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	<title>budget Archives - आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</title>
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		<title>बजट 2026-27 युवा शक्ति पर आधारित एक अनूठा बजट हैः वित्त मंत्री</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 11:34:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[budget]]></category>
		<category><![CDATA[finance]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, फरवरी 1: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए विकसित भारत की दिशा में सुधारों की गति को तेज करने हेतु तीन कर्तव्यों का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने कहा कि पहला कर्तव्य उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली, फरवरी 1: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए विकसित भारत की दिशा में सुधारों की गति को तेज करने हेतु तीन कर्तव्यों का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने कहा कि पहला  कर्तव्य उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में सुदृढ़ता का निर्माण कर आर्थिक विकास की गति को तेज करना और उसे बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का विकास कर भारत की समृद्धि की राह में उन्हें एक सशक्त साझेदार बनाना है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप तीसरा कर्तव्य सार्थक भागीदारी हेतु प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र एवं सेक्टर के लिए संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों को  सुलभ बनाना है।</strong></p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि इस तीन-सूत्री दृष्टिकोण के लिये एक सहयोगी इकोसिस्टम की आवश्यकता है। पहली जरूरत संरचात्मक सुधारों – निरंतर, अनुकूल एवं भविष्योन्मुखी – की गति को बनाए रखना है। दूसरा, बचत को बढ़ावा देने, वित्त के कुशल आवंटन और जोखमों के प्रबंधन हेतु एक मजबूत एवं सुदृढ़ वित्तीय क्षेत्र अहम है। तीसरा, एआई के अनुप्रयोगों सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां बेहतर शासन के गुणक के तौर कार्य कर सकती हैं।</p>
<blockquote><p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट युवा शक्ति पर आधारित एक ऐसा अनूठा बजट है, जो उन रचनात्मक विचारों से प्रेरित है जिन्हें विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के दौरान माननीय प्रधानमंत्री के साथ साझा किया गया था।</p></blockquote>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत की आर्थिक प्रगति की राह स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, सतत विकास और कम मुद्रास्फीति से प्रभावित रही है। सरकार ने सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर को कायम रखते हुए दूरगामी संरचनात्मक सुधारों, राजकोषीय मितव्ययिता और मौद्रिक स्थिरता को निरंतर बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखते हुए, सरकार ने घरेलू उत्पादन क्षमता एवं ऊर्जा सुरक्षा का निर्माण किया है और आयात पर निर्भरता में कमी लाई है। इसके साथ-साथ नागरिक-आधारित विकास को सुनिश्चित किया गया है और रोजगार सृजन, कृषिगत उत्पादकता, परिवारों की क्रय शक्ति और लोगों को सार्वभौमिक सेवाएं प्रदान करने हेतु विभिन्न सुधारों को अपनाया गया है। उन्होंने केहा कि इन उपायों ने लगभग सात प्रतिशत की उच्च वृद्धि दर सुनिश्चित की है और गरीबी घटाने एवं लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के हमारे उल्लेखनीय प्रयासों में मदद दी है।</p>
<figure id="attachment_7319" aria-describedby="caption-attachment-7319" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019.jpg" alt="" width="2200" height="1328" class="size-full wp-image-7319" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-300x181.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-1024x618.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-768x464.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-1536x927.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-2048x1236.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7319" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में नेशनल मीडिया सेंटर में बजट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।</figcaption></figure>
<p><strong>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक ऐसे बाहरी वातावरण में जहां व्यापार तथा बहुपक्षवाद खतरे में है और संसाधनों की सुलभता एवं आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हुई हैं, नई प्रौद्योगिकियां पानी, ऊर्जा एवं दुर्लभ खनिजों की मांग तेजी से बढ़ाते हुए उत्पादन प्रणालियों में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं। भारत महत्वाकांक्षाओं एवं समावेशन के बीच संतुलन बिठाते हुए विकसित भारत की दिशा में आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ाना और अधिक निर्यात एवं स्थिर दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित करते हुए वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ना जारी रखेगा। वित्त मंत्री ने सरकार के साथ दृढ़ता से खड़े होने और मिलकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह तैयार करने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया।</strong></p>
<p>आकांक्षाओं को उपलब्धियों में और क्षमताओं को प्रदर्शन में बदलने के सरकार के लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के लाभों को प्रत्येक किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू समुदाय, युवा, गरीब और महिला तक पहुंचाना सुनिश्चित कर रही  है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन, उत्पादकता को बढ़ाने और विकास को गति देने की दिशा में व्यापक आर्थिक सुधार किये हैं। वर्ष 2025 में स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री जी की घोषणा के पश्चात, 350 से अधिक सुधारों को शुरू किया गया है। इसमें जीएसटी का सरलीकरण, श्रम संहिताओं को अधिसूचित करना तथा अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को युक्तिसंगत बनाना शामिल है। उच्चस्तरीय समितियां गठित की गई हैं और इसके साथ-साथ केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के साथ मिलकर विनियमन हटाने तथा अनुपालन संबंधी अपेक्षाओं में कमी लाने की दिशा में काम कर रही है। सुधार एक्सप्रेस अपने मार्ग पर चल पडा है और यह हमारे कर्तव्य को पूरा करने में मदद के लिए अपनी गति बनाए रखेगा ।</p>
<blockquote><p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आर्थिक विकास में तेजी लाने और उसे बनाए रखने के पहले कर्तव्य  के तहत छह क्षेत्रों में विभिन्न पहलों का प्रस्ताव कियाः i) 7 रणनीतिक एवं अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना; ii) विरासत के औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करना; iii) “चैंपियन एमएसएमई” का निर्माण करना; iv) अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन प्रदान करना; v) दीघिकालिक ऊजा सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्निच करना; और vi) शहरी आर्थिक क्षेत्र विकसित करना।</p></blockquote>
<figure id="attachment_7320" aria-describedby="caption-attachment-7320" style="width: 1763px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-scaled.jpg"><img decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-scaled.jpg" alt="" width="1763" height="2560" class="size-full wp-image-7320" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-scaled.jpg 1763w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-207x300.jpg 207w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-705x1024.jpg 705w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-768x1115.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-1058x1536.jpg 1058w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-1411x2048.jpg 1411w" sizes="(max-width: 1763px) 100vw, 1763px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7320" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में नेशनल मीडिया सेंटर में बजट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।</figcaption></figure>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं को पूरा करना और समता का विकास करना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दशकों के निरंतर और सुधार आधारित प्रयासों के माध्यम से 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने हेतु सेवा क्षेत्र पर नये सिरे से जोर देने का निर्णय लिया है। इसके  लिए ‘शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम’ से संबंधित एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित करने जैसे उपाय किये जाएंगे, जो विकसित भारत के मुख्य वाहक के रूप में सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने के लिए तरीके सुझाएगा। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात क्षमता का अधिकतम दोहन  करने को प्राथमिकता देगी। यह समिति एआई सहित विभिन्न उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के रोजगार एवं कौशल संबंधी जरूरतों का आकलन करेगी और उसके लिए उपाय सुझाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाएगा और 2047 तक दस प्रतिशत की वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करेगा।</p>
