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	<title>देश Archives - आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</title>
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		<title>आज रात 8.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी​ &#8216;संभवतः&#8217; राष्ट्र को सम्बोधित करेंगे, यह पिछले 12 साल में &#8217;13 वां&#8217; संबोधन होगा </title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 12:40:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 18 अप्रैल​:​ संसद में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ पास नहीं होने के कारण ​संभवतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ​आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब सरकार को एक बड़ा विधायी झटका लगा है और भू-राजनीतिक चिंताएं [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/prime-minister-narendra-modi-will-likely-address-the-nation-tonight-at-830-pm">आज रात 8.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी​ &#8216;संभवतः&#8217; राष्ट्र को सम्बोधित करेंगे, यह पिछले 12 साल में &#8217;13 वां&#8217; संबोधन होगा </a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली, 18 अप्रैल​:​ संसद में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ पास नहीं होने के कारण ​संभवतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ​आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब सरकार को एक बड़ा विधायी झटका लगा है और भू-राजनीतिक चिंताएं बढ़ रही हैं। इस बहुप्रतीक्षित प्रसारण को सरकार के राजनीतिक और नीतिगत संदेश के लिए एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।​ संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 विधेयक लंबे समय से चर्चा में रहे &#8216;महिला आरक्षण&#8217; के ढांचे से जुड़ा था, लेकिन इसे लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका।</strong></p>
<blockquote><p>प्रधानमंत्री द्वारा यह संभावित सम्बोधन पिछले 12 वर्षों (2014-2026) में लगभग तेरहवां संबोधन होगा।  8 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक टेलीविज़न संबोधन में घोषणा की कि आधी रात से ₹500 और ₹1,000 के नोट अब वैध मुद्रा नहीं रहेंगे; इसका उद्देश्य काले धन, भ्रष्टाचार और जाली मुद्रा पर लगाम लगाना था। नोटबंदी को घोषणा के बाद 31 दिसंबर 2016 को नए साल की पूर्व संध्या पर नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित किये थे। 27 मार्च 2019 को एंटी-सैटेलाइट मिसाइल टेस्ट के अवसर पर, फिर 8 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A का निष्प्रभावी होने के बाद, मार्च-मई 2020 में जनता कर्फ्यू (19 मार्च), लॉकडाउन (24 मार्च, 3 अप्रैल) और आत्मनिर्भर भारत अभियान (12 मई) की घोषणाएं किये थे। </p></blockquote>
<p>इस विधेयक में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव था। इसके साथ ही, इसमें एक &#8216;परिसीमन&#8217; प्रक्रिया का भी प्रावधान था, जिससे लोकसभा (निचले सदन) की सदस्य संख्या बढ़कर 816 हो जाती। हालांकि, एक तीखी और ध्रुवीकृत बहस के बाद यह विधेयक पारित नहीं हो सका, क्योंकि विपक्षी दलों ने इसे अपना समर्थन नहीं दिया।​ हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय ने आधिकारिक तौर पर इस संबोधन का एजेंडा स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन सरकारी सूत्रों ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री अपने भाषण में इस अटके हुए विधेयक, महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े व्यापक सवालों और भविष्य के लिए सरकार के &#8216;रोडमैप&#8217; पर बात कर सकते हैं।</p>
<p>यह घटना एक दुर्लभ उदाहरण है, जिसमें एक उच्च-स्तरीय संवैधानिक संशोधन अपने अंतिम चरण में आकर विफल हो गया। यह घटना सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी दलों के बीच बढ़ती हुई गहरी दरारों को भी उजागर करती है।​ सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिया कि मोदी इस मंच का उपयोग सीधे जनता से अपील करने के लिए कर सकते हैं। वे इस विधेयक को &#8216;लैंगिक समानता&#8217; की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं, जिसे &#8216;राजनीतिक स्वार्थों&#8217; के चलते बाधित किया गया।</p>
<p><strong>हालांकि, इस विधेयक को &#8216;परिसीमन&#8217; प्रक्रिया से जोड़ने का मुद्दा एक विवाद का विषय बन गया। विपक्षी दलों ने तर्क दिया कि इस तरह की क्रमबद्धता के कारण विधेयक के कार्यान्वयन में देरी हो सकती है, और इससे विभिन्न राज्यों के बीच राजनीतिक संतुलन भी बिगड़ सकता है। बिल के पास न हो पाने से जो राजनीतिक असर पड़ा है, उसके प्रधानमंत्री के भाषण में हावी रहने की उम्मीद है, खासकर तब जब सरकार आने वाले चुनावों से पहले अपनी बात को मज़बूती से रखना चाहती है। जानकारों का कहना है कि यह भाषण सरकार के सुधार एजेंडे का बचाव करने और लोगों की सोच को बदलने की एक सोची-समझी कोशिश, दोनों का काम कर सकता है। संसदीय मामलों के जानकार एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, &#8220;ऐसे हालात में देश के नाम संबोधन शायद ही कभी सामान्य होता है—इसका मकसद अक्सर अपनी बात को नए सिरे से रखना और लोगों का समर्थन जुटाना होता है।&#8221;</strong></p>
<p>इस संबोधन को और भी ज़्यादा ज़रूरी बनाने वाली बात संसद के बाहर हो रहे घटनाक्रम हैं। दिन की शुरुआत में, मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति और आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठकें कीं, जहाँ कथित तौर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भारत की ऊर्जा आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर इसके संभावित असर पर चर्चा हुई। वैश्विक बाज़ारों में उतार-चढ़ाव के संकेत दिख रहे हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री इस संबोधन का इस्तेमाल नागरिकों को यह भरोसा दिलाने के लिए भी कर सकते हैं कि सरकार बाहरी झटकों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।</p>
<p>घरेलू राजनीतिक उथल-पुथल और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के मेल ने इस भाषण को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है, और सरकार के अगले कदमों के संकेतों का इंतज़ार उसके समर्थक और आलोचक, दोनों ही कर रहे हैं। यह देखना होगा कि क्या यह संबोधन आम सहमति बनाने के मकसद से सुलह का रास्ता अपनाता है, या विपक्ष के खिलाफ ज़्यादा आक्रामक रुख अपनाता है; आने वाले हफ़्तों में देश की राजनीतिक चर्चा का रुख इसी बात से तय हो सकता है।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Bill-1.jpg"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Bill-1.jpg" alt="" width="2125" height="1159" class="aligncenter size-full wp-image-7632" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Bill-1.jpg 2125w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Bill-1-300x164.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Bill-1-1024x559.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Bill-1-768x419.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Bill-1-1536x838.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Bill-1-2048x1117.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2125px) 100vw, 2125px" /></a></p>
<p><strong>​ज्ञातव्य हो कि कल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाते हुए लोकसभा में कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके ‘‘रास्ते का रोड़ा’’ कौन है और विपक्ष के नेताओं को चुनाव में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। शाह ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर सदन में चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वे कहीं न कहीं अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के लिए आरक्षित सीटों में बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं।</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सदस्यों ने ‘‘अगर-मगर, किंतु-परंतु का उपयोग करके स्पष्ट रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है। यह दिखाने का प्रयास किया गया कि विरोध हमारे क्रियान्वयन के तरीके पर है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह विरोध क्रियान्वयन का नहीं, बल्कि केवल महिला आरक्षण का विरोध है।’’​ नरेन्द्र मोदी सरकार महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री मोदी का उद्देश्य महिला सशक्तीकरण करने वाले इस संविधान सुधार को समयबद्ध तरीके से लागू करके 2029 का चुनाव महिला आरक्षण के साथ करने का है।</p>
<p>शाह ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अगर ये (विपक्ष) वोट नहीं देंगे तो संविधान संशोधन विधेयक सदन में गिर जाएगा, लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं को चुनाव में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। चुनाव में वे जब जाएंगे तब मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।’’​ शाह के जवाब के बाद, मत विभाजन में महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ गिर गया। इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े।​ लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।​ संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद इससे संबंधित दोनों विधेयकों परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।</p>
<p>इससे पहले, शाह ने अपने जवाब में कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए भी विधायिका में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण को बार-बार रोका और अब विपक्ष में रहते हुए भी इसे रोक रही है।​ उन्होंने कहा, ‘‘2023 में प्रधानमंत्री मोदी जानबूझकर महिला आरक्षण विधेयक लाए क्योंकि 2024 का चुनाव था और उन्हें पता था कि कांग्रेस विरोध नहीं कर पाएगी। तब पहली बार इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। हमें लगता था कि तब हो गया तो अब भी पारित हो जाएगा, लेकिन ये (विपक्ष) ‘किंतु-परंतु, अगर-मगर’ करके पांचवीं बार फिर विरोध कर रहे हैं।’’</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी के सभी कामों का विरोध करने की ठान रखी है और उसने अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का, राम मंदिर (निर्माण) का, तीन तलाक को समाप्त करने का, जीएसटी का विरोध किया। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने नये संसद भवन का, सहकारिता मंत्रालय का विरोध किया, सर्जिकल स्ट्राइक का, एयर स्ट्राइक का और ऑपरेशन सिंदूर तक का विरोध किया।’’​ शाह ने कहा कि महिला आरक्षण से कांग्रेस के पीछे हटने का कारण यह है कि वह इसका श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को नहीं देना चाहती।</p>
