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	<title>centre Archives - आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</title>
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	<description>आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</description>
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		<title>*पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें* के तर्क पर श्रीमती निर्मला सीतारमण आज *पहले विश्वास करें &#8211; फिर जांच करें* आधारित 2025-26 का बजट पेश की</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Feb 2025 11:34:21 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[सम्पादकीय]]></category>
		<category><![CDATA[सरकार और अघोषित आपातकाल ]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली : भारत के सैकड़ों करोड़ लोगों का विश्वास जीतने वाला और सुन्दर, साफ़ धुलाई करने वाला &#8216;धड़ी&#8217; डिटर्जेंट पाउडर के विज्ञापन में जिस तरह यह कहा जाता है कि &#8220;पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें&#8221;, केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण &#8220;पहले विश्वास करें, फिर जांच करें&#8221; के सिद्धांत पर आधारित [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/smt-nirmala-sitharaman-today-presented-budget-2025-26-based-on-trust-first-test-later">*पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें* के तर्क पर श्रीमती निर्मला सीतारमण आज *पहले विश्वास करें &#8211; फिर जांच करें* आधारित 2025-26 का बजट पेश की</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली : भारत के सैकड़ों करोड़ लोगों का विश्वास जीतने वाला और सुन्दर, साफ़ धुलाई करने वाला &#8216;धड़ी&#8217; डिटर्जेंट पाउडर के विज्ञापन में जिस तरह यह कहा जाता है कि &#8220;पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें&#8221;, केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण &#8220;पहले विश्वास करें, फिर जांच करें&#8221; के सिद्धांत पर आधारित और नरेंद्र मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते 2025-26 केंद्रीय बजट पेश की। साथ ही, मध्यम वर्ग पर भरोसा जताया है और आम करदाताओं को करों के बोझ से राहत दिलाने के रुझान को जारी रखा। श्रीमती निर्मला सीतारमण बजट पेश करते हुए सभी करदाताओं को लाभ पहुंचाने हेतु करों के स्लैब एवं दरों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव किया।</strong></p>
<blockquote><p>करदाताओं को खुशखबरी देते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि “नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय (यानी पूंजीगत लाभ जैसी विशेष दर आय को छोड़कर एक लाख रुपये की औसत आय) पर कोई आयकर देय नहीं होगा। 75,000 रुपये की मानक कटौती के कारण वेतनभोगी आयकर दाताओं के लिए सीमा 12.75 लाख रुपये की होगी।” उन्होंने कहा कि स्लैब दरों में कटौती के कारण मिलने वाले लाभों के अलावा कर में छूट इस ढंग से प्रदान की जा रही है कि उनके द्वारा कर का कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। </p></blockquote>
<p>श्रीमती सीतारमण ने कहा, “नई कर संरचना मध्यम वर्ग के लिए व्यापक रूप से करों के बोझ को कम करेगी और उनके हाथों में ज्यादा धन उपलब्ध कराएगी, जिससे घरेलू उपभोग, बचत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।” नई कर व्यवस्था के तहत, वित्त मंत्री ने करों की दर संरचना में निम्नलिखित संशोधन का प्रस्ताव कियाः</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1.png"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1.png" alt="" width="689" height="361" class="aligncenter size-full wp-image-6121" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1.png 689w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1-300x157.png 300w" sizes="(max-width: 689px) 100vw, 689px" /></a></p>
<p>कर सुधारों को विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण सुधारों में से एक के तौर पर रेखांकित करते हुए, श्रीमती सीतारमण ने कहा कि नया आयकर विधेयक ‘न्याय’ की भावना को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था करदाताओं एवं कर प्रशासन के लिए समझने की दृष्टि से सरल होगी, जिससे कर की सुनिश्चितता बढ़ेगी और मुकदमेबाजी में कमी आयेगी। थिरुक्कुरल के 542वें श्लोक को उद्धृत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “जैसे जीवित प्राणी वर्षा की आशा में जीते हैं, वैसे ही नागरिक सुशासन की आशा में जीते हैं।” कर सुधार लोगों एवं अर्थव्यवस्था के लिए सुशासन हासिल करने का एक साधन हैं। सुशासन प्रदान करने की प्रक्रिया में मुख्य रूप से जवाबदेही का समावेश होता है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि कर संबंधी ये प्रस्ताव विस्तार से इस बात को दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने नागरिकों द्वारा व्यक्त आवश्यककताओं को समझने और उन्हें पूरा करने के लिए किस प्रकार कदम उठाए हैं।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2.png"><img decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2.png" alt="" width="685" height="564" class="aligncenter size-full wp-image-6122" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2.png 685w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2-300x247.png 300w" sizes="(max-width: 685px) 100vw, 685px" /></a></p>
<p>बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की स्थापना की जाएगी। यह केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों के लिए नीतिगत सहायता, निष्पादन कार्ययोजनाएं, शासन और निगरानी फ्रेमवर्क उपलब्ध कराएगा। राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन 5 महत्वपूर्ण क्षेत्रों अर्थात् व्यवसाय करने की सुगमता और लागत; मांग वाली नौकरियों के लिए भावी तैयार कार्यबल; जीवंत और गतिशील एमएसएमई क्षेत्र; प्रौद्योगिकी की उपलब्धता और गुणवत्ता युक्त उत्पाद पर बल देगा।</p>
<figure id="attachment_6123" aria-describedby="caption-attachment-6123" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962.jpg"><img decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962.jpg" alt="" width="2200" height="1278" class="size-full wp-image-6123" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-300x174.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-1024x595.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-768x446.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-1536x892.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-2048x1190.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6123" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और पूर्ण बजट टीम के साथ 31 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में अंतरिम केंद्रीय बजट 2025 को अंतिम रूप देने के बाद।</figcaption></figure>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि यह मिशन स्वच्छ प्रौद्योगिकी विनिर्माण को भी सहायता प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य घरेलू मूल्यवर्धन में पर्याप्त सुधार करना और सोलर पीवी सेल, ईवी बैटरी, मोटरों और कंट्रोलरों, इलेक्ट्रोलाइजरों, विंड टर्बाइनों, अत्यधिक वोल्टेज वाले ट्रांसमिशन उपकरण और ग्रिड स्केल बैटरियों का इकोसिस्टम तैयार करना होगा। वित्त मंत्री ने श्रम-सघन क्षेत्रों के लिए उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार श्रम-सघन क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमशीलता के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विशिष्ट नीतिगत और सहायक उपाय करेगी।</p>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि  भारत के फुटवियर और लेदर क्षेत्र की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने हेतु फोकस उत्पाद स्कीम कार्यान्वित की जाएगी। केंद्रीय वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि इस स्कीम में लेदर फुटवियर और उत्पादों के लिए सहायता के अलावा बिना लेदर वाले गुणवत्तापूर्ण फुटवियर के उत्पादन हेतु आवश्यक डिजाइन क्षमता, घटक विनिर्माण और मशीनों के लिए सहायता दी जाएगी। इस स्कीम से 22 लाख व्यक्तियों को रोजगार मिलने, `4 लाख करोड़ का कारोबार और `1.1 लाख करोड़ से अधिक का निर्यात होने की उम्मीद है।</p>
<p>संसद में केन्‍द्रीय बजट पेश करते हुए भारत की विकास यात्रा के लिए ‘कृषि को प्रथम इंजन’ की संज्ञा देते हुए अन्नदाताओं के लाभ के लिए कृषि क्षेत्र के विकास और उत्पादकता में वृद्धि के लिए कई उपायों की घोषणा की। बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना के सरकार के निर्णय की घोषणा करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि मखानों का उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार लाने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन कार्यकलापों में लगे लोगों को एफपीओ में संगठित किया जाएगा। यह बोर्ड मखाना किसानों को पथ-प्रदर्शन और प्रशिक्षण सहायता उपलब्ध कराएगा और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कार्य करेगा कि उन्हें सभी संगत सरकारी योजनाओं के लाभ मिले।</p>
<p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन का कार्यान्वयन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अनुसंधान परिवेश को बढ़ावा देना, उच्च पैदावार, कीट प्रतिरोधी और जलवायु अनुकूलन के गुणों से संपन्न बीजों का लक्षित विकास और प्रचार करना तथा जुलाई 2024 से जारी किए गए बीजों की 100 से अधिक किस्मों को वाणिज्यिक स्तर पर उपलब्ध कराना होगा।उन्होंने कहा कि भविष्य में खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए 10 लाख जर्मप्लाज्म लाइनों के साथ दूसरे जीन बैंक की स्थापना की जाएगी। यह सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों को अनुवांशिक अनुसंधान के लिए संरक्षण सहायता प्रदान करेगी।</p>
