रतिशत की वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करेगा।</p>
<p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने ‘सबका साथ सबका विकास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप तीसरे कर्तव्य का प्रस्ताव किया, जिसके लिए क) छोटे एवं सीमांत किसानों पर ध्यान देते हुए उत्पादकता में वृद्धि एवं उद्यमिता के जरिये किसानों की आय में बढ़ोतरी करने, ख) आजीविका संबंधी अवसरों, प्रशिक्षण एवं उच्च गुणवत्ता वाले सहयोगी उपकरणों को सुलभ बनाकर दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण करने, ग) कमजोर व्यक्तियों को मानसिक स्वास्थ्य  एवं ट्रॉमा संबंधी देखभाल हासिल करने के लिए सशक्त बनाने और घ) विकास की गति एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु पूर्वोदय राज्यों तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र पर ध्यान देने हेतु लक्षित प्रयासों की जरूरत होगी।</p>
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		<title>*पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें* के तर्क पर श्रीमती निर्मला सीतारमण आज *पहले विश्वास करें &#8211; फिर जांच करें* आधारित 2025-26 का बजट पेश की</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/nation/smt-nirmala-sitharaman-today-presented-budget-2025-26-based-on-trust-first-test-later</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Feb 2025 11:34:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[सम्पादकीय]]></category>
		<category><![CDATA[सरकार और अघोषित आपातकाल ]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली : भारत के सैकड़ों करोड़ लोगों का विश्वास जीतने वाला और सुन्दर, साफ़ धुलाई करने वाला &#8216;धड़ी&#8217; डिटर्जेंट पाउडर के विज्ञापन में जिस तरह यह कहा जाता है कि &#8220;पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें&#8221;, केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण &#8220;पहले विश्वास करें, फिर जांच करें&#8221; के सिद्धांत पर आधारित [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली : भारत के सैकड़ों करोड़ लोगों का विश्वास जीतने वाला और सुन्दर, साफ़ धुलाई करने वाला &#8216;धड़ी&#8217; डिटर्जेंट पाउडर के विज्ञापन में जिस तरह यह कहा जाता है कि &#8220;पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें&#8221;, केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण &#8220;पहले विश्वास करें, फिर जांच करें&#8221; के सिद्धांत पर आधारित और नरेंद्र मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते 2025-26 केंद्रीय बजट पेश की। साथ ही, मध्यम वर्ग पर भरोसा जताया है और आम करदाताओं को करों के बोझ से राहत दिलाने के रुझान को जारी रखा। श्रीमती निर्मला सीतारमण बजट पेश करते हुए सभी करदाताओं को लाभ पहुंचाने हेतु करों के स्लैब एवं दरों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव किया।</strong></p>
<blockquote><p>करदाताओं को खुशखबरी देते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि “नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय (यानी पूंजीगत लाभ जैसी विशेष दर आय को छोड़कर एक लाख रुपये की औसत आय) पर कोई आयकर देय नहीं होगा। 75,000 रुपये की मानक कटौती के कारण वेतनभोगी आयकर दाताओं के लिए सीमा 12.75 लाख रुपये की होगी।” उन्होंने कहा कि स्लैब दरों में कटौती के कारण मिलने वाले लाभों के अलावा कर में छूट इस ढंग से प्रदान की जा रही है कि उनके द्वारा कर का कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। </p></blockquote>
<p>श्रीमती सीतारमण ने कहा, “नई कर संरचना मध्यम वर्ग के लिए व्यापक रूप से करों के बोझ को कम करेगी और उनके हाथों में ज्यादा धन उपलब्ध कराएगी, जिससे घरेलू उपभोग, बचत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।” नई कर व्यवस्था के तहत, वित्त मंत्री ने करों की दर संरचना में निम्नलिखित संशोधन का प्रस्ताव कियाः</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1.png"><img decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1.png" alt="" width="689" height="361" class="aligncenter size-full wp-image-6121" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1.png 689w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1-300x157.png 300w" sizes="(max-width: 689px) 100vw, 689px" /></a></p>
<p>कर सुधारों को विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण सुधारों में से एक के तौर पर रेखांकित करते हुए, श्रीमती सीतारमण ने कहा कि नया आयकर विधेयक ‘न्याय’ की भावना को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था करदाताओं एवं कर प्रशासन के लिए समझने की दृष्टि से सरल होगी, जिससे कर की सुनिश्चितता बढ़ेगी और मुकदमेबाजी में कमी आयेगी। थिरुक्कुरल के 542वें श्लोक को उद्धृत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “जैसे जीवित प्राणी वर्षा की आशा में जीते हैं, वैसे ही नागरिक सुशासन की आशा में जीते हैं।” कर सुधार लोगों एवं अर्थव्यवस्था के लिए सुशासन हासिल करने का एक साधन हैं। सुशासन प्रदान करने की प्रक्रिया में मुख्य रूप से जवाबदेही का समावेश होता है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि कर संबंधी ये प्रस्ताव विस्तार से इस बात को दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने नागरिकों द्वारा व्यक्त आवश्यककताओं को समझने और उन्हें पूरा करने के लिए किस प्रकार कदम उठाए हैं।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2.png"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2.png" alt="" width="685" height="564" class="aligncenter size-full wp-image-6122" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2.png 685w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2-300x247.png 300w" sizes="auto, (max-width: 685px) 100vw, 685px" /></a></p>
<p>बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की स्थापना की जाएगी। यह केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों के लिए नीतिगत सहायता, निष्पादन कार्ययोजनाएं, शासन और निगरानी फ्रेमवर्क उपलब्ध कराएगा। राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन 5 महत्वपूर्ण क्षेत्रों अर्थात् व्यवसाय करने की सुगमता और लागत; मांग वाली नौकरियों के लिए भावी तैयार कार्यबल; जीवंत और गतिशील एमएसएमई क्षेत्र; प्रौद्योगिकी की उपलब्धता और गुणवत्ता युक्त उत्पाद पर बल देगा।</p>
<figure id="attachment_6123" aria-describedby="caption-attachment-6123" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962.jpg" alt="" width="2200" height="1278" class="size-full wp-image-6123" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-300x174.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-1024x595.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-768x446.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-1536x892.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-2048x1190.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6123" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और पूर्ण बजट टीम के साथ 31 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में अंतरिम केंद्रीय बजट 2025 को अंतिम रूप देने के बाद।</figcaption></figure>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि यह मिशन स्वच्छ प्रौद्योगिकी विनिर्माण को भी सहायता प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य घरेलू मूल्यवर्धन में पर्याप्त सुधार करना और सोलर पीवी सेल, ईवी बैटरी, मोटरों और कंट्रोलरों, इलेक्ट्रोलाइजरों, विंड टर्बाइनों, अत्यधिक वोल्टेज वाले ट्रांसमिशन उपकरण और ग्रिड स्केल बैटरियों का इकोसिस्टम तैयार करना होगा। वित्त मंत्री ने श्रम-सघन क्षेत्रों के लिए उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार श्रम-सघन क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमशीलता के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विशिष्ट नीतिगत और सहायक उपाय करेगी।</p>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि  भारत के फुटवियर और लेदर क्षेत्र की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने हेतु फोकस उत्पाद स्कीम कार्यान्वित की जाएगी। केंद्रीय वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि इस स्कीम में लेदर फुटवियर और उत्पादों के लिए सहायता के अलावा बिना लेदर वाले गुणवत्तापूर्ण फुटवियर के उत्पादन हेतु आवश्यक डिजाइन क्षमता, घटक विनिर्माण और मशीनों के लिए सहायता दी जाएगी। इस स्कीम से 22 लाख व्यक्तियों को रोजगार मिलने, `4 लाख करोड़ का कारोबार और `1.1 लाख करोड़ से अधिक का निर्यात होने की उम्मीद है।</p>
<p>संसद में केन्‍द्रीय बजट पेश करते हुए भारत की विकास यात्रा के लिए ‘कृषि को प्रथम इंजन’ की संज्ञा देते हुए अन्नदाताओं के लाभ के लिए कृषि क्षेत्र के विकास और उत्पादकता में वृद्धि के लिए कई उपायों की घोषणा की। बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना के सरकार के निर्णय की घोषणा करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि मखानों का उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार लाने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन कार्यकलापों में लगे लोगों को एफपीओ में संगठित किया जाएगा। यह बोर्ड मखाना किसानों को पथ-प्रदर्शन और प्रशिक्षण सहायता उपलब्ध कराएगा और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कार्य करेगा कि उन्हें सभी संगत सरकारी योजनाओं के लाभ मिले।</p>
<p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन का कार्यान्वयन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अनुसंधान परिवेश को बढ़ावा देना, उच्च पैदावार, कीट प्रतिरोधी और जलवायु अनुकूलन के गुणों से संपन्न बीजों का लक्षित विकास और प्रचार करना तथा जुलाई 2024 से जारी किए गए बीजों की 100 से अधिक किस्मों को वाणिज्यिक स्तर पर उपलब्ध कराना होगा।उन्होंने कहा कि भविष्य में खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए 10 लाख जर्मप्लाज्म लाइनों के साथ दूसरे जीन बैंक की स्थापना की जाएगी। यह सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों को अनुवांशिक अनुसंधान के लिए संरक्षण सहायता प्रदान करेगी।</p>
<p>कपास उत्पादकता के लिए अभियान की घोषणा करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस पंच-वर्षीय मिशन से कपास कृषि की उत्पादकता और वहनीयता में पर्याप्त सुधार लाने में मदद मिलेगी और कपास की अधिक लंबे रेशे वाली किस्मों को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी की सर्वोत्तम सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वस्त्र क्षेत्र के लिए हमारे 5एफ के समेकित विज़न के अनुरूप, इससे किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी और भारत के परंपरागत वस्त्र क्षेत्र में नई जान फूंकने के लिए गुणवत्तापूर्ण कपास की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।</p>