<figure id="attachment_7634" aria-describedby="caption-attachment-7634" style="width: 2047px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Nitish-2-1.jpg"><img decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Nitish-2-1.jpg" alt="" width="2047" height="1367" class="size-full wp-image-7634" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Nitish-2-1.jpg 2047w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Nitish-2-1-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Nitish-2-1-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Nitish-2-1-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Nitish-2-1-1536x1026.jpg 1536w" sizes="(max-width: 2047px) 100vw, 2047px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7634" class="wp-caption-text">​सन्नाटा विजय चौक पर &#8211; तस्वीर: संजय शर्मा</figcaption></figure>
<blockquote><p>गृह मंत्री ने कहा कि इन विधेयकों का उद्देश्य संविधान की ‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य (वैल्यू)’ की भावना को लागू करना भी है।​ उन्होंने कहा कि देश में 127 से अधिक लोकसभा क्षेत्र 20 लाख से अधिक मतदाताओं वाले हैं, और कुछ सीटों पर 28 लाख से 48 लाख तक मतदाता हैं, ऐसे में जन प्रतिनिधि के रूप में सांसद कैसे अच्छी तरह जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकते हैं।​ उन्होंने कहा कि इसे देखते हुए संविधान में समय-समय परिसीमन का प्रावधान किया गया है और उसी से एससी, एसटी की सीटें भी बढ़ने का प्रावधान है।​ उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह परिसीमन का विरोध करने वाले एक तरह से एससी-एसटी सीटें बढ़ने का विरोध कर रहे हैं।’’</p></blockquote>
<p>उन्होंने 2026 में संविधान संशोधन विधेयक लाने के विपक्ष के सवालों पर कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम (2023) में जिक्र है कि 2026 के बाद होने वाली जनगणना के बाद जो परिसीमन होगा, उसमें महिला आरक्षण सुनिश्चित करेंगे।​ शाह ने कहा कि 1976 में कांग्रेस की सरकार के समय से 2026 तक, 50 वर्षों तक देश में लोकसभा सीटों की संख्या ‘फ्रीज’ थी और जनता को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं मिला। उन्होंने कहा, ‘‘2026 में यह सीमा समाप्त हो गई। अब परिसीमन करते हैं तो 2029 से पहले समाप्त नहीं हो सकता। इसलिए 2029 का चुनाव नारी शक्ति वंदन अधिनियम की भावना से करना चाहते हैं और आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण देना चाहते हैं तो इसे अभी लाना होगा।’’​ उन्होंने कहा कि 140 करोड़ जनता के मन में किसी तरह की भ्रांति, भ्रम नहीं हो, इसलिए ‘‘मैं फिर से स्पष्ट करना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट ने जाति जनगणना का जो निर्णय लिया है वह 2026 की जनगणना के साथ कराने का है।’’</p>
<p>शाह ने 2011 की जनगणना के अनुसार परिसीमन के साथ महिला आरक्षण लागू होने से दक्षिणी राज्यों के साथ अन्याय होने के विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए दोहराया कि दक्षिणी राज्यों का इस सदन पर उतना ही अधिकार है जितना उत्तर के राज्यों का।​ उन्होंने कहा, ‘‘हम उत्तर-दक्षिण का भेद नहीं होने देंगे।’’​ गृह मंत्री ने विपक्षी नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए कहा, ‘‘आप ऐसी धारणा पैदा करके लोकप्रिय नहीं हो पाओगे, बाल सफेद हो जाएंगे लेकिन यहां (सत्तापक्ष में) नहीं बैठ पाओगे।’’ </p>
<p><strong>शाह ने कहा कि दक्षिणी राज्यों &#8212; कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल की इस समय लोकसभा में 129 सीटें हैं जिनका (वर्तमान में) कुल 543 सीटों में प्रतिशत 23.76 है। उन्होंने कहा कि सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि के साथ इन पांचों राज्यों में सीटें 195 हो जाएंगी जो कुल 816 सीटों में 23.87 प्रतिशत होंगी।​ उन्होंने यह भी कहा कि यदि विधेयक में सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाने का लिखित उल्लेख नहीं होने के कारण विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं तो एक घंटे का समय दें, वह इस बारे में तत्काल संशोधन ले आएंगे।​ शाह ने महिला आरक्षण में मुस्लिम आरक्षण की समाजवादी पार्टी की मांग पर कहा कि संविधान के तहत धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता।</strong></p>
<p>उन्होंने ओबीसी महिलाओं के आरक्षण की मांग के संबंध में कहा कि जाति जनगणना के बाद रिपोर्ट आएगी और उस पर इस सदन में विचार करने के बाद जो भी सामूहिक मत बनेगा, उस बारे में आगे बढ़ा जा सकता है।​ शाह ने कांग्रेस पर लंबे अरसे तक ओबीसी का आरक्षण रोकने का आरोप लगाया।​ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने बार-बार ओबीसी आरक्षण को रोका और अब, जब वे चुनाव हारते जा रहे हैं तो ओबीसी के हितैषी बनने आए हैं। कांग्रेस ने अब तक एक भी ओबीसी प्रधानमंत्री नहीं दिया, वहीं भाजपा ने अति पिछड़े समाज के मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया।’’</p>
<p>शाह ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सदन में प्रधानमंत्री के लिए असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘विपक्ष के नेता का व्यवहार किस प्रकार का है। उनकी भाषा किस प्रकार की है, देश भी सुन रहा है। आप अपने वरिष्ठों से सीख लें, नहीं तो अपनी बहन प्रियंका जी से सीख लें कि सदन में कैसे बोलते हैं।’’<br />
​&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/prime-minister-narendra-modi-will-likely-address-the-nation-tonight-at-830-pm">आज रात 8.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी​ &#8216;संभवतः&#8217; राष्ट्र को सम्बोधित करेंगे, यह पिछले 12 साल में &#8217;13 वां&#8217; संबोधन होगा </a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>&#8220;​नैना से नैना जो मिला के देखे &#8211; मौसम के साथ मुस्कुरा के देखे &#8211; दुनिया उसी का है जो आगे देखे&#8221; &#8211; नमन आपको आशा ताई</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/nation/legendary-singer-asha-bhosle-died-at-92</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 12:54:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[asha bhosle]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>15 जुलाई, 2006 को शनिवार था। मुद्दत बाद दिल्ली के इंडिया गेट परिसर से &#8216;कार्यक्रम करने/कराने पर प्रतिबंध&#8217; भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा एक दिन के लिए हटाया गया था। वजह थी &#8211; शहनाई सम्राट उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की अंतिम अभिलाषा को पूरा करना।  उसी वर्ष मार्च के महीने में, जिस महीने में उस्ताद का जन्म [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/legendary-singer-asha-bhosle-died-at-92">&#8220;​नैना से नैना जो मिला के देखे &#8211; मौसम के साथ मुस्कुरा के देखे &#8211; दुनिया उसी का है जो आगे देखे&#8221; &#8211; नमन आपको आशा ताई</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>15 जुलाई, 2006 को शनिवार था। मुद्दत बाद दिल्ली के इंडिया गेट परिसर से &#8216;कार्यक्रम करने/कराने पर प्रतिबंध&#8217; भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा एक दिन के लिए हटाया गया था। वजह थी &#8211; शहनाई सम्राट उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की अंतिम अभिलाषा को पूरा करना। </strong></p>
<p>उसी वर्ष मार्च के महीने में, जिस महीने में उस्ताद का जन्म बिहार के डुमरांव में हुआ था (21 मार्च, 1916) के 7 तारीख (7 मार्च, 2006) को बनारस में संकट मोचन सहित कई स्थानों पर बम विस्फोट हुआ था। कई लोग मृत्यु को प्राप्त किये थे। स्वाभाविक है बनारस का लाल, जिसे बनारस ही नहीं, पूरे विश्व के लोग पसंद करते थे, उन मृतकों के सम्मान में अपने 91-वां जन्म दिन उस तारीख को मनाने से मना कर दिए। शहर के कई सम्मानित लोगों के अनुरोध पर चार दिन बाद अपने घर सराय हरहा के दूसरे मंजिल पर अपना जन्म दिन मनाये बिस्मिल्लाह खान । </p>
<p>इस निमित्त 91-किलो का केक बनवाया था, वह घर की सीढ़ियों की संकीर्णता के कारण दूसरी मंजिल पर नहीं जा सकता था और उस्ताद अपनी बीमारी के कारण नीचे के आँगन में नहीं आ सकते थे। फिर शहनाई और उनके सम्मान में बनी पुस्तक &#8216;मोनोग्राफ ऑन उस्ताद बिस्मिल्लाह खान&#8217; को लोकार्पित करते, सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में मेरी पत्नी श्रीमती नीना झा का हाथ पकड़कर कहते हैं: </p>
<blockquote><p>&#8220;आप तो दरभंगा की बहु हैं, मिथिला की बेटी हैं, आप मेरी एक अंतिम अभिलाषा पूरी कर दें। मैं अपनी अंतिम सांस लेने से पहले दिल्ली के इंडिया गेट पर शहीदों के सम्मानार्थ अपने शहनाई में अपनी सांस फूंकना चाहता हूँ। शहनाई के धुन से शहीदों को आमंत्रित करना चाहता हूँ और फिर शहनाई के धुन से ही उन्हें विसर्जित कर इस दुनिया से कूच करना चाहता हूँ। और वे रोने लगे।&#8221; सम्पूर्ण वातावरण अश्रुपूरित हो गया था।</p></blockquote>
<p>फिर मैं अपनी सांसों को सँभालते उस्ताद से कहा: &#8220;मैं बहुत छोटा सा पत्रकार हूँ दिल्ली सल्तनत में। मेरी औकात कीड़े-मकोड़ों से भी कम है। लेकिन आप जैसे बड़े-बुजुर्गों से ही सुना हूँ कि &#8216;कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।&#8217; अतः मैं कोशिश करने से पहले हार नहीं मानूंगा। आपकी अंतिम अभिलाषा पूरा करने में अपना सम्पूर्ण योगदान दे दूंगा। मेरे और मेरी पत्नी के अनुरोध पर भारत सरकार का गृह मंत्रालय &#8216;प्रतिबंध&#8217; को हटाकर, एक छोटा सा कार्यक्रम कर उनकी अंतिम इच्छा पूरा करने का इजाजत दिया। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-4.jpg"><img decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-4.jpg" alt="" width="2037" height="1340" class="aligncenter size-full wp-image-7598" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-4.jpg 2037w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-4-300x197.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-4-1024x674.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-4-768x505.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-4-1536x1010.jpg 1536w" sizes="(max-width: 2037px) 100vw, 2037px" /></a></p>