<p>कपास उत्पादकता के लिए अभियान की घोषणा करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस पंच-वर्षीय मिशन से कपास कृषि की उत्पादकता और वहनीयता में पर्याप्त सुधार लाने में मदद मिलेगी और कपास की अधिक लंबे रेशे वाली किस्मों को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी की सर्वोत्तम सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वस्त्र क्षेत्र के लिए हमारे 5एफ के समेकित विज़न के अनुरूप, इससे किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी और भारत के परंपरागत वस्त्र क्षेत्र में नई जान फूंकने के लिए गुणवत्तापूर्ण कपास की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।</p>
<figure id="attachment_6124" aria-describedby="caption-attachment-6124" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964.jpg" alt="" width="2200" height="1368" class="size-full wp-image-6124" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-300x187.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-1024x637.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-768x478.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-1536x955.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-2048x1273.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-356x220.jpg 356w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6124" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और पूर्ण बजट टीम के साथ 31 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में अंतरिम केंद्रीय बजट 2025 को अंतिम रूप देने के बाद।</figcaption></figure>
<p>करीब 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के लिए लघु अवधि ऋणों की सुविधा उपलब्ध कराने में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की महत्ता का उल्लेख करते हुए मंत्री महोदया ने संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लिए जाने वाले ऋणों के लिए ऋण सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता के साथ एक उर्वरक संयंत्र की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र में निष्क्रिय पड़े तीन यूरिया संयंत्रों में उत्पादन को पुनः प्रारंभ करने से यूरिया की आपूर्ति को और अधिक बढ़ाने के साथ-साथ उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने में सहायता मिलेगी।</p>
<p>समुद्री खाद्य निर्यात के मामले में 60 हजार करोड़ रुपये मूल्य के मत्स्य उत्पादन और जलीय कृषि के क्षेत्र में विश्व में भारत के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि समुद्री क्षेत्र की अप्रयुक्त संभावनाओं के द्वार खोलने के लिए, हमारी सरकार अंडमान और निकोबार तथा लक्षद्वीप जैसे द्वीपों पर विशेष ध्यान देने के साथ भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र और गहरे समुद्रों से सतत मछली पकड़ने को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल फ्रेमवर्क लाएगी।</p>
<p>केन्द्रीय बजट 2025-26 में विकास को बढ़ावा के लिए सरकारी प्रयासों को जारी रखने, समग्र विकास को सुनिश्चित करने, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने, परिवारिक भावनाओं को बढ़ाने और उभरते मध्यम वर्ग की व्यय क्षमता को बढ़ाने का वादा किया गया। इस बजट में प्रस्तावित विकास, उपाय गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को ध्यान में रखकर किया गया है। बजट में भारत की विकास संभावनाओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि के लिए कराधान, ऊर्जा क्षेत्र, ग्रामिण विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र और नियामक में परिवर्तनकारी सुधारों का लक्ष्य रखा गया है। </p>
<p>केन्द्रीय बजट में रेखांकित किया गया है कि कृषि, एसएसएमई, निवेश और निर्यात विकसित भारत की यात्रा के ईंजन हैं। इसमें सुधार को ईंधन के रूप में और समावेशिता की भावना को पथप्रर्दशक के रूप में रखा गया है।</p>
<figure id="attachment_6125" aria-describedby="caption-attachment-6125" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965.jpg" alt="" width="2200" height="1084" class="size-full wp-image-6125" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-300x148.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-1024x505.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-768x378.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-1536x757.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-2048x1009.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-324x160.jpg 324w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6125" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और पूर्ण बजट टीम के साथ 31 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में अंतरिम केंद्रीय बजट 2025 को अंतिम रूप देने के बाद।</figcaption></figure>
<p><strong>पहला ईंजनः कृषि</strong> : बजट में राज्यों की भागीदारी के साथ ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’की गई है। इसके अंतर्गत 100 जिलों को शामिल किया गया है जहां उत्पादन में वृद्धि, फसल विविधता अपनाने, फसल कटाई के बाद भंडारण बढ़ाने, सिंचाई की सुविधाओं में सुधार करने, दीर्घ-अवधि और लघु-अवधि, ऋण की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य रखा गया। राज्यों की भागीदारी से एक व्यापक बहु-क्षेत्रीय ‘ग्रामीण सम्पन्नता और अनुकूलन निर्माण’ कार्यक्रम प्रारम्भ किया जाएगा। इससे कौशल, निवेश, प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि में कम रोजगार का समाधान होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आएगी।इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक अवसरों का सृजन करते हुए जिसमें विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं, युवा किसानों, ग्रामीण युवाओं, सीमांत और छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों पर ध्यान देना है। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार तूर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान के साथ दालों में आत्मनिर्भरता के लिए एक छह वर्षीय अभियान का शुभारंभ करेगी। केन्द्रीय एजेंसियां (नेफेड और एनसीसीएफ) अगले चार वर्षों के दौरान किसानों से मिलने वाली इन तीन दालों को अधिकतम स्तर पर खरीदने के लिए तैयार रहेंगे।बजट में सब्जियों और फलों के लिए व्यापक कार्यक्रम हेतु उपायों की भी अवधारणा तैयार की गई है। कृषि और इससे सम्बद्ध गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहन देने के लिए इसमें अन्य उपायों के साथ कपास उत्पादकता के लिए एक पांच वर्षीय अभियान और उच्च पैदावार करने वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संशोधित ब्याज योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिटों के माध्यम से मिलने वाले ऋण की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की।</p>
<p><strong>दूसरा इंजनः एमएसएमई</strong> : वित्त मंत्री ने विकास के लिए एमएसएमई को दूसरा शक्तिशाली इंजन बताया, क्योंकि यह क्षेत्र हमारे निर्यात का 45 फीसदी है। एमएसएमई को व्यापक स्तर पर उच्चतर कुशलता, तकनीकी उन्नयन और पूंजी के लिए बेहतर पहुंच प्राप्त करने में सहायता देने के लिए सभी एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए निवेश और कुल कारोबार सीमाओं को क्रमशः 2.5 और दोगुना बढ़ाया गया है। इसके अलावा गारंटी कवर के साथ ऋण उपलब्धता को बढ़ाने के लिए भी उपायों की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की पहली बार की उद्यमी पांच लाख महिलाओं के लिए एक नई योजना का शुभारंभ किया। यह अगले 5 वर्षों के दौरान करोड़ रुपए तक के ऋण प्रदान करेगी।</p>
<p><strong>तीसरा इंजनः निवेश</strong> : निवेश को वृद्धि का तीसरा इंजन बताते हुए वित्त मंत्री ने लोगों, अर्थव्यवस्था और अभिनव में निवेश को प्राथमिकता दी। लोगों में निवेश के अंतर्गत, उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में सरकारी विद्यालयों में 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि भारतनेट परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को ब्रॉडबेंड कनेक्टविटी प्रदान की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा पुस्तक योजना को विद्यालयों और उच्चतर शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं के डिजिटल स्वरूप को प्रदान करने के लिए कार्यान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘मेक फॉर इंडिया, मेक फॉर दी वर्ड’ विनिर्माण के लिए आवश्यक कौशल से हमारे युवाओं को युक्त करने के लिए वैश्विक विशेषज्ञता और साझेदारी के साथ पांच राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केन्द्रों की स्थापना की जाएंगी। 500 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ शिक्षा के लिए आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस में एक उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना की जाएगी।</p>
<figure id="attachment_6126" aria-describedby="caption-attachment-6126" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973.jpg" alt="" width="2200" height="1845" class="size-full wp-image-6126" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-300x252.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-1024x859.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-768x644.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-1536x1288.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-2048x1718.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6126" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और उनकी बजट टीम/वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 01 फरवरी, 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2025 पेश करने के लिए संसद भवन पहुंचीं।</figcaption></figure>