<p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने ‘सबका साथ सबका विकास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप तीसरे कर्तव्य का प्रस्ताव किया, जिसके लिए क) छोटे एवं सीमांत किसानों पर ध्यान देते हुए उत्पादकता में वृद्धि एवं उद्यमिता के जरिये किसानों की आय में बढ़ोतरी करने, ख) आजीविका संबंधी अवसरों, प्रशिक्षण एवं उच्च गुणवत्ता वाले सहयोगी उपकरणों को सुलभ बनाकर दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण करने, ग) कमजोर व्यक्तियों को मानसिक स्वास्थ्य  एवं ट्रॉमा संबंधी देखभाल हासिल करने के लिए सशक्त बनाने और घ) विकास की गति एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु पूर्वोदय राज्यों तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र पर ध्यान देने हेतु लक्षित प्रयासों की जरूरत होगी।</p>
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		<title>*पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें* के तर्क पर श्रीमती निर्मला सीतारमण आज *पहले विश्वास करें &#8211; फिर जांच करें* आधारित 2025-26 का बजट पेश की</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/nation/smt-nirmala-sitharaman-today-presented-budget-2025-26-based-on-trust-first-test-later</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 01 Feb 2025 11:34:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[सम्पादकीय]]></category>
		<category><![CDATA[सरकार और अघोषित आपातकाल ]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली : भारत के सैकड़ों करोड़ लोगों का विश्वास जीतने वाला और सुन्दर, साफ़ धुलाई करने वाला &#8216;धड़ी&#8217; डिटर्जेंट पाउडर के विज्ञापन में जिस तरह यह कहा जाता है कि &#8220;पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें&#8221;, केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण &#8220;पहले विश्वास करें, फिर जांच करें&#8221; के सिद्धांत पर आधारित [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली : भारत के सैकड़ों करोड़ लोगों का विश्वास जीतने वाला और सुन्दर, साफ़ धुलाई करने वाला &#8216;धड़ी&#8217; डिटर्जेंट पाउडर के विज्ञापन में जिस तरह यह कहा जाता है कि &#8220;पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें&#8221;, केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण &#8220;पहले विश्वास करें, फिर जांच करें&#8221; के सिद्धांत पर आधारित और नरेंद्र मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते 2025-26 केंद्रीय बजट पेश की। साथ ही, मध्यम वर्ग पर भरोसा जताया है और आम करदाताओं को करों के बोझ से राहत दिलाने के रुझान को जारी रखा। श्रीमती निर्मला सीतारमण बजट पेश करते हुए सभी करदाताओं को लाभ पहुंचाने हेतु करों के स्लैब एवं दरों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव किया।</strong></p>
<blockquote><p>करदाताओं को खुशखबरी देते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि “नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय (यानी पूंजीगत लाभ जैसी विशेष दर आय को छोड़कर एक लाख रुपये की औसत आय) पर कोई आयकर देय नहीं होगा। 75,000 रुपये की मानक कटौती के कारण वेतनभोगी आयकर दाताओं के लिए सीमा 12.75 लाख रुपये की होगी।” उन्होंने कहा कि स्लैब दरों में कटौती के कारण मिलने वाले लाभों के अलावा कर में छूट इस ढंग से प्रदान की जा रही है कि उनके द्वारा कर का कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। </p></blockquote>
<p>श्रीमती सीतारमण ने कहा, “नई कर संरचना मध्यम वर्ग के लिए व्यापक रूप से करों के बोझ को कम करेगी और उनके हाथों में ज्यादा धन उपलब्ध कराएगी, जिससे घरेलू उपभोग, बचत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।” नई कर व्यवस्था के तहत, वित्त मंत्री ने करों की दर संरचना में निम्नलिखित संशोधन का प्रस्ताव कियाः</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1.png"><img decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1.png" alt="" width="689" height="361" class="aligncenter size-full wp-image-6121" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1.png 689w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/1-300x157.png 300w" sizes="(max-width: 689px) 100vw, 689px" /></a></p>
<p>कर सुधारों को विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण सुधारों में से एक के तौर पर रेखांकित करते हुए, श्रीमती सीतारमण ने कहा कि नया आयकर विधेयक ‘न्याय’ की भावना को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था करदाताओं एवं कर प्रशासन के लिए समझने की दृष्टि से सरल होगी, जिससे कर की सुनिश्चितता बढ़ेगी और मुकदमेबाजी में कमी आयेगी। थिरुक्कुरल के 542वें श्लोक को उद्धृत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “जैसे जीवित प्राणी वर्षा की आशा में जीते हैं, वैसे ही नागरिक सुशासन की आशा में जीते हैं।” कर सुधार लोगों एवं अर्थव्यवस्था के लिए सुशासन हासिल करने का एक साधन हैं। सुशासन प्रदान करने की प्रक्रिया में मुख्य रूप से जवाबदेही का समावेश होता है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि कर संबंधी ये प्रस्ताव विस्तार से इस बात को दर्शाते हैं कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने नागरिकों द्वारा व्यक्त आवश्यककताओं को समझने और उन्हें पूरा करने के लिए किस प्रकार कदम उठाए हैं।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2.png"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2.png" alt="" width="685" height="564" class="aligncenter size-full wp-image-6122" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2.png 685w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/2-300x247.png 300w" sizes="auto, (max-width: 685px) 100vw, 685px" /></a></p>
<p>बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को शामिल करते हुए राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की स्थापना की जाएगी। यह केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों के लिए नीतिगत सहायता, निष्पादन कार्ययोजनाएं, शासन और निगरानी फ्रेमवर्क उपलब्ध कराएगा। राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन 5 महत्वपूर्ण क्षेत्रों अर्थात् व्यवसाय करने की सुगमता और लागत; मांग वाली नौकरियों के लिए भावी तैयार कार्यबल; जीवंत और गतिशील एमएसएमई क्षेत्र; प्रौद्योगिकी की उपलब्धता और गुणवत्ता युक्त उत्पाद पर बल देगा।</p>
<figure id="attachment_6123" aria-describedby="caption-attachment-6123" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962.jpg" alt="" width="2200" height="1278" class="size-full wp-image-6123" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-300x174.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-1024x595.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-768x446.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-1536x892.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176962-2048x1190.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6123" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और पूर्ण बजट टीम के साथ 31 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में अंतरिम केंद्रीय बजट 2025 को अंतिम रूप देने के बाद।</figcaption></figure>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि यह मिशन स्वच्छ प्रौद्योगिकी विनिर्माण को भी सहायता प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य घरेलू मूल्यवर्धन में पर्याप्त सुधार करना और सोलर पीवी सेल, ईवी बैटरी, मोटरों और कंट्रोलरों, इलेक्ट्रोलाइजरों, विंड टर्बाइनों, अत्यधिक वोल्टेज वाले ट्रांसमिशन उपकरण और ग्रिड स्केल बैटरियों का इकोसिस्टम तैयार करना होगा। वित्त मंत्री ने श्रम-सघन क्षेत्रों के लिए उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार श्रम-सघन क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमशीलता के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए विशिष्ट नीतिगत और सहायक उपाय करेगी।</p>