<p><strong>15 जुलाई, 2006 को तारीख मुक़र्रर हुआ। इस तारीख को एपीजे अब्दुल कलाम (तत्कालीन राष्ट्रपति) के अलावे, भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, भारत रत्न पंडित रवि शंकर, भारत रत्न अमर्त्य सेन, भारत रत्न लता मंगेशकर और भारत रत्न एमएस शुभलक्ष्मी को कुछ समय के लिए ही सही, इंडिया गेट पर अंकित हुतात्माओं के साथ-साथ भारत की जंगे आज़ादी में अपने प्राणों को अर्पित करने वाले शहीदों को शहनाई सम्राट के समर्पण घुन के समय उनकी उपस्थिति के लिए प्रर्थना कर रहा था। बात बिस्मिल्लाह खान की अंतिम अभिलाषा की थी।</strong> </p>
<p>अप्रैल, 2006 में लता मंगेशकर तक पहुँचने के लिए एक दिन फोन किया ताकि मुंबई पहुंचकर उनसे प्रार्थना कर सकूँ। फोन की घंटी चार बार बजी थी &#8211; ट्रिंग-ट्रिंग-ट्रिंग-ट्रिंग &#8211; पांचवी बार बजने से पूर्व दूसरे छोड़ से आवाज आयी &#8220;हेलो!!!!&#8221; मैं समझ गया था की यह आशा भोसले की आवाज है। इससे पहले कि मैं कुछ कहूं, वे कहती हैं: &#8220;मैं आशा बोल रहीं हूँ, बताएं &#8230;&#8221; मैं फोन पर ही चरण स्पर्श करते अपनी बात उनसे कहा। वे फिर कहती हैं कि &#8216;आपकी चिठ्ठी भी आयी है। दीदी उसे देखी भी हैं। तब तक लता जी फोन पर आयी और कहीं कि &#8220;उस महीने में दिल्ली में बहुत गर्मी होती है, इसलिए मेरे लिए यह संभव नहीं है कि मैं आ सकूँ । मेरी शुभकामनाएं हैं कि खान साहब के निमित्त आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम सफल हो, ऐतिहासिक हो।&#8221; फिर मई महीना के मध्य में 11 मई 2006 को लिखा एक पत्र प्राप्त हुआ &#8211; Your Sincerely, Lata Mangeshkar, </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-5-1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-5-1.jpg" alt="" width="1701" height="2297" class="aligncenter size-full wp-image-7600" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-5-1.jpg 1701w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-5-1-222x300.jpg 222w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-5-1-758x1024.jpg 758w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-5-1-768x1037.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-5-1-1137x1536.jpg 1137w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-5-1-1517x2048.jpg 1517w" sizes="auto, (max-width: 1701px) 100vw, 1701px" /></a></p>
<p>आज जब आशा भोसले अंतिम सांस ली तो दो दशक पूर्व का वह टेलीफोनिक वार्ता याद आ गया। किस्ती सहृदय थी आप आशा जी। </p>
<p>बहरहाल, साल 1955 में ख़्वाजा अहमद अब्बास &#8211; वी.पी. साठे के कहानी पर राज कपूर-नरगिस-ललिता पवार-नादिरा अभिनीत और राज कपूर के निर्देशन में फिल्म आयी थी &#8216;श्री 420&#8217; और उस फिल्म में  एक मधुर गीत था। उस गीत के गीतकार थे शैलेन्द्र, संगीतकार थे शंकर-जयकिशन और गया था  आशा भोसले तथा मन्ना डे। गीत के बोल थे:</p>
<p><em>मुड-मुड के ना देख, मुड-मुड के <br />
मुड-मुड के ना देख, मुड-मुड के<br />
मुड-मुड के ना देख, मुड-मुड के<br />
मुड-मुड के ना देख, मुड-मुड के<br />
नैना से नैना जो मिला के देखे<br />
मौसम के साथ मुस्कुरा के देखे<br />
दुनिया उसी की है जो आगे देखे<br />
नैना से नैना जो मिला के देखे<br />
मौसम के साथ मुस्कुरा के देखे<br />
दुनिया उसी की है जो आगे देखे, होए!</em></p>
<p>आज आशा भोसले की आवाज भी शांत हो गयी &#8211; संगीत से नैना मिलाते, मौसम के साथ मुस्कुराते आशा ताई दुनिया से आगे निकल गयी। आशा भोसले, जो न केवल अपनी बहन की महानता की छाया में रहीं, बल्कि अपनी अनोखी आवाज़ के दम पर उस छाया से बाहर निकलकर हिंदी पार्श्व गायन की दुनिया में अपना एक अलग मुकाम बनाया, का आज निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं। मंगेशकर बहनों में से एक, आशा &#8211; जिनकी बहुमुखी प्रतिभा की तुलना उनकी अपनी बहन से भी नहीं की जा सकती थी &#8211; को शनिवार शाम सीने में संक्रमण और अत्यधिक थकान के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह जानकारी उनकी पोती ज़नाई भोसले ने दी। </p>
<p>जिस दिन श्री 420 फिल्म के लिए आशा भोंसले और मन्ना डे इस गीत को गायी थी, वे महज 22-वर्ष की थी। इस गीत को गाने से छः वर्ष पूर्व 1949 में 16 वर्ष की आयु में गणपतराव भोसले से उनका विवाह हुआ था। बाद में अपने सहयोगी व संगीतकार आर.डी. बर्मन से शादी की। आशा भोसले अपने पीछे अपने बेटे आनंद और अपने पोते-पोतियों को छोड़ गई हैं।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-2.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-2.jpg" alt="" width="2047" height="1367" class="aligncenter size-full wp-image-7601" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-2.jpg 2047w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-2-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-2-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-2-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-2-1536x1026.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2047px) 100vw, 2047px" /></a></p>
<p>भोसले ने विभिन्न भारतीय भाषाओं में 12,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए और पद्मिनी एवं वैजयंती माला जैसी दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों से लेकर मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर सहित कई प्रमुख अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी। उन्होंने 2023 में अपने जन्मदिन के उपलक्ष्य में दुबई में आयोजित एक विशेष संगीत कार्यक्रम &#8216;आशा 90: लाइव इन कॉन्सर्ट&#8217; में प्रस्तुति दी थी।</p>
<p>आशा भोसले, जिन्होंने अपनी गायकी से श्रोताओं को &#8220;आजा, आजा&#8221; गाने पर थिरकने पर मजबूर कर दिया, ठीक उतने ही कुशलता से उन्होंने &#8220;चैन से हमको कभी&#8221; गाने के ज़रिए श्रोताओं को बिछड़े प्यार का मातम मनाने पर भी विवश किया। आशा और उनकी बहन लता ने सात दशकों तक हिंदी पार्श्व गायन की दुनिया पर राज किया; इस दौरान बॉलीवुड में नायिकाओं के लिए रिकॉर्ड किए गए लगभग हर गाने में इन्हीं दोनों की आवाज़ का इस्तेमाल किया गया। </p>
<p><strong>आशा भोसले का पहला गाना 1943 में, जब वह केवल 10 वर्ष की थीं, मराठी फ़िल्म &#8220;माझा बाल&#8221; के लिए रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने 2010 के दशक के अंत तक और उसके बाद भी गायन जारी रखा, जिससे वह वैश्विक संगीत इतिहास में सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने वाली गायिकाओं में से एक बन गईं। आठ दशकों से अधिक लंबे करियर में आशा भोसले अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने रोमांटिक गीतों से लेकर गजलों तक कई यादगार नगमे गाए। साथ ही कई ऐसे गीत भी गाए, जिन्होंने लोगों को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। आशा के सबसे मशहूर गानों में &#8220;अभी न जाओ छोड़ कर&#8221;, &#8220;इन आँखों की मस्ती&#8221;, &#8220;दिल चीज़ क्या है&#8221;, &#8220;पिया तू अब तो आजा&#8221;, &#8220;दुनिया में लोगों को&#8221; और &#8220;ज़रा सा झूम लूँ मैं&#8221; जैसे गाने शामिल हैं। </strong></p>
<p>लता का निधन छः फरवरी 2022 को 92 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। और आशा भोसले भी 12 अप्रैल, 2026 को 92 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। जहाँ एक ओर, सुरों और ग़ज़लों के उस्ताद संगीत निर्देशक मदन मोहन की पहली पसंद लता थीं, वहीं आशा भी इस विधा में उतनी ही पारंगत थीं। आज भी उन्हें फ़िल्म &#8220;उमराव जान&#8221; में गाई गई अपनी ग़ज़लों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। इस फ़िल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। </p>
<p>लेकिन उन्होंने अपनी एक अलग पहचान भी बनाई; पहले उन्होंने ओ.पी. नैयर के साथ मिलकर उनके लयबद्ध और जोशीले गानों में काम किया, और बाद में आर.डी. बर्मन के साथ ऐसे गाने गाए जो कैबरे, रोमांस, दर्द और हर तरह के जज़्बाती अंदाज़ से प्रेरित थे।फिर भी, उन दोनों बहनों के बीच कभी कोई आपसी होड़ या जलन नहीं दिखी, जिन्होंने भारत के गायन जगत में लगभग एक बराबर ऊँचा मुकाम हासिल किया था। </p>
<p><strong>पद्म विभूषण और दादा साहब फाल्के से सम्मानित से सम्मानित आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट के साथ-साथ फेफड़ों से जुड़ी कुछ समस्याएं भी थीं, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, आशा ताई को कार्डियक अरेस्ट और सीने में इन्फेक्शन की शिकायत के बाद कल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार के अनुसार, कल सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रैंड’ में अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा जाएगा, जहां लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। इसके बाद शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।</strong></p>
<p>मशहूर गायिका आशा भोसले के बेटे आनंद भोसले ने कहा, &#8216;मेरी मां का आज निधन हो गया। लोग कल सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित कासा ग्रैंड में उन्हें अपनी अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जहां वे रहती थीं। उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।&#8217; शुरुआती सूचनाओं में दावा किया गया कि आशा भोसले को हार्ट अटैक हुआ था, पर बाद में पोती ने इसका खंडन किया और छाती में इंफेक्शन की बात बताई थी। बाद में आशा भोसले को डॉक्टरों ने मल्टिपल ऑर्गन फेलियर के कारण मृत घोषित कर दिया। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-1.jpg" alt="" width="2047" height="1367" class="aligncenter size-full wp-image-7602" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-1.jpg 2047w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-1-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-1-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-1-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/04/Aasha-1-1536x1026.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2047px) 100vw, 2047px" /></a></p>