<p>बजट में घोषणा की गई कि सरकार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य देखभाल, गिग श्रमिकों के पहचान पत्र बनाने के साथ-साथ ई-श्रम पोर्टल पर उनका रजिस्ट्रेशन करेंगी। अर्थव्यवस्था में निवेश के अंतर्गत श्रीमती सीतारमण ने कहा कि बुनियादी ढांचा-संबंधित मंत्रालय सार्वजनिक-निजी साझेदारी मोड में परियोजनाएं के तीन वर्ष की अवधि के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए पूंजीव्यय और सुधारों के लिए प्रोत्साहन देने के लिए 50 वर्ष तक के ब्याज मुक्त ऋणों के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव दिया गया है।</p>
<p>उन्होंने नई परियोजनाओं में 10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी का लाभ लेने के लिए दूसरी परिसम्पत्ती मौद्रिकरण योजना 2025-30 की भी घोषणा की। ‘जनभागीदारी’ के माध्यम से ग्रामीण पाइप के माध्यम से जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, संचालन और मरम्मत पर ध्यान देने के साथ वर्ष 2028 तक जल जीवन मिशन का विस्तार किया गया है। सरकार ‘विकास केन्द्रों के तौर पर शहरों, के रचनात्मक पुर्नविकास और जल एवं स्वच्छता’ के लिए प्रस्तावों को कार्यान्वित करने हेतु एक लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष का गठन करेंगी।</p>
<p>अभिनव में निवेश के अंतर्गत निजी क्षेत्र परख अनुसंधान, विकास और अभिनव पहल को कार्यान्वित करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की गई है। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने शहरी योजना को लाभ देने हेतु बुनियादी भू-स्थैतिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राष्ट्रीय भू-स्थैतिक अभियान का प्रस्ताव दिया। बजट में शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों, प्रयोगशालाओं और निजी संग्रहकर्ताओं के साथ एक करोड़ से ज्यादा पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम् अभियान का प्रस्ताव दिया गया। ज्ञान साझेदारी के लिए भारतीय ज्ञान व्यवस्था के एक राष्ट्रीय डिजिटल कोष का भी प्रस्ताव दिया गया।</p>
<p><strong>चौथा इंजनः निर्यात</strong> : श्रीमती सीतारमण ने निर्यात को विकास का चौथा इंजन बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय और मंत्रालयी लक्ष्यों के साथ एक निर्यात संवर्धन मिशन का शुभारंभ किया जाएगा, जिसे वाणिज्य मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जाएगा।उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, ‘भारत ट्रेडनेट (बीटीएन)’ का व्यापार दस्तावेज़ीकरण और वित्तपोषण समाधानों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव दिया गया है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के साथ अपनी अर्थव्यवस्था को जोड़े रखने के लिए घरेलू विनिर्माण क्षमताओं के विकास के लिए सहायता प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार उद्योग 4.0 से संबंधित अवसरों का लाभ उठाने के लिए घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उद्योग को सहायता प्रदान करेगी। उभरते हुए दूसरी श्रेणी के शहरों में वैश्विक क्षमता केन्द्रों को प्रोत्साहन देने के लिए एक राष्ट्रीय प्रारूप का भी प्रस्ताव दिया गया है। सरकार जल्द खराब होने वाले बागवानी उत्पाद सहित एयरकार्गों के लिए बुनियादी ढांचे और वेयरहाउसिंग के उन्नयन हेतु सुविधा प्रदान करेगी। </p>
<p><strong>ईंधन के रूप में सुधार</strong> : इंजन के लिए ईंधन के तौर पर सुधारों को स्पष्ट करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले दस वर्षों से ज्यादा समय में सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए फेसलैस मूल्यांकन, करदाता चार्टर, त्वरित रिटर्न, लगभग 99 फीसदी रिटर्न स्वयं मूल्यांकन के आधार पर और विवाद से विश्वास योजना जैसे कई सुधारों को कार्यान्वित किया गया है। इन प्रयासों को जारी रखते हुए उन्होंने कर विभाग की ‘विश्वास प्रथम जांच बाद में’ वचनबद्धता को दोहराया।</p>
<p><strong>वित्तीय क्षेत्र सुधार और विकास</strong> : ‘कारोबार में आसानी’ की दिशा में सरकार की त्वरित वचनबद्धता की पुष्टि करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने अनुपालन में आसानी, सेवाओं के विस्तार, मजबूत नियामक परिवेश को बनाने, अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू निवेश को प्रोत्साहन देने और पुराने कानूनी प्रावधानों के गैर-अपराधीकरण को आगे बढ़ाते हुए भारत में सम्पूर्ण वित्तीय क्षेत्र की व्यापकता में संरचनात्मक बदलाव का प्रस्ताव दिया। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने समूचे भारत में प्रीमियम निवेश करने वाली कम्पनियों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को 74 फीसदी से 100 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।</p>
<p>राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग पर बने रहने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए केन्‍द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटे को प्रत्‍येक वर्ष इस प्रकार से रखने का प्रयास किया जाएगा कि केन्‍द्रीय सरकार का ऋण, जीडीपी के प्रतिशत के रूप में गिरते क्रम में बना रहे। इसके साथ ही अगले 6 वर्षों के लिए रोडमैप का विस्‍तृत ब्‍यौरा एफआरबीएम विवरण में दिया गया है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे का संशोधित अनुमान जीडीपी का 4.8 प्रतिशत है जबकि बजट अनुमान 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।</p>
<figure id="attachment_6128" aria-describedby="caption-attachment-6128" style="width: 1417px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1.jpg" alt="" width="1417" height="1789" class="size-full wp-image-6128" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1.jpg 1417w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-238x300.jpg 238w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-811x1024.jpg 811w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-768x970.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-1217x1536.jpg 1217w" sizes="auto, (max-width: 1417px) 100vw, 1417px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6128" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण 01 फरवरी, 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2025 पेश करने के लिए वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और उनकी बजट टीम/वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नॉर्थ ब्लॉक से राष्ट्रपति भवन और संसद भवन के लिए प्रस्थान करती हुई।</figcaption></figure>
<p><strong>संशोधित अनुमान 2024-25</strong> : वित्त मंत्री ने बताया कि उधारियों के अलावा कुल प्राप्‍तियों का संशोधित अनुमान 31.47 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से निवल कर प्राप्तियां 25.57 लाख करोड़ रुपये है। उन्‍होंने ज्‍यादा जानकारी देते हुए बताया कि कुल व्‍यय का संशोधित अनुमान 47.16 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से पूंजीगत व्‍यय लगभग 10.18 लाख करोड़ रुपये है। </p>
<p>राष्ट्र निर्माण में मध्यमवर्ग की सराहनीय ऊर्जा और क्षमता में हमेशा विश्वास जताते हुए केन्‍द्रीय बजट 2025-26 में नई कर व्यवस्था के तहत कर दर संरचना को संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया है। नई कर व्यवस्था के अंतर्गत प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये तक की आय अर्थात विशिष्ट दर आय जैसे पूंजीगत लाभ को छोड़कर 1 लाख रुपये प्रतिमाह की औसत आय पर कोई आय कर देय नहीं होगा। वेतनभोगी करदाताओं के लिए यह सीमा 75,000 रुपये की मानक कटौती के कारण प्रतिवर्ष 12.75 लाख रुपये होगी। इन प्रस्तावों के परिणामस्वरूप नए कर संरचना के तहत सरकार को प्रत्यक्ष करों में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्‍व का परित्याग होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार ने लोगों की जरूरतों को समझते हुए कई महत्‍वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रत्‍यक्ष कर प्रस्‍तावों में मध्‍यम वर्ग पर ध्‍यान केन्द्रित करते हुए व्‍यक्तिगत आयकर में सुधार, टीडीएस/टीसीएस को तर्कसंगत बनाना, अनुपालनों के बोझ को कम करते हुए स्‍वैच्छिक अनुपालनों को प्रोत्‍साहित करना, व्‍यवसाय करने की सुगमता और निवेश और रोज़गार बढ़ाने के लिए कुछ प्रोत्‍साहन शामिल हैं। स्‍वैच्छिक अनुपालन को अद्यतन करने की सुविधा को लेकर लगभग 90 लाख करदाताओं ने अतिरिक्‍त कर का भुगतान करते हुए स्‍वैच्छिक रूप से अपनी आय संबंधी ब्‍यौरों को अद्यतन किया। इस विश्‍वास को आगे बढ़ाते हुए, अब किसी भी कर-निर्धारण वर्ष के लिए अद्यतन विवरणी दाखिल करने की समय-सीमा को मौजूदा दो वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष करने का प्रस्‍ताव किया गया है। छोटे धर्मार्थ न्‍यासों/संस्‍थाओं की पंजीकरण अवधि को बढ़ाकर 5 वर्ष से 10 वर्ष करके ऐसी संस्‍थाओं के अनुपालन संबंधी बोझ को कम करने का प्रस्‍ताव है। </p>