<figure id="attachment_6124" aria-describedby="caption-attachment-6124" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964.jpg" alt="" width="2200" height="1368" class="size-full wp-image-6124" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-300x187.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-1024x637.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-768x478.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-1536x955.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-2048x1273.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-356x220.jpg 356w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6124" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और पूर्ण बजट टीम के साथ 31 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में अंतरिम केंद्रीय बजट 2025 को अंतिम रूप देने के बाद।</figcaption></figure>
<p>करीब 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के लिए लघु अवधि ऋणों की सुविधा उपलब्ध कराने में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की महत्ता का उल्लेख करते हुए मंत्री महोदया ने संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लिए जाने वाले ऋणों के लिए ऋण सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता के साथ एक उर्वरक संयंत्र की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र में निष्क्रिय पड़े तीन यूरिया संयंत्रों में उत्पादन को पुनः प्रारंभ करने से यूरिया की आपूर्ति को और अधिक बढ़ाने के साथ-साथ उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने में सहायता मिलेगी।</p>
<p>समुद्री खाद्य निर्यात के मामले में 60 हजार करोड़ रुपये मूल्य के मत्स्य उत्पादन और जलीय कृषि के क्षेत्र में विश्व में भारत के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि समुद्री क्षेत्र की अप्रयुक्त संभावनाओं के द्वार खोलने के लिए, हमारी सरकार अंडमान और निकोबार तथा लक्षद्वीप जैसे द्वीपों पर विशेष ध्यान देने के साथ भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र और गहरे समुद्रों से सतत मछली पकड़ने को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल फ्रेमवर्क लाएगी।</p>
<p>केन्द्रीय बजट 2025-26 में विकास को बढ़ावा के लिए सरकारी प्रयासों को जारी रखने, समग्र विकास को सुनिश्चित करने, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने, परिवारिक भावनाओं को बढ़ाने और उभरते मध्यम वर्ग की व्यय क्षमता को बढ़ाने का वादा किया गया। इस बजट में प्रस्तावित विकास, उपाय गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को ध्यान में रखकर किया गया है। बजट में भारत की विकास संभावनाओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि के लिए कराधान, ऊर्जा क्षेत्र, ग्रामिण विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र और नियामक में परिवर्तनकारी सुधारों का लक्ष्य रखा गया है। </p>
<p>केन्द्रीय बजट में रेखांकित किया गया है कि कृषि, एसएसएमई, निवेश और निर्यात विकसित भारत की यात्रा के ईंजन हैं। इसमें सुधार को ईंधन के रूप में और समावेशिता की भावना को पथप्रर्दशक के रूप में रखा गया है।</p>
<figure id="attachment_6125" aria-describedby="caption-attachment-6125" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965.jpg" alt="" width="2200" height="1084" class="size-full wp-image-6125" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-300x148.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-1024x505.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-768x378.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-1536x757.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-2048x1009.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-324x160.jpg 324w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6125" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और पूर्ण बजट टीम के साथ 31 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में अंतरिम केंद्रीय बजट 2025 को अंतिम रूप देने के बाद।</figcaption></figure>
<p><strong>पहला ईंजनः कृषि</strong> : बजट में राज्यों की भागीदारी के साथ ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’की गई है। इसके अंतर्गत 100 जिलों को शामिल किया गया है जहां उत्पादन में वृद्धि, फसल विविधता अपनाने, फसल कटाई के बाद भंडारण बढ़ाने, सिंचाई की सुविधाओं में सुधार करने, दीर्घ-अवधि और लघु-अवधि, ऋण की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य रखा गया। राज्यों की भागीदारी से एक व्यापक बहु-क्षेत्रीय ‘ग्रामीण सम्पन्नता और अनुकूलन निर्माण’ कार्यक्रम प्रारम्भ किया जाएगा। इससे कौशल, निवेश, प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि में कम रोजगार का समाधान होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आएगी।इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक अवसरों का सृजन करते हुए जिसमें विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं, युवा किसानों, ग्रामीण युवाओं, सीमांत और छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों पर ध्यान देना है। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार तूर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान के साथ दालों में आत्मनिर्भरता के लिए एक छह वर्षीय अभियान का शुभारंभ करेगी। केन्द्रीय एजेंसियां (नेफेड और एनसीसीएफ) अगले चार वर्षों के दौरान किसानों से मिलने वाली इन तीन दालों को अधिकतम स्तर पर खरीदने के लिए तैयार रहेंगे।बजट में सब्जियों और फलों के लिए व्यापक कार्यक्रम हेतु उपायों की भी अवधारणा तैयार की गई है। कृषि और इससे सम्बद्ध गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहन देने के लिए इसमें अन्य उपायों के साथ कपास उत्पादकता के लिए एक पांच वर्षीय अभियान और उच्च पैदावार करने वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संशोधित ब्याज योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिटों के माध्यम से मिलने वाले ऋण की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की।</p>
<p><strong>दूसरा इंजनः एमएसएमई</strong> : वित्त मंत्री ने विकास के लिए एमएसएमई को दूसरा शक्तिशाली इंजन बताया, क्योंकि यह क्षेत्र हमारे निर्यात का 45 फीसदी है। एमएसएमई को व्यापक स्तर पर उच्चतर कुशलता, तकनीकी उन्नयन और पूंजी के लिए बेहतर पहुंच प्राप्त करने में सहायता देने के लिए सभी एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए निवेश और कुल कारोबार सीमाओं को क्रमशः 2.5 और दोगुना बढ़ाया गया है। इसके अलावा गारंटी कवर के साथ ऋण उपलब्धता को बढ़ाने के लिए भी उपायों की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की पहली बार की उद्यमी पांच लाख महिलाओं के लिए एक नई योजना का शुभारंभ किया। यह अगले 5 वर्षों के दौरान करोड़ रुपए तक के ऋण प्रदान करेगी।</p>
<p><strong>तीसरा इंजनः निवेश</strong> : निवेश को वृद्धि का तीसरा इंजन बताते हुए वित्त मंत्री ने लोगों, अर्थव्यवस्था और अभिनव में निवेश को प्राथमिकता दी। लोगों में निवेश के अंतर्गत, उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में सरकारी विद्यालयों में 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि भारतनेट परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को ब्रॉडबेंड कनेक्टविटी प्रदान की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा पुस्तक योजना को विद्यालयों और उच्चतर शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं के डिजिटल स्वरूप को प्रदान करने के लिए कार्यान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘मेक फॉर इंडिया, मेक फॉर दी वर्ड’ विनिर्माण के लिए आवश्यक कौशल से हमारे युवाओं को युक्त करने के लिए वैश्विक विशेषज्ञता और साझेदारी के साथ पांच राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केन्द्रों की स्थापना की जाएंगी। 500 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ शिक्षा के लिए आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस में एक उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना की जाएगी।</p>
<figure id="attachment_6126" aria-describedby="caption-attachment-6126" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973.jpg" alt="" width="2200" height="1845" class="size-full wp-image-6126" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-300x252.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-1024x859.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-768x644.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-1536x1288.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-2048x1718.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6126" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और उनकी बजट टीम/वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 01 फरवरी, 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2025 पेश करने के लिए संसद भवन पहुंचीं।</figcaption></figure>
<p>बजट में घोषणा की गई कि सरकार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य देखभाल, गिग श्रमिकों के पहचान पत्र बनाने के साथ-साथ ई-श्रम पोर्टल पर उनका रजिस्ट्रेशन करेंगी। अर्थव्यवस्था में निवेश के अंतर्गत श्रीमती सीतारमण ने कहा कि बुनियादी ढांचा-संबंधित मंत्रालय सार्वजनिक-निजी साझेदारी मोड में परियोजनाएं के तीन वर्ष की अवधि के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए पूंजीव्यय और सुधारों के लिए प्रोत्साहन देने के लिए 50 वर्ष तक के ब्याज मुक्त ऋणों के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव दिया गया है।</p>
<p>उन्होंने नई परियोजनाओं में 10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी का लाभ लेने के लिए दूसरी परिसम्पत्ती मौद्रिकरण योजना 2025-30 की भी घोषणा की। ‘जनभागीदारी’ के माध्यम से ग्रामीण पाइप के माध्यम से जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, संचालन और मरम्मत पर ध्यान देने के साथ वर्ष 2028 तक जल जीवन मिशन का विस्तार किया गया है। सरकार ‘विकास केन्द्रों के तौर पर शहरों, के रचनात्मक पुर्नविकास और जल एवं स्वच्छता’ के लिए प्रस्तावों को कार्यान्वित करने हेतु एक लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष का गठन करेंगी।</p>
<p>अभिनव में निवेश के अंतर्गत निजी क्षेत्र परख अनुसंधान, विकास और अभिनव पहल को कार्यान्वित करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की गई है। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने शहरी योजना को लाभ देने हेतु बुनियादी भू-स्थैतिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राष्ट्रीय भू-स्थैतिक अभियान का प्रस्ताव दिया। बजट में शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों, प्रयोगशालाओं और निजी संग्रहकर्ताओं के साथ एक करोड़ से ज्यादा पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम् अभियान का प्रस्ताव दिया गया। ज्ञान साझेदारी के लिए भारतीय ज्ञान व्यवस्था के एक राष्ट्रीय डिजिटल कोष का भी प्रस्ताव दिया गया।</p>
