<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>banned Archives - आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</title>
	<atom:link href="http://www.aryavartaindiannation.com/tag/banned/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.aryavartaindiannation.com/tag/banned</link>
	<description>आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</description>
	<lastBuildDate>Wed, 28 Sep 2022 13:52:13 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>
	<item>
		<title>&#8216;पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ व उससे संबद्ध संगठन &#8216;प्रतिबंधित&#8217;,  आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/crime/pfi-banned-by-government-of-india</link>
					<comments>http://www.aryavartaindiannation.com/crime/pfi-banned-by-government-of-india#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Sep 2022 13:52:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[banned]]></category>
		<category><![CDATA[home ministry]]></category>
		<category><![CDATA[popular front]]></category>
		<category><![CDATA[terrorism]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.aryavartaindiannation.com/?p=4520</guid>

					<description><![CDATA[<p>नयी दिल्ली: सरकार ने कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों से ‘‘संबंध’’ होने के कारण ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) व उससे संबद्ध कई अन्य संगठनों पर कड़े आतंकवाद रोधी कानून के तहत पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है। पीएफआई और उसके नेताओं से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/crime/pfi-banned-by-government-of-india">&#8216;पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ व उससे संबद्ध संगठन &#8216;प्रतिबंधित&#8217;,  आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नयी दिल्ली: सरकार ने कथित रूप से आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों से ‘‘संबंध’’ होने के कारण ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) व उससे संबद्ध कई अन्य संगठनों पर कड़े आतंकवाद रोधी कानून के तहत पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है। पीएफआई और उसके नेताओं से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।</p>
<p>पीएफआई के अलावा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रतिबंधित संगठनों में ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ (आरआईएफ), ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’ (सीएफ), ‘ऑल इंडिया इमाम काउंसिल’ (एआईआईसी), ‘नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन’ (एनसीएचआरओ), ‘नेशनल विमेंस फ्रंट’, ‘जूनियर फ्रंट’, ‘एम्पॉवर इंडिया फाउंडेशन’ और ‘रिहैब फाउंडेशन (केरल)’ के नाम शामिल हैं।</strong></p>
<p>सोलह साल पुराने संगठन पीएफआई के खिलाफ मंगलवार को सात राज्यों में छापेमारी के बाद 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया। इससे पांच दिन पहले भी देशभर में पीएफआई से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई थी और करीब 100 से अधिक लोगों को उसकी कई गतिविधियों के लिए गिरफ्तार किया गया था, जबकि काफी संख्या में संपत्तियों को भी जब्त किया गया।</p>
<p>केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से मंगलवार देर रात जारी एक अधिसूचना के अनुसार, पीएफआई के कुछ संस्थापक सदस्य ‘स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया’ (सिमी) के नेता हैं और पीएफआई के तार जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से भी जुड़े हैं। जेएमबी और सिमी दोनों ही प्रतिबंधित संगठन हैं।</p>
<figure id="attachment_4522" aria-describedby="caption-attachment-4522" style="width: 1200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi.jpeg"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi.jpeg" alt="" width="1200" height="675" class="size-full wp-image-4522" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi.jpeg 1200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi-300x169.jpeg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi-1024x576.jpeg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi-768x432.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4522" class="wp-caption-text">पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ व उससे संबद्ध संगठन &#8220;प्रतिबंधित&#8221;</figcaption></figure>