<p>करदाताओं को स्वामित्व वाली सम्‍पत्तियों के लिए बिना किसी शर्त के ऐसी दो सम्‍पत्तियों के वार्षिक मूल्‍य के   लाभ की अनुमति प्रदान करने का प्रस्‍ताव किया गया है। पिछले बजट में प्रस्‍तुत की गई विवाद से विश्‍वास योजना को शानदार प्रतिक्रिया मिली है और इसके द्वारा लगभग 33,000 करदाताओं ने इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने विवादों का निपटारा किया है। वरिष्‍ठ और अति वरिष्‍ठ नागरिकों को लाभ देते हुए 29 अगस्‍त, 2024 को या उसके पश्‍चात् राष्‍ट्रीय बचत योजना (एनएसएस) से किए गए आहरण पर छूट प्रदान करने का प्रस्‍ताव है। एनपीएस वात्‍सलय खातों के लिए भी ऐसी ही व्‍यवस्‍था का प्रस्‍ताव है। व्यवसाय करने की सुगमता के तहत, अंतरण मूल्‍य की प्रक्रिया को कारगर बनाने हेतु तीन वर्षों की ब्‍लॉक अवधि के लिए अंतरराष्‍ट्रीय लेन-देन के मामलों में आर्म्स लेन्थ मूल्‍य निर्धारण करने के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्‍ताव है। यह योजना सर्वोत्तम वैश्विक पद्धतियों के अनुरूप होगी। अंतरराष्‍ट्रीय कराधान में विवादों को कम करने और निश्चितता को बनाए रखने की दृष्टि से सेफ हार्बर नियमों के दायरे का विस्‍तार किया जा रहा है।</p>
<figure id="attachment_6129" aria-describedby="caption-attachment-6129" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975.jpg" alt="" width="2200" height="2074" class="size-full wp-image-6129" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-300x283.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-1024x965.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-768x724.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-1536x1448.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-2048x1931.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-24x24.jpg 24w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6129" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और उनकी बजट टीम/वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 01 फरवरी, 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2025 पेश करने के लिए संसद भवन पहुंचीं।</figcaption></figure>
<p>रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने हेतु उन अनिवासियों के लिए प्रकल्पित कराधान व्‍यवस्‍था का प्रस्‍ताव किया गया है, जो ऐसी निवासी कम्‍पनी को सेवाएं प्रदान करते हैं, जो इलेक्‍ट्रॉनिक विनिर्माण सुविधा स्‍थापित या संचालित कर रही है। देश में अन्तर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा टन भार कर स्कीम के लाभों के अंतर्गत पंजीकृत अन्तर्देशीय जलयानों के लिए विस्तारित करने का प्रस्ताव किया गया है। भारतीय स्टार्ट-अप इको-सिस्टम में 5 वर्षों तक निगमन की अवधि का विस्तार करने का प्रस्ताव किया गया है। अवसंरचना क्षेत्र में निवेश को प्रोत्‍साहित करने के लिए बजट में सॉवरेन धन निधियों और पेंशन निधियों द्वारा अवसंरचना क्षेत्र में वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए निवेश करने की तारीख को 5 वर्ष बढ़ाकर 31, मार्च, 2030 तक करने का प्रस्ताव किया गया है।</p>
<p>औद्योगिक वस्तुओं के लिए सीमा-शुल्क टैरिफ संरचना को युक्तिसंगत बनाने के लिए बजट में : (i) सात टैरिफ दरों को हटाने, (ii) प्रभावी शुल्क दायित्‍व बनाए रखने के लिए कुछ मदों प्रभावी शुल्क दायित्‍व बनाए रखने के लिए कुछ मदों को छोड़कर,  और (iii) एक से अधिक उपकर अथवा अधिभार नहीं लगाने का प्रस्ताव है। आयातित दवाईयों पर छूट देते हुए कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और संचारी बीमारियों और 36 जीवन रक्षक दवाओं को बेसिक कस्‍टम ड्यूटी (बीसीडी) से पूरी तरह छूट दे दी गई है। पेटेंट असिस्‍टेंट प्रोग्राम के अंतर्गत 13 नई दवाओं सहित 37 दवाईयों को भी बेसिक कस्‍टम ड्यूटी से मुक्‍त कर दिया गया है, अगर ये दवाएं मरीज को मुफ्त दी जाती है।</p>
<p>घरेलू विनिर्माण और मूल्‍य संवर्धन, 25 विशेष खनिजों जिनकी घरेलू उपलब्‍धता नहीं है उन्‍हें भी सहायता देने के लिए जुलाई, 2025 से बीसीडी से मुक्‍त कर दिया गया है। 2025-26 के बजट में कोबाल्‍ट पाउडर और उसके कबाड़, लीथियम आयरन बैट्री के कबाड़, लैट, जिंक और 12 अन्‍य मुख्‍य खनिजों को भी छूट दी गई है। घरेलू कपड़ा उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए कपड़ा मशीनरी में दो अन्‍य शटल लैस लूम्‍स को भी छूट दी गई है। बजट में आगे कहा गया है कि बुने हुए कपड़े जो 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत, जिन्‍हें 20 प्रतिशत कर दिया गया है या 115 किलोग्राम से जो ज्‍यादा है, जो 09 टैरिफ लाइन्‍स को कवर करती है, उनके बीसीडी में भी संशोधन किया गया है।</p>
<p>प्रतिलोम शुल्क संरचना को ठीक करने और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए इंटरेक्टिव फ्लेट पैनल डिस्‍पले (आईएफपीडी) को 20 प्रतिशत बढ़ाया गया है और ओपन सैल्‍स को 5 प्रतिशत कम किया गया है। ओपन सैल्‍स के उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए ओपन स्‍टेंडस को बीसीडी के हिस्‍से के रूप में छूट दी गई है।</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/smt-nirmala-sitharaman-today-presented-budget-2025-26-based-on-trust-first-test-later">*पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें* के तर्क पर श्रीमती निर्मला सीतारमण आज *पहले विश्वास करें &#8211; फिर जांच करें* आधारित 2025-26 का बजट पेश की</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>पार्श्ववर्ती प्रवेश (लेटरल एंट्री) : रुक्मणी रुक्मणी, शादी के बाद क्या क्या हुआ &#8211; कौन हारा कौन जीता, खिड़की मे से देखो ज़रा &#8230;&#8221;  </title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 12:30:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चुटकुलानन्द की चिठ्ठी]]></category>
		<category><![CDATA[centre]]></category>
		<category><![CDATA[government]]></category>
		<category><![CDATA[jitendra singh]]></category>
		<category><![CDATA[lateral entry]]></category>
		<category><![CDATA[narendra modi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नॉर्थ ब्लॉक (नई दिल्ली): आज से 32-वर्ष पहले लेखिका सुजाता की कहानी पर मणिरत्नम के निर्देशन में  एक सिनेमा बना था जो 15 अगस्त, 1992 को भारत के छवि गृहों में आया था। नाम था &#8216;रोजा&#8217; और इस सिनेमा में संतोष सिवन और मधुबाला मुख्य भूमिका में थे। इस सिनेमा में संगीत दिया था ए आर [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नॉर्थ ब्लॉक (नई दिल्ली): आज से 32-वर्ष पहले लेखिका सुजाता की कहानी पर मणिरत्नम के निर्देशन में  एक सिनेमा बना था जो 15 अगस्त, 1992 को भारत के छवि गृहों में आया था। नाम था &#8216;रोजा&#8217; और इस सिनेमा में संतोष सिवन और मधुबाला मुख्य भूमिका में थे। इस सिनेमा में संगीत दिया था ए आर रहमान। आर्थिक कमाई की बात छोड़ दें तो इस फिल्म से मणिरत्नम और रहमान साहब को एक नई पहचान मिली। दोनों के झोली में अनेकानेक सम्मान आये। यह सिनेमा पहले तमिल में बनी, फिर हिंदी में। इस सिनेमा में एक मधुर गीत था जिसे शब्दबद्ध किये थे पीके मिश्रा और गाये थे बाबा सहगल तथा श्वेता शेट्टी। </strong></p>
<p><em>गीत के बोल थे:  &#8220;रुक्मणी रुक्मणी, शादी के बाद क्या क्या हुआ &#8211; कौन हारा कौन जीता, खिड़की मे से देखो ज़रा &#8230;&#8221; </em> </p>
<p>श्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में सम्मानित राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रधानमंत्री कार्यालय और कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय राज्यमंत्री  डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को पार्श्व प्रवेश (लेटरल एंट्री) के तहत 45 वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का अनुरोध पढ़कर रोजा सिनेमा का यह गीत होठों पर आ गया। चार दिन पहले विज्ञापन का निकलना और चार दिन बाद उसे निरस्त कर देना &#8211; किसकी जीत अथवा किसकी हार मानी जाएगी यह 140 करोड़ मतदाताओं का प्रश्न है।</p>
<p>भारत के संसद में सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष में महज 59 अंकों का फासला है। सत्तारूढ़ एनडीए के पास 543 कुर्सियों में एक ओर जहाँ 293 कुर्सियां हैं, वहीँ इंडिया गठबंधन के पास 234 कुर्सियां हैं। अन्य के पास 17 कुर्सियां हैं। विगत दस वर्षों का भारत का राजनीतिक इतिहास, विशेषकर सरकारी स्तर पर लिए गए फैसले के मद्देनजर इस बात को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि पार्श्व प्रवेश (लेटरल एंट्री) के तहत संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जिन 45 वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, उसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नहीं हो, अथवा उनके अनुशंसा के बिना आयोग को प्रेषित किया गया हो। पार्श्व प्रवेश भर्ती विज्ञापन के महज 96-घंटे के अंदर केंद्र सरकार द्वारा वापस लेना किसकी जीत अथवा किसकी हार मानी जाएगी यह 140 करोड़ मतदाताओं का प्रश्न है।</p>
<p><strong>संघ लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सूडान को लिखे गए पत्र में डॉ. जितेंद्र सिंह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय ने लिखा है: &#8220;It is important that the Constitutional mandate towards social justice is upheld so that the deserving candidates from marginalized communities get their rightful representation in the government services. Since these position have been treated as specialized and designated as single-cadre posts, there has been no provision for reservation in these appointments. This aspect needs to be reviewed and reformed in the context of the Hon&#8217;ble Prime Minister&#8217;s focus on ensuring social justice. Hence, I urge the UPSC to cancel the advertisement for lateral entry recruitment issued on 17.8.2024. This step would be a significant advance in the pursuit of social justice and empowerment.&#8221;</strong><br />
 <br />