<p>8 सितंबर, 1935 को सांगली (महाराष्ट्र) में जन्मी आशा को संगीत की शुरुआती तालीम उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर से मिली थी, ठीक वैसे ही जैसे उनकी बहन को मिली थी। शायद संगीत ही उनकी किस्मत में लिखा था। चार बहनों में से लता, उषा और आशा तो पार्श्व गायिकाएँ बनी, जबकि मीना एक संगीतकार हैं। उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी एक संगीतकार हैं। कई पुरस्कारों से सम्मानित आशा एक सफल उद्यमी भी थीं; उन्होंने दुबई और ब्रिटेन में &#8216;आशा&#8217; नाम से एक लोकप्रिय रेस्टोरेंट भी चलाया। उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय पुरस्कार और संगीत जगत के कई अन्य प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया।</p>
<p>आशा भोसले ने एक साल पहले अमृता राव और आरजे अनमोल के पॉडकास्ट में अपनी आखिरी इच्छा के बारे में बताया था। आशा भोसले ने कहा था कि वह अपने आखिरी पल गाते हुए बिताना चाहती हैं क्योंकि उन्हें गाना बहुत पसंद है।आशा भोसले पब्लिकली बेहद कम नजर आती थीं, पर लगातार म्यूजिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही थीं। वह आखिरी बार 5 मार्च 2026 को मुंबई में सचिन तेंदुलकर के बेटे क्रिकेटर अर्जुन तेंदुलकर और सानिया चंडोक की शादी में नजर आई थीं।</p>
<p><strong>बहरहाल, दिग्गज गायिका और संगीत जगत की महान हस्ती आशा भोसले के निधन से पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-&#8216;भारत की सबसे मशहूर और बहुमुखी आवाज़ों में से एक, आशा भोसले जी के निधन से मैं बहुत दुखी हूं। दशकों तक चली उनकी असाधारण संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली धुनें हों या उनकी जोशीली रचनाएं, उनकी आवाज़ में हमेशा एक बेमिसाल चमक रही। उनके साथ हुई मेरी मुलाक़ातों की यादें मैं हमेशा संजोकर रखूंगा।</strong></p>
<p><strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ</strong> ने आशा भोसले के निधन को कला और संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा-&#8216;भारतीय संगीत जगत की सुर साम्राज्ञी, सुरों की महान उस्ताद, &#8216;पद्म विभूषण&#8217; आशा भोसले जी का निधन बहुत दुखद है और कला की दुनिया के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। उनकी बेमिसाल गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयां दीं। उनकी मीठी धुनें हमेशा देश के लोगों के दिलों में गूंजती रहेंगी। मैं भगवान श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले, और शोकाकुल परिवार और चाहने वालों को यह बहुत बड़ा दुख सहने की शक्ति मिले। ॐ शांति!</p>
<p>अक्षय कुमार से लेकर करण जौहर तक कई बड़ी हस्तियों ने उनके निधन पर शोकर जाहिर किया है। रविवार को 92 वर्ष की उम्र में आशा भोसले का निधन हो गया। उनका इलाज करने वाले चिकित्सकों की टीम में शामिल डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। भोसले को शनिवार शाम सीने में संक्रमण और कमजोरी के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पोती जनाई भोसले ने एक मीडिया पोस्ट में यह जानकारी साझा की थी। अक्षय कुमार ने एक्स पर लिखा, &#8220;आशा भोसले जी के जाने से मुझे जो नुकसान हुआ है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उनकी सुरीली आवाज हमेशा हमेशा के लिए अमर रहेगी। ओम शांति&#8221;</p>
<p>फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने कहा, &#8220;मुझे बहुत दुख है कि आशा ताई, एक सिंगर जो दुनिया भर में इतनी मशहूर थीं और जिन्होंने इतने गाने गाए, अब हमारे बीच नहीं रहीं। उन्होंने इतने सालों में कई पीढ़ियों को इंस्पायर किया। एक फिल्ममेकर के तौर पर, मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला। उन्होंने फिल्मों में कई गाने गाए&#8230;उनकी कमी खलेगी।&#8221;</p>
<p>लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा, &#8220;हमारे दिलों पर राज करने वाली आशा ताई अब नहीं रहीं। यह सोचना भी बहुत दुख देता है कि अब हम उनके बिना रह जाएंगे। आशा ताई ने बहुत बड़ी विरासत बनाई। एक बड़े बरगद के पेड़ के नीचे नई पहचान बनाना आसान नहीं होता। लेकिन आशा ताई ने लता जी से पहले गाया। और उन्होंने क्या गायकी की! उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की&#8230;मुझे लगता है, अपने गानों से उन्होंने एक एम्पायर बनाया और वह दुनिया भर के कला प्रेमियों के दिलों पर राज करती रहेंगी।&#8221;</p>
<p>ममता बनर्जी ने आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें &#8220;संगीत जगत की महान हस्ती&#8221; करार देते हुए पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। बनर्जी ने &#8216;एक्स&#8217; पर अपने संदेश में कहा, &#8220;संगीत जगत की महान हस्ती आशा भोसले के निधन से गहरा दुख हुआ है। वह एक ऐसी प्रेरणादायी और मंत्रमुग्ध कर देने वाली गायिका थीं, जिन्होंने पीढ़ियों तक हमारे दिलों पर राज किया।&#8221; </p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/legendary-singer-asha-bhosle-died-at-92">&#8220;​नैना से नैना जो मिला के देखे &#8211; मौसम के साथ मुस्कुरा के देखे &#8211; दुनिया उसी का है जो आगे देखे&#8221; &#8211; नमन आपको आशा ताई</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>प्रधानमंत्री नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा राष्ट्र को समर्पित किये, अगर &#8216;गौतमबुद्ध नगर&#8217; नहीं बना होता तो आज यह &#8216;बुलंदशहर&#8217; का होता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 29 Mar 2026 06:33:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>जेवर (नोएडा, उत्तर प्रदेश) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और अन्य राजनेताओं के साथ-साथ हज़ारों लोगों की उपस्थिति में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यानी जेवर हवाई अड्डा राष्ट्र को समर्पित किया और कहा कि आज से &#8216;विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत अभियान&#8217; में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। भारत का सबसे बड़ा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/the-prime-minister-dedicated-the-noida-jewar-international-airport-to-the-nation">प्रधानमंत्री नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा राष्ट्र को समर्पित किये, अगर &#8216;गौतमबुद्ध नगर&#8217; नहीं बना होता तो आज यह &#8216;बुलंदशहर&#8217; का होता</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जेवर (नोएडा, उत्तर प्रदेश) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और अन्य राजनेताओं के साथ-साथ हज़ारों लोगों की उपस्थिति में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यानी जेवर हवाई अड्डा राष्ट्र को समर्पित किया और कहा कि आज से &#8216;विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत अभियान&#8217; में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। भारत का सबसे बड़ा राज्य अब अंतरराष्ट्रीय विमान पत्तनों की सबसे अधिक संख्या वाले राज्यों में से एक बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि &#8220;यह वही राज्य है जिसने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना और सांसद बनाया, और अब इसकी पहचान इस शानदार विमान पत्तन से जुड़ गई है।&#8221; साथ ही, यह भी दोहराया कि उन्हें दोहरी खुशी है, पहली इस विमान पत्तन की नींव रखने और अब इसका उद्घाटन करने पर, और दूसरी इस भव्य विमान पत्तन का नाम उत्तर प्रदेश से जुड़ने पर। </strong></p>
<blockquote><p>अपने उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि &#8220;इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में, खेती-किसानी का बहुत महत्व है। मैं आज उन मेरे किसान भाई-बहनों का विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए अपनी जमीनें दी है।&#8217; साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि &#8216;आपके इस योगदान से ही, इस पूरे क्षेत्र में विकास का एक नया दौर शुरु होने जा रहा है। आधुनिक कनेक्टिविटी का जो विस्तार यहां हो रहा है, उससे पश्चिमी यूपी में फूड प्रोसेसिंग की संभावनाओं को और बल मिलेगा। अब यहां के कृषि उत्पाद दुनिया के बाजारों में और बेहतर तरीके से जा पाएंगे।&#8217;</p></blockquote>
<p>2001 में जब आज के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, कल के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने इस दिल्ली हवाई अड्डों पर बढ़ रही यात्रियों की भीड़ के मद्दे नजर, जेवर में एक हवाई अड्डा बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। 8 मार्च, 2002 को राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री कार्यालय से बाहर निकल गए और प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा। इस राष्ट्रपति शासन के बाद 3 मई, 2002 को सुश्री मायावती मुख्यमंत्री कार्यालय में विराजमान हुई। राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद, सुश्री मायावती हवाई अड्डे के निर्माण को लेकर केंद्र से वार्तालाप करने में कोई कोताही नहीं की। </p>
<figure id="attachment_7556" aria-describedby="caption-attachment-7556" style="width: 1701px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206513.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206513.jpg" alt="" width="1701" height="1018" class="size-full wp-image-7556" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206513.jpg 1701w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206513-300x180.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206513-1024x613.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206513-768x460.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206513-1536x919.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1701px) 100vw, 1701px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7556" class="wp-caption-text">28 मार्च, 2026 को उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का प्रधानमंत्री</figcaption></figure>
<p><strong>राज्य में यह 14 वां विधानसभा का कालखंड था। इसी कालखंड में सुश्री मायावती के बाद समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव 29 अगस्त, 2003 को मुख्यमंत्री कार्यालय में पधारे। मुलायम सिंह यादव भी &#8216;जेवर&#8217; परियोजना को तवज्जो दिया और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी &#8216;जेवर परियोजना&#8217; का सम्मान करते प्रदेश के साथ साथ राष्ट्र के लोगों के लिए  अपनी और केंद्र सरकार की स्वीकृति दे दी। ज्ञातव्य हो कि मुख्यमंत्री मायावती के कालखंड में 9 जून, 1997 को अगर गाजियाबाद और बुलंदशहर को काटकर गौतमबुद्ध नगर का निर्माण नहीं किया गया होता तो  राष्ट्र को समर्पित &#8216;जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा&#8217; बुलंदशहर का &#8216;जेबर&#8217; होता। </strong></p>