<p>अधिसूचना में कहा गया कि पीएफआई के ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया’ (आईएसआईएस) जैसे आतंकवादी संगठनों के साथ संबंधों के भी कई मामले सामने आए हैं। इस अधिसूचना में दावा किया गया कि पीएफआई और उसके सहयोगी या मोर्चे देश में असुरक्षा होने की भावना फैलाकर एक समुदाय में कट्टरता बढ़ाने के लिए गुप्त रूप से काम कर रहे हैं, जिसकी पुष्टि इस तथ्य से होती है कि पीएफआई के कुछ कार्यकर्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों में शामिल हुए हैं।</p>
<p>अधिसूचना में कहा गया, ‘‘उक्त कारणों के चलते केंद्र सरकार का दृढ़ता से यह मानना है कि पीएफआई की गतिविधियों को देखते हुए उसे और उसके सहयोगियों या मोर्चों को तत्काल प्रभाव से गैरकानूनी संगठन घोषित करना जरूरी है। संबंधित अधिनियम की धारा-3 की उपधारा (3) में दिए गए अधिकार का इस्तेमाल करते हुए इसे गैर-कानूनी घोषित किया जाता है।’’ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात सरकार ने भी पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया था।</p>
<p>केरल में विपक्षी दल कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगी ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग’ (आईयूएमएल) ने केंद्र के ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) को प्रतिबंधित करने के फैसले का स्वागत किया, हालांकि साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी इसी तरह रोक लगाने की मांग की। </p>
<p>आईयूएमएल के वरिष्ठ नेता एम.के. मुनीर ने पीएफआई की गतिविधियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कट्टरपंथी संगठन ने कुरान की गलत व्याख्या की और समुदाय के सदस्यों को हिंसा का रास्ता अपनाने के लिए उकसाया। वहीं कांग्रेस के नेता एवं राज्य के पूर्व गृह मंत्री रमेश चेनिथला ने कहा कि केंद्र का पीएफआई को प्रतिबंधित करने का फैसला ‘‘बेहद अच्छा’’ कदम है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘आरएसएस पर भी इसी तरह प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। केरल में बहुसंख्यक सांप्रदायिकता और अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता दोनों का समान रूप से विरोध किया जाना चाहिए। दोनों संगठनों ने सांप्रदायिक घृणा को भड़काया है और इस तरह समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश की है।’’</p>
<p>दूसरी ओर, ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ (एसडीपीआई) ने प्रतिबंध की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह देश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए ‘‘अघोषित आपातकाल’’ का हिस्सा है। एसडीपीआई के प्रमुख एम. के. फैजी ने एक बयान में कहा कि केंद्र, छापेमारी और गिरफ्तारी के जरिए भाजपा की ‘‘जन विरोधी’’ नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को डराने की कोशिश कर रहा है। फैजी ने कहा, ‘‘ भाजपा सरकर भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों को भी नकार कर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोगों के विरोध और संगठनों का दमन कर रही है।’’</p>
<figure id="attachment_4523" aria-describedby="caption-attachment-4523" style="width: 1280px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/raids-pti-1148616-1664274445.jpeg"><img decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/raids-pti-1148616-1664274445.jpeg" alt="" width="1280" height="720" class="size-full wp-image-4523" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/raids-pti-1148616-1664274445.jpeg 1280w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/raids-pti-1148616-1664274445-300x169.jpeg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/raids-pti-1148616-1664274445-1024x576.jpeg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/raids-pti-1148616-1664274445-768x432.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4523" class="wp-caption-text">पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ व उससे संबद्ध संगठन &#8220;प्रतिबंधित&#8221;</figcaption></figure>
<p>गृह मंत्रालय ने दावा किया कि पीएफआई, उसके सहयोगी या उससे संबद्ध मोर्चे देश में आतंक का माहौल पैदा करने के इरादे से हिंसक आतंकवादी कृत्यों में शामिल रहे हैं, जिससे राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न होता है। गृह मंत्रालय ने दावा किया कि जांच में पीएफआई और उसके सहयोगियों या मोर्चों के बीच संबंध के स्पष्ट सबूत मिले हैं।</p>