<figure id="attachment_5728" aria-describedby="caption-attachment-5728" style="width: 1000px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/Singh.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/Singh.jpg" alt="" width="1000" height="631" class="size-full wp-image-5728" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/Singh.jpg 1000w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/Singh-300x189.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/Singh-768x485.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a><figcaption id="caption-attachment-5728" class="wp-caption-text">राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रधानमंत्री कार्यालय और कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय राज्यमंत्री  डॉ. जितेंद्र सिंह</figcaption></figure></p>
<p>सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री, उनके मंत्रिमंडल के लोगों को इस निर्णय से पहले, यानी विज्ञापन निर्गत करने के पहले इन बातों का ज्ञान नहीं हुआ, जो विज्ञापन निकलने के चार दिन बाद हुआ! अपने पत्र में जितेंद्र सिंह ने कहा, &#8216;हमारी सरकार का प्रयास प्रक्रिया को संस्थागत रूप से संचालित, पारदर्शी और खुला बनाने का रहा है। प्रधानमंत्री का दृढ़ विश्वास है कि पार्श्व प्रवेश की प्रक्रिया को हमारे संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के साथ जोड़ा जाना चाहिए, विशेष रूप से आरक्षण के प्रावधानों के संबंध में। प्रधानमंत्री के लिए सार्वजनिक रोजगार में आरक्षण हमारे सामाजिक न्याय ढांचे की आधारशिला है, जिसका उद्देश्य ऐतिहासिक अन्याय को दूर करना और समावेशिता को बढ़ावा देना है।&#8217;</p>
<p>पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक सेवा में आरक्षण के हिमायती हैं और हमारी सरकार सामाजिक न्याय को मजबूत करने को लेकर प्रतिबद्ध है, इसलिए हम आपसे अनुरोध करते हैं कि उन रिक्त स्थान की भर्ती सम्बन्धी विज्ञापन को रद्द कर दिया जाए।पत्र में लिखा गया कि : &#8220;It is well known that, as principle, lateral entry was endorsed by the Second Administrative Reforms Committee which was constituted in 2005, chaired by Shri Veerappa Moily. The recommendation of the Sixth pay Commission in 2013 were also in the same direction. However, both before and after that there have been many high profile cases of lateral entrants. Under earlier governments, posts as important as that of Secretary in various ministries, leadership of UIDAI etc.,have been given to lateral entrants without following any process of reservation. Further, it is well known that the members of the famous National Advisory Council used to run a super-bureaucracy that controlled the Prime Minister;&#8217;s Office.&#8221;</p>
<p>पूरा विपक्ष लेटरल एंट्री के जरिए भर्ती के विरोध में खड़ा था। विपक्ष ने इसे सत्तारूढ़ बीजेपी की मनमानी बताते हुए &#8216;संविधान का उल्लंघन&#8217; करार दिया। अखिलेश यादव ने इस फैसले के खिलाफ दो अक्टूबर से प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी। कांग्रेस ने कहा कि केंद्र में &#8216;लेटरल एंट्री&#8217; के माध्यम से भर्ती अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों को आरक्षण से दूर रखने की सरकार की साजिश है। कांग्रेस ने आरोप भी लगाया कि सोची समझी साजिश के तहत बीजेपी जानबूझकर नौकरियों में ऐसे भर्ती कर रही है, ताकि आरक्षण से अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ावर्ग को दूर रखा जा सके। इस तरह की कार्रवाई से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण खुलेआम छीना जा रहा है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संघ लोक सेवा आयोग के बजाय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के माध्यम से लोक सेवकों की भर्ती करके संविधान पर हमला कर रहे हैं।</p>
<p><strong>आश्चर्य की बात तो यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में सहयोगी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी इस तरह से सरकारी पदों पर नियुक्तियों के किसी भी कदम की आलोचना की और कहा कि वह केंद्र के समक्ष यह मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने कहा कि “किसी भी सरकारी नियुक्ति में आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। इसमें कोई किंतु-परंतु नहीं है। निजी क्षेत्र में आरक्षण नहीं है और अगर सरकारी पदों पर भी यह लागू नहीं किया जाता है तो यह जानकारी मेरे लिए चिंता का विषय है।” </strong></p>
<p>सरकार का तर्क है कि पार्श्ववर्ती प्रवेश के तहत उच्च पदों पर नियुक्ति कोई पहली बार नहीं की जा रही हैं, बल्कि इस प्रकार की नियुक्ति पूर्व में भी की जाती रही है। अंतर केवल इतना है कि इस बार इन नियुक्तियों के लिये आवेदन आमंत्रित किये गए हैं। दूसरी ओर इस प्रकार की नियुक्तियों का विरोध करने वालों का कहना है कि इससे संघ लोक सेवा आयोग एक असहाय संस्था बनकर रह जाएगी और आरक्षण व्यवस्था को भी नुकसान पहुँचेगा। सरकार का कहना है कि ऐसा करने से विकास की नई अवधारणा से नौकरशाही खुद को सीधे तौर पर जोड़ सकेगी। इसी प्रकार कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार नौकरशाही में सुधार करके काम करने की प्रक्रिया को सरल बनाना चाहती है, तो उसका विरोध नहीं होना चाहिये। </p>
<p>निजी क्षेत्र से संयुक्त सचिवों की सीधी भर्ती ऐसा ही एक कदम है, क्योंकि निजी क्षेत्र में दक्षता और पारदर्शिता की मदद से ही कोई कामयाब हो सकता है, जबकि सरकारी तंत्र के लिये ऐसा होना आवश्यक नहीं। इसमें कोई दो राय नहीं कि नौकरशाही में सुधार की आवश्यकता है, लेकिन ऐसा करने से पहले इसे राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करने की भी आवश्यकता है। देश में संयुक्त सचिव के कुल 341 पद हैं, जिनमें से 249 पदों पर IAS अधिकारी ही नियुक्त होते हैं तथा शेष 92 पदों पर विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाती है, जो गैर-IAS भी होते हैं। लेकिन इसके लिए अब तक किसी तरह का विज्ञापन जारी नहीं किया जाता था और सरकार इन पदों पर नियुक्तियां कर देती थी। </p>
<p><strong>जुलाई 2017 में सरकार ने नौकरशाही में देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली सिविल सेवाओं में परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति के अलावा अन्य क्षेत्रों अर्थात पार्श्ववर्ती प्रवेश से प्रवेश का प्रावधान पर विचार करने की बात कही थी। सरकार चाहती है कि निजी क्षेत्र के अनुभवी उच्चाधिकारियों को विभिन्न विभागों में उपसचिव, निदेशक और संयुक्त सचिव स्तर के पदों पर नियुक्त किया जाए। इसके लगभग एक वर्ष बाद केंद्र सरकार ने पार्श्ववर्ती प्रवेश की अधिसूचना जारी करते हुए पदों के लिये आवेदन आमंत्रित किये थे। इसके अलावा, नीति आयोग ने एक रिपोर्ट में कहा था कि यह जरूरी है कि पार्श्ववर्ती प्रवेश के तहत विशेषज्ञों को मुख्यधारा में शामिल किया जाए। इसका उद्देश्य नौकरशाही को गति देने के लिये निजी क्षेत्र से विशेषज्ञों की तलाश करना था। जिसके तहत सबसे पहले विभिन्न विभागों में संयुक्त सचिव के 9 पदों के लिये निजी क्षेत्र के आवेदकों को चुना गया है जिसमें अंबर दुबे (नागरिक उड्डयन), अरुण गोयल (वाणिज्य), राजीव सक्सेना (आर्थिक मामले), सुजीत कुमार बाजपेयी (पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन), सौरभ मिश्रा (वित्तीय सेवाएँ), दिनेश दयानंद जगदाले (नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा), सुमन प्रसाद सिंह (सड़क परिवहन और राजमार्ग), भूषण कुमार (शिपिंग) और काकोली घोष (कृषि, सहयोग और किसान कल्याण) शामिल हैं। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय को इन पदों के लिये 6077 आवेदन मिले थे। </strong></p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/J-1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/J-1.jpg" alt="" width="724" height="1024" class="aligncenter size-full wp-image-5730" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/J-1.jpg 724w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/J-1-212x300.jpg 212w" sizes="auto, (max-width: 724px) 100vw, 724px" /></a></p>
<p>संघ लोक सेवा आयोग ने पार्श्ववर्ती प्रवेश के जरिए सीधे 𝟒𝟓 संयुक्त सचिव, उप-सचिव और निदेशक स्तर की नौकरियां निकाली है जिनमें 10 संयुक्त सचिव और 35 निदेशक/उप सचिव के पद शामिल थी । शुरुआत में सरकार 10 मंत्रालयों, मसलन, राजस्व विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, आर्थिक कार्य विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, जहाजरानी मंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय, पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में विशेषज्ञ संयुक्त सचिवों को नियुक्त करने की बात थी।  </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/J-2.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/J-2.jpg" alt="" width="724" height="1024" class="aligncenter size-full wp-image-5731" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/J-2.jpg 724w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2024/08/J-2-212x300.jpg 212w" sizes="auto, (max-width: 724px) 100vw, 724px" /></a></p>
<p>इन पदों पर आवेदन के लिये न्यूनतम आयु सीमा 40 वर्ष रखी गई थी, जबकि अधिकतम आयु सीमा तय नहीं की गई थी। इनका वेतन केंद्र सरकार के अंतर्गत काम करने वाले संयुक्त सचिव के समान बनाया गया था तथा अन्य सुविधाएं भी उसी अनुरूप मिलने की बात की गई थी। सभी नियुक्त लोगों को सर्विस रूल के तहत काम करना था । इस प्रकार संघ लोक सेवा आयोग से नियुक्त होने वाले संयुक्त सचिवों का कार्यकाल उनकी कार्य-निष्पादन क्षमता के अनुसार 3 से 5 साल का था । केवल अन्तर्वीक्षा के आधार पर इनका चयन होना था तथा मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी उनका इंटरव्यू लेती । योग्यता के अनुसार सामान्य ग्रेजुएट और किसी सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई, विश्वविद्यालय के अलावा किसी निजी कंपनी में 15 साल का अनुभव निर्धारित किया गया था। </p>