<p>2003 और 2026, कुल 23 वर्ष लगे। इन वर्षों में केंद्र में प्रधानमंत्री कार्यालय में जहाँ अटल बिहार वाजपेयी, डॉ. मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी आये; उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय में मुलायम सिंह यादव, सुश्री मायावती, अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ विराजमान हुए। पांच वर्ष पहले, दिसंबर 2021 को तत्कालीन नागरिक उड्डयन मंत्रालय में राज्य मंत्री (अवकाशप्राप्त जनरल) वी.के. सिंह, ने कहा था कि भारत सरकार ने वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार को नोएडा (जेवर) इंटरनेशनल ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए &#8220;सैद्धांतिक मंज़ूरी&#8221; दी थी। एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को लागू करने की ज़िम्मेदारी, जिसमें प्रोजेक्ट के लिए फंड जुटाना भी शामिल है, संबंधित एयरपोर्ट डेवलपर की थी; यानी जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के मामले में यह जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। </p>
<figure id="attachment_7557" aria-describedby="caption-attachment-7557" style="width: 1573px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206519.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206519.jpg" alt="" width="1573" height="1070" class="size-full wp-image-7557" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206519.jpg 1573w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206519-300x204.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206519-1024x697.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206519-768x522.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206519-1536x1045.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1573px) 100vw, 1573px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7557" class="wp-caption-text">28 मार्च, 2026 को उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का प्रधानमंत्री</figcaption></figure>
<blockquote><p>जेवर एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण पर ₹8,000 करोड़ से ज़्यादा खर्च किए गए। पांच प्रस्तावित रनवे बनाने के लिए अलग-अलग चरणों में 12,000 एकड़ से ज्यादा जमीन अधिग्रहित की गई। अकेले पहले चरण में 1,334 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने के लिए ₹4,300 करोड़ से ज्यादा का निवेश हुआ है। पहले चरण के निर्माण और शुरुआती ज़मीन अधिग्रहण को मिलाकर, पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग ₹11,200 करोड़ है। इतना ही नहीं, विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए 52 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने पर अब तक लगभग ₹716 करोड़ खर्च किए गए। कहते हैं, हवाई अड्डा के आस-पास के विकास के लिए, YEIDA ने हाल ही में ₹4,856 करोड़ से ज़्यादा में 2,700 एकड़ जमीन अधिग्रहित की है। </p></blockquote>
<p>बहरहाल, नए विमान पत्तन के दूरगामी प्रभाव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नोएडा विमान पत्तन से आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर और फरीदाबाद सहित विशाल क्षेत्र को लाभ होगा। यह विमान पत्तन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, लघु एवं मध्यम उद्यमों और युवाओं के लिए अनेक नए अवसर लेकर आएगा। यहां से विमान दुनिया भर के लिए उड़ान भरेंगे, और यह विमान पत्तन विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक बनेगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 2004 से 2014 तक ये एयरपोर्ट फाइलों में ही दबा रहा। जब हमारी सरकार बनी तो यूपी में सपा की सरकार थी। शुरु के दो-तीन सालों में समाजवादी पार्टी वालों ने इस पर काम नहीं होने दिया। लेकिन जैसे ही यहां भाजपा-एनडीए की सरकार बनी, दिल्ली में भाजपा-एनडीए की सरकार बनी, तो जेवर एयरपोर्ट की नींव भी पड़ी, निर्माण भी हुआ और अब ये शुरु भी हो गया है।</p>
<figure id="attachment_7558" aria-describedby="caption-attachment-7558" style="width: 1701px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206515.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206515.jpg" alt="" width="1701" height="1187" class="size-full wp-image-7558" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206515.jpg 1701w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206515-300x209.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206515-1024x715.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206515-768x536.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206515-1536x1072.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206515-100x70.jpg 100w" sizes="auto, (max-width: 1701px) 100vw, 1701px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7558" class="wp-caption-text">28 मार्च, 2026 को उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का प्रधानमंत्री</figcaption></figure>
<p>मोदी ने कहा कि साल 2014 से पहले, देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे। आज 160 से अधिक एयरपोर्ट्स देश में हैं। अब महानगरों के अलावा, देश के छोटे-छोटे शहरों में भी हवाई कनेक्टिविटी पहुंच रही है। आने वाले वर्षों में इसके तहत, छोटे-छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड बनाने की योजना है। यूपी को भी इससे बहुत अधिक लाभ होगा।भारत के 85 एयरपोर्ट, 85 परसेंट हवाई जहाजों को आज भी मैंटनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल यानी MRO के लिए, इस काम के लिए विदेश भेजना पड़ता है। इसलिए हमारी सरकार ने ठाना है कि MRO सेक्टर में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे। अब भारत में ही, बहुत बड़े पैमाने पर MRO सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। आज यहां जेवर में भी MRO सुविधा का शिलान्यास हुआ है। ये सुविधा जब तैयार हो जाएगी, तो ये देश-विदेश के विमानों को सेवा देगी। इससे देश को कमाई भी होगी, हमारा पैसा भी देश में ही रहेगा, और युवाओं को अनेक रोजगार भी मिलेंगे।</p>
<p><strong>उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी,  उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्री राममोहन नायडू जी, पंकज चौधरी जी, ज्यूरिक एयरपोर्ट के चेयरमैन जोसेफ फेल्डर जी, अन्य मंत्रिगण, सांसद, विधायक सभी इस अवसर पर उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि ये एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, छोटे और लघु उद्योगों, यहां के नौजवानों के लिए, अनेक नए अवसर लेकर आने वाला है। यहां से दुनिया के लिए विमान तो उड़ेंगे ही, साथ ही, ये विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का भी प्रतीक बनेगा। मोदी ने कहा कि आधुनिक संपर्क के विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण की संभावनाओं को और बढ़ावा मिलेगा और उन्होंने आगे कहा, &#8220;यहां के कृषि उत्पाद अब वैश्विक बाजारों तक अधिक कुशलता से पहुंच सकेंगे।&#8221;</strong></p>
<p>क्षेत्र के एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरती भूमिका की ओर ध्यान दिलाते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि यह क्षेत्र दो प्रमुख माल ढुलाई गलियारों का केंद्र बन रहा है। ये विशेष रेल पटरियां मालगाड़ियों के लिए बिछाई गई हैं, जिनसे उत्तर भारत का बंगाल और गुजरात के समुद्रों से संपर्क बढ़ा है। उन्होंने कहा कि दादरी वह महत्‍वपूर्ण केंद्र है जहां ये दोनों गलियारे मिलते हैं, जिसका अर्थ है कि यहां के किसान जो कुछ भी उगाते हैं और उद्योग जो कुछ भी उत्पादित करते हैं, वह अब सड़क और वायु मार्ग से विश्‍व के हर कोने तक तेजी से पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, &#8220;इस तरह का बहुआयामी संपर्क उत्तर प्रदेश को दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बना रहा है।&#8221;</p>
<figure id="attachment_7559" aria-describedby="caption-attachment-7559" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206518.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206518.jpg" alt="" width="2200" height="1014" class="size-full wp-image-7559" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206518.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206518-300x138.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206518-1024x472.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206518-768x354.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206518-1536x708.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206518-2048x944.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7559" class="wp-caption-text">28 मार्च, 2026 को उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का प्रधानमंत्री</figcaption></figure>
<p>उड़ान योजना के प्रभाव का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि विमान पत्तनों के निर्माण के साथ-साथ हवाई यात्रा का किराया आम परिवारों की पहुंच में रहे। श्री मोदी ने उल्लेख किया कि उड़ान योजना के तहत टिकट बुक करके एक करोड़ साठ लाख से अधिक नागरिकों ने किफायती दरों पर हवाई यात्रा की है। उन्होंने कहा, “हाल ही में केंद्र सरकार ने लगभग 29,000 करोड़ रुपये की मंजूरी के साथ उड़ान योजना का और विस्तार किया है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में छोटे शहरों में 100 नए विमान पत्तन और 200 नए हेलीपैड बनाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश को भी इससे बहुत लाभ होगा।”</p>
<blockquote><p>भारत के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि नए विमान पत्तनों के निर्माण के साथ-साथ नए विमानों की मांग भी बढ़ रही है और विभिन्न एयरलाइंस सैकड़ों नए विमानों के ऑर्डर दे रही हैं। श्री मोदी ने कहा कि इससे पायलटों, केबिन क्रू और रखरखाव पेशेवरों सहित युवाओं के लिए अपार अवसर पैदा हो रहे हैं, और उन्होंने आगे कहा कि &#8220;हमारी सरकार इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विमानन क्षेत्र में प्रशिक्षण सुविधाओं का विस्तार भी कर रही है।&#8221;</p></blockquote>