<p><strong>चौथा इंजनः निर्यात</strong> : श्रीमती सीतारमण ने निर्यात को विकास का चौथा इंजन बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय और मंत्रालयी लक्ष्यों के साथ एक निर्यात संवर्धन मिशन का शुभारंभ किया जाएगा, जिसे वाणिज्य मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जाएगा।उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, ‘भारत ट्रेडनेट (बीटीएन)’ का व्यापार दस्तावेज़ीकरण और वित्तपोषण समाधानों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव दिया गया है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के साथ अपनी अर्थव्यवस्था को जोड़े रखने के लिए घरेलू विनिर्माण क्षमताओं के विकास के लिए सहायता प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार उद्योग 4.0 से संबंधित अवसरों का लाभ उठाने के लिए घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उद्योग को सहायता प्रदान करेगी। उभरते हुए दूसरी श्रेणी के शहरों में वैश्विक क्षमता केन्द्रों को प्रोत्साहन देने के लिए एक राष्ट्रीय प्रारूप का भी प्रस्ताव दिया गया है। सरकार जल्द खराब होने वाले बागवानी उत्पाद सहित एयरकार्गों के लिए बुनियादी ढांचे और वेयरहाउसिंग के उन्नयन हेतु सुविधा प्रदान करेगी। </p>
<p><strong>ईंधन के रूप में सुधार</strong> : इंजन के लिए ईंधन के तौर पर सुधारों को स्पष्ट करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले दस वर्षों से ज्यादा समय में सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए फेसलैस मूल्यांकन, करदाता चार्टर, त्वरित रिटर्न, लगभग 99 फीसदी रिटर्न स्वयं मूल्यांकन के आधार पर और विवाद से विश्वास योजना जैसे कई सुधारों को कार्यान्वित किया गया है। इन प्रयासों को जारी रखते हुए उन्होंने कर विभाग की ‘विश्वास प्रथम जांच बाद में’ वचनबद्धता को दोहराया।</p>
<p><strong>वित्तीय क्षेत्र सुधार और विकास</strong> : ‘कारोबार में आसानी’ की दिशा में सरकार की त्वरित वचनबद्धता की पुष्टि करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने अनुपालन में आसानी, सेवाओं के विस्तार, मजबूत नियामक परिवेश को बनाने, अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू निवेश को प्रोत्साहन देने और पुराने कानूनी प्रावधानों के गैर-अपराधीकरण को आगे बढ़ाते हुए भारत में सम्पूर्ण वित्तीय क्षेत्र की व्यापकता में संरचनात्मक बदलाव का प्रस्ताव दिया। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने समूचे भारत में प्रीमियम निवेश करने वाली कम्पनियों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को 74 फीसदी से 100 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।</p>
<p>राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग पर बने रहने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए केन्‍द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटे को प्रत्‍येक वर्ष इस प्रकार से रखने का प्रयास किया जाएगा कि केन्‍द्रीय सरकार का ऋण, जीडीपी के प्रतिशत के रूप में गिरते क्रम में बना रहे। इसके साथ ही अगले 6 वर्षों के लिए रोडमैप का विस्‍तृत ब्‍यौरा एफआरबीएम विवरण में दिया गया है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे का संशोधित अनुमान जीडीपी का 4.8 प्रतिशत है जबकि बजट अनुमान 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।</p>
<figure id="attachment_6128" aria-describedby="caption-attachment-6128" style="width: 1417px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1.jpg" alt="" width="1417" height="1789" class="size-full wp-image-6128" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1.jpg 1417w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-238x300.jpg 238w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-811x1024.jpg 811w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-768x970.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-1217x1536.jpg 1217w" sizes="auto, (max-width: 1417px) 100vw, 1417px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6128" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण 01 फरवरी, 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2025 पेश करने के लिए वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और उनकी बजट टीम/वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नॉर्थ ब्लॉक से राष्ट्रपति भवन और संसद भवन के लिए प्रस्थान करती हुई।</figcaption></figure>
<p><strong>संशोधित अनुमान 2024-25</strong> : वित्त मंत्री ने बताया कि उधारियों के अलावा कुल प्राप्‍तियों का संशोधित अनुमान 31.47 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से निवल कर प्राप्तियां 25.57 लाख करोड़ रुपये है। उन्‍होंने ज्‍यादा जानकारी देते हुए बताया कि कुल व्‍यय का संशोधित अनुमान 47.16 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से पूंजीगत व्‍यय लगभग 10.18 लाख करोड़ रुपये है। </p>
<p>राष्ट्र निर्माण में मध्यमवर्ग की सराहनीय ऊर्जा और क्षमता में हमेशा विश्वास जताते हुए केन्‍द्रीय बजट 2025-26 में नई कर व्यवस्था के तहत कर दर संरचना को संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया है। नई कर व्यवस्था के अंतर्गत प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये तक की आय अर्थात विशिष्ट दर आय जैसे पूंजीगत लाभ को छोड़कर 1 लाख रुपये प्रतिमाह की औसत आय पर कोई आय कर देय नहीं होगा। वेतनभोगी करदाताओं के लिए यह सीमा 75,000 रुपये की मानक कटौती के कारण प्रतिवर्ष 12.75 लाख रुपये होगी। इन प्रस्तावों के परिणामस्वरूप नए कर संरचना के तहत सरकार को प्रत्यक्ष करों में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्‍व का परित्याग होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार ने लोगों की जरूरतों को समझते हुए कई महत्‍वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रत्‍यक्ष कर प्रस्‍तावों में मध्‍यम वर्ग पर ध्‍यान केन्द्रित करते हुए व्‍यक्तिगत आयकर में सुधार, टीडीएस/टीसीएस को तर्कसंगत बनाना, अनुपालनों के बोझ को कम करते हुए स्‍वैच्छिक अनुपालनों को प्रोत्‍साहित करना, व्‍यवसाय करने की सुगमता और निवेश और रोज़गार बढ़ाने के लिए कुछ प्रोत्‍साहन शामिल हैं। स्‍वैच्छिक अनुपालन को अद्यतन करने की सुविधा को लेकर लगभग 90 लाख करदाताओं ने अतिरिक्‍त कर का भुगतान करते हुए स्‍वैच्छिक रूप से अपनी आय संबंधी ब्‍यौरों को अद्यतन किया। इस विश्‍वास को आगे बढ़ाते हुए, अब किसी भी कर-निर्धारण वर्ष के लिए अद्यतन विवरणी दाखिल करने की समय-सीमा को मौजूदा दो वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष करने का प्रस्‍ताव किया गया है। छोटे धर्मार्थ न्‍यासों/संस्‍थाओं की पंजीकरण अवधि को बढ़ाकर 5 वर्ष से 10 वर्ष करके ऐसी संस्‍थाओं के अनुपालन संबंधी बोझ को कम करने का प्रस्‍ताव है। </p>
<p>करदाताओं को स्वामित्व वाली सम्‍पत्तियों के लिए बिना किसी शर्त के ऐसी दो सम्‍पत्तियों के वार्षिक मूल्‍य के   लाभ की अनुमति प्रदान करने का प्रस्‍ताव किया गया है। पिछले बजट में प्रस्‍तुत की गई विवाद से विश्‍वास योजना को शानदार प्रतिक्रिया मिली है और इसके द्वारा लगभग 33,000 करदाताओं ने इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने विवादों का निपटारा किया है। वरिष्‍ठ और अति वरिष्‍ठ नागरिकों को लाभ देते हुए 29 अगस्‍त, 2024 को या उसके पश्‍चात् राष्‍ट्रीय बचत योजना (एनएसएस) से किए गए आहरण पर छूट प्रदान करने का प्रस्‍ताव है। एनपीएस वात्‍सलय खातों के लिए भी ऐसी ही व्‍यवस्‍था का प्रस्‍ताव है। व्यवसाय करने की सुगमता के तहत, अंतरण मूल्‍य की प्रक्रिया को कारगर बनाने हेतु तीन वर्षों की ब्‍लॉक अवधि के लिए अंतरराष्‍ट्रीय लेन-देन के मामलों में आर्म्स लेन्थ मूल्‍य निर्धारण करने के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्‍ताव है। यह योजना सर्वोत्तम वैश्विक पद्धतियों के अनुरूप होगी। अंतरराष्‍ट्रीय कराधान में विवादों को कम करने और निश्चितता को बनाए रखने की दृष्टि से सेफ हार्बर नियमों के दायरे का विस्‍तार किया जा रहा है।</p>
<figure id="attachment_6129" aria-describedby="caption-attachment-6129" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975.jpg" alt="" width="2200" height="2074" class="size-full wp-image-6129" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-300x283.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-1024x965.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-768x724.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-1536x1448.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-2048x1931.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-24x24.jpg 24w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6129" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और उनकी बजट टीम/वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 01 फरवरी, 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2025 पेश करने के लिए संसद भवन पहुंचीं।</figcaption></figure>
<p>रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने हेतु उन अनिवासियों के लिए प्रकल्पित कराधान व्‍यवस्‍था का प्रस्‍ताव किया गया है, जो ऐसी निवासी कम्‍पनी को सेवाएं प्रदान करते हैं, जो इलेक्‍ट्रॉनिक विनिर्माण सुविधा स्‍थापित या संचालित कर रही है। देश में अन्तर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा टन भार कर स्कीम के लाभों के अंतर्गत पंजीकृत अन्तर्देशीय जलयानों के लिए विस्तारित करने का प्रस्ताव किया गया है। भारतीय स्टार्ट-अप इको-सिस्टम में 5 वर्षों तक निगमन की अवधि का विस्तार करने का प्रस्ताव किया गया है। अवसंरचना क्षेत्र में निवेश को प्रोत्‍साहित करने के लिए बजट में सॉवरेन धन निधियों और पेंशन निधियों द्वारा अवसंरचना क्षेत्र में वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए निवेश करने की तारीख को 5 वर्ष बढ़ाकर 31, मार्च, 2030 तक करने का प्रस्ताव किया गया है।</p>
<p>औद्योगिक वस्तुओं के लिए सीमा-शुल्क टैरिफ संरचना को युक्तिसंगत बनाने के लिए बजट में : (i) सात टैरिफ दरों को हटाने, (ii) प्रभावी शुल्क दायित्‍व बनाए रखने के लिए कुछ मदों प्रभावी शुल्क दायित्‍व बनाए रखने के लिए कुछ मदों को छोड़कर,  और (iii) एक से अधिक उपकर अथवा अधिभार नहीं लगाने का प्रस्ताव है। आयातित दवाईयों पर छूट देते हुए कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और संचारी बीमारियों और 36 जीवन रक्षक दवाओं को बेसिक कस्‍टम ड्यूटी (बीसीडी) से पूरी तरह छूट दे दी गई है। पेटेंट असिस्‍टेंट प्रोग्राम के अंतर्गत 13 नई दवाओं सहित 37 दवाईयों को भी बेसिक कस्‍टम ड्यूटी से मुक्‍त कर दिया गया है, अगर ये दवाएं मरीज को मुफ्त दी जाती है।</p>
<p>घरेलू विनिर्माण और मूल्‍य संवर्धन, 25 विशेष खनिजों जिनकी घरेलू उपलब्‍धता नहीं है उन्‍हें भी सहायता देने के लिए जुलाई, 2025 से बीसीडी से मुक्‍त कर दिया गया है। 2025-26 के बजट में कोबाल्‍ट पाउडर और उसके कबाड़, लीथियम आयरन बैट्री के कबाड़, लैट, जिंक और 12 अन्‍य मुख्‍य खनिजों को भी छूट दी गई है। घरेलू कपड़ा उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए कपड़ा मशीनरी में दो अन्‍य शटल लैस लूम्‍स को भी छूट दी गई है। बजट में आगे कहा गया है कि बुने हुए कपड़े जो 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत, जिन्‍हें 20 प्रतिशत कर दिया गया है या 115 किलोग्राम से जो ज्‍यादा है, जो 09 टैरिफ लाइन्‍स को कवर करती है, उनके बीसीडी में भी संशोधन किया गया है।</p>