<p>अधिसूचना में आरोप लगाया गया कि पीएफआई आतंक-आधारित दमनकारी शासन को बढ़ावा देते हुए उसे लागू करने की कोशिश कर रहा है, देश के प्रति वैमनस्य उत्पन्न करने के लिए राष्ट्र विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देने और समाज के एक विशेष वर्ग को कट्टरपंथी बनाने की लगातार कोशिश कर रहा है। इसमें कहा गया है कि संगठन ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है, जो देश की अखंडता, सुरक्षा व संप्रभुता के लिए खतरा हैं।</p>
<p>अधिसूचना में कहा गया कि ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ पीएफआई सदस्यों के जरिए कोष एकत्रित करता है। पीएफआई के कुछ सदस्य ‘कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया’, ‘एम्पॉवर इंडिया फाउंडेशन’ और ‘रिहैब फाउंडेशन (केरल)’ के भी सदस्य हैं। इसके अलावा ‘जूनियर फ्रंट’, ‘ऑल इंडिया इमाम काउंसिल’ (एआईआईसी), ‘नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन’ (एनसीएचआरओ) और ‘नेशनल विमेंस फ्रंट’ की गतिविधियों पर पीएफआई के नेता नजर रखते हैं।</p>
<p>अधिसूचना में कहा गया कि पीएफआई ने समाज के विभिन्न वर्गों जैसे युवाओं, छात्रों, महिलाओं, इमामों, वकीलों या समाज के कमजोर तबकों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए अपने अलग-अलग मोर्चे बनाए, जिसका एकमात्र लक्ष्य अपना विस्तार करना, प्रभाव बढ़ाना और धन एकत्रित करना रहा। केंद्र ने एक अन्य अधिसूचना में राज्य सरकारों को उन संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया, जो पीएफआई से जुड़े थे। उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है और संपत्ति आदि जब्त भी की जा सकती है। गृह मंत्रालय ने कहा कि इन सहयोगियों या संबद्ध संगठनों या मोर्चों का ‘‘चोली दामन’’ का साथ है। आयकर विभाग ने ‘रिहैब इंडिया फाउंडेशन’ का पंजीकरण भी रद्द कर दिया है।</p>
<p>बहरहाल, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने बुधवार को कहा कि वह ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) के अतिवादी विचारों का विरोध करती है, लेकिन सरकार जिस तरह प्रतिबंध लगाकर मामले से निपट रही है उसका वह समर्थन नहीं करती।<br />
वामपंथी दल ने एक बयान में यह आरोप भी लगाया कि केरल और तटीय कर्नाटक क्षेत्र में हत्याओं और बदले लेने के लिए की जाने वाली हत्याओं के मामलों में पीएफआई और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संलिप्त हैं तथा ये सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए माहौल को खराब कर रहे हैं।</p>
<figure id="attachment_4524" aria-describedby="caption-attachment-4524" style="width: 1200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi-1200-sixteen_nine.jpeg"><img decoding="async" src="https://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi-1200-sixteen_nine.jpeg" alt="" width="1200" height="675" class="size-full wp-image-4524" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi-1200-sixteen_nine.jpeg 1200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi-1200-sixteen_nine-300x169.jpeg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi-1200-sixteen_nine-1024x576.jpeg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2022/09/pfi-1200-sixteen_nine-768x432.jpeg 768w" sizes="(max-width: 1200px) 100vw, 1200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-4524" class="wp-caption-text">पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ व उससे संबद्ध संगठन &#8220;प्रतिबंधित&#8221;</figcaption></figure>
<p>उसने कहा, ‘‘बहरहाल, यूएपीए कानून के तहत पीएफआई को अवैध संगठन करार दिए जाने वाली अधिसूचना जारी करना वो तरीका नहीं है जिससे इस समस्या से निपटा जाए। अतीत के अनुभव बताते हैं कि आरएसएस और माओवादियों को प्रतिबंधित करने का कदम प्रभावी नहीं रहा।’’माकपा का कहना है कि पीएफआई जब कभी किसी गैरकानूनी या हिंसा गतिविधि में शामिल हो तो उसके खिलाफ वर्तमान मानूनों के तहत कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार ने आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ (पीएफआई) और उससे संबद्ध अन्य संगठनों पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/crime/pfi-banned-by-government-of-india">&#8216;पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ व उससे संबद्ध संगठन &#8216;प्रतिबंधित&#8217;,  आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>http://www.aryavartaindiannation.com/crime/pfi-banned-by-government-of-india/feed</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