<p>केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि  भारत के फुटवियर और लेदर क्षेत्र की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने हेतु फोकस उत्पाद स्कीम कार्यान्वित की जाएगी। केंद्रीय वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि इस स्कीम में लेदर फुटवियर और उत्पादों के लिए सहायता के अलावा बिना लेदर वाले गुणवत्तापूर्ण फुटवियर के उत्पादन हेतु आवश्यक डिजाइन क्षमता, घटक विनिर्माण और मशीनों के लिए सहायता दी जाएगी। इस स्कीम से 22 लाख व्यक्तियों को रोजगार मिलने, `4 लाख करोड़ का कारोबार और `1.1 लाख करोड़ से अधिक का निर्यात होने की उम्मीद है।</p>
<p>संसद में केन्‍द्रीय बजट पेश करते हुए भारत की विकास यात्रा के लिए ‘कृषि को प्रथम इंजन’ की संज्ञा देते हुए अन्नदाताओं के लाभ के लिए कृषि क्षेत्र के विकास और उत्पादकता में वृद्धि के लिए कई उपायों की घोषणा की। बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना के सरकार के निर्णय की घोषणा करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि मखानों का उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार लाने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन कार्यकलापों में लगे लोगों को एफपीओ में संगठित किया जाएगा। यह बोर्ड मखाना किसानों को पथ-प्रदर्शन और प्रशिक्षण सहायता उपलब्ध कराएगा और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कार्य करेगा कि उन्हें सभी संगत सरकारी योजनाओं के लाभ मिले।</p>
<p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन का कार्यान्वयन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अनुसंधान परिवेश को बढ़ावा देना, उच्च पैदावार, कीट प्रतिरोधी और जलवायु अनुकूलन के गुणों से संपन्न बीजों का लक्षित विकास और प्रचार करना तथा जुलाई 2024 से जारी किए गए बीजों की 100 से अधिक किस्मों को वाणिज्यिक स्तर पर उपलब्ध कराना होगा।उन्होंने कहा कि भविष्य में खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए 10 लाख जर्मप्लाज्म लाइनों के साथ दूसरे जीन बैंक की स्थापना की जाएगी। यह सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों को अनुवांशिक अनुसंधान के लिए संरक्षण सहायता प्रदान करेगी।</p>
<p>कपास उत्पादकता के लिए अभियान की घोषणा करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस पंच-वर्षीय मिशन से कपास कृषि की उत्पादकता और वहनीयता में पर्याप्त सुधार लाने में मदद मिलेगी और कपास की अधिक लंबे रेशे वाली किस्मों को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी की सर्वोत्तम सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वस्त्र क्षेत्र के लिए हमारे 5एफ के समेकित विज़न के अनुरूप, इससे किसानों की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी और भारत के परंपरागत वस्त्र क्षेत्र में नई जान फूंकने के लिए गुणवत्तापूर्ण कपास की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।</p>
<figure id="attachment_6124" aria-describedby="caption-attachment-6124" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964.jpg" alt="" width="2200" height="1368" class="size-full wp-image-6124" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-300x187.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-1024x637.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-768x478.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-1536x955.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-2048x1273.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176964-356x220.jpg 356w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6124" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और पूर्ण बजट टीम के साथ 31 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में अंतरिम केंद्रीय बजट 2025 को अंतिम रूप देने के बाद।</figcaption></figure>
<p>करीब 7.7 करोड़ किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के लिए लघु अवधि ऋणों की सुविधा उपलब्ध कराने में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की महत्ता का उल्लेख करते हुए मंत्री महोदया ने संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लिए जाने वाले ऋणों के लिए ऋण सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने असम के नामरूप में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक क्षमता के साथ एक उर्वरक संयंत्र की स्थापना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र में निष्क्रिय पड़े तीन यूरिया संयंत्रों में उत्पादन को पुनः प्रारंभ करने से यूरिया की आपूर्ति को और अधिक बढ़ाने के साथ-साथ उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने में सहायता मिलेगी।</p>
<p>समुद्री खाद्य निर्यात के मामले में 60 हजार करोड़ रुपये मूल्य के मत्स्य उत्पादन और जलीय कृषि के क्षेत्र में विश्व में भारत के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक देश का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि समुद्री क्षेत्र की अप्रयुक्त संभावनाओं के द्वार खोलने के लिए, हमारी सरकार अंडमान और निकोबार तथा लक्षद्वीप जैसे द्वीपों पर विशेष ध्यान देने के साथ भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र और गहरे समुद्रों से सतत मछली पकड़ने को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल फ्रेमवर्क लाएगी।</p>
<p>केन्द्रीय बजट 2025-26 में विकास को बढ़ावा के लिए सरकारी प्रयासों को जारी रखने, समग्र विकास को सुनिश्चित करने, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने, परिवारिक भावनाओं को बढ़ाने और उभरते मध्यम वर्ग की व्यय क्षमता को बढ़ाने का वादा किया गया। इस बजट में प्रस्तावित विकास, उपाय गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को ध्यान में रखकर किया गया है। बजट में भारत की विकास संभावनाओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वृद्धि के लिए कराधान, ऊर्जा क्षेत्र, ग्रामिण विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र और नियामक में परिवर्तनकारी सुधारों का लक्ष्य रखा गया है। </p>
<p>केन्द्रीय बजट में रेखांकित किया गया है कि कृषि, एसएसएमई, निवेश और निर्यात विकसित भारत की यात्रा के ईंजन हैं। इसमें सुधार को ईंधन के रूप में और समावेशिता की भावना को पथप्रर्दशक के रूप में रखा गया है।</p>
<figure id="attachment_6125" aria-describedby="caption-attachment-6125" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965.jpg" alt="" width="2200" height="1084" class="size-full wp-image-6125" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-300x148.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-1024x505.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-768x378.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-1536x757.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-2048x1009.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176965-324x160.jpg 324w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6125" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और पूर्ण बजट टीम के साथ 31 जनवरी, 2025 को नई दिल्ली में अंतरिम केंद्रीय बजट 2025 को अंतिम रूप देने के बाद।</figcaption></figure>
<p><strong>पहला ईंजनः कृषि</strong> : बजट में राज्यों की भागीदारी के साथ ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’की गई है। इसके अंतर्गत 100 जिलों को शामिल किया गया है जहां उत्पादन में वृद्धि, फसल विविधता अपनाने, फसल कटाई के बाद भंडारण बढ़ाने, सिंचाई की सुविधाओं में सुधार करने, दीर्घ-अवधि और लघु-अवधि, ऋण की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य रखा गया। राज्यों की भागीदारी से एक व्यापक बहु-क्षेत्रीय ‘ग्रामीण सम्पन्नता और अनुकूलन निर्माण’ कार्यक्रम प्रारम्भ किया जाएगा। इससे कौशल, निवेश, प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि में कम रोजगार का समाधान होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आएगी।इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक अवसरों का सृजन करते हुए जिसमें विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं, युवा किसानों, ग्रामीण युवाओं, सीमांत और छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों पर ध्यान देना है। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार तूर, उड़द और मसूर पर विशेष ध्यान के साथ दालों में आत्मनिर्भरता के लिए एक छह वर्षीय अभियान का शुभारंभ करेगी। केन्द्रीय एजेंसियां (नेफेड और एनसीसीएफ) अगले चार वर्षों के दौरान किसानों से मिलने वाली इन तीन दालों को अधिकतम स्तर पर खरीदने के लिए तैयार रहेंगे।बजट में सब्जियों और फलों के लिए व्यापक कार्यक्रम हेतु उपायों की भी अवधारणा तैयार की गई है। कृषि और इससे सम्बद्ध गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहन देने के लिए इसमें अन्य उपायों के साथ कपास उत्पादकता के लिए एक पांच वर्षीय अभियान और उच्च पैदावार करने वाले बीजों पर राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संशोधित ब्याज योजना के अंतर्गत किसान क्रेडिटों के माध्यम से मिलने वाले ऋण की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की।</p>