<p>प्रतिलोम शुल्क संरचना को ठीक करने और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए इंटरेक्टिव फ्लेट पैनल डिस्‍पले (आईएफपीडी) को 20 प्रतिशत बढ़ाया गया है और ओपन सैल्‍स को 5 प्रतिशत कम किया गया है। ओपन सैल्‍स के उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए ओपन स्‍टेंडस को बीसीडी के हिस्‍से के रूप में छूट दी गई है।</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/smt-nirmala-sitharaman-today-presented-budget-2025-26-based-on-trust-first-test-later">*पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें* के तर्क पर श्रीमती निर्मला सीतारमण आज *पहले विश्वास करें &#8211; फिर जांच करें* आधारित 2025-26 का बजट पेश की</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>छोड़िये सेबी की श्रीमती माधाबी पुरी बुच को, जिस दिन IAS अधिकारी &#8216;एक जुट&#8217; हो जायेंगे, कोई भी राजनेता धूर्तता से उनसे काम नहीं निकाल सकता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 07:49:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[bungling]]></category>
		<category><![CDATA[corruption]]></category>
		<category><![CDATA[finance]]></category>
		<category><![CDATA[judiciary]]></category>
		<category><![CDATA[Ministry]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>रायसीना हिल के बरामदे से (नई दिल्ली): पिछले दिनों संघ लोक सेवा आयोग के 1972 परीक्षा बैच के प्रथम स्थान धारक और भारतीय रिजर्व बैंक के 22 वें अध्यक्ष (अब अवकाशप्राप्त) डी सुब्बाराव एक किताब Just A Mercenary: Notes From My Life &#038; Career का लोकार्पण किये। यह किताब उन्होंने ही लिखा है। इस किताब के बारे में [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/special-story/the-day-ias-officers-become-united-no-politician-will-be-able-to-subtly-work-with-them">छोड़िये सेबी की श्रीमती माधाबी पुरी बुच को, जिस दिन IAS अधिकारी &#8216;एक जुट&#8217; हो जायेंगे, कोई भी राजनेता धूर्तता से उनसे काम नहीं निकाल सकता</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>रायसीना हिल के बरामदे से (नई दिल्ली): पिछले दिनों संघ लोक सेवा आयोग के 1972 परीक्षा बैच के प्रथम स्थान धारक और भारतीय रिजर्व बैंक के 22 वें अध्यक्ष (अब अवकाशप्राप्त) डी सुब्बाराव एक किताब Just A Mercenary: Notes From My Life &#038; Career का लोकार्पण किये। यह किताब उन्होंने ही लिखा है। इस किताब के बारे में अनेकानेक कहानियां लिखी गई, प्रकाशित हुई। उसी क्रम में उन्होंने FORTUNE INDIA पत्रिका से भी बात किये। अपने साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा कि &#8220;कभी अपनी क्षमता, अपनी ईमानदारी और अपनी प्रतिबद्धता के लिए विख्यात थे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी। आज अपनी अयोग्यता, अपनी अकुशलता और अपनी भ्रष्टाचार में लिप्तता के कारण कुख्यात हो गए हैं 25% IAS अधिकारी।&#8221; यह छोटी बात नहीं है। </p>
<p>उन्होंने आगे कहा: &#8220;भारत का प्रशासनिक कार्य 25 फीसदी प्रशासनिक अधिकारी करते हैं और शेष 50 फीसदी &#8216;मध्यस्थ है। आज प्रशासनिक अधिकारियों में एकता का सम्पूर्ण अभाव है। जिस दिन उनमें एकता आ जाएगी, एक हो जायेंगे, भारत का कोई भी राजनेता उनकी ओर ऊँगली नहीं उठा सकता है। वे अपनी क्षमता, ईमानदार और प्रतिबद्धता के लिए पुनः जाने जायेंगे।&#8221; राव साहब की बातों में बहुत दम है। </strong></p>
<p>तभी तो सं 1970 के बाद से 2024 के हिंडनबर्ग की खोज तक भारत में 100 से अधिक घोटाले हुए हैं और इन घोटालों में राजनेताओं के अलावे, सैकड़ों भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भी लिप्त हैं। अब तो देश में आईएएस बनाने का कारखाना भी चल रहा है, भले कारखाने के स्वामी या उस कारखाने में कार्य करने वाले अधिकारियों, पदाधिकारियों में देखता हो अथवा नहीं। देश की बात बाद में करेंगे, महज दिल्ली शहर में सैकड़ों आईएएस कोचिंग केंद्र केंद्र हैं और औसतन 14लाख अभ्यर्थी प्रतिवर्ष कोचिंग लेते हैं। आंकड़े के हिसाब से प्रति अभ्यर्थी से औसतन 50,000 ₹ से 2,00,000 ₹ शुल्क लेता है कोचिंग संस्था। कहानी को सरल बनाने के लिए हम औसतन 1,50,000 ₹ आंकते हैं। यानी 14,00,000 (अभ्यर्थियों की संख्या) x ₹ 1,50,000 रुपये प्रति अभ्यर्थी। यानी कुल: ₹ 210000000000 का व्यवसाय है कोचिंग केंद्र। इन कोचिंग केंद्रों के कितने छात्र-छात्राओं का नाम संघ लोक सेवा आयोग के बाहर प्रकाशित होता है अंतिम सूची में, यह गहन शोध का विषय है। खैर। </p>
<p><strong>आज़ादी के कोई तीन साल बाद एक घोटाला सन 1950 में पहला घोटाला हुआ था और इस घोटाले में कलकत्ता के हरिदास मूंदड़ा मुख्य अभियुक्त थे। स्वतंत्र भारत का पहला वित्तीय घोटाला था। मूंदड़ा कलकत्ता के एक स्टॉक सट्टेबाज थे। इस अनियमितता को 1958 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के फ़िरोज़ गांधी उजागर किये थे । फिरोज गांधी भारत की संसद में रायबरेली सीट का प्रतिनिधित्व करते थे उन दिनों और उनकी शादी तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी से हो गई थी। सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के नेता के रूप में नेहरू चाहते थे कि एलआईसी मामले को चुपचाप निपटाया जाए क्योंकि इससे सरकार की छवि ख़राब हो सकती थी।</strong></p>
<p>उन दिनों फिरोज गांधी रायसीना रोड के नुक्कड़ पर स्थित 1, रायसीना रोड में रहते थे। आज 1, रायसीना रोड में प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया है। फ़िरोज़ गांधी उस भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के पीछे प्राथमिक शक्ति थे, जिसके परिणामस्वरूप 1956 में भारत के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक, राम किशन डालमिया को अपनी जीवन बीमा कंपनी को धोखा देने के लिए कारावास में डाल दिया गया था। इसके बाद, संसद ने 19 जून 1956 को भारतीय जीवन बीमा अधिनियम पारित किया, जिसके तहत 245 संस्थानों का राष्ट्रीयकरण किया गया और जीवन बीमा निगम के तहत समेकित किया गया। इसलिए, उन्होंने एलआईसी को &#8220;संसद के बच्चे&#8221; कहा। यह प्रश्न भी संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में पूछा जा चूका है। </p>
<p>फिरोज गांधी इस मामले पर कोई नरमी नहीं बरती और मामले को सीधे संसद में ले गए। उन्होंने संसद में भाषण के दौरान कहा कि &#8220;संसद को अपने द्वारा बनाए गए सबसे बड़े और सबसे शक्तिशाली वित्तीय संस्थान, भारतीय जीवन बीमा निगम, जिसके सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की जांच के साथ-साथ सतर्कता और नियंत्रण रखना चाहिए।&#8221; मूंदड़ा कांड ने नौकरशाही, शेयर बाजार के सट्टेबाजों और छोटे दुष्ट व्यापारियों के बीच सांठगांठ को उजागर किया। यह घटना दामाद-ससुर के संबंधों को मानसिक रूप से विच्छेद कर दिया। उस कालखंड में भारत के तत्कालीन वित्त मंत्री टी. टी. कृष्णामाचारी को इस्तीफा देना पड़ा। </p>
<blockquote><p>मूंदड़ा कांड, नागरवाला कांड, चारा घोटाला, बोफोर्स, इंडियन स्टॉक मार्केट स्केम, स्टाम्प पेपर कांड, मैच फिक्सिंग, जयललिता मामला, जलगाओं हाउसिंग स्केम, पुरुलिआ आर्म्स ड्राप, हवाला, ऑपरेशन वेस्ट एन्ड, केतन पारेख कांड, बेस्ट बेकरी कांड, ताज कॉरिडोर कांड, जेबीटी शिक्षक नियुक्ति स्कीम, हसन अली मनी लॉन्ड्रिंग कांड, 2जी स्पेक्ट्रम कांड, सत्यम कांड, आदर्श हाउसिंग, बलकेरी पोर्ट कांड, यूपी सैंड घोटाला, व्यापम कांड, रेलवे घूस कांड, एनएसई को-लोकेशन कांड, पीएनबी कांड, नीरव मोदी कांड सहित सन 1950 के बाद भारत में अब तक 100 से अधिक वित्तीय काण्ड हुआ है।</p></blockquote>
<p>देश के सर्वोच्च न्यायालय के साथ-साथ प्रदेशों के उच्च न्यायालय के रास्ते इन मुकदमों को देखने-सुनने वाली अदालतों में आज भी कई हज़ार लाल वस्त्र में बंधे गठरियों में मुकदमों का भविष्य बंद पड़ा होगा। कई मामलों में अदालत का निर्णय हो गया होगा, कई मालमों में निर्णय लिखने हेतु प्रतीक्षा कर रहा होगा। कई मामले में अभियुक्त अंतिम सांस लेकर ईश्वर की अदालत में पहुँच गए होंगे, तो कई न्यायालय के फैसले का सम्मान करते आम जीवन जी रहे होंगे। कई नेता बन गए होंगे तो कई अधिकारी &#8211; पदाधिकारियों के साथ मिलकर कोई दूसरा काम शुरू कर दिए होंगे।  </p>
<p>समय दूर नहीं है जब विश्व के अख़बारों में भारत का नाम स्कैम्स, घोटाला, घपला का देश कहा जायेगा। लेकिन इन घोटालों में, घपलो में राजनेता तो मुख्य हाथ तो होता ही है, भारतवर्ष में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित और प्रतिष्ठित परीक्षा, जो भारतोय प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारिओं को जन्म देता है, उन अधिकारियों का हाथ सर्वोपरि होता है। देश में कोई भी घोटाला या स्केम इन प्रशासनिक अधिकारियों, चाहे वे आईएएस हो, आईपीएस हो, आईआरएस हों या किसी भी सेवा और कैडर के हों, के मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। </p>
<p>अगर देश में यह तथाकथित प्रशासनिक अधिकारी ईमानदार हो जाएँ, कर्तव्यनिष्ठ हो जाएँ, अपने पद की गरिमा को समझें, अपनी सत्यनिष्ठा को समझें, अपनी योग्यता को समझें, उनके प्रति भारत के लोगों के विश्वास को समझें तो शायद कोई भी राजनेता इस तरह के भ्रष्टाचार या स्केम को जन्म नहीं दे सकता है। किसी बीज को अंकुरित होने के लिए मिट्टी, पानी या मौसम की जरुरत होती है। भारत में ये सभी प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (अपवाद छोड़कर) उसी मिट्टी, पानी और मौसम का कार्य करते हैं।</p>
<p><strong>विगत दिनों भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष सुश्री माधाबी पुरी बुच का नाम हिंडनबर्ग खोज के तहत एक स्केम में आया है । इनपर छह आरोप लगाए गए हैं। उन आरोपों से सुश्री बुच के साथ-साथ उनके पति भी विवादों के दायरे में हैं। हिंडनबर्ग रिसर्च ने बुच दंपत्ति पर अडानी स्टॉक हेराफेरी मामले में अपनी ताकत का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों के कारण सुश्री बुच विगत सप्ताह दिल्ली के रायसीना हिल पर वित्त मंत्रालय के अलावे कई अन्य संवेदनशील कार्यालयों में भी प्रवेश ली जो आम तौर पर संदेहास्पद स्थिति में होता है। खैर। </strong></p>
<p>रायसीना हिल पर सुश्री बुच के विरुद्ध तत्काल किसी भी प्रकार का अनुशासनिक कार्रवाई करने के मामले में विचारधारा दो फांक में बंटा है। एक पक्ष का कहना है कि चुकि यह बात प्रत्यक्ष रूप से अदानी से सम्बंधित है, और अदानी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के बहुत करीबी हैं, वैसी स्थति में  इस बात की भी चर्चा है कि बुच दंपत्ति हिंडनबर्ग खुलासे से भी सेबी प्रमुख के रूप में उनके कार्यकाल पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है। जबकि दूसरा पक्ष यह कहता है कि अन्य घोटालों के तरह यह भी एक घोटालों के संख्या में जुड़ जायेगा। </p>
<p>दो वर्ष पूर्व नरेंद्र मोदी की सरकार सुश्री माधबी पुरी बुच को तीन साल की अवधि के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड का नया अध्यक्ष बनाया था। वह सेबी अध्यक्ष बनने वाली निजी क्षेत्र की पहली महिला और व्यक्ति हैं। बुच पिछले साल तक सेबी सेबी में पूर्णकालिक सदस्य के रूप में कार्यरत थीं और उससे पहले शंघाई में न्यू डेवलपमेंट बैंक में कार्यरत थीं। वह सेबी के नए अध्यक्ष के रूप में अजय त्यागी (सेवानिवृत्त आईएएस: 1984: एचपी) का स्थान लीं। त्यागी को 1 मार्च 2017 को तीन साल की अवधि के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद, उन्हें छह महीने का विस्तार दिया गया और बाद में अगस्त 2020 में उनका कार्यकाल 18 महीने बढ़ा दिया गया।</p>