<p><strong>ज्ञातव्य हो कि आज़ादी के चार साल बाद सं 1951 में प्रशासन की कार्यशैली पर एन.डी. गोरेवाला की रिपोर्ट ‘लोक प्रशासन पर प्रतिवेदन’ नाम से आई। रिपोर्ट के अनुसार कोई भी लोकतंत्र स्पष्ट, कुशल और निष्पक्ष प्रशासन के अभाव में सफल नियोजन नहीं कर सकता। इस रिपोर्ट में अनेक उपयोगी सुझाव थे, लेकिन क्रियान्वयन नहीं हुआ। 1952 में केंद्र ने प्रशासनिक सुधारों पर विचार करने के लिए अमेरिकी विशेषज्ञ पॉल एपिलबी की नियुक्ति की। उन्होंने ‘भारत में लोक प्रशासन सर्वेक्षण का प्रतिवेदन’ प्रस्तुत किया। इस रिपोर्ट में भी अनेक महत्त्वपूर्ण सुझाव थे, लेकिन जड़ता जस-की-तस बनी रही। स्वाधीनता के 19 वर्ष बाद 1966 में पहला प्रशासनिक सुधार आयोग बना, जिसने 1970 अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश की।इसके लगभग 30 वर्ष बाद 2005 में दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया गया था। नौकरशाही में पार्श्ववर्ती प्रवेश का पहला प्रस्ताव 2005 में आया था; लेकिन तब इसे सिरे से खारिज कर दिया गया। </strong></p>
<p>इसके बाद 2010 में दूसरी प्रशासनिक सुधार रिपोर्ट में भी इसकी अनुशंसा की गई थी, लेकिन इसे आगे बढ़ाने में समस्याएँ आने पर सरकार ने इससे हाथ खींच लिये। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में इसकी संभावना तलाशने के लिये एक कमेटी बनाई, जिसने अपनी रिपोर्ट में इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने की अनुशंसा की। नौकरशाही के बीच इस प्रस्ताव पर विरोध और आशंका दोनों रही थी, जिस कारण इसे लागू करने में विलंब हुआ। अंतत: पहले प्रस्ताव में आंशिक बदलाव कर इसे लागू कर दिया गया। पहले के प्रस्ताव के अनुसार सचिव स्तर के पद पर भी पार्श्ववर्ती प्रवेश की अनुशंसा की गई थी, लेकिन वरिष्ठ नौकरशाही के विरोध के कारण अभी संयुक्त सचिव के पद पर ही इसकी पहल की गई है। </p>
<p>देश का नौकरशाही इतिहास इस बात का गवाह है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एक अर्थशास्त्री थे और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर थे। उन्हें 1971 में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार के तौर पर नियुक्त किया गया था और उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा नहीं दी थी। उन्हें 1972 में वित्त मंत्रालय का मुख्य आर्थिक सलाहकार भी बनाया गया था और यह पद भी संयुक्त सचिव स्तर का ही होता है। इसी प्रकार मनमोहन सिंह ने बतौर प्रधानमंत्री रघुराम राजन को अपना मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया था और वे भी संघ लोक सेवा आयोग से चुनकर नहीं आए थे, लेकिन संयुक्त सचिव के स्तर तक पहुँच गए थे और बाद में रिज़र्व बैंक के गवर्नर बनाए गए थे। </p>
<p>वित्त मंत्रालय में संयुक्त सचिव तथा योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के अलावा शंकर आचार्य, राकेश मोहन, अरविंद विरमानी और अशोक देसाई ने भी पार्श्ववर्ती प्रवेश के माध्यम से सरकार में जगह पाए थे । जगदीश भगवती, विजय जोशी और टी.एन. श्रीनिवासन ने भी इसी प्रकार सरकार को अपनी सेवाएँ दी। इनके अलावा योगिंदर अलग, विजय केलकर, नीतिन देसाई, सुखमॉय चक्रवर्ती जैसे न जाने कितने नाम हैं, जिन्हें लैटरल एंट्री के ज़रिये सरकार में उच्च पदों पर काम करने का मौका मिला।राज्य स्तर पर देखें तो शशांक शेखर सिंह इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहे हैं, जो 2007 से 2012 के बीच उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के समय राज्य के कैबिनेट सचिव थे और IAS अधिकारी होने के बजाय एक पायलट थे। </p>
<p>इन्फोसिस के प्रमुख कर्त्ता-धर्त्ताओं में एक नंदन निलेकणी भी इसी प्रकार आधार कार्ड जारी करने वाली संवैधानिक संस्था UIDAI के चेयरमैन नियुक्त किये गए थे। इसी प्रकार बिमल जालान ICICI के बोर्ड मेंबर थे जिन्हें सरकार में पार्श्ववर्ती प्रवेश मिली और वह रिज़र्व बैंक के गवर्नर बने। रिज़र्व बैंक के वर्तमान गवर्नर उर्जित पटेल भी पार्श्ववर्ती प्रवेश से इस पद पर आए हैं। पूर्व में इंदिरा गांधी ने मंतोश सोंधी की भारी उद्योग में उच्च पद पर बहाली की थी। इससे पहले वह अशोक लेलैंड और बोकारो स्टील प्लांट में सेवा दे चुके थे तथा उन्होंने ही चेन्नई में हैवी व्हीकल फैक्ट्री की स्थापना की थी। NTPC के संस्थापक चेयरमैन डी.वी. कपूर ऊर्जा मंत्रालय में सचिव बने थे। BSES के CMD आर.वी. शाही भी 2002-07 तक ऊर्जा सचिव रहे। </p>
<p>लाल बहादुर शास्त्री ने डॉ. वर्गीज़ कुरियन को NDBB का चेयरमैन नियुक्त किया था, जो तब खेड़ा डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन के संस्थापक थे। हिंदुस्तान लीवर के चेयरमैन प्रकाश टंडन को स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन का प्रमुख बनाया गया था। केरल स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के चेयरमैन के.पी.पी. नांबियार को राजीव गांधी ने इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की ज़िम्मेवारी सौंपी थी। इसी प्रकार उन्होंने सैम पित्रौदा को भी कई अहम ज़िम्मेदारियाँ सौंपी थी।जगदीश भगवती, विजय जोशी ने भी इसी प्रकार सरकार को अपनी सेवाएँ दीं। </p>
<p>देश में प्रशासनिक सुधारों की अनुशंसा करने के लिये अब तक दो प्रशासनिक सुधार आयोगों का गठन किया जा चुका है।सर्वप्रथम इस आयोग की स्थापना 5 जनवरी, 1966 को की गई थी और तब मोरारजी देसाई को इसका अध्यक्ष बनाया गया था। मार्च 1967 में मोरारजी देसाई देश के उपप्रधानमंत्री बन गए, तो के. हनुमंतैया को इसका अध्यक्ष बनाया गया।इस आयोग का काम यह देखना था कि देश में नौकरशाही को किस तरह से और बेहतर बनाया जा सकता है। तब इस आयोग ने अलग-अलग विभागों के लिये 20 रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें 537 बड़े सुझाव थे। सुझावों पर अमल करने की रिपोर्ट नवंबर 1977 में संसद के पटल पर रखी गई थी। तब से लेकर 2005 तक देश की नौकरशाही इसी आयोग की सिफारिशों के आधार पर चलती रही। </p>
<p>सिविल सेवा रिव्यू कमेटी के अध्यक्ष योगेन्द्र अलघ ने 2002 में अपनी रिपोर्ट में पार्श्ववर्ती प्रवेश का सुझाव देते हुए कहा था कि जब अधिकारियों को लगता है कि उनका प्रतियोगी आने वाला है तो उनके अंदर भी ऊर्जा आती है उनमें भी नया जोश आता है। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेरिका में स्थायी सिविल सर्वेंट और मिड करियर प्रोफेशनल्स का चलन है। वहाँ पर इनकी सेवा ली जाती है। हमारे देश में भी अंतरिक्ष, विज्ञान तथा तकनीक, बायोटेक्नोलोजी, इलेक्ट्रॉनिक्स ऐसे विभाग हैं, जहाँ पर इनकी सेवा ली जाती है; लेकिन इसका विस्तार करने की ज़रूरत है तथा अन्य विभागों में भी इनकी सेवा ली जा सकती है। इसके अलावा समिति ने सिफारिश की थी कि जितने भी प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति होती है, उन्हें कम-से-कम तीन साल के लिये किसी निजी कंपनी में काम करने के लिये भेजा जाना चाहिए, ताकि वे निजी कंपनी में काम करने के तौर-तरीके सीखे और फिर उसे ब्यूरोक्रेसी में भी लागू करें, लेकिन सरकार ने इस सिफारिश को नकार दिया। </p>
<p>इसके बाद 5 अगस्त, 2005 को वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता में दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया गया। इस आयोग को केंद्र सरकार को प्रत्येक स्तर पर देश के लिये एक सक्रिय, प्रतिक्रियाशिल, जवाबदेह और अच्छा प्रशासन चलाने के दौरान आ रही कठिनाइयों की समीक्षा करने और उसका समाधान खोजने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अलावा इस आयोग को भारत सरकार के केंद्रीय ढाँचे, शासन में नैतिकता, अधिकारियों को भर्ती करने की प्रक्रिया को चलाया जाने वाला प्रशासन, ई-प्रशासन, संकट प्रबंधन और आपदा प्रबंधन के बारे में भी रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया था। इस प्रशासनिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय नौकरशाही में भारी फेरबदल की संभावना की बात कही थी। इसने सुझाव दिया था कि संयुक्त सचिव के स्तर पर विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएँ तथा इन्हें बिना परीक्षा पास किये केवल इंटरव्यू के माध्यम से इस पद पर लाया जा सकता है। </p>
<p>सरकार यह मानती है कि विगत 30-40 वर्षों में कई बार उच्चाधिकारियों की नियुक्ति इस प्रकार पार्श्ववर्ती प्रवेश से की गई है और अनुभव कोई बुरा नहीं रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकारियों के चयन का अधिकार संघ लोक सेवा आयोग को ही होना चाहिये।पार्श्ववर्ती प्रवेश की प्रक्रिया से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता है। केंद्र सरकार की तुलना में भारत के राज्यों में भ्रष्टाचार अधिक है और यदि किसी को उत्तरदायी ठहराए बिना किसी पद पर नियुक्त कर दिया जाता है तो उस पर अनुशासनात्मक नियंत्रण रखना कठिन हो जाएगा। </p>
<p>ऐसा करने से उनकी ज़िम्मेदारी निर्धारित की जा सकती है और उनके कार्य की समीक्षा भी हो सकती है। इस प्रकार की नियुक्तियाँ उन्हीं हालातों में की जानी चाहिये, जब किसी उच्च सेवा के तहत किसी कार्य विशेष को करने के लिये विशेषज्ञ उपलब्ध न हों। इस प्रकार की सीधी नियुक्तियों की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिये तथा उसमें किसी प्रकार के भाई-भतीजावाद का स्थान का पर कार्यकाल निश्चित होना चाहिये, क्योंकि इन्हें नीतियाँ बनाने से लेकर उन्हें लागू करने की प्रक्रिया में लंबे समय तक काम करना होता है। </p>
<p>यह सरकारी नौकरी तीन सालों के लिए ‘ठेका-पट्टा’ के आधार पर होगी। संयुक्त सचिव पद पर 15 साल, निदेशक के लिए 10 साल और उप-सचिव के लिए 7 साल का कार्य अनुभव माँगा गया है। वहीं, पदों के हिसाब से शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित की गई है। इसके लिए राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश में इसके समकक्ष पदों पर सरकारी नौकरी करने वाले अफसर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा लोक उद्यमों, स्वायत्त निकायों, वैधानिक संगठनों, विश्वविद्यालय,  मान्यता प्राप्त शोष संस्थान, निजी संस्थान, बहुराष्ट्रीय संस्थान में कार्यरत लोग भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। </p>