<p><strong>दूसरा इंजनः एमएसएमई</strong> : वित्त मंत्री ने विकास के लिए एमएसएमई को दूसरा शक्तिशाली इंजन बताया, क्योंकि यह क्षेत्र हमारे निर्यात का 45 फीसदी है। एमएसएमई को व्यापक स्तर पर उच्चतर कुशलता, तकनीकी उन्नयन और पूंजी के लिए बेहतर पहुंच प्राप्त करने में सहायता देने के लिए सभी एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए निवेश और कुल कारोबार सीमाओं को क्रमशः 2.5 और दोगुना बढ़ाया गया है। इसके अलावा गारंटी कवर के साथ ऋण उपलब्धता को बढ़ाने के लिए भी उपायों की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की पहली बार की उद्यमी पांच लाख महिलाओं के लिए एक नई योजना का शुभारंभ किया। यह अगले 5 वर्षों के दौरान करोड़ रुपए तक के ऋण प्रदान करेगी।</p>
<p><strong>तीसरा इंजनः निवेश</strong> : निवेश को वृद्धि का तीसरा इंजन बताते हुए वित्त मंत्री ने लोगों, अर्थव्यवस्था और अभिनव में निवेश को प्राथमिकता दी। लोगों में निवेश के अंतर्गत, उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में सरकारी विद्यालयों में 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। श्रीमती निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि भारतनेट परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को ब्रॉडबेंड कनेक्टविटी प्रदान की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा पुस्तक योजना को विद्यालयों और उच्चतर शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं के डिजिटल स्वरूप को प्रदान करने के लिए कार्यान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘मेक फॉर इंडिया, मेक फॉर दी वर्ड’ विनिर्माण के लिए आवश्यक कौशल से हमारे युवाओं को युक्त करने के लिए वैश्विक विशेषज्ञता और साझेदारी के साथ पांच राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केन्द्रों की स्थापना की जाएंगी। 500 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ शिक्षा के लिए आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस में एक उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना की जाएगी।</p>
<figure id="attachment_6126" aria-describedby="caption-attachment-6126" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973.jpg" alt="" width="2200" height="1845" class="size-full wp-image-6126" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-300x252.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-1024x859.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-768x644.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-1536x1288.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176973-2048x1718.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6126" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और उनकी बजट टीम/वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 01 फरवरी, 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2025 पेश करने के लिए संसद भवन पहुंचीं।</figcaption></figure>
<p>बजट में घोषणा की गई कि सरकार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य देखभाल, गिग श्रमिकों के पहचान पत्र बनाने के साथ-साथ ई-श्रम पोर्टल पर उनका रजिस्ट्रेशन करेंगी। अर्थव्यवस्था में निवेश के अंतर्गत श्रीमती सीतारमण ने कहा कि बुनियादी ढांचा-संबंधित मंत्रालय सार्वजनिक-निजी साझेदारी मोड में परियोजनाएं के तीन वर्ष की अवधि के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए पूंजीव्यय और सुधारों के लिए प्रोत्साहन देने के लिए 50 वर्ष तक के ब्याज मुक्त ऋणों के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रस्ताव दिया गया है।</p>
<p>उन्होंने नई परियोजनाओं में 10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी का लाभ लेने के लिए दूसरी परिसम्पत्ती मौद्रिकरण योजना 2025-30 की भी घोषणा की। ‘जनभागीदारी’ के माध्यम से ग्रामीण पाइप के माध्यम से जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, संचालन और मरम्मत पर ध्यान देने के साथ वर्ष 2028 तक जल जीवन मिशन का विस्तार किया गया है। सरकार ‘विकास केन्द्रों के तौर पर शहरों, के रचनात्मक पुर्नविकास और जल एवं स्वच्छता’ के लिए प्रस्तावों को कार्यान्वित करने हेतु एक लाख करोड़ रुपये के शहरी चुनौती कोष का गठन करेंगी।</p>
<p>अभिनव में निवेश के अंतर्गत निजी क्षेत्र परख अनुसंधान, विकास और अभिनव पहल को कार्यान्वित करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की गई है। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने शहरी योजना को लाभ देने हेतु बुनियादी भू-स्थैतिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राष्ट्रीय भू-स्थैतिक अभियान का प्रस्ताव दिया। बजट में शैक्षणिक संस्थानों, संग्रहालयों, प्रयोगशालाओं और निजी संग्रहकर्ताओं के साथ एक करोड़ से ज्यादा पांडुलिपियों के सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण और संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम् अभियान का प्रस्ताव दिया गया। ज्ञान साझेदारी के लिए भारतीय ज्ञान व्यवस्था के एक राष्ट्रीय डिजिटल कोष का भी प्रस्ताव दिया गया।</p>
<p><strong>चौथा इंजनः निर्यात</strong> : श्रीमती सीतारमण ने निर्यात को विकास का चौथा इंजन बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय और मंत्रालयी लक्ष्यों के साथ एक निर्यात संवर्धन मिशन का शुभारंभ किया जाएगा, जिसे वाणिज्य मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जाएगा।उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, ‘भारत ट्रेडनेट (बीटीएन)’ का व्यापार दस्तावेज़ीकरण और वित्तपोषण समाधानों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव दिया गया है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के साथ अपनी अर्थव्यवस्था को जोड़े रखने के लिए घरेलू विनिर्माण क्षमताओं के विकास के लिए सहायता प्रदान की जाएंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार उद्योग 4.0 से संबंधित अवसरों का लाभ उठाने के लिए घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उद्योग को सहायता प्रदान करेगी। उभरते हुए दूसरी श्रेणी के शहरों में वैश्विक क्षमता केन्द्रों को प्रोत्साहन देने के लिए एक राष्ट्रीय प्रारूप का भी प्रस्ताव दिया गया है। सरकार जल्द खराब होने वाले बागवानी उत्पाद सहित एयरकार्गों के लिए बुनियादी ढांचे और वेयरहाउसिंग के उन्नयन हेतु सुविधा प्रदान करेगी। </p>
<p><strong>ईंधन के रूप में सुधार</strong> : इंजन के लिए ईंधन के तौर पर सुधारों को स्पष्ट करते हुए श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले दस वर्षों से ज्यादा समय में सरकार ने करदाताओं की सुविधा के लिए फेसलैस मूल्यांकन, करदाता चार्टर, त्वरित रिटर्न, लगभग 99 फीसदी रिटर्न स्वयं मूल्यांकन के आधार पर और विवाद से विश्वास योजना जैसे कई सुधारों को कार्यान्वित किया गया है। इन प्रयासों को जारी रखते हुए उन्होंने कर विभाग की ‘विश्वास प्रथम जांच बाद में’ वचनबद्धता को दोहराया।</p>
<p><strong>वित्तीय क्षेत्र सुधार और विकास</strong> : ‘कारोबार में आसानी’ की दिशा में सरकार की त्वरित वचनबद्धता की पुष्टि करते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने अनुपालन में आसानी, सेवाओं के विस्तार, मजबूत नियामक परिवेश को बनाने, अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू निवेश को प्रोत्साहन देने और पुराने कानूनी प्रावधानों के गैर-अपराधीकरण को आगे बढ़ाते हुए भारत में सम्पूर्ण वित्तीय क्षेत्र की व्यापकता में संरचनात्मक बदलाव का प्रस्ताव दिया। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने समूचे भारत में प्रीमियम निवेश करने वाली कम्पनियों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को 74 फीसदी से 100 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।</p>