<p>रायसीना हिल के सूत्रों के अनुसार सेबी के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में सुश्री माधबी पुरी बुच की नियुक्ति ने सेबी प्रमुख के चयन से संबंधित एक दिलचस्प पहलू है जब जिसमें अजय त्यागी विजेता के रूप में उभरे। बहुत कम लोग जानते हैं कि अंतिम चरण में सेबी प्रमुख पद की दौड़ त्यागी और सुश्री बुच के बीच थी। हालांकि, अधिकांश मीडिया रिपोर्ट में यह अनुमान लगाती रहीं कि बिजली सचिव पी के पुजारी (IAS: 1981: GJ) या DEA सचिव शक्तिकांत दास (IAS: 1981: TN) को इस पद के लिए चुना जा सकता है। कहा जाता है कि उस समय सेबी प्रमुख के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए अंतिम पैनल में केवल दो नाम थे &#8211; पहला: अजय त्यागी और दूसरा: सुश्री बुचोन। सुश्री बुच इस पद के लिए एक गंभीर दावेदार थीं। चूंकि त्यागी विजयी हुए थे, इसलिए शीर्ष पर यह उचित माना गया कि यह सेबी के व्यापक हित में होगा यदि सुश्री बुच को शेयर बाजार नियामक का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया गया। </p>
<p>बहरहाल, एगोरा एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक सदस्य सुश्री बुच न्यू डेवलपमेंट बैंक (शंघाई) में कार्यरत थी । इससे पहले उन्होंने आईसीआईसीआई समूह की वित्तीय सेवा शाखा के सीईओ और एमडी के रूप में भी काम किया था और व्यक्तिगत कारणों से और सिंगापुर में स्थानांतरित होने के लिए 2011 में आईसीआईसीआई छोड़ दिया था। यह भी ध्यान दिया जा सकता है कि उनके पति धवल बुच को कॉर्पोरेट जगत के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता है और वह वैश्विक एफएमसीजी प्रमुख यूनिलीवर के साथ सिंगापुर में तैनात हैं और हरीश मनवानी की टीम का हिस्सा हैं जो एशिया, अफ्रीका के लिए कंपनी के कारोबार का नेतृत्व कर रहे हैं। और कुछ अन्य क्षेत्र। बुच पहले यूनिलीवर की वैश्विक टीम का हिस्सा थे और यूके में स्थित थे।</p>
<p>वापस आते हैं आईएएस अधिकारियों के मामले में। भारतीय रिजर्व बैंक के स्थापना के बाद 1 अप्रैल 1935 से अब तक 25 गवर्नर हुए &#8211; ओस्बोर्न स्मिथ, जेम्स ब्रैड टेलर, सीडी देशमुख, बेनेगल रामा राव, केजी आंबेडकर, एचवीआर लेंगर, पीसी भट्टाचार्य, लक्ष्मीकांत झा, बीएन अदरकर, सरुक्काई जगन्नाथ, एनसी सेनगुप्ता, के आर पूरी, एम नरसिम्हन, आईजी पटेल, मनमोहन सिंह, अमिताभ घोष, आरएन मल्होत्रा, एस वेंकटरमन, सी रंगराजन, विमल जालान, वीवी रेड्डी, डी सुब्बाराव, रघुराम राजन, उर्जित पटेल और शक्तिकांत दास। रिजर्व बैंक के 22 वे गवर्नर डी सुब्बाराव पिछले दिनों एक किताब &#8211; Just A Mercenary: Notes From My Life &#038; Career &#8211; का लोकार्पण किये। सुब्बाराव संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 1972 बैच के प्रशासनिक सेवा की परीक्षा के प्रथम स्थान धारक थे और उन्हें आंध्र प्रदेश कैडर मिला था। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/D.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/D.jpg" alt="" width="1654" height="2551" class="aligncenter size-full wp-image-5724" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/D.jpg 1654w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/D-195x300.jpg 195w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/D-664x1024.jpg 664w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/D-768x1185.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/D-996x1536.jpg 996w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/D-1328x2048.jpg 1328w" sizes="auto, (max-width: 1654px) 100vw, 1654px" /></a></p>
<p>इस किताब के लोकार्पण के बाद <strong>FORTUNE INDIA</strong> को दिए गए एक साक्षात्कार में सुब्बाराव ने कहा कि सं 1950 से 1970 के दशक तक आईएएस अधिकारी अपनी क्षमता (कंपीटेंस), ईमानदारी (इंटिग्रिटी) अपने प्रतिबद्धता (कमिटमेंट्स) के लिए विख्यात थे। लेकिन आज उनकी प्रतिष्ठा उनकी अयोग्यता (इनेप्टीच्यूड), अकुशलता (इनएफ़्फीसिएन्सी) और भ्रष्टाचार में बदल गई है।  आज 2024 हो गया है यानी 52 साल में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की प्रतिष्ठा इतनी ख़राब हो गयी है।</p>
<blockquote><p>उन्होंने कहा: &#8220;Currently, 25% of IAS officers are either corrupt, incompetent, or inefficient. The middle 50% started well but have become complacent, while only the top 25% are truly delivering. Ideally, we need 75% to be effective. The problem lies in the wrong incentives &#8211; no rewards for good performance and no penalties for no performance. Some officers blame politicians for their inability to deliver, but if IAS officers stood united, politicians would not be able to manipulate them. The entire service has suffered because of this.&#8221; </p></blockquote>
<p>शासन और सेवा के सिद्धांतों को कायम रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को अक्सर &#8216;स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया&#8217; के रूप में जाना जाता है, यह शब्द सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा राष्ट्रीय अखंडता बनाए रखने और नीति को लागू करने में उनकी अपरिहार्य भूमिका को दर्शाने के लिए गढ़ा गया था। लेकिन भारत के गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय से जुड़े सभी जान संस्थानों में आज भी सैकड़ों ऐसे फ़ाइल संसथान और अदालत का यात्रा कर रहे हैं, जिसमें सैकड़ों भारतीय और प्रशासनिक सेवा के अधिकारीयों का नाम उल्लिखित है &#8211; अभियुक्त के रूप में।</p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ कैडर </strong>के 2009 बैच के आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई को प्रवर्तन निदेशालय ने खनन कार्यों के लिए रिश्वत वसूली से जुड़े बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था। उनके निर्देश के तहत, खनिजों को भेजने के लिए मैन्युअल अनुमोदन प्रक्रिया को फिर से शुरू किया गया, जिससे परिवहन परमिट के लिए लेवी के संग्रह में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ। 16 महीने की अवधि में, कथित तौर पर रिश्वत के रूप में ₹500 करोड़ से अधिक एकत्र किया गया था।</p>
<p><strong>झारखंड कैडर</strong> की 2000 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को प्रवर्तन निदेशालय ने मनरेगा फंड के गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट ने खुलासा किया कि छापे के दौरान बरामद की गई बड़ी मात्रा में नकदी उनकी थी, जिसका इस्तेमाल संपत्ति खरीदने और रिश्वत देने के लिए किया गया था। आरोपों में ग्रामीण विकास परियोजना के लिए बड़ी रकम का दुरुपयोग शामिल है। </p>
<p><strong>गुजरात कैडर</strong> के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी के राजेश को रिश्वत मामले में शामिल होने के आरोप में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था। यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने बंदूक लाइसेंस जारी करने के लिए रिश्वत ली और सुरेंद्रनगर जिले के कलेक्टर के रूप में कार्य करते हुए संदिग्ध भूमि सौदों में शामिल थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद सिलसिलेवार छापेमारी की गई, जिसमें महत्वपूर्ण आपत्तिजनक सबूत सामने आए।उत्तर प्रदेश कैडर के नीरा यादव उत्तर प्रदेश और एनसीआर में विभिन्न भूमि घोटालों में शामिल थी, वह अक्सर बड़ी रकम के बदले राजनेताओं और व्यापारियों को पॉश इलाकों में भूमि भूखंड आवंटित करती थी। घनिष्ठ राजनीतिक संपर्क बनाए रखने के बावजूद, उन्हें अंततः 2017 में भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति रखने के लिए दोषी ठहराया गया और दो साल की जेल की सजा सुनाई गई। </p>
<p><strong>उत्तर प्रदेश कैडर</strong> के आईएएस अधिकारी राकेश कुमार जैन को भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण 2010 में निलंबन और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। उन पर विशेष रूप से वाणिज्य विभाग के निदेशक के रूप में कार्य करते हुए कुल ₹7.5 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था। यह आरोप व्यक्तिगत लाभ के बदले में अवैध लेनदेन को सुविधाजनक बनाने में उनकी संलिप्तता से उपजे हैं।</p>
<p>नोएडा में ₹4000 करोड़ के भूमि घोटाले में शामिल उत्तर प्रदेश कैडर के राकेश बहादुर को 2009 में निलंबित कर दिया गया था। इन आरोपों के बावजूद, राज्य सरकार में बदलाव के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया और नोएडा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। </p>
<p><strong>छत्तीसगढ़ कैडर</strong> के राज्य के कृषि सचिव के रूप में, बाबूलाल अग्रवाल के पास आईटी छापे के दौरान ₹500 करोड़ से अधिक की संपत्ति पाई गई, जिसमें 446 बेनामी बैंक खातों में पैसा और हवाला लेनदेन के लिए इस्तेमाल की गई 16 शेल कंपनियों का स्वामित्व शामिल था। 2010 में उनके निलंबन के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया था।</p>
<p><strong>हिमाचल प्रदेश कैडर</strong> के और मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव के रूप में कार्यरत सुभाष अहलूवालिया पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच की गई थी। उन्हें और उनकी पत्नी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा निलंबित कर दिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया, हालांकि बाद में विभागीय जांच में मंजूरी के बाद उन्हें बहाल कर दिया गया। </p>
<p><strong>राजस्थान कैडर के </strong>वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और प्रमुख सचिव (खान) अशोक सिंघवी को राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने ₹2.55 करोड़ के भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया था। यह रिश्वत कथित तौर पर बंद खदानों को फिर से खोलने की अनुमति देने के लिए थी, जिससे छापेमारी के दौरान ₹3.82 करोड़ की अवैध नकदी जब्त हुई।</p>
<p><strong>तमिलनाडु कैडर के</strong> धर्मपुरी के जिला कलेक्टर के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान कथित भ्रष्टाचार के लिए सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय द्वारा एस मालारविज़ी की जांच की गई थी। उन पर एक आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप है जिसके कारण सरकारी धन से ₹1.31 करोड़ का दुरुपयोग हुआ।</p>
<p>वापस चलते हैं सेबी में। सेबी के गठन के बाद बुच 10 वें अध्यक्ष हैं। सबसे पहले आये डॉ. एस ए दवे, जी वी रामकृष्णा, एसएस नाडकर्णी, डीआर मेहता, जीएन बाजपेयी, एम दामोदरन, सी बी भावे, यु के सिन्हा, अजय त्यागी और सुश्री माधबी पुरी बुच। पिछले कई अध्यक्षों के कालखंड में कई घोटाले हुए जो उन दिनों के अखबारों के प्रथम पृष्ठ से लेकर पत्रिकाओं के अंतिम पृष्ठ तक विराजमान रहे।  टीवी, रेडियो या इंटरनेट पर उनकी उपस्थिति तो थी ही। लगभग 18 महीने पहले हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी समूह के भीतर स्टॉक हेरफेर के बारे में चिंता जताई थी। अब अमेरिका स्थित शॉर्ट सेलर ने नया दावा किया है कि इस घोटाले में भारत के शेयर बाजार नियामक सेबी का हाथ है। हिंडनबर्ग ने इस घोटाले को &#8220;अडानी मनी साइफ़ोनिंग स्कैंडल&#8221; नाम दिया है।</p>