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		<title>दिल्ली सल्तनत में राजनीतिक उठापटक के बीच &#8216;दो घूंट शीतल जल के लिए तरस रहे हैं लोकमान्य बालगंगाधर तिलक&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 May 2023 12:35:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>कल की ही तो बात है। कल का प्रगति मैदान और आज का सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन से पैदल सर्वोच्च न्यायालय की ओर चल रहा था। सूर्यदेव सर पर विराजमान थे। मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलते ही दिल्ली सल्तनत के ऑटो वाला, जिन्होंने भारतीय राजस्व सेवा के एक अधिकारी को &#8216;आम आदमी&#8217; का नेता मानकर [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/head-prowess/neglected-statue-of-tilak">दिल्ली सल्तनत में राजनीतिक उठापटक के बीच &#8216;दो घूंट शीतल जल के लिए तरस रहे हैं लोकमान्य बालगंगाधर तिलक&#8217;</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कल की ही तो बात है। कल का प्रगति मैदान और आज का सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन से पैदल सर्वोच्च न्यायालय की ओर चल रहा था। सूर्यदेव सर पर विराजमान थे। मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलते ही दिल्ली सल्तनत के ऑटो वाला, जिन्होंने भारतीय राजस्व सेवा के एक अधिकारी को &#8216;आम आदमी&#8217; का नेता मानकर दिल्ली सचिवालय में बैठा दिया, चारो तरफ से टूट पड़ा । पूछने लगा &#8211; कहाँ जाओगे? कहाँ जाओगे? वैसे आज ये सभी ऑटो वाले यह कहते नहीं थकते कि उनका वह नेता उन्हें ठग लिया। ऑटो के पीछे पार्टी का पोस्टर से लेकर उनकी तस्वीरों को दिल्ली के एक-एक मतदाताओं तक पहुँचाया, नेत्रहीन भी देखने लगे, विश्वास करने लगे। लेकिन अंततः छले गए। जितना आश्वासन था, पूरा नहीं हुआ। </strong></p>
<p>स्टेशन के दाहिने हाथ फुटपाथ पर कुछ दुकानें लगी थी। काला-सफ़ेद वस्त्रों में कई लोग आपस में विचार-विमर्श कर रहे थे। इस स्थान पर कई लोगों के, खासकर महिलाओं के लिए, &#8221;ऑटो&#8217; निश्चित होते हैं ताकि समय पर उन्हें दफ्तर या न्यायालय के परिसर तक पहुँचाया जा सके। उधर कुछ नवयुवक और नवयुवतियां, कोई जंघा पर फटा पतलून, तो कोई कंधे से लटकते वस्त्र पहने आपस में मिलन कर रहे थे। कई महिलाओं की शरीर की ऊपरी वस्त्रों की लम्बाई उतनी ही थी कि जैसे ही वह पीने के लिए पानी के बोतल ऊपर की, वस्त्र का आकार और भी छोटा हो गया। हवा तेज चल रही थी और वस्त्र भी बहुत &#8216;फैला&#8217; था। ऐसा लग रहा था कि किसी मोटे आदमी का वस्त्र पहन ली है। एक सज्जन कह भी दिए &#8211; आजकल फैशन में यही चल रहा है। खैर। </p>
<p>एक नजर अपनी कलाई पर बंधी घड़ी की और गई। कलाई पर बंधी घड़ी में छोटी सूई 12 पर विश्राम कर रही थी, जबकि बड़ी सूई तनिक आगे बढ़कर दो और तीन के बीच मटरगस्ती कर रही थी। कई वर्षों के बाद दिल्ली सल्तनत में सूर्यदेव का इस कदर प्रचंड आगमन हुआ है। सूर्यदेव को भी ज्ञात रहता है कि अगले वर्ष उनके आगमन से पूर्व देश में आम चुनाव होगा। मैं अपने बाएं हाथ दिल्ली पुलिस के  आदेश के अनुसार किनारे-किनारे चल रहा था। यह रास्ता तिलक मार्ग में प्रवेश के लिए अपने अंतिम छोड़ से &#8216;छोटा रास्ता&#8217; लेता है जो मेट्रो स्टेशन से आने वाली उपर गामी पथ के नीचे से आगे बढ़ते तिलक मार्ग में मिलता है। </p>
<p>तभी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की आदम कद प्रतिमा की ओर नजर गई। दिल्ली सल्तनत में सड़कों पर चलने वाले, या यूँ कहें कि मथुरा रोड और तिलक मार्ग पर लाखों-करोड़ों की संख्या में चलने वाले लोगों से अगर पूछा जाए कि तिलक मार्ग पर तिलक की प्रतिमा कहाँ स्थापित है &#8211; विश्वास कीजिए अधिकांश लोग नहीं बता पाएंगे। हां, उस क्षेत्र में, उस स्थान पर दिल्ली की सड़कों पर अपना जीवन यापन करने वाले लोग शायद बता दें। </p>
<p>प्रतिमा के दाहिने हाथ सड़क के नुक्कड़ पर एक महिला बोतल वाला पानी बेच रही थी। वहीँ दिल्ली से प्रकाशित सभी अख़बारों को बेचते हुए एक हॉकर भी दिखा। मैं कुछ क्षण वहां रुका।  कुछ तस्वीरें ली। फिर पानी का बोतल लेकर आगे बढ़ा। </p>
<p>हाथ में पानी का बोतल लिए जैसे ही सम्मानित तिलक साहेब के चेहरे को देखा, उनके आगे एनडीएमसी द्वारा बनाये गए &#8216;तालाब&#8217; को देखा &#8211; मन दुखी हो गया। फिर स्वयं को संभालते, महामहिम तिलक साहेब को &#8216;सांत्वना&#8217; देते कहा: &#8220;हुकुम, जब दिल्ली आपकी थी, दिल्ली के नलों में और लोगों की आखों में पानी था। आज नल भी सुख गए हैं या उन स्थानों पर विस्थापित कर दिए गए हैं जहाँ से सत्ताधारियों की गलियां निकलती है, जुड़ती है। आखों में पानी की तो बात ही नहीं करें।&#8221;</p>
<p>फिर कहा: &#8220;वैसी स्थिति में आपके सामने एनडीएमसी द्वारा बनाये गए इस तालाब में पानी नहीं है तो आप व्यथित नहीं हों। मैं अभी-अभी एक बोतल पानी ख़रीदा हूँ &#8211; कुछ घूंट पहले आप ग्रहण कर अपनी प्यास को बुझाएं। आपके शरीर को भी पक्षी दूषित कर दिया है। मेरी ऊंचाई आप जैसी नहीं है। मैं एक अदना सा आदमी हूँ, पत्रकार हूँ। आप भी पत्रकार थे। जो पत्रकार चापलूस नहीं होते उनकी क्या गति होती है, मुझसे बेहतर आप जानते हैं। मैं चाहता था कि इस तपती गर्मी में आपको पानी से स्नान कराऊँ। लेकिन ऐसा नहीं कर सकता। मेरी पहुँच भी उतनी नहीं है कि किसी को फोन कर बुलाऊँ। मुझे क्षमा कर दें। लेकिन इस दीन पत्रकार के हाथों दो घूंट पानी पीकर गले तो गीला कर लें। आप स्वीकार करेंगे तो इस अखबारवाला पर आपका एहसान होगा।&#8221;</p>
<p>निवेदन इसलिए कर रहा हूँ कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल में उठापटक हो रहा है। केंद्र में सभी मंत्रीगण, अधिकारीगण &#8216;संसद के नए भवन&#8217; के उद्घाटन में किसे बुलाया जाए, किसे नहीं बुलाया जाय &#8211; लगे हैं। उधर दर्जनों राजनीतिक पार्टियां, नेतागण सार्वजनिक रूप से ऐलान कर रहे हैं, कुस्ती लड़ रहे हैं, कह रहे हैं कि वे उद्घाटन समारोह में नहीं जायेगे। उनका कहना है कि संसद का उद्घाटन तो राष्ट्रपति महोदया के हाथों होनी चाहिए। कोई कहते हैं कि संसद प्रधानमंत्री का निजी आवास नहीं है कि वे स्वयं उद्घाटन करें। बहुत तरह की बातें हैं। चपरासी से लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल के आला मंत्री तक सभी दौड़-भाग कर रहे हैं।  सभी भयभीत है कहीं प्रधानमंत्री गुस्सा नहीं हो जाएँ। </p>
<p>इस चिलचिलाती धूप में आपकी ओर किसी का ध्यान नहीं जायेगा। अब तो सभी भूलते भी जा रहे हैं आपको। इस गरीब अखबारवाला की विनती स्वीकार करें। आपका यह आदमकद प्रतिमा भले भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पास स्थापित हो, लेकिन आप भी कभी इस बात पर ध्यान नहीं दिए कि आप सर्वोच्च न्यायालय के दीवार से बाहर हैं। पीछे जंगल नुमा झाड़ी है। किसी की भी नजर आप पर नहीं पड़ेगी। </p>
<p><strong>तभी, तिलक साहब की नजर मेरी नजर से मिली। अन्तःमन से दो आत्मों का मिलन हुआ।  वे मेरी मूंछ की ओर देखे, फिर मुस्कुरा दिए। इससे से पहले कि मैं कुछ कहूं, वे मेरे हाथों से पानी का बोतल लिए, दो घूंट पिए, फिर कहते हैं : &#8216;आप मन और आत्मा से जीवित हैं इस पत्थर के लिए भी, महादेव आप पर अपनी कृपा बनाये रखें और फिर आत्मा अदृश्य हो गयी। </strong></p>
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		<title>इन्दिरापुरम संत थॉमस स्कूल की मीमांसा जोशी 10वीं कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप में कांस्य पदक प्राप्त कर भारत का नाम गौरवान्वित की</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 16 Sep 2022 12:00:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खेल]]></category>
		<category><![CDATA[centre]]></category>
		<category><![CDATA[commonwealth game]]></category>
		<category><![CDATA[ghaziabad]]></category>
		<category><![CDATA[Ministry]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गाजियाबाद (इंदिरापुरम), सितंबर 16: स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इण्डिया (साई) के कार्यकारी निदेशक एम.एस वर्गीज ने कहा कि &#8216;साई&#8217; के वित्तीय सहायता के बिना भी आज भारत के दूर-दरस्त इलाकों के खिलाड़ी वैश्विक-स्तर पर अपने प्रतिभा का पंचम लहरा रहे हैं तथा देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया कि खेल के दृष्टिकोण [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>गाजियाबाद (इंदिरापुरम), सितंबर 16: स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इण्डिया (साई) के कार्यकारी निदेशक एम.एस वर्गीज ने कहा कि &#8216;साई&#8217; के वित्तीय सहायता के बिना भी आज भारत के दूर-दरस्त इलाकों के खिलाड़ी वैश्विक-स्तर पर अपने प्रतिभा का पंचम लहरा रहे हैं तथा देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया कि खेल के दृष्टिकोण से ऐसी असमानता तर्क-संगत नहीं है। लेकिन &#8216;साई&#8217; एक संस्था है और यह सरकार के नियमों के अधीन कार्य करता है। </strong></p>
<p>कार्यकारी निदेशक एम.एस वर्गीज का यह भी मानना था कि भारत सरकार को, खेल के क्षेत्र के सभी संस्थाओं को, खेल मंत्रालय को और &#8216;साई&#8217; को इस दिशा में पहल करनी चाहिए ताकि देश के सभी स्तर के खिलाड़ी, जिनमें प्रतिभा है, जोश है और राष्ट्र का नाम वैश्विक स्तर पर पंचम लहराने के क्षमता है; उन्हें भी सभी प्रकार की आर्थिक सहायता करनी चाहिए जो अन्य &#8216;स्पोन्सर्डस&#8217; खिलाड़ियों को मिलता है। </p>