<p>राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग पर बने रहने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए केन्‍द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि राजकोषीय घाटे को प्रत्‍येक वर्ष इस प्रकार से रखने का प्रयास किया जाएगा कि केन्‍द्रीय सरकार का ऋण, जीडीपी के प्रतिशत के रूप में गिरते क्रम में बना रहे। इसके साथ ही अगले 6 वर्षों के लिए रोडमैप का विस्‍तृत ब्‍यौरा एफआरबीएम विवरण में दिया गया है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2024-25 के लिए राजकोषीय घाटे का संशोधित अनुमान जीडीपी का 4.8 प्रतिशत है जबकि बजट अनुमान 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।</p>
<figure id="attachment_6128" aria-describedby="caption-attachment-6128" style="width: 1417px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1.jpg" alt="" width="1417" height="1789" class="size-full wp-image-6128" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1.jpg 1417w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-238x300.jpg 238w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-811x1024.jpg 811w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-768x970.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176967-1-1217x1536.jpg 1217w" sizes="auto, (max-width: 1417px) 100vw, 1417px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6128" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण 01 फरवरी, 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2025 पेश करने के लिए वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और उनकी बजट टीम/वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नॉर्थ ब्लॉक से राष्ट्रपति भवन और संसद भवन के लिए प्रस्थान करती हुई।</figcaption></figure>
<p><strong>संशोधित अनुमान 2024-25</strong> : वित्त मंत्री ने बताया कि उधारियों के अलावा कुल प्राप्‍तियों का संशोधित अनुमान 31.47 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से निवल कर प्राप्तियां 25.57 लाख करोड़ रुपये है। उन्‍होंने ज्‍यादा जानकारी देते हुए बताया कि कुल व्‍यय का संशोधित अनुमान 47.16 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से पूंजीगत व्‍यय लगभग 10.18 लाख करोड़ रुपये है। </p>
<p>राष्ट्र निर्माण में मध्यमवर्ग की सराहनीय ऊर्जा और क्षमता में हमेशा विश्वास जताते हुए केन्‍द्रीय बजट 2025-26 में नई कर व्यवस्था के तहत कर दर संरचना को संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया है। नई कर व्यवस्था के अंतर्गत प्रतिवर्ष 12 लाख रुपये तक की आय अर्थात विशिष्ट दर आय जैसे पूंजीगत लाभ को छोड़कर 1 लाख रुपये प्रतिमाह की औसत आय पर कोई आय कर देय नहीं होगा। वेतनभोगी करदाताओं के लिए यह सीमा 75,000 रुपये की मानक कटौती के कारण प्रतिवर्ष 12.75 लाख रुपये होगी। इन प्रस्तावों के परिणामस्वरूप नए कर संरचना के तहत सरकार को प्रत्यक्ष करों में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्‍व का परित्याग होगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार ने लोगों की जरूरतों को समझते हुए कई महत्‍वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रत्‍यक्ष कर प्रस्‍तावों में मध्‍यम वर्ग पर ध्‍यान केन्द्रित करते हुए व्‍यक्तिगत आयकर में सुधार, टीडीएस/टीसीएस को तर्कसंगत बनाना, अनुपालनों के बोझ को कम करते हुए स्‍वैच्छिक अनुपालनों को प्रोत्‍साहित करना, व्‍यवसाय करने की सुगमता और निवेश और रोज़गार बढ़ाने के लिए कुछ प्रोत्‍साहन शामिल हैं। स्‍वैच्छिक अनुपालन को अद्यतन करने की सुविधा को लेकर लगभग 90 लाख करदाताओं ने अतिरिक्‍त कर का भुगतान करते हुए स्‍वैच्छिक रूप से अपनी आय संबंधी ब्‍यौरों को अद्यतन किया। इस विश्‍वास को आगे बढ़ाते हुए, अब किसी भी कर-निर्धारण वर्ष के लिए अद्यतन विवरणी दाखिल करने की समय-सीमा को मौजूदा दो वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष करने का प्रस्‍ताव किया गया है। छोटे धर्मार्थ न्‍यासों/संस्‍थाओं की पंजीकरण अवधि को बढ़ाकर 5 वर्ष से 10 वर्ष करके ऐसी संस्‍थाओं के अनुपालन संबंधी बोझ को कम करने का प्रस्‍ताव है। </p>
<p>करदाताओं को स्वामित्व वाली सम्‍पत्तियों के लिए बिना किसी शर्त के ऐसी दो सम्‍पत्तियों के वार्षिक मूल्‍य के   लाभ की अनुमति प्रदान करने का प्रस्‍ताव किया गया है। पिछले बजट में प्रस्‍तुत की गई विवाद से विश्‍वास योजना को शानदार प्रतिक्रिया मिली है और इसके द्वारा लगभग 33,000 करदाताओं ने इस योजना का लाभ उठाते हुए अपने विवादों का निपटारा किया है। वरिष्‍ठ और अति वरिष्‍ठ नागरिकों को लाभ देते हुए 29 अगस्‍त, 2024 को या उसके पश्‍चात् राष्‍ट्रीय बचत योजना (एनएसएस) से किए गए आहरण पर छूट प्रदान करने का प्रस्‍ताव है। एनपीएस वात्‍सलय खातों के लिए भी ऐसी ही व्‍यवस्‍था का प्रस्‍ताव है। व्यवसाय करने की सुगमता के तहत, अंतरण मूल्‍य की प्रक्रिया को कारगर बनाने हेतु तीन वर्षों की ब्‍लॉक अवधि के लिए अंतरराष्‍ट्रीय लेन-देन के मामलों में आर्म्स लेन्थ मूल्‍य निर्धारण करने के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्‍ताव है। यह योजना सर्वोत्तम वैश्विक पद्धतियों के अनुरूप होगी। अंतरराष्‍ट्रीय कराधान में विवादों को कम करने और निश्चितता को बनाए रखने की दृष्टि से सेफ हार्बर नियमों के दायरे का विस्‍तार किया जा रहा है।</p>
<figure id="attachment_6129" aria-describedby="caption-attachment-6129" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975.jpg" alt="" width="2200" height="2074" class="size-full wp-image-6129" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-300x283.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-1024x965.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-768x724.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-1536x1448.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-2048x1931.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/02/H20250201176975-24x24.jpg 24w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6129" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री, श्री पंकज चौधरी और उनकी बजट टीम/वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 01 फरवरी, 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय बजट 2025 पेश करने के लिए संसद भवन पहुंचीं।</figcaption></figure>
<p>रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने हेतु उन अनिवासियों के लिए प्रकल्पित कराधान व्‍यवस्‍था का प्रस्‍ताव किया गया है, जो ऐसी निवासी कम्‍पनी को सेवाएं प्रदान करते हैं, जो इलेक्‍ट्रॉनिक विनिर्माण सुविधा स्‍थापित या संचालित कर रही है। देश में अन्तर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा टन भार कर स्कीम के लाभों के अंतर्गत पंजीकृत अन्तर्देशीय जलयानों के लिए विस्तारित करने का प्रस्ताव किया गया है। भारतीय स्टार्ट-अप इको-सिस्टम में 5 वर्षों तक निगमन की अवधि का विस्तार करने का प्रस्ताव किया गया है। अवसंरचना क्षेत्र में निवेश को प्रोत्‍साहित करने के लिए बजट में सॉवरेन धन निधियों और पेंशन निधियों द्वारा अवसंरचना क्षेत्र में वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए निवेश करने की तारीख को 5 वर्ष बढ़ाकर 31, मार्च, 2030 तक करने का प्रस्ताव किया गया है।</p>
<p>औद्योगिक वस्तुओं के लिए सीमा-शुल्क टैरिफ संरचना को युक्तिसंगत बनाने के लिए बजट में : (i) सात टैरिफ दरों को हटाने, (ii) प्रभावी शुल्क दायित्‍व बनाए रखने के लिए कुछ मदों प्रभावी शुल्क दायित्‍व बनाए रखने के लिए कुछ मदों को छोड़कर,  और (iii) एक से अधिक उपकर अथवा अधिभार नहीं लगाने का प्रस्ताव है। आयातित दवाईयों पर छूट देते हुए कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और संचारी बीमारियों और 36 जीवन रक्षक दवाओं को बेसिक कस्‍टम ड्यूटी (बीसीडी) से पूरी तरह छूट दे दी गई है। पेटेंट असिस्‍टेंट प्रोग्राम के अंतर्गत 13 नई दवाओं सहित 37 दवाईयों को भी बेसिक कस्‍टम ड्यूटी से मुक्‍त कर दिया गया है, अगर ये दवाएं मरीज को मुफ्त दी जाती है।</p>
<p>घरेलू विनिर्माण और मूल्‍य संवर्धन, 25 विशेष खनिजों जिनकी घरेलू उपलब्‍धता नहीं है उन्‍हें भी सहायता देने के लिए जुलाई, 2025 से बीसीडी से मुक्‍त कर दिया गया है। 2025-26 के बजट में कोबाल्‍ट पाउडर और उसके कबाड़, लीथियम आयरन बैट्री के कबाड़, लैट, जिंक और 12 अन्‍य मुख्‍य खनिजों को भी छूट दी गई है। घरेलू कपड़ा उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए कपड़ा मशीनरी में दो अन्‍य शटल लैस लूम्‍स को भी छूट दी गई है। बजट में आगे कहा गया है कि बुने हुए कपड़े जो 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत, जिन्‍हें 20 प्रतिशत कर दिया गया है या 115 किलोग्राम से जो ज्‍यादा है, जो 09 टैरिफ लाइन्‍स को कवर करती है, उनके बीसीडी में भी संशोधन किया गया है।</p>