<p>बहरहाल, यह आरोप लगाया गया है कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच पर जटिल व्यवस्थाओं के माध्यम से बरमूडा और मॉरीशस स्थित ऑफशोर फंड में हिस्सेदारी रखने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि 2017 में माधबी पुरी बुच को पूर्णकालिक सेबी सदस्य के रूप में नियुक्त किए जाने से कुछ हफ्ते पहले, उनके पति ने मॉरीशस फंड प्रशासक से उन्हें &#8220;खातों को संचालित करने के लिए अधिकृत एकमात्र व्यक्ति&#8221; बनाने का अनुरोध किया था।<br />
यह भी कहा जाता है कि हिंडनबर्ग ने मॉरीशस में अडानी समूह के छिपे हुए ऑफशोर संस्थाओं के कथित नेटवर्क की गहन जांच नहीं करने के लिए सेबी की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि अदानी के एक निदेशक ने इंडिया इंफोलाइन लिमिटेड (आईआईएफएल) के माध्यम से &#8220;आईपीई प्लस फंड&#8221; नामक एक छोटा ऑफशोर फंड स्थापित किया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर गौतम अदानी के भाई विनोद अदानी ने अदानी समूह से पैसा निकालने और भारतीय बाजारों में निवेश करने के लिए किया था।</p>
<p>अब तक प्रकाशित ख़बरों के अनुसार, हिंडनबर्ग ने यह भी दावा किया है कि सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने अडानी समूह की कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों से जुड़े ऑफशोर फंड में निवेश किया था। उन्होंने बताया कि माधाबी पुरी बुच के पास एगोरा पार्टनर्स नामक एक अपतटीय सिंगापुर परामर्श फर्म में 100% हिस्सेदारी थी, जब तक कि उन्होंने सेबी अध्यक्ष बनने के दो सप्ताह बाद ही इसे अपने पति को हस्तांतरित नहीं कर दिया।</p>
<p>हिंडनबर्ग ने दावा किया कि जब माधाबी पुरी बुच सेबी के अधिकारी थे, उनके पति को ब्लैकस्टोन के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था, भले ही उन्हें रियल एस्टेट या पूंजी बाजार में कोई पूर्व अनुभव नहीं था। अपने कार्यकाल के दौरान, ब्लैकस्टोन ने भारत में दो प्रमुख रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (आरईआईटी) को प्रायोजित किया, जिन्हें आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी मिली। हिंडनबर्ग ने यह भी नोट किया कि सेबी ने इस दौरान भारत के आरईआईटी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए, जिससे संभावित रूप से ब्लैकस्टोन को फायदा हुआ।यह भी कहा जाता है कि, हिंडनबर्ग ने माधाबी पुरी बुच पर अपने पति के ब्लैकस्टोन से संबंध का खुलासा किए बिना उद्योग सम्मेलनों में आरईआईटी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जिसे परिसंपत्ति वर्ग से लाभ होने वाला था। हिंडनबर्ग ने बताया कि माधबी पुरी बुच के पास कथित तौर पर एक भारतीय कंसल्टिंग कंपनी, एगोरा एडवाइजरी का 99% स्वामित्व था, जिसने सेबी द्वारा बताए गए उनके वेतन की तुलना में कंसल्टिंग से काफी अधिक कमाई की। </p>
<p>बहरहाल, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अडानी के अपतटीय शेयरधारकों की फंडिंग की सेबी की जांच में &#8220;कोई नतीजा नहीं निकला।&#8221; हिंडनबर्ग ने सुझाव दिया कि सेबी को अपने अध्यक्ष की संलिप्तता को देखते हुए अपनी जांच शुरू करनी चाहिए थी।हालाँकि, माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने इन आरोपों का दृढ़ता से खंडन किया है। उन्होंने हिंडनबर्ग रिपोर्ट को &#8220;निराधार,&#8221; &#8220;झूठा,&#8221; और उनके &#8220;चरित्र हनन&#8221; का प्रयास बताया।</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/special-story/the-day-ias-officers-become-united-no-politician-will-be-able-to-subtly-work-with-them">छोड़िये सेबी की श्रीमती माधाबी पुरी बुच को, जिस दिन IAS अधिकारी &#8216;एक जुट&#8217; हो जायेंगे, कोई भी राजनेता धूर्तता से उनसे काम नहीं निकाल सकता</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>&#8220;Well-planned cities are going to be the need of the hour, urban planning will determine the fate of our cities,&#8221; says Prime Minister</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Mar 2023 10:57:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[budget]]></category>
		<category><![CDATA[development]]></category>
		<category><![CDATA[finance]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[lok sabha]]></category>
		<category><![CDATA[politics]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NEW DELHI: Prime Minister lamented that only one or two planned cities were developed in the country after so many years of independence. He remarked that India’s position in the world would have been completely different if 75 planned cities had been developed in the 75 years of its independence. The Prime Minister Narendra Modi [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>NEW DELHI: Prime Minister lamented that only one or two planned cities were developed in the country after so many years of independence. He remarked that India’s position in the world would have been completely different if 75 planned cities had been developed in the 75 years of its independence. </p>
<p>The Prime Minister Narendra Modi reiterated that well-planned cities are going to be the need of the hour in the fast-paced environment of India in the 21st century. Underlining that the development of new cities and the modernization of services in the existing cities are the two main aspects of urban development, the Prime Minister highlighted the significance of urban development in every budget of the country. </strong></p>
<p>He informed that an incentive of Rs 15,000 crores has been declared in this year’s budget for the standards of urban development and expressed confidence that it will provide impetus to planned urbanization.</p>
<p>The Prime Minister reiterated the significant role of planning and governance in urban development. He pointed out that poor planning of cities or lack of proper implementation after planning can create huge challenges in the development journey of India. He stressed the need to work in a very focused way in areas of spatial planning, transport planning, and urban infrastructure. He urged the participants of the webinar to focus on three main questions about how to strengthen the urban planning ecosystem in the states, how to properly use the expertise available in the private sector in urban planning and lastly how to develop a centre of excellence that will take urban planning to a new level. </p>
<figure id="attachment_4781" aria-describedby="caption-attachment-4781" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299.jpeg" alt="" width="2200" height="2540" class="size-full wp-image-4781" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299.jpeg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299-260x300.jpeg 260w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299-887x1024.jpeg 887w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299-768x887.jpeg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299-1330x1536.jpeg 1330w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299-1774x2048.jpeg 1774w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4781" class="wp-caption-text">PM addressing Post Budget Webinar on Urban Planning, Development and Sanitation on March 01, 2023.</figcaption></figure>
<p>He mentioned that all state governments and urban local bodies can make their contributions towards a developed nation only when they prepare planned urban areas. “Urban planning will determine the fate of our cities in Amrit Kaal and it is only well-planned cities that will determine the fate of India”, the Prime Minister remarked. He further added that our cities will also become climate-resilient and water secure only with better planning.</p>
<p>The Prime Minister requested the experts to come up with innovative ideas and highlighted the role that they can play in areas such as GIS-based master planning, the development of different types of planning tools, efficient human resources, and capacity building. He mentioned that their expertise will be much needed by urban local bodies thereby creating many opportunities.</p>
<p>The Prime Minister underlined that transport planning is an important pillar of the development of cities and the mobility of our cities should be uninterrupted. Highlighting the metro connectivity in the country before 2014, the Prime Minister pointed out that the present government has worked on metro rail in many cities and overtaken several countries in terms of metro network connectivity. He emphasized the need to strengthen the metro network and provide first and last-mile connectivity. He also mentioned that the widening of roads in cities, green mobility, elevated roads, and junction improvement have to be included as part of transport planning.</p>
<p>“India is making the circular economy a major basis of urban development”, the Prime Minister remarked as he noted that thousands of tonnes of municipal waste such as battery waste, electrical waste, automobile waste, tires and waste used for making compost are generated in our country every day. He informed that 75 percent of waste is being processed today compared to only 14-15 percent in 2014. He noted that the edges of India’s cities would not have been filled with mountains of garbage if this step was taken earlier. </p>
<p>The Prime Minister underlined that work is underway to free the cities from heaps of garbage by waste processing and noted that it will open a room full of opportunities for recycling and circularity for many industries. He also urged everyone to support the startups that are doing a great job in this field. He stressed that industries should maximize the potential of waste management and informed that AMRUT 2.0 was launched for clean drinking water in cities after the success of the AMRUT scheme. The Prime Minister also emphasized planning ahead of the traditional model of water and sewage and informed that used water is being treated and sent for industrial use in some cities. </p>
<p>“Our new cities must be garbage-free, water secure, and climate-resilient”, the Prime Minister remarked as he highlighted the need to increase investment in urban infrastructure and planning in tier-2 and tier-3 cities. The Prime Minister underlined that our future cities should be defined on parameters such as architecture, zero discharge model, net positivity of energy, efficiency in land use, transit corridors and use of AI in public services. He also noted the need for playgrounds and paths for bicycle rides for children as part of urban planning.  </p>