<figure id="attachment_4453" aria-describedby="caption-attachment-4453" style="width: 2560px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/9-scaled.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/9-scaled.jpeg" alt="" width="2560" height="1709" class="size-full wp-image-4453" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/9-scaled.jpeg 2560w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/9-300x200.jpeg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/9-1024x684.jpeg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/9-768x513.jpeg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/9-1536x1025.jpeg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/9-2048x1367.jpeg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4453" class="wp-caption-text">विद्यालय परिसर में आती विजेता सुश्री मीमांसा जोशी</figcaption></figure>
<p>उन्होंने कहा कि आज के युवाओं में, युवतियों में वे सभी क्षमता हैं जिससे अपने नाम ऊँचा करने के साथ-साथ, परिवार, समाज, प्रदेश और राष्ट्र के नाम का पंचम लहरा सकें। हाँ, इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि आज समाज में बहुत सारे खिलाड़ी अब्बल होने के वावजूद, आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण रास्ते में ही गुमनाम हो जाते हैं। </p>
<figure id="attachment_4454" aria-describedby="caption-attachment-4454" style="width: 1709px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/4-1-scaled.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/4-1-scaled.jpeg" alt="" width="1709" height="2560" class="size-full wp-image-4454" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/4-1-scaled.jpeg 1709w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/4-1-200x300.jpeg 200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/4-1-684x1024.jpeg 684w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/4-1-768x1150.jpeg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/4-1-1025x1536.jpeg 1025w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/4-1-1367x2048.jpeg 1367w" sizes="auto, (max-width: 1709px) 100vw, 1709px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4454" class="wp-caption-text">चेयरमैन रेव. फादर साजि अब्राहम से आशीर्वाद लेती सुश्री मीमांसा जोशी</figcaption></figure>
<p>गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित संत थॉमस स्कुल की 11 वीं कक्षा के छात्रा सुश्री मीमांसा जोशी, जिन्होंने ब्रिटेन के बर्मिंघम में आयोजित 10वीं कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप में कांस्य पदक और  कॉमनवेल्थ कराटे क्लब चैंपियनशिप में चांदी पदक प्राप्त कर भारत का नाम गौरवान्वित की है, को सम्मानित करते हुए कार्यकारी निदेशक एम.एस वर्गीज ने कहा: &#8220;आप जिस उम्र में वैश्विक स्तर पर भारत का नाम, अपने परिवार का नाम, अपने स्कूल का नाम गौरवान्वित किया है, आप अपनी पीढ़ी के बच्चों, बच्चियों के लिए एक मिशाल हैं। हमें दुःख है कि आपकी इस कठिन यात्रा में सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली और सम्पूर्ण वित्तीय भार आपके माता-पिता को उठाना पड़ा; परन्तु हमारी कोशिश होगी कि आने वाले समय में किसी अन्य लड़कियों को, खिलाड़ियों को ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़े और सरकार इस दिशा में पहल करे। </p>
<p>इस अवसर पर भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और गाजियाबाद के यातायात पुलिस अधीक्षक  रामानंद कुशवाहा ने कहा: &#8220;हमारे समय में खेल कूद का उतना महत्व नहीं था। बड़े-वुजूर्ग कहते भी थे कि खेलने-कूदने से विद्यार्थी ख़राब हो जाता है। पढ़ने पर विशेष बल देने को कहा जाता था। लेकिन आज समय बदल गया है। आज खेलकूद में अव्वल आने से भी एक व्यक्ति अथवा महिला अपने जीवन की सम्पूर्ण ऊंचाई को प्राप्त कर सकती है।  वह अपने नाम के साथ-साथ परिवार और राष्ट्र का नाम भी ऊँचा कर सकता है।&#8221;</p>
<figure id="attachment_4455" aria-describedby="caption-attachment-4455" style="width: 2560px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/2-1-scaled.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/2-1-scaled.jpeg" alt="" width="2560" height="1709" class="size-full wp-image-4455" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/2-1-scaled.jpeg 2560w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/2-1-300x200.jpeg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/2-1-1024x684.jpeg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/2-1-768x513.jpeg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/2-1-1536x1025.jpeg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/2-1-2048x1367.jpeg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4455" class="wp-caption-text">अपने घर से कॉमनवेल्थ गेम की यात्रा और फिर पदक की प्राप्ति को बताती सुश्री मीमांसा जोशी</figcaption></figure>
<p>कुशवाहा ने कहा कि &#8220;मीमांसा अपनी पीढ़ी के बच्चों के लिए, खासकर जो खेलकूद में विशेष दिलचश्पी रखते हैं, एक दृष्टान्त है। आज समय आ गया है कि परिवार के साथ साथ, समाज, शैक्षणिक संस्थाएं सभी मिलकर ऐसे प्रतिभाओं की खोज करें और उसे वह सभी प्रकार के अवसर प्रदान करें जिससे वह समाज और राष्ट्र का नाम ऊँचा कर सके।&#8221; </p>
<p>कुशवाहा ने कहा कि मीमांसा इन पदकों को जीतकर न केवल अपने स्कूल, बल्कि अपने जिला गाजियाबाद और देश का नाम रोशन की है। विगत दिनों के इतिहास में शायद यह पहला अवसर होगा जब इस क्षेत्र की छात्रा विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में भारत का नाम विख्यात की है।  </p>
<figure id="attachment_4456" aria-describedby="caption-attachment-4456" style="width: 2560px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/15-scaled.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/15-scaled.jpeg" alt="" width="2560" height="1709" class="size-full wp-image-4456" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/15-scaled.jpeg 2560w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/15-300x200.jpeg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/15-1024x684.jpeg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/15-768x513.jpeg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/15-1536x1025.jpeg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/15-2048x1367.jpeg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4456" class="wp-caption-text">संत थॉमस, इंदिरापुरम के मुख्य द्वार पर अपनी विजेता छात्रा का स्वागत करने के लिए खड़े चेयरमैन रेव. फादर साजि अब्राहम</figcaption></figure>
<p>10वीं कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप ब्रिटेन के बर्मिंघम में आयोजित की गई थी, जिसमें कुलीन वर्ग में20 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 500 खिलाड़ियों और क्लब इवेंट्स में 1400 खिलाड़ियों की भारी भागीदारी थी।यह राष्ट्रमंडल खेलों द्वारा स्वीकृत पहली सफल चैंपियनशिप थी। मीमांसा जोशी की माता-पिता भी इस अवसर पर उपस्थित थी। </p>
<p>गौरवान्वित विजेता और उसके परिवार की अगवानी स्कूल के गेट पर चेयरमैन रेव फादर साजी अब्राहम, प्रिंसिपल वी के कोरियाकोज, हेड मिस्ट्रेस रेचल रेज्जी, अकादमिक समन्वयक, शैक्षिक और गैर-शैक्षिक कर्मचारी ने किया। विद्यालय परिसर में एनसीसी कैडेटों का एक विशाल समूह अपने वरिष्ठ छात्र का स्वागत किया।</p>
<p>इस अवसर पर चेयरमैन रेव फादर साजी अब्राहम बहुत ही भावुक शब्दों में अपनी छात्रा का स्वागत किया। उनका मानना था कि संत थॉमस विद्यालय के इतिहास में शायद यह पहला अवसर है जब इस विद्यालय की छात्रा वैश्विक स्तर पर खिताब जीतकर अपने परिवार के साथ साथ अपने विद्यालय, अपने सहपाठियों, शिक्षकों का नाम रौशन किया है। फादर साजी अब्राहम ने कहा कि जब तक यह इस विद्यालय की छात्रा है, इसे सभी प्रकार के शुल्कों से मुक्ति दी जाती है। फादर साजी अब्राहम मीमांशा को एक लैपटॉप भी उपहार दिया।  प्रिंसिपल वी के कोरियाकोज वोट ऑफ़ थैंक्स दिए। </p>
<figure id="attachment_4457" aria-describedby="caption-attachment-4457" style="width: 1709px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/3-scaled.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/3-scaled.jpeg" alt="" width="1709" height="2560" class="size-full wp-image-4457" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/3-scaled.jpeg 1709w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/3-200x300.jpeg 200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/3-684x1024.jpeg 684w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/3-768x1150.jpeg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/3-1025x1536.jpeg 1025w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/3-1367x2048.jpeg 1367w" sizes="auto, (max-width: 1709px) 100vw, 1709px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4457" class="wp-caption-text">सुश्री मीमांसा जोशी</figcaption></figure>
<p>बहरहाल, आने वाले दिनों में विजय छात्रा सुश्री मीमांशा जोशी को प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ जोगी, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य महानुभावों से मिलने की आशा है।  </p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/sports/mimansa-joshi-won-bronze-silver-in-commonwealth">इन्दिरापुरम संत थॉमस स्कूल की मीमांसा जोशी 10वीं कॉमनवेल्थ कराटे चैंपियनशिप में कांस्य पदक प्राप्त कर भारत का नाम गौरवान्वित की</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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