<p>प्रतिलोम शुल्क संरचना को ठीक करने और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए इंटरेक्टिव फ्लेट पैनल डिस्‍पले (आईएफपीडी) को 20 प्रतिशत बढ़ाया गया है और ओपन सैल्‍स को 5 प्रतिशत कम किया गया है। ओपन सैल्‍स के उत्‍पादन को बढ़ावा देने के लिए ओपन स्‍टेंडस को बीसीडी के हिस्‍से के रूप में छूट दी गई है।</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/smt-nirmala-sitharaman-today-presented-budget-2025-26-based-on-trust-first-test-later">*पहले इस्तेमाल करें &#8211; फिर विश्वास करें* के तर्क पर श्रीमती निर्मला सीतारमण आज *पहले विश्वास करें &#8211; फिर जांच करें* आधारित 2025-26 का बजट पेश की</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>&#8220;Well-planned cities are going to be the need of the hour, urban planning will determine the fate of our cities,&#8221; says Prime Minister</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Mar 2023 10:57:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[विशेष कहानी]]></category>
		<category><![CDATA[budget]]></category>
		<category><![CDATA[development]]></category>
		<category><![CDATA[finance]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[lok sabha]]></category>
		<category><![CDATA[politics]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>NEW DELHI: Prime Minister lamented that only one or two planned cities were developed in the country after so many years of independence. He remarked that India’s position in the world would have been completely different if 75 planned cities had been developed in the 75 years of its independence. The Prime Minister Narendra Modi [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>NEW DELHI: Prime Minister lamented that only one or two planned cities were developed in the country after so many years of independence. He remarked that India’s position in the world would have been completely different if 75 planned cities had been developed in the 75 years of its independence. </p>
<p>The Prime Minister Narendra Modi reiterated that well-planned cities are going to be the need of the hour in the fast-paced environment of India in the 21st century. Underlining that the development of new cities and the modernization of services in the existing cities are the two main aspects of urban development, the Prime Minister highlighted the significance of urban development in every budget of the country. </strong></p>
<p>He informed that an incentive of Rs 15,000 crores has been declared in this year’s budget for the standards of urban development and expressed confidence that it will provide impetus to planned urbanization.</p>
<p>The Prime Minister reiterated the significant role of planning and governance in urban development. He pointed out that poor planning of cities or lack of proper implementation after planning can create huge challenges in the development journey of India. He stressed the need to work in a very focused way in areas of spatial planning, transport planning, and urban infrastructure. He urged the participants of the webinar to focus on three main questions about how to strengthen the urban planning ecosystem in the states, how to properly use the expertise available in the private sector in urban planning and lastly how to develop a centre of excellence that will take urban planning to a new level. </p>
<figure id="attachment_4781" aria-describedby="caption-attachment-4781" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299.jpeg" alt="" width="2200" height="2540" class="size-full wp-image-4781" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299.jpeg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299-260x300.jpeg 260w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299-887x1024.jpeg 887w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299-768x887.jpeg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299-1330x1536.jpeg 1330w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2023/03/H20230301127299-1774x2048.jpeg 1774w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4781" class="wp-caption-text">PM addressing Post Budget Webinar on Urban Planning, Development and Sanitation on March 01, 2023.</figcaption></figure>
<p>He mentioned that all state governments and urban local bodies can make their contributions towards a developed nation only when they prepare planned urban areas. “Urban planning will determine the fate of our cities in Amrit Kaal and it is only well-planned cities that will determine the fate of India”, the Prime Minister remarked. He further added that our cities will also become climate-resilient and water secure only with better planning.</p>
<p>The Prime Minister requested the experts to come up with innovative ideas and highlighted the role that they can play in areas such as GIS-based master planning, the development of different types of planning tools, efficient human resources, and capacity building. He mentioned that their expertise will be much needed by urban local bodies thereby creating many opportunities.</p>
<p>The Prime Minister underlined that transport planning is an important pillar of the development of cities and the mobility of our cities should be uninterrupted. Highlighting the metro connectivity in the country before 2014, the Prime Minister pointed out that the present government has worked on metro rail in many cities and overtaken several countries in terms of metro network connectivity. He emphasized the need to strengthen the metro network and provide first and last-mile connectivity. He also mentioned that the widening of roads in cities, green mobility, elevated roads, and junction improvement have to be included as part of transport planning.</p>
<p>“India is making the circular economy a major basis of urban development”, the Prime Minister remarked as he noted that thousands of tonnes of municipal waste such as battery waste, electrical waste, automobile waste, tires and waste used for making compost are generated in our country every day. He informed that 75 percent of waste is being processed today compared to only 14-15 percent in 2014. He noted that the edges of India’s cities would not have been filled with mountains of garbage if this step was taken earlier. </p>
<p>The Prime Minister underlined that work is underway to free the cities from heaps of garbage by waste processing and noted that it will open a room full of opportunities for recycling and circularity for many industries. He also urged everyone to support the startups that are doing a great job in this field. He stressed that industries should maximize the potential of waste management and informed that AMRUT 2.0 was launched for clean drinking water in cities after the success of the AMRUT scheme. The Prime Minister also emphasized planning ahead of the traditional model of water and sewage and informed that used water is being treated and sent for industrial use in some cities. </p>
<p>“Our new cities must be garbage-free, water secure, and climate-resilient”, the Prime Minister remarked as he highlighted the need to increase investment in urban infrastructure and planning in tier-2 and tier-3 cities. The Prime Minister underlined that our future cities should be defined on parameters such as architecture, zero discharge model, net positivity of energy, efficiency in land use, transit corridors and use of AI in public services. He also noted the need for playgrounds and paths for bicycle rides for children as part of urban planning.  </p>