<p>“The plans and policies that the government is making should not only make life easier for the people of the cities but also help in their own development”, the Prime Minister said. He informed about the government’s commitment to spend about Rs 80,000 crores for the PM-Awas Yojana in this year&#8217;s budget and said that industries like cement, steel, paint, and furniture get a boost whenever a house is built. Throwing light on the increasing role of futuristic technology in the field of urban development, the Prime Minister urged the startups as well as the industry to think in this direction and act quickly. “We have to take advantage of the possibilities that exist, and also give rise to new possibilities. From sustainable house technology to sustainable cities, we have to find new solutions”, the Prime Minister concluded.</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/special-story/well-planned-cities-are-going-to-be-the-need-of-the-hour-urban-planning-will-determine-the-fate-of-our-cities-says-prime-minister">&#8220;Well-planned cities are going to be the need of the hour, urban planning will determine the fate of our cities,&#8221; says Prime Minister</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>फिर बला टली मोदी सरकार की !</title>
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		<dc:creator><![CDATA[के. विक्रम राव]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Jan 2023 11:25:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सम्पादकीय]]></category>
		<category><![CDATA[banking]]></category>
		<category><![CDATA[demonatisation]]></category>
		<category><![CDATA[finance]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आज (2 जनवरी 2023) मोदी सरकार नववर्ष में महासंकटग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। अकथनीय वित्तीय अराजकता और गंभीर वैधानिक संकट टल गया। सोनिया-कांग्रेस सरकार के वित्त मंत्री रहे पलनिअप्पन चिदंबरम अपनी याचिका द्वारा इतनी विकराल सियासी तबाही सर्जा देते जितना स्व. राजनारायण जी द्वारा इंदिरा गांधी को अपस्थ करने वाली याचिका (12 जून 1975) [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आज (2 जनवरी 2023) मोदी सरकार नववर्ष में महासंकटग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई। अकथनीय वित्तीय अराजकता और गंभीर वैधानिक संकट टल गया। सोनिया-कांग्रेस सरकार के वित्त मंत्री रहे पलनिअप्पन चिदंबरम अपनी याचिका द्वारा इतनी विकराल सियासी तबाही सर्जा देते जितना स्व. राजनारायण जी द्वारा इंदिरा गांधी को अपस्थ करने वाली याचिका (12 जून 1975) से भी नहीं हुआ था। राजनारायण की याचिका यदि नारायण अस्त्र था, तो चिदंबरम की याचिका ब्रह्मास्त्र हो जाता, जो अमोघ होता है।</strong></p>
<p>कानूनी संयोग यह रहा कि चिदंबरम के सभी बिंदुओं और तर्कों को न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना द्वारा स्वीकारे गये। मसलन नोटबंदी का अधिकार रिजर्व बैंक को है, न कि केंद्र सरकार को। मनमोहन काबीना के इस पूर्व वित्त मंत्री का आग्रह था कि नोटबंदी की रीति उचित होती यदि उसकी रिजर्व बैंक सिफारिश करता और संसद में उस पर विस्तृत चर्चा होती। चिदंबरम कैसे इस आशंका से अनभिज्ञ रहे कि प्रधानमंत्री द्वारा नोटबंदी की शाम ढले घोषणा के बाद भी कांग्रेसी लांछन लगते रहे कि दोनों बड़े नोट (पांच सौ और हजार रूपए वाले) भाजपाइयों द्वारा भुना लिए गये थे। उन्हें पूर्व सूचना थी अर्थात काले धन को सफेद बना लिया गया था। </p>
<p>नोटबंदी से सरकार के तीन लक्ष्य थे : (1) जाली नोट का चलन थमता, (2) काले धन पर अंकुश लग जाता, और (3) मादक द्रव्य तथा आतंकवादियों को आर्थिक मदद का उन्मूलन हो जाता। खुली संसदीय चर्चा से यह महत्वपूर्ण निर्णय तो पूर्णतया फिस हो जाता और कई अपराधियों को अवसर भरपूर मिल जाता। प्रधानमंत्री ने घोषणा (8 बजे), मंगलवार, 8 नवंबर 2016 को की थी। रिजर्व बैंक का निर्णय ठीक ढाई घंटे पूर्व किया गया था। कानो कान खबर नहीं हुई थी।</p>
<p>चार जजों ने पूर्ण सहमति व्यक्त की। सिवाय एक अकेली (न्यायमूर्ति नागरत्ना) के। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि : “नोटबंदी से पहले केंद्र और आरबीआई के बीच सलाह-मशविरा हुआ था। इस तरह के उपाय को लाने के लिए दोनों पक्षों में बातचीत हुई थी। इसलिए हम मानते हैं कि नोटबंदी आनुपातिकता के सिद्धांत से प्रभावित नहीं हुई थी।” जस्टिस बी. आर. गवई ने सरकार के पक्ष में की टिप्पणी की और कहा कि केंद्र की निर्णय लेने की प्रक्रिया में कोई भी खामी नहीं हो सकती, क्योंकि आरबीआई और सरकार के बीच सलाह-मशविरा हुआ था। इसलिए यह कहना प्रासंगिक नहीं है कि लक्ष्य हासिल हुआ या नहीं।”</p>
<p>नोटबंदी को गलत और त्रुतिपुर्ण बताने वाली 58 याचिकाओं को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि केंद्र के इस निर्णय में कुछ भी गलत नहीं था। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि ये फैसला RBI की सहमति और गहन चर्चा के बाद लिया गया है। इस बीच कोर्ट ने इस फैसले में कई बड़ी टिप्पणियां भी की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये निर्णय एकदम सही था। कोर्ट ने इसी के साथ कहा कि 8 नवंबर 2016 को लाई गई नोटबंदी की अधिसूचना वैध थी और नोटों को बदलने के लिए दिया गया 52 दिनों का समय भी एकदम उचित था। नोटबंदी के फैसले को खारिज या बदला नहीं जा सकता है।</p>
<p>ठीक एक ऐसे वक्त पर विश्व बैंक की राय आयी कि भारत की अर्थव्यवस्था में 6.9 प्रतिशत होने वाली है। आज के इस फैसले से राष्ट्रीय अर्थनीति पटरी पर ही रहेगी। सर्वोच्च न्यायालय ने ही 24 जून 2022 को इसी भांति नरेंद्र मोदी के विरूद्ध एक संवेदनशील याचिका खारिज कर दी थी। यदि तब वह अदालत स्वीकार कर लेती तो तभी, छः माह पूर्व ही भाजपा को नए प्रधानमंत्री की तलाश करनी पड़ती। वह थी, पत्रकार तीस्ता सीतलवाड द्वारा पेश श्रीमती जाकिया अहसान जाफरी की याचिका में आरोपी नरेन्द्र दामोदरदास मोदी 2002 के गुजरात दंगों के दोषी माने जाने की। यदि मोदी दण्ड के भागी बन जाते तो ? </p>
<p>अत: उसी दिन राष्ट्रपति पद के लिये द्रौपदी मुर्मू के नामांकन प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से वे कट जाते। नये भाजपा संसदीय नेता की खोज चालू हो जाती। मोदी के सार्वजनिक जीवन की सर्वथा इति हो जाती। राष्ट्र की प्रगति थम सी जाती। अर्थात ठीक वहीं दास्तां दोहरायी जाती जो 12 जून 1975, सैंतालीस साल पूर्व इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी के लोकसभा निर्वाचन को निरस्त करने से उपजी थी। फिलहाल ऐसी दुरभिसंधि से मोदी महफूज रहे। </p>
<p>तब जजों के लिखा था कि तीस्ता ने न्यायालय के सामने झूठे आरोप लगा कर पीठ को भ्रमित करने की कोशिश की। एक अवसर पर तीस्ता चाहती थी कि अदालत उसके समर्थक पुलिस अफसर संजय भट्ट का बयान मान ले क्योंकि वह &#8221;सत्यवादी&#8221; हैं। यही भट्ट आजकल (पालनपुर) जेल में बंद हैं क्योंकि हिरासत में उन्होंने एक कैदी की हत्या करा दी थी। इसी भट्ट का वक्तव्य था कि 27 फरवरी 2002 के दिन मुख्यमंत्री (मोदी) ने गांधीनगर में अफसरों के बैठक में कहा था : &#8221;मुसलमानों को सबक सिखाना है।&#8221; जजों ने कहा कि : तीस्ता का यह बयान भी बिलकुल झूठा निकला। तो यह है किस्साये-तीस्ता जिसने गणतंत्र के माननीय प्रधानमंत्री के विरुद्ध एक घिनौनी साजिश की थी। विफल हुयी। देश बच गया था। जैसे आज दोबारा !</p>
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		<title>जीएसटी ​यानि &#8216;किंकर्तव्यविमूढ़&#8217;​ क्रेता-विक्रेता-व्यापारी और सरकार बल्ले-बल्ले ​</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Desk Editor]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Nov 2018 02:40:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[किताब]]></category>
		<category><![CDATA[book]]></category>
		<category><![CDATA[finance]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सुरुचि सुमन आमतौर पर लोग किताब लिखते हैं तो माता-पिता, गुरु, अभिभावक को समर्पित करते हैं पर संजय कुमार सिंह की यह किताब “जीएसटी की अबूझ पहेली से परेशान देश भर के छोटे कारोबारियों, व्यापारियों और व्यवसायियों को समर्पित है, जो जीएसटी को जाने-समझे बगैर इसे स्वीकार करने के लिए मजबूर हुए। ना इसका विरोध [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सुरुचि सुमन</strong></p>
<p>आमतौर पर लोग किताब लिखते हैं तो माता-पिता, गुरु, अभिभावक को समर्पित करते हैं पर संजय कुमार सिंह की यह किताब “जीएसटी की अबूझ पहेली से परेशान देश भर के छोटे कारोबारियों, व्यापारियों और व्यवसायियों को समर्पित है, जो जीएसटी को जाने-समझे बगैर इसे स्वीकार करने के लिए मजबूर हुए। ना इसका विरोध कर पाए और ना झेल पाए। अब भी उधेड़बुन में हैं और समझते हैं कि सरकार काले धन पर नियंत्रण के लिए यह सब कर रही है।” और यह यूं ही नहीं है। किताब पढ़ते हुए कई बार लगता है कि ऐसा है तो वाकई गड़बड़ है। और इसका तो विरोध होना ही चाहिए। पर जैसा कि लेखक ने लिखा है, देश के आम कारोबारी ना इसका विरोध कर पाए और ना झेल पाए। और तो और एक बड़े ट्रांसपोर्टर के आत्महत्या करने की खबर हम सब पढ़ ही चुके हैं। नोटबंदी और जीएसटी से परेशान ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे ने मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक अपनी फरियाद पहुंचाने का प्रयास किया। सबने उनकी गुहार सुनी पर कार्रवाई किसी ने नहीं की। </p>
<p>पुस्तक में संजय ने अपनी बात कहने के साथ-साथ जीएसटी पर जाने माने अर्थशास्त्रियों की टिप्पणियों का अनुवाद भी शामिल किया है। इनमें वन नेशन, वन टेंशन – अंशुमान तिवारी; पूंजी के आदिकालीन एकत्रीकरण की व्यवस्था : प्रभात पटनायक; झन्नाटेदार बदलाव क्यों जरूरी है : टीसीए शरदराघवन; जीएसटी : आधुनिक सुधार है, सरकारी नालायकी के साथ : चेतन भगत और मौजूदा स्वरूप को जारी रखना भारी भूल : इंदिरा राजरमण, प्रमुख हैं। एक अध्याय का शीर्षक है, सस्ते मजदूर और व्यस्त ठेकेदार बनाएगा जीएसटी। कुछ अनाम शिकायतें भी शामिल की गई हैं। जैसे व्यापारी मित्रों के नाम एक सीए का खुला पत्र और जीएसटी पर एक व्यापारी की सुनिए। इससे भी पता चलता है कि जीएसटी वाकई झंझट ही झंझट है।</p>
<p>पुस्तक में संजय ने सैनिटेरी नैपकिन पर जीएसटी खत्म करने के मामले की भी चर्चा की है और यह बताने की कोशिश की है कि जीएसटी स्वभाव से ही जटिल है और इसके पक्ष में उन्होंने यह उदाहरण दिया है। उन्होंने लिखा है, सैनिटेरी नैपकिन को जीएसटी से मुक्त करने में एक साल लग गए और यह 99वें अध्याय का शीर्षक है। इसमें उन्होंने कहा है, सैनिटेरी नैपकिन पर जीएसटी का मामला हाईकोर्ट में था। केंद्र सरकार इसके खिलाफ सुप्रीमकोर्ट गई। तर्क दिए पर सुप्रीम कोर्ट ने इसपर स्टे दे दिया। वह इसपर विचार करना चाहती थी और इस मामले को खुद देखना। इस बीच अचानक जीएसटी कौंसिल ने सैनिटेरी नैपकिन को जीएसटी मुक्त कर दिया। केंद्र सरकार ने अदालत में कहा था कि सैनिटेरी नैपकिन को टैक्स मुक्त करने से देसी निर्माता इसपर इनपुट क्रेडिट नहीं ले पाएंगे और उत्पाद महंगा हो जाएगा। अगर ऐसा ही था तो बाद में फैसला इसीलिए लिया गया कि सुप्रीम कोर्ट जीएसटी पर विचार न करे। दूसरी ओर, इससे यह भी साबित होता है केंद्र सरकार या जीएसटी कौंसिल ऐसा कर पाती तो पहले ही कर देती। उसने समस्या कोर्ट को बताई भी थी और शायद इसीलिए अदालत इस मामले को स्वंय सुनना चाहती थी पर सरकार ने फिलहाल इसे बचा लिया है।</p>