<p>भारत के विमानन क्षेत्र में मौजूद एक गंभीर कमी का उल्‍लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण (एमआरओ) क्षेत्र की ओर ध्यान दिलाया और बताया कि 85 प्रतिशत भारतीय विमानों को अभी भी एमआरओ सेवाओं के लिए विदेश भेजना पड़ता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने एमआरओ क्षेत्र में भी भारत को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है और बताया कि आज जेवर में एक एमआरओ सुविधा केंद्र की नींव रखी गई है। श्री मोदी ने घोषणा की, “तैयार होने पर, यह केंद्र भारत और विदेश के विमानों को सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे देश को राजस्व प्राप्‍त होगा, हमारा पैसा भारत में ही रहेगा और युवाओं के लिए अनेक रोजगार सृजित होंगे।”</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206524.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206524.jpg" alt="" width="2200" height="1329" class="aligncenter size-full wp-image-7560" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206524.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206524-300x181.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206524-1024x619.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206524-768x464.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206524-1536x928.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206524-2048x1237.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने और उनके समय और धन की बचत करने को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए, प्रधानमंत्री ने मेट्रो और वंदे भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं के विस्तार के बारे में बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, &#8220;दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल में ढाई करोड़ से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं। दिल्ली और मेरठ के बीच की यात्रा, जिसमें पहले घंटों लगते थे, अब मिनटों में पूरी हो जाती है।&#8221;</p>
<p><strong>विकसित भारत के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे में किए जा रहे अभूतपूर्व निवेश पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले ग्यारह वर्षों में बुनियादी ढांचे के बजट में छह गुना से अधिक की वृद्धि हुई है जिसमें राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर 17 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और एक लाख किलोमीटर से अधिक राजमार्गों का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि रेल विद्युतीकरण 2014 से पहले 20,000 किलोमीटर से बढ़कर अब 40,000 किलोमीटर से अधिक हो गया है, और अब लगभग 100 प्रतिशत ब्रॉड-गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पहली बार कश्मीर घाटी और पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानियों को रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जबकि पिछले एक दशक में पत्तनों की क्षमता दोगुनी से अधिक हो गई है और अंतर्देशीय जलमार्गों की संख्या लगातार बढ़ रही है। श्री मोदी ने कहा, &#8220;भारत विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक हर क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है।&#8221;</strong></p>
<figure id="attachment_7561" aria-describedby="caption-attachment-7561" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206528.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206528.jpg" alt="" width="2200" height="1339" class="size-full wp-image-7561" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206528.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206528-300x183.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206528-1024x623.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206528-768x467.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206528-1536x935.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/03/H20260328206528-2048x1246.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7561" class="wp-caption-text">28 मार्च, 2026 को उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का प्रधानमंत्री</figcaption></figure>
<p>वैश्विक चुनौतियों के सामने सामूहिक प्रयास और राष्ट्रीय एकता का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने संसद में विस्तार से बात की है और मुख्यमंत्रियों के साथ मौजूदा संघर्ष से उत्पन्न संकट से निपटने के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जनता से इस संकट का सामना शांत मन और धैर्य से करने की अपील की और इसे भारतीयों की सबसे बड़ी ताकत बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि जो भारतीयों और भारत के हित में है, वही भारत सरकार की नीति और रणनीति है। श्री मोदी ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, &#8220;मुझे पूरा विश्वास है कि सभी राजनीतिक दल देश के एकजुट प्रयासों को मजबूती प्रदान करेंगे।&#8221;</p>
<p><strong>तस्वीरें: पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार, नई दिल्ली </strong> </p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/the-prime-minister-dedicated-the-noida-jewar-international-airport-to-the-nation">प्रधानमंत्री नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा राष्ट्र को समर्पित किये, अगर &#8216;गौतमबुद्ध नगर&#8217; नहीं बना होता तो आज यह &#8216;बुलंदशहर&#8217; का होता</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>बजट 2026-27 युवा शक्ति पर आधारित एक अनूठा बजट हैः वित्त मंत्री</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/nation/the-2026-27-budget-is-a-unique-budget-based-on-youth-power-finance-minister</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 11:34:49 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[finance]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली, फरवरी 1: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए विकसित भारत की दिशा में सुधारों की गति को तेज करने हेतु तीन कर्तव्यों का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने कहा कि पहला कर्तव्य उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली, फरवरी 1: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए विकसित भारत की दिशा में सुधारों की गति को तेज करने हेतु तीन कर्तव्यों का प्रस्ताव किया। वित्त मंत्री ने कहा कि पहला  कर्तव्य उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में सुदृढ़ता का निर्माण कर आर्थिक विकास की गति को तेज करना और उसे बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का विकास कर भारत की समृद्धि की राह में उन्हें एक सशक्त साझेदार बनाना है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप तीसरा कर्तव्य सार्थक भागीदारी हेतु प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र एवं सेक्टर के लिए संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों को  सुलभ बनाना है।</strong></p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि इस तीन-सूत्री दृष्टिकोण के लिये एक सहयोगी इकोसिस्टम की आवश्यकता है। पहली जरूरत संरचात्मक सुधारों – निरंतर, अनुकूल एवं भविष्योन्मुखी – की गति को बनाए रखना है। दूसरा, बचत को बढ़ावा देने, वित्त के कुशल आवंटन और जोखमों के प्रबंधन हेतु एक मजबूत एवं सुदृढ़ वित्तीय क्षेत्र अहम है। तीसरा, एआई के अनुप्रयोगों सहित अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां बेहतर शासन के गुणक के तौर कार्य कर सकती हैं।</p>
<blockquote><p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार किया गया यह पहला बजट युवा शक्ति पर आधारित एक ऐसा अनूठा बजट है, जो उन रचनात्मक विचारों से प्रेरित है जिन्हें विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के दौरान माननीय प्रधानमंत्री के साथ साझा किया गया था।</p></blockquote>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत की आर्थिक प्रगति की राह स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, सतत विकास और कम मुद्रास्फीति से प्रभावित रही है। सरकार ने सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर को कायम रखते हुए दूरगामी संरचनात्मक सुधारों, राजकोषीय मितव्ययिता और मौद्रिक स्थिरता को निरंतर बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखते हुए, सरकार ने घरेलू उत्पादन क्षमता एवं ऊर्जा सुरक्षा का निर्माण किया है और आयात पर निर्भरता में कमी लाई है। इसके साथ-साथ नागरिक-आधारित विकास को सुनिश्चित किया गया है और रोजगार सृजन, कृषिगत उत्पादकता, परिवारों की क्रय शक्ति और लोगों को सार्वभौमिक सेवाएं प्रदान करने हेतु विभिन्न सुधारों को अपनाया गया है। उन्होंने केहा कि इन उपायों ने लगभग सात प्रतिशत की उच्च वृद्धि दर सुनिश्चित की है और गरीबी घटाने एवं लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के हमारे उल्लेखनीय प्रयासों में मदद दी है।</p>
<figure id="attachment_7319" aria-describedby="caption-attachment-7319" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019.jpg" alt="" width="2200" height="1328" class="size-full wp-image-7319" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-300x181.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-1024x618.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-768x464.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-1536x927.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203019-2048x1236.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7319" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में नेशनल मीडिया सेंटर में बजट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।</figcaption></figure>
<p><strong>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक ऐसे बाहरी वातावरण में जहां व्यापार तथा बहुपक्षवाद खतरे में है और संसाधनों की सुलभता एवं आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हुई हैं, नई प्रौद्योगिकियां पानी, ऊर्जा एवं दुर्लभ खनिजों की मांग तेजी से बढ़ाते हुए उत्पादन प्रणालियों में महत्वपूर्ण बदलाव ला रही हैं। भारत महत्वाकांक्षाओं एवं समावेशन के बीच संतुलन बिठाते हुए विकसित भारत की दिशा में आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ाना और अधिक निर्यात एवं स्थिर दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित करते हुए वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ना जारी रखेगा। वित्त मंत्री ने सरकार के साथ दृढ़ता से खड़े होने और मिलकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह तैयार करने के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया।</strong></p>