<p>“The plans and policies that the government is making should not only make life easier for the people of the cities but also help in their own development”, the Prime Minister said. He informed about the government’s commitment to spend about Rs 80,000 crores for the PM-Awas Yojana in this year&#8217;s budget and said that industries like cement, steel, paint, and furniture get a boost whenever a house is built. Throwing light on the increasing role of futuristic technology in the field of urban development, the Prime Minister urged the startups as well as the industry to think in this direction and act quickly. “We have to take advantage of the possibilities that exist, and also give rise to new possibilities. From sustainable house technology to sustainable cities, we have to find new solutions”, the Prime Minister concluded.</p>
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		<title>देश की 80 प्रतिशत से अधिक आबादी तक पहुंचने के लिए आकाशवाणी के एफएम कवरेज को बढ़ाया जाएगा</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/others/fm-coverage-of-aakashvani-to-be-expanded</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Jan 2023 12:44:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्य]]></category>
		<category><![CDATA[AIR]]></category>
		<category><![CDATA[budget]]></category>
		<category><![CDATA[cabine committee]]></category>
		<category><![CDATA[prasar bharti]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 4 जनवरी: आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने प्रसार भारती यानी ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) और दूरदर्शन (डीडी) के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2,539.61 करोड़ रुपये की लागत वाली केंद्रीय क्षेत्र की योजना &#8220;द ब्रॉडकास्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड नेटवर्क डेवलपमेंट&#8221; (बीआईएनडी) के संबंध में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रस्ताव को स्वीकृति [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली, 4 जनवरी: आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने प्रसार भारती यानी ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) और दूरदर्शन (डीडी) के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2,539.61 करोड़ रुपये की लागत वाली केंद्रीय क्षेत्र की योजना &#8220;द ब्रॉडकास्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड नेटवर्क डेवलपमेंट&#8221; (बीआईएनडी) के संबंध में सूचना और प्रसारण मंत्रालय के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।  मंत्रालय की &#8220;द ब्रॉडकास्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड नेटवर्क डेवलपमेंट&#8221; योजना प्रसार भारती को संगठन के बुनियादी ढांचे, कंटेंट के सृजन और सिविल वर्कर में प्रसारण के विस्तार और उन्नयन से संबंधित व्यय हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए है।</strong></p>
<p>प्रसार भारती, देश के सार्वजनिक प्रसारक के रूप में, दूरदर्शन और आकाशवाणी के माध्यम से देश के दूर-दराज क्षेत्रों में लोगों के लिए सूचना, शिक्षा, मनोरंजन और सहभागिता का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। प्रसार भारती ने कोविड महामारी के दौरान सार्वजनिक स्वास्थ्य संदेशों के प्रसारण और जनता को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p>बीआईएनडी योजना सार्वजनिक प्रसारक को बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ अपनी सुविधाओं को व्यापक रूप से उन्नयन करने में सक्षम बनाएगी, जिससे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, सीमा एवं रणनीतिक क्षेत्रों सहित इनकी पहुंच को व्यापक रूप से बढ़ाते हुए श्रोताओं और दर्शकों को उच्च गुणवत्ता युक्त कंटेंट प्रदान किया जाएगा। इस योजना का एक अन्य प्रमुख प्राथमिकता वाला क्षेत्र घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह के दर्शकों के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त कंटेंट का विकास और अधिक चैनलों को समायोजित करने के लिए डीटीएच प्लेटफॉर्म की क्षमता उन्नयन द्वारा दर्शकों के लिए विविध कंटेंट की उपलब्धता को भी सुनिश्चित करना है। ओबी वैन की खरीद और डीडी एवं आकाशवाणी स्टूडियो को एचडी स्तर पर तैयार करने के लिए डिजिटल उन्नयन को भी परियोजना के हिस्से में शामिल किया जाएगा।</p>
<p>वर्तमान में, दूरदर्शन 28 क्षेत्रीय चैनलों सहित 36 टीवी चैनलों का संचालन करता है और ऑल इंडिया रेडियो 500 से अधिक प्रसारण केंद्रों का संचालन करता है। यह योजना देश में एआईआर एफएम ट्रांसमीटरों के कवरेज को भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार 59 प्रतिशत से बढ़ाकर 66 प्रतिशत और और आबादी के हिसाब से 68 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर देगी। इस योजना में दूरस्थ, जनजातीय, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को 8 लाख से अधिक डीडी फ्री डिश एसटीबी के निःशुल्क वितरण की भी परिकल्पना की गई है।</p>
<p>सार्वजनिक प्रसारण के दायरे को बढ़ाने के अलावा, ब्रॉडकास्टिंग उपकरणों की आपूर्ति और स्थापना से संबंधित निर्माण और सेवाओं के माध्यम से अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न करने की भी संभावना है। टीवी/रेडियो प्रोडक्शन, ट्रांसमिशन और संबद्ध मीडिया से जुड़ी सेवाओं समेत विभिन्न कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में अनुभवी व्यक्तियों के लिए एआईआर और डीडी के कंटेंट निर्माण व रचनात्मक कंटेंट के क्षेत्र में अप्रत्यक्ष रोजगार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। इसके अलावा, डीडी फ्री डिश की पहुंच के विस्तार की परियोजना से डीडी फ्री डिश डीटीएच बॉक्स के निर्माण में रोजगार के अवसरों का सृजन होने की भी उम्मीद है। भारत सरकार दूरदर्शन और आकाशवाणी (प्रसार भारती) के बुनियादी ढांचे और सेवाओं के विकास, आधुनिकीकरण और मजबूती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है, और यह एक सतत प्रक्रिया है।</p>
<p>ज्ञातव्य हो कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2614.51 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एसजेवीएन लिमिटेड द्वारा हिमाचल प्रदेश में 382 मेगावाट सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना को स्वीकृति दे दी है। इसमें बुनियादी ढांचे को सक्षम बनाने के लिए भारत सरकार की बजटीय सहायता के रूप में 13.80 करोड़ रुपये के निवेश को भी स्वीकृति दी गई है। जनवरी, 2022 तक कुल 246 करोड़ रुपये के संचयी व्यय के लिए कार्योत्तर स्वीकृति भी दी गई है।</p>
<p>2,614 करोड़ रुपये की इस परियोजना लागत में 2246.40 करोड़ रुपये की वास्तविक लागत, निर्माण के दौरान ब्याज (आईडीसी) के तौर पर 358.96 करोड़ रुपये और वित्तपोषण शुल्क (एफसी) के रूप में 9.15 करोड़ रुपये शामिल हैं। मात्रा परिवर्तन (जोड़ने/बदलाव/अतिरिक्त मदों सहित) के कारण लागत भिन्नताओं के लिए संशोधित लागत स्वीकृतियां और निर्माणकर्ता के लिए देय समय सीमा स्वीकृत लागत के 10 प्रतिशत तक सीमित होगी।</p>
<p>आत्मनिर्भर भारत अभियान के लक्ष्यों और उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, एसजेवीएन द्वारा 382 मेगावाट सुन्नी बांध एचईपी की स्थापना के लिए वर्तमान प्रस्ताव स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं/स्थानीय उद्यमों/एमएसएमई को विभिन्न लाभ प्रदान करेगा और रोजगार को बढ़ावा देने के अलावा देश के भीतर उद्यमशीलता के अवसरों को प्रोत्साहित करते हुए क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को सुनिश्चित करेगा। इस परियोजना के कार्यान्वयन से इसके निर्माण की चरम अवस्था के दौरान लगभग 4000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा।</p>
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		<title>समय दूर नहीं है जब भारत सरकार का आम बजट सरकारी कर्मचारियों, नेताओं के निमित्त &#8216;खास बजट&#8217; पेश किया जायेगा</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/chutkulanands-letter/general-budget-will-be-presented-for-the-sake-of-govt-employees</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 01 Jul 2022 04:30:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[चुटकुलानन्द की चिठ्ठी]]></category>
		<category><![CDATA[budget]]></category>
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		<category><![CDATA[government]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मुंबई/नई दिल्ली: समय दूर नहीं है जब भारत सरकार का आम बजट सरकारी कर्मचारियों, नेताओं के निमित्त &#8216;खास बजट&#8217; पेश किया जायेगा &#8211; विश्वास नहीं होता है तो पढ़िए और स्वयं भी अन्वेषण कीजिये &#8211; अब अगर पियाज और टमाटर 250/- रुपये किलो बाजार में मिलता हैं तो छटपटाहट क्यों?  श्री उद्धव ठाकरे बहुत प्रसन्न [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई/नई दिल्ली: समय दूर नहीं है जब भारत सरकार का आम बजट सरकारी कर्मचारियों, नेताओं के निमित्त &#8216;खास बजट&#8217; पेश किया जायेगा &#8211; विश्वास नहीं होता है तो पढ़िए और स्वयं भी अन्वेषण कीजिये &#8211; अब अगर पियाज और टमाटर 250/- रुपये किलो बाजार में मिलता हैं तो छटपटाहट क्यों? </p>