<p>पुस्तक की प्रस्तावना में लेखक ने लिखा है, “प्रस्तुत पुस्तक एक छोटे कारोबारी के रूप में जीएसटी को जानने समझने की कोशिश का हिस्सा है। जीएसटी लागू होने के बाद यह बताये जाने पर कि कई स्थितियों में 20 लाख रुपए प्रतिवर्ष से कम का कारोबार भी जीएसटी से मुक्त नहीं है, लगभग 100 दिनों तक लगातार और उसके बाद अलग-अलग मौकों पर लिखी गई टिप्पणियों का संकलन है। संभव है, इनमें से कुछ अब व्यर्थ लगें, लागू न हों या बदल गए हों। जीएसटी के नियमों के अनुसार कंप्यूटर पर ई-मेल इंटरनेट के जरिए अपने राज्य के बाहर के ग्राहकों के लिए काम करने वालों का जीएसटी पंजीकरण जरूरी है। और यह पहले के नियमों की तरह नहीं है कि आप पंजीकरण न कराएं पर कार्रवाई तभी होगी जब पकड़े जाएंगे।” यह लिखने पढ़ने का काम करने वाले सभी लोगों के लिए चिन्ता की बात है।</p>
<p>समस्या जीएसटी से कम और इसके छोटे कारोबार विरोधी रुख से ज्यादा है। हालंकि, इस पूरी व्यवस्था का असर यह हुआ है कि छोटे कारोबार बंद होते जा रहे हैं और छोटे कारोबार जो बंद हो जाएं उनका दोबारा चालू होना लगभग असंभव है। बड़े कारोबार तो टैक्स लगा देंगे और खर्चा जोड़ देंगे। समस्या उनके साथ हैं जिनके पास काम ही कम है। जो पहले ही जरूरत भर नहीं कमाते हैं वे टैक्स भरने और रिटर्न दाखिल करने का खर्च कहां से लाएं। दुखद यह है कि सरकार ऐसे लोगों की एक नहीं सुन रही है अगर उसे लगता है कि जीएसटी से फायदा होगा तो क्या उसने कभी हिसाब लगाया कि फायदा कितना होगा और कारोबार बंद होने से कितना नुकसान होगा। स्पष्ट है इसका उत्तर नहीं ही होगा पर सरकार इस बात से निश्चित है कि जीएसटी का विरोध नहीं हो रहा है और आम मतदाता तक इसकी सूचना नहीं है।</p>
<p>यह किताब अमैजन (goo.gl/yNcS4W) और प्रकाशक के वेबसाइट (goo.gl/KUxVj8) पर जाकर भी ऑर्डर की जा सकती है। 248 पेज के इस पुस्तक की कीमत है 299 रुपए।</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/book/book-on-gst">जीएसटी ​यानि &#8216;किंकर्तव्यविमूढ़&#8217;​ क्रेता-विक्रेता-व्यापारी और सरकार बल्ले-बल्ले ​</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>कोई एक तो सच नहीं बोल रहा है: जेटली-माल्या का आरोप-प्रत्यारोप, प्रवर्तन निदेशालय और सलमान खान वाला &#8220;वॉन्टेड फिल्म&#8221;</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/crime/telling-lies-ha-ha-ha</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Sep 2018 11:40:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[arun]]></category>
		<category><![CDATA[court]]></category>
		<category><![CDATA[finance]]></category>
		<category><![CDATA[j]]></category>
		<category><![CDATA[judiciary]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली : वित्त मन्त्री अरुण जेलटी और शराब माफिया विजय माल्या का &#8220;आरोप&#8221; &#8220;प्रत्यारोप&#8221;, तू-तू मैं-मैं सुनकर २००९ में प्रभु देवा के निर्देशन में निर्मित &#8220;वॉन्टेड&#8221; फिल्म की याद ताज़ी हो जाती है। उम्मीद है, भारत ही नहीं विश्व के लोग भी इस फिल्म को देखे होंगे तभी तो बॉक्स ऑफिस में यह फिल्म [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/crime/telling-lies-ha-ha-ha">कोई एक तो सच नहीं बोल रहा है: जेटली-माल्या का आरोप-प्रत्यारोप, प्रवर्तन निदेशालय और सलमान खान वाला &#8220;वॉन्टेड फिल्म&#8221;</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली : वित्त मन्त्री अरुण जेलटी और शराब माफिया विजय माल्या का &#8220;आरोप&#8221; &#8220;प्रत्यारोप&#8221;, तू-तू मैं-मैं सुनकर २००९ में प्रभु देवा के निर्देशन में निर्मित &#8220;वॉन्टेड&#8221; फिल्म की याद ताज़ी हो जाती है। उम्मीद है, भारत ही नहीं विश्व के लोग भी इस फिल्म को देखे होंगे तभी तो बॉक्स ऑफिस में यह फिल्म कोई १२५ करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी।  </p>
<p>इस फिल्म के एक संवाद में महान अभिनेता प्रकाश राज (गनी भाई) अपने कारोबार में लगातार सहयोगियों की हत्या के कारण, साथ ही, अपने कारोबार को बचाने के लिए मुंबई आते हैं। मुंबई आने का समस्त प्लाट मुंबई पुलिस के पुलिस कमिश्नर गोविन्द नामदेव और राधे (सलमान खान जो अंडरकवर होते हैं) रचते हैं, वैसे गनी भाई समझते हैं की वे &#8220;खुद&#8221; आये हैं। </p>
<p>भारतीय न्यायिक व्यवस्था, माफिया और राजनेताओं की साथ-गाँठ पर हथौड़ा-टाईप प्रहार करते हुए एक स्थान पर गनी भाई का संवाद होता है: &#8220;हम तो बिजनेसमैन हैं। हम कोर्ट में जज साहेब को कह देंगे की अमिताभ बच्चन मेरा दोस्त हैं। सचिन तेंदुलकर मेरा दोस्त हैं। सभी मेरा बिजनेस पार्टनर्स हैं। जबकि इन दोनों का मुझसे कोई लेना देना नहीं है, मैं जानता भी नहीं; लेकिन मुंबई पुलिस को भारतीय न्यायपालिका में इसे साबित करते-करते कई वर्ष लग जायेंगे।&#8221;</p>
<p>आज  वित्त मन्त्री अरुण जेलटी और शराब माफिया विजय माल्या की बातें भी इसी तरह है। दोनों में कोई तो झूठ अवश्य बोल रहा है। कल तक वित्त मन्त्री अरुण जेलटी और शराब माफिया विजय माल्या की दोस्ती थी। वैसे भारतीय राजनीतिक समुद्र में शायद एक भी नेता नहीं होंगे &#8211; पंचायत से संसद तक &#8211; जिनका &#8220;वैसे-वैसे लोगों से सम्बन्ध नहीं होगा। कुछ तो स्वयं आपराधिक मामलों में फंसे हैं। यह बात तो भारत का निर्वाचन आयोग भी जानता है। लेकिन वह भी क्या करे ! इधर, वित्त मंत्री जेटली ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया था। </p>
<p>बहरहाल, लन्दन में शराब कारोबारी विजय माल्या ने कहा कि वह पिछले साल भारत से भागने से पहले वित्त मंत्री से मिला था। माल्या जब भारत से भागा था, उस वक्त अरूण जेटली वित्त मंत्री थे।लंदन की अदालत में पेश होने पहुंचे माल्या से जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या उसे देश से भागने के लिए आगाह किया गया था, उसने कहा, ‘‘मैं भारत से रवाना हुआ क्योंकि मेरी जिनिवा में एक मुलाकात का कार्यक्रम था। रवाना होने से पहले मैं वित्त मंत्री से मिला था और निपटारे (बैंकों के साथ मुद्दे) की पेशकश दोहराई थी। यही सच्चाई थी।’’ माल्या ने मंत्री का नाम लिए बगैर यह कहा।<br />
धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों का सामना कर रहे 62 वर्षीय माल्या अपने प्रत्यर्पण के एक मामले के सिलसिले में अदालत पहुंचा था। किंगफिशर एयरलाइन के मालिक रहे माल्या ने अदालत में चल रहे अपने प्रत्यर्पण के मामले की सुनवाई के दौरान भोजनावकाश के दौरान सिगरेट का कश लेते हुए कहा , ‘‘मैंने पहले भी कहा था कि मैं एक राजनीतिक फुटबॉल हूं। इस बारे में मैं कुछ नहीं कर सकता। मेरी अंतरात्मा साफ है और मैंने लगभग 15,000 करोड़ रूपये की संपत्ति कर्नाटक उच्च न्यायालय की मेज पर रख दी थी।’’ </p>
<p>शराब कारोबारी ने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से बलि का बकरा हूं, मैं बलि का बकरा जैसा महसूस कर रहा हूं। दोनों ही राजनीतिक दल मुझे पसंद नहीं करते।’’ माल्या ने मुंबई के आर्थर रोड जेल स्थित बैरक 12 के वीडियो का व्यंग्यपूर्ण लहजे में जिक्र करते हुए उसे बहुत ही प्रभावशाली बताया। दरअसल, इसे उसके लिए ही बनाया गया है। </p>
<p>माल्या पिछले साल अप्रैल में अपनी गिरफ्तारी के बाद से एक प्रत्यर्पण वारंट पर जमानत पर है। वह 9,000 करोड़ रूपये की धोखाधड़ी और धन शोधन के आरोपों को लेकर भारत प्रत्यर्पित किए जाने का एक मुकदमा लड़ रहा है। प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई लंदन की अदालत में पिछले साल चार दिसंबर को शुरू हुई थी।</p>
<p>बहरहाल, देश से बाहर जाने से पहले वित्त मंत्री अरूण जेटली से मुलाकात करने संबंधी भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के दावे को लेकर कांग्रेस ने आज सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि जेटली से ‘विदाई लेकर’ माल्या भारत से भागा था।पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘‘भगोड़ों का साथ, लुटेरों का विकास” भाजपा का एकमात्र लक्ष्य है।उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी, आपने ललित मोदी, नीरव मोदी ‘हमारे मेहुल भाई’,अमित भटनागर जैसों को देश के करोड़ों रूपये लुटवा, विदेश भगा दिया। विजय माल्या, तो श्री अरुण जेटली से मिलकर ,विदाई लेकर, देश का पैसा लेकर भाग गया है? चौकीदार नहीं,भागीदार है!‘‘  </p>
<p>इधर, विजय माल्या द्वारा भारत छोड़ने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से अपनी मुलाकात का दावा करने के बाद विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया। हालांकि, जेटली ने माल्या के बयान को ‘‘तथ्यात्मक तौर पर गलत’’ करार दिया।  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माल्या के ‘‘अत्यंत गंभीर आरोपों’’ की स्वतंत्र जांच के आदेश तुरंत देने चाहिए और जेटली को जांच जारी रहने के दौरान अपना पद छोड़ देना चाहिए। </p>
<p>आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने माल्या की ओर से किए गए खुलासे को ‘‘बिल्कुल चौंकाने वाला’’ करार दिया और सवाल किया, ‘‘वित्त मंत्री ने अब तक इस सूचना को छुपाए क्यों रखा?’’<br />
केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीरव मोदी के देश छोड़कर जाने से पहले उससे मिलते हैं। विजय माल्या के देश छोड़कर जाने से पहले वित्त मंत्री उससे मिलते हैं। इन बैठकों में क्या पकाया जा रहा था? जनता यह जानना चाहती है।&#8217; </p>
<p>भाजपा के पूर्व नेता एवं पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि न सिर्फ वित्त मंत्री जेटली बल्कि पूरे भाजपा नेतृत्व को माल्या से अपने संबंधों पर बेदाग सामने आना चाहिए। </p>
<p>कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘‘माल्या ने दो चीजें कही हैं। पहली कि उसने वित्त मंत्री से व्यवस्थित ढंग से मुलाकात की थी और दूसरी यह कि उसने मामले को सुलझाने की पेशकश की थी। इस मामले का पूरा खुलासा होना चाहिए। व्यापक स्पष्टीकरण आना चाहिए और व्यापक जांच होनी चाहिए।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब बैंकों को मालूम था, वित्त मंत्रालय को मालूम था, पूरी सरकार को मालूम था और माननीय प्रधानमंत्री को मालूम था कि माल्या पर इतना बड़ा कर्ज बकाया है। ऐसे में उसे देश से बाहर क्यों जाने दिया गया। यह बुनियादी सवाल है जिसका उत्तर पूरा देश जानना चाहता है।’’ </p>
<p>माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि माल्या के भारत से भागने के वाकये ने एक बार फिर इस बात की पुष्टि कर दी कि मोदी सरकार ‘‘बड़े डिफॉल्टरों को जनता के पैसे लूट कर भागने देती है। असल मुद्दा यह है कि लुकआउट नोटिसों के बाद भी वह कैसे भाग गया?’’ </p>
<p>राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि समूची मोदी सरकार घोटालेबाजों और भगोडों से ‘‘मिली हुई है।’’ तेजस्वी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘उन्होंने हजारों करोड़ रुपए लूटने की साजिश रची। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।’’ (भाषा के सहयोग से)</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/crime/telling-lies-ha-ha-ha">कोई एक तो सच नहीं बोल रहा है: जेटली-माल्या का आरोप-प्रत्यारोप, प्रवर्तन निदेशालय और सलमान खान वाला &#8220;वॉन्टेड फिल्म&#8221;</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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