<p>आकांक्षाओं को उपलब्धियों में और क्षमताओं को प्रदर्शन में बदलने के सरकार के लक्ष्य पर प्रकाश डालते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के लाभों को प्रत्येक किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू समुदाय, युवा, गरीब और महिला तक पहुंचाना सुनिश्चित कर रही  है।</p>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि रोजगार सृजन, उत्पादकता को बढ़ाने और विकास को गति देने की दिशा में व्यापक आर्थिक सुधार किये हैं। वर्ष 2025 में स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री जी की घोषणा के पश्चात, 350 से अधिक सुधारों को शुरू किया गया है। इसमें जीएसटी का सरलीकरण, श्रम संहिताओं को अधिसूचित करना तथा अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों को युक्तिसंगत बनाना शामिल है। उच्चस्तरीय समितियां गठित की गई हैं और इसके साथ-साथ केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के साथ मिलकर विनियमन हटाने तथा अनुपालन संबंधी अपेक्षाओं में कमी लाने की दिशा में काम कर रही है। सुधार एक्सप्रेस अपने मार्ग पर चल पडा है और यह हमारे कर्तव्य को पूरा करने में मदद के लिए अपनी गति बनाए रखेगा ।</p>
<blockquote><p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आर्थिक विकास में तेजी लाने और उसे बनाए रखने के पहले कर्तव्य  के तहत छह क्षेत्रों में विभिन्न पहलों का प्रस्ताव कियाः i) 7 रणनीतिक एवं अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना; ii) विरासत के औद्योगिक क्षेत्रों का कायाकल्प करना; iii) “चैंपियन एमएसएमई” का निर्माण करना; iv) अवसंरचना को सशक्त प्रोत्साहन प्रदान करना; v) दीघिकालिक ऊजा सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्निच करना; और vi) शहरी आर्थिक क्षेत्र विकसित करना।</p></blockquote>
<figure id="attachment_7320" aria-describedby="caption-attachment-7320" style="width: 1763px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-scaled.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-scaled.jpg" alt="" width="1763" height="2560" class="size-full wp-image-7320" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-scaled.jpg 1763w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-207x300.jpg 207w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-705x1024.jpg 705w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-768x1115.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-1058x1536.jpg 1058w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2026/02/H20260201203020-1411x2048.jpg 1411w" sizes="auto, (max-width: 1763px) 100vw, 1763px" /></a><figcaption id="caption-attachment-7320" class="wp-caption-text">केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में नेशनल मीडिया सेंटर में बजट के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।</figcaption></figure>
<p>वित्त मंत्री ने कहा कि दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं को पूरा करना और समता का विकास करना है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दशकों के निरंतर और सुधार आधारित प्रयासों के माध्यम से 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने हेतु सेवा क्षेत्र पर नये सिरे से जोर देने का निर्णय लिया है। इसके  लिए ‘शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम’ से संबंधित एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित करने जैसे उपाय किये जाएंगे, जो विकसित भारत के मुख्य वाहक के रूप में सेवा क्षेत्र पर ध्यान देने के लिए तरीके सुझाएगा। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात क्षमता का अधिकतम दोहन  करने को प्राथमिकता देगी। यह समिति एआई सहित विभिन्न उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के रोजगार एवं कौशल संबंधी जरूरतों का आकलन करेगी और उसके लिए उपाय सुझाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाएगा और 2047 तक दस प्रतिशत की वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करेगा।</p>
<p>श्रीमती निर्मला सीतारमण ने ‘सबका साथ सबका विकास’ के दृष्टिकोण के अनुरूप तीसरे कर्तव्य का प्रस्ताव किया, जिसके लिए क) छोटे एवं सीमांत किसानों पर ध्यान देते हुए उत्पादकता में वृद्धि एवं उद्यमिता के जरिये किसानों की आय में बढ़ोतरी करने, ख) आजीविका संबंधी अवसरों, प्रशिक्षण एवं उच्च गुणवत्ता वाले सहयोगी उपकरणों को सुलभ बनाकर दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण करने, ग) कमजोर व्यक्तियों को मानसिक स्वास्थ्य  एवं ट्रॉमा संबंधी देखभाल हासिल करने के लिए सशक्त बनाने और घ) विकास की गति एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाने हेतु पूर्वोदय राज्यों तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र पर ध्यान देने हेतु लक्षित प्रयासों की जरूरत होगी।</p>
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		<title>​लाल किले के प्राचीर से 103 मिनट के संबोधन में 92-बिंदुओं पर व्याख्यान &#8216;आसान&#8217; नहीं है</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/nation/narendr-modi-addressed-nation-on-79th-independence-day</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 16 Aug 2025 05:03:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
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		<category><![CDATA[independence]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[narendra modi]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लाल किला (पुरानी दिल्ली) : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि अब आतंकवाद के खिलाफ हमने एक न्यू नॉर्मल स्थापित किया है। प्रधानमंत्री 103 मिनट के &#8216;ऐतिहासिक&#8217; भाषण में 92-बिंदुओं पर अपना विचार रखें। उन्होंने कहा कि आतंक [&#8230;]</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लाल किला (पुरानी दिल्ली) : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि अब आतंकवाद के खिलाफ हमने एक न्यू नॉर्मल स्थापित किया है। प्रधानमंत्री 103 मिनट के &#8216;ऐतिहासिक&#8217; भाषण में 92-बिंदुओं पर अपना विचार रखें। उन्होंने कहा कि आतंक और आतंकी को पालने-पोसने वालों तथा आतंकियों को ताकत देने वालों को अब हम अलग-अलग नहीं मानेंगे। वो मानवता के समान दुश्मन है, उनके बीच कोई फर्क नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब भारत ने तय कर लिया है कि न्यूक्लियर धमकियों को अब हम सहने वाले नहीं हैं। न्यूक्लियर ब्लैकमेल लंबे अरसे से चला आया है, अब वो ब्लैकमेल नहीं सहा जाएगा।</strong></p>
<p>अपने संबोधन में भारत की आत्मनिर्भरता और परिवर्तन की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांस्फॉर्म हो रहा है, लेकिन अब और भी मजबूती के साथ आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक आधुनिक, कुशल और नागरिक-अनुकूल इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां कानूनों, विनियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए, उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाए और प्रत्येक भारतीय विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सके।</p>
<p>प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि पिछले वर्षों में, सरकार ने सुधारों का एक ऐतिहासिक अभियान चलाया है और 40,000 से अधिक अनावश्यक अनुपालनों को समाप्त कर दिया है। श्री मोदी ने कहा कि 1,500 से अधिक पुराने कानूनों को निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि संसद में दर्जनों अन्य कानूनों को सरल बनाया गया, जिसमें नागरिकों के हितों को सदैव सबसे आगे रखा गया। श्री मोदी ने कहा कि केवल वर्तमान सत्र में, 280 से अधिक प्रावधानों को हटा दिया गया, जिससे शासन को हर भारतीय के लिए सरल और अधिक सुलभ बनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि सुधार केवल अर्थशास्त्र के बारे में नहीं है, यह नागरिकों के रोजमर्रा के जीवन को बदलने के बारे में भी है।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815188971.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815188971.jpg" alt="" width="2200" height="1343" class="aligncenter size-full wp-image-7061" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815188971.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815188971-300x183.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815188971-1024x625.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815188971-768x469.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815188971-1536x938.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815188971-2048x1250.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>तीन नए आपराधिक कानूनों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने से हम दंड संहिता में दबे पड़े थे, दंड का भय दिखाकर जीवन चल रहा था और आजादी के 75 साल ऐसे ही गए। उन्होंने कहा कि हम दंड संहिता को खत्म कर न्याय संहिता लाए हैं। न्याय संहिता में भारत के नागरिक के प्रति विश्वास का भाव है। उन्होंने कहा कि हमने रिफॉर्म की यात्रा को तेज करने के लिए बीड़ा उठाया है और हम बहुत तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स हो या रेगुलेटरी, पॉलिसी, प्रोसेस या कांस्टीट्यूशनल रिफॉर्म हो, आज हम हर प्रकार के रिफॉर्म्स को मकसद बनाकर चले हैं। हमारे देश में, छोटी-छोटी चीजों के लिए जेल में डालने के कानून हैं और हैरानी की बात है कि किसी ने इस पर नजर नहीं दौड़ाई। उन्होंने कहा कि जो अनावश्यक कानून हैं वो खत्म होने चाहिए। हम संसद में पहले भी बिल लाए थे, इस बार भी लेकर आए हैं।