<p>श्री उद्धव ठाकरे बहुत प्रसन्न हैं। और प्रसन्न इसलिए हैं कि उन्हें जीवन पर्यन्त पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में &#8216;पेंशन&#8217; मिलता रहेगा। एक बार संसद सदस्य बन गए तो सोना पर सुहागा, पेंशन संसद वाला भी मिलने लगेगा। उद्धव ठाकरे एक दृष्टान्त हैं। वजह यह है कि भारत में विगत वर्षों तक, आगे भी, भारत सरकार पेंशन के मद पर 4,000,000,000,000+ रुपये प्रतिवर्ष खर्च करती हैं जो भारत के सभी विधान सभाओं, राज्य सभा, लोक सभा, विधान परिषद आदि के सदस्य रहे और किसी गली कूची की सरकारी कार्यालयों से लेकर राष्ट्रपति भवन कार्यालय में सेवा अर्पित किये हैं । श्री उद्धव ठाकरे साहब का नाम भी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में सूचीबद्ध हो गया &#8211; यानी वे भी अब पेंशन के हकदार हो गए।</strong> </p>
<p>सनद रहे &#8211; अगर भारत में भूतपूर्व-सांसदों से लेकर अवकाश-प्राप्त सरकारी शौचालय में मैला साफ करने वाले सफाई कर्मचारी तक, दोनों में “समानता” को आंकें, तो एक जबरदस्त समानता है; चाहे वे किसी भी जाति, धर्म, सम्प्रदाय के हों – दोनों भारत सरकार और राज्य सरकारी खजाने से प्रतिमाह पेंशन लेते हैं। आपको सहज “हज़म” भले न हों क्योंकि आपने कभी अपने के अलावे दूसरों (अपने परिवार-परिजनों सहित) का भी भला हो, सोचा ही नहीं। भारत सरकार के ख़जाने से  सन 1991 से 2018 वित्तीय वर्ष तक 4,000,000,000,000+ न्यूनतम रुपये सिर्फ, और सिर्फ, सरकारी-सेवा अवकाश-प्राप्त महानुभावों के पेंशन पर खर्च किया गया है। यह राशि छोटी नहीं है !!</p>
<p>यह तो सरकारी अवकाश-प्राप्त मुलाजिमों और सांसदों की बात है। अगर विभिन्न सरकारों द्वारा घोषित विभिन्न-प्रकार की पेन्शन-योजनाओं, चाहे प्रधान मंत्री के नाम पर हो, या किसी वृद्ध व्यक्ति के निमित्त या बीमार भारतीय के निमित्त या विधवाओं के निमित्त – बहुत बड़ा, यानि बहुत बड़ा “स्कैम” है। खासकर भारत ऐसे आर्थिक-रूप से कमजोर देश, जहाँ प्रत्येक घंटे बड़े-बड़े अधिकारियों, सफेदपोश नेताओं, समाज के दबगों, कारपोरेट घरानों के मालिकों / मालकिनों की मिली-भगत से कोई-न-कोई मौद्रिक-स्कैम होता आ है, चाहे बैंक स्कैम हो या बारूद-स्कैम; उसी देश में सरकारी खजाने से प्रत्येक वर्ष भूतपूर्व-सांसदों पर कुल 840 करोड़ रुपये और सरकारी अवकाशप्राप्त मुलाजिमों को 1.68 लाख करोड़ “पेंशन के रूप में” भुगतान होता है।<br />
 <br />
यदि पेंशन योजनाओं की शुरूआती तारीखों से इन अवकाश-प्राप्त सांसदों और सरकारी मुलाजिमों को देय पेंशन राशि की गणना की जाय तो, सम्भवतः भारत ही नहीं, विश्व के गणितज्ञ और सांख्यिकी बनाने वाले, सांख्यिकी एकत्रित करने वाले इस कार्य को नहीं कर पाएंगे – वैसे भी “इस अनुत्पादक” राशि, जो किसी राष्ट्र के लिए “एसेट्स” नहीं है, और ना ही होगा, समय अंतराल इन राशियों में “कमी” होने के सम्भावना भी नहीं है – राष्ट्र के निर्माण में दीमक जैसा है, जो उस समय की पीढ़ी के युवक-युवतियों के जीवन-निर्माण के अवसरों को छीनती ही नहीं, बल्कि अपने-अपने पैरों तले अपने परिवार के सदस्यों, परिजनों का भविष्य भी रौंदती है । नेता तो चाहेंगे ही की मतदाताओं के सामने  “रोटी” फेंक दें, शासन की गद्दी पर बैठे रहें – लेकिन कभी आपने सोचा क्या सही है या क्या गलत ? शायद नहीं।  </p>
<p><strong>आज़ादी के विगत 75 -सालों में जिस तरह प्रति-वर्ष गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा, शिप्रा, गोदावरी, कावेरी, कृष्णा, ब्रह्मपुत्र, अलकनंदा, भागीरथी, सरयू, चम्बल, बेतबा, सिंध, काली, घाघरा, चिनाव, गंडक, ताप्ती, पेरियार, तीस्ता और अन्य भारतीय नदियों में पानी के अनवरत बहाव का हम सदुपयोग नहीं सके; भूतपूर्व- सांसदों और अवकाश-प्राप्त सरकारी मुजाजिमों पर भी “अनुत्पादक राशि” खर्च कर उन्हें राष्ट्र का पैरासाईट बनाते चले गए – महज अपनी-अपनी राजनीति लिए, वोट-बैंक के लिए। </strong></p>
<p>आश्चर्य तो तब होता है जब सन 1994 में केन्द्रीय सरकारी क्षेत्र में कुल “ऑर्गेनाइज्ड वर्कफोर्स” जो 12.4 फीसदी था, सन 2012 में घटकर महज़ 8.5 फीसदी हो गया, और 2020 में दो फीसदी और कम।  सन 2014 में 14 लाख आर्म्ड फ़ोर्स के साथ केंद्रीय सरकारती क्षेत्र में 47 लाख कर्मचारी थे, जिसमे मिलियरी 30 %, रेलवे 28 % – सन 2006 और 2014 के बीच केंद्र सरकार के सभी क्षेत्रों में मुलाजिमों  की  संख्या में बृद्धि हुयी, सिवाय गृह-मंत्रालय  कार्य करने वाले मुलाजिमों को छोड़कर, जिसमें पारा-मिलिट्री फ़ोर्स भी सम्मिलित हैं। </p>
<p>यदि आंकड़ों को देखा जाय तो भारत में केंद्रीय सरकारी क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारियों से अधिक अवकाश-प्राप्त कर्मचारी हैं, जो अपने कार्यकाल में सरकार द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाओं का लाभ तो उठाये ही, तनखाह भी लिए; साथ अवकाश प्राप्त करने के बाद जीवन पर्यन्त सरकारी कोष से प्रत्येक माह पेंशन भी लेते हैं – लेकिन उत्पादकता पर किसी ने कभी भी कोई प्रश्न नहीं किया। </p>
<p>सवाल यह है कि इन भूतपूर्व-सांसदों को,  सरकारी मुलाजिमों को मिलने वाली पेंशन राशि का इस्तेमाल यदि देश में बड़े पैमाने पर उद्योगों को स्थापित करने, स्वास्थ सुविधा हेतु आधुनिक उपकरणों से  युक्त अस्पताल खोलने  में, या सरकारी क्षेत्रों में शैक्षिक-व्यवस्था को मजबूत बनाने  की दिशा में इस्तेमाल किया गया होता, या किया जाय तो आज की पीढ़ी को ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी उत्तम शैशणिक वातावरण,  स्वास्थ व्यवस्था उपलब्ध होगा। </p>
<p>वजह यह है कि निजी क्षेत्रों में आज जो भी सुविधाएँ उपलब्ध हैं वह इसलिए की सरकार, सरकार के लोग, सरकारी अधिकारी, उद्योपति, कॉर्पोरेट, बिचौलियों के ‘मिली-भगत’ के कारण ही है। अन्यथा सरकारी क्षेत्रों की यह दशा नहीं होती। देश को लूटने में सिर्फ राजनेतागणं ही नहीं, उनके कार्यरत चमचे / अधिकारी ही नहीं, उनके ब्रोकर ही नहीं हैं।  भारत का एक विशाल समुदाय इस कार्य में लगा है जो राष्ट्र की नींव को खोखला कर रहा है –  यानि अवकाश के बाद पेंशन लेने वाले भी हैं अन्यथा  4,000,000,000,000+ रुपये उन्हें पेंशन देने में खर्च किया गया होता, किया जाता –  इसलिए की वे सरकारी नौकरी में थे ?</p>
<p>यह सहज पच्य नहीं है कि भारत में इन 52 लाख पेंशन-भोक्तओं के लिए तक़रीबन चार दर्जन से अधिक एसोसिएशन्स / यूनियन्स / संगठन कार्य  करते हैं। अगर राजनीतिक दृष्टि से अवलोकन करें तो इन 52 लाख + मतदाताओं के लिए बहुत ही मसक्कत करती है राजनीतिक पार्टियां, और बाद में सत्ता में आने पर सरकार। </p>
<p>जरा दूसरे  पक्ष भी निहारिये – आंकड़ों अनुसार देश में केंद्रीय सरकार के विभिन्न संस्थानों, विभागों के अधीन कोई 7.47 लाख नौकरियाँ रिक्त हैं। सबसे अधिक राजस्व विभाग में है। राजस्व विभाग में कुल अनुशंसित स्थानों में कोई 45 फीसदी स्थान रिक्त हैं। इतना ही नहीं, भारतीय रेल में कोई 2,50,000 स्थान रिक्त पड़े हैं। लेकिन उन्हें क्या?</p>
<p>अभी हाल  में  ही, महाराष्ट्र सरकार यह चिंता दिखाई की सन 2010-2011 में जहाँ अपने 19 लाख कर्मचारियों के वेतन और पेंशन राशि में उसे 51 632 करोड़ रुपये खर्च होते थे, 2020-2021 वित्तीय वर्ष में इस राशि में 202 . 4 फीसदी की वृद्धि होकर यह 1,55,940 करोड़ हो गयी है – जो चिंताजनक है। यह स्थिति सिर्फ महाराष्ट्र की ही नहीं है, बल्कि  राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कोषागारों का है। </p>
<p><strong>पिछले दिनों भारतीय रेल यह आंकने की   मुहीम चलाई की वास्तव में रेलवे द्वारा दी जाने वाली पेंशन राशि में भोक्ता जीवित हैं अथवा नहीं, विशेषकर जो 80 और 100 के उम्र के हैं ? इसलिए रेलवे ने सभी वेलफेयर इंस्पेक्टरों को पेंशन प्राप्त  करने वाले कर्मचारियों के घर-घर भेजना प्रारम्भ की। वजह था – पैसों की कमी। रेलवे में कोई 13,75,483 अवकाश प्राप्त कर्मचारी हैं जिनपर रेलवे, यानि सरकार, प्रत्येक वर्ष 8000 करोड़ पेंशन राशि पर खर्च करती हैं। आपको सुखद आश्चर्य होगा को भारतीय रेल में आज 2,86,000 कर्मचारी ऐसे हैं जो 80 और 100 वर्ष के बीच के  और सरकारी पेंशन का मजा ले रहे हैं। </strong></p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/chutkulanands-letter/general-budget-will-be-presented-for-the-sake-of-govt-employees">समय दूर नहीं है जब भारत सरकार का आम बजट सरकारी कर्मचारियों, नेताओं के निमित्त &#8216;खास बजट&#8217; पेश किया जायेगा</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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