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि हम समृद्धि की ओर जा रहे हैं, लेकिन समृद्धि का रास्ता सुरक्षा से गुजरता है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में राष्ट्र सुरक्षा, राष्ट्र रक्षा, राष्ट्र के नागरिकों की रक्षा, इन सभी मोर्चों पर हमने पूरे समर्पण भाव से काम किया है और बदलाव लाने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश का बहुत बड़ा जनजातीय क्षेत्र पिछले कई दशकों से नक्सलवाद, माओवाद की चपेट में लहू लुहान हो चुका था। प्रधानमंत्री ने कहा कि सबसे ज्यादा नुकसान मेरे आदिवासी परिवारों को हुआ। आदिवासी माताओं-बहनों ने अपने होनहार बच्चों को खो दिया। नौजवान बेटे गलत रास्‍ते पर खींच लिए गए, भटकाए गए, उनके जीवन को तबाह कर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि हमने फौलादी हाथ से काम लिया। एक समय था जब सवा सौ से ज्यादा जिलों में नक्सलवाद अपनी जड़े जमा चुका था और हमारे जनजातीय क्षेत्र और जनजातीय नौजवान माओवाद के चंगुल में फंसे हुए थे। आज सवा सौ जिलों को हम 20 पर ले आए हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की हमने सबसे बड़ी सेवा की है।</strong></p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि एक जमाना था जब बस्तर को याद करते ही माओवाद नक्सलवाद बम-बंदूक की आवाज सुनाई देती थी। उसी बस्तर में आज माओवाद, नक्सलवाद से मुक्त होने के बाद जब हजारों नौजवान ओलंपिक में भाग लेते है और भारत माता की जय बोलकर खेल के मैदान में उतरते हैं तो पूरा वातावरण उत्साह से भर जाता है। उन्होंने कहा कि पूरा देश यह बदलाव देख रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि जो क्षेत्र कभी रेड कॉरिडोर के रूप में जाने जाते थे, वे आज विकास के ग्रीन कॉरिडोर बन रहे हैं, हमारे लिए यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि भारत के नक्शे में जिन क्षेत्रों को लहू लुहान कर दिया गया था, लाल रंग से रंग दिया गया था, हमने वहां संविधान, कानून और विकास का तिरंगा फहरा दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का अवसर है। इस अवसर पर इन जनजातीय क्षेत्रों को नक्सलवाद से मुक्त कर और जनजातीय नौजवानों की जिंदगी बचा कर हमने भगवान बिरसा मुंडा को एक सच्ची श्रद्धांजलि दी है।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189004.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189004.jpg" alt="" width="2200" height="2110" class="aligncenter size-full wp-image-7062" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189004.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189004-300x288.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189004-1024x982.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189004-768x737.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189004-1536x1473.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189004-2048x1964.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189004-24x24.jpg 24w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि एक षड्यंत्र और सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है। एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं और घुसपैठिए देश के नौजवानों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं। ये घुसपैठिए देश की बहन बेटियों को निशाना बना रहे हैं, यह बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए भोले भाले आदिवासियों को भ्रमित करके उनकी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश यह सहन नहीं करेगा। जब डेमोग्राफी परिवर्तन होता है, सीमावर्ती क्षेत्रों में डेमोग्राफी में परिवर्तन होता है, तब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संकट पैदा होता है। देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए यह संकट पैदा करता है और सामाजिक तनाव के बीज बो देता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई देश अपने को घुसपैठियों के हवाले नहीं कर सकता है। जब दुनिया का कोई देश ऐसा नहीं कर सकता है, तो भारत कैसे कर सकता है? उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने त्याग और बलिदान से आजादी पाई और हमें स्वतंत्र भारत दिया। उन महापुरुषों के प्रति हमारा कर्तव्य हैं कि हम अपने देश में ऐसी हरकतों को स्वीकार न करें, उनके प्रति यह हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसलिए आज लाल किले की प्राचीर से मैं यह कहना चाहता हूँ कि हमने एक हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का निर्णय किया है। भारत पर जो यह भीषण संकट मंडरा रहा है उससे निपटने में यह मिशन तय समय में सुविचारित और निश्चित रूप से अपना कार्य करेगा।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189013.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189013.jpg" alt="" width="2200" height="1318" class="aligncenter size-full wp-image-7063" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189013.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189013-300x180.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189013-1024x613.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189013-768x460.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189013-1536x920.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189013-2048x1227.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p><strong>प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: </strong></p>
<p>* आजादी का यह महापर्व 140 करोड़ संकल्पों का पर्व है। आजादी का यह पर्व सामूहिक सिद्धियों का, गौरव का पल है और हृदय उमंग से भरा हुआ है। देश एकता की भावना को निरंतर मजबूती दे रहा है। </p>
<p>* 140 करोड़ देशवासी आज तिरंगे के रंग में रंगे हैं। हर घर तिरंगा, भारत के हर कोने से चाहे रेगिस्तान हो, या हिमालय की चोटियां, समुद्र के तट हो या घनी आबादी वाले क्षेत्र, हर तरफ से एक ही गूंज है, एक ही जयकारा है, हमारे प्राण से भी प्यारी मातृभूमि का जयगान है। </p>
<p>* पूज्य बापू के सिद्धांतों पर चलते हुए, संविधान सभा के सदस्यों ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। भारत का संविधान जब 75 वर्ष से एक प्रकाश स्तंभ बनाकर के हमें मार्ग दिखाता रहा है। </p>
<p>* भारत के संविधान निर्माता अनेक विद महापुरुष डॉ राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहब अंबेडकर, पंडित नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी, इतना ही नहीं हमारी नारी शक्ति का भी योगदान कम नहीं था। हंसा मेहता जी, दक्षयानी वेलायुद्धन जैसी विदुषियों ने भी भारत के संविधान को सशक्त करने में अपनी भूमिका निभाई थी। </p>
<p>* हम आज डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मना रहे हैं। संविधान के लिए बलिदान, धारा 370 की दीवार गिराकर, एक देश एक संविधान के मंत्र को जब हमने साकार किया, तो हमने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189018.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189018.jpg" alt="" width="2200" height="1469" class="aligncenter size-full wp-image-7064" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189018.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189018-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189018-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189018-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189018-1536x1026.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189018-2048x1368.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>* प्रकृति हम सब की परीक्षा ले रही है। पिछले कुछ दिनों में प्राकृतिक आपदाएं, भूस्खलन, बादलों का फटना, न जाने कितनी-कितनी आपदाएं हम झेल रहे हैं। पीड़ितों के साथ हमारी संवेदना है, राज्य सरकारें और केंद्र सरकार मिलकर के बचाव के काम, राहत के काम, पुनर्वासन के काम में पूरी शक्ति से जुटे हुए हैं। </p>
<p>* मुझे बहुत गर्व हो रहा है, आज मुझे लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे वीर जांबाज सैनिकों ने, दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है। </p>
<p>* 22 तारीख के बाद हमने हमारे सेना को खुली छूट दे दी। रणनीति वो तय करें, लक्ष्य वो तय करें, समय भी वो चुने और हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों तक कभी हुआ नहीं था। सैकड़ों किलोमीटर दुश्मन की धरती पर घुसकर के आतंकी हेडक्वार्टर्स को मिट्टी में मिला दिया, आतंकी इमारतों को खंडहर बना दिया। पाकिस्तान की नींद अभी भी उड़ी हुई है। </p>
<p>* अब हमने एक न्यू नॉर्मल स्थापित किया, आतंक को और आतंकी को पालने-पोसने वालों को, आतंकियों को ताकत देने वालों को, अब हम अलग-अलग नहीं मानेंगे। </p>
<p>* वो मानवता के समान दुश्मन है, उनके बीच कोई फर्क नहीं है। अब भारत ने तय कर लिया है, कि इन न्यूक्लियर की धमकियों को अब हम सहने वाले नहीं हैं, न्यूक्लियर ब्लैकमेल लंबे अरसे से चला आया है, अब वो ब्लैकमेल नहीं सहा जाएगा। <br />
आगे भी अगर दुश्मनों ने ये कोशिश जारी रखी, हमारी सेना तय करेगी, सेना की शर्तों पर, सेना जो समय निर्धारित करे उस समय पर, सेना जो तौर तरीके तय करें उस तौर तरीके से, सेना जो लक्ष्य तय करे उस लक्ष्य को अब हम अमल में लाकर के रहने वाले हैं। हम मुंह तोड़ जवाब देंगे।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189021.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189021.jpg" alt="" width="2200" height="1184" class="aligncenter size-full wp-image-7065" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189021.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189021-300x161.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189021-1024x551.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189021-768x413.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189021-1536x827.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189021-2048x1102.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>* अब भारत ने तय कर लिया है, खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे। अब देशवासियों को भली-भांति पता चला है कि सिंधु का समझौता कितना अन्यायपूर्ण है, कितना एकतरफा है। ये ऐसा समझौता था, जिसने पिछले 7 दशक से मेरे देश के किसानों का अकल्पनीय नुकसान किया है। अब हिंदुस्तान के हक का जो पानी है उस पर अधिकार सिर्फ और सिर्फ हिंदुस्तान का है, हिंदुस्तान के किसानों का है। </p>
<p>* भारत कतई सिंधु समझौते को, उस स्वरूप को दशकों तक सहा है, उस स्वरूप को आगे नहीं सहा जाएगा। किसान हित में, राष्ट्रहित में, यह समझौता हमें मंजूर नहीं है।</p>
<p>* एक राष्ट्र के लिए आत्मसम्मान की सबसे बड़ी कसौटी आज भी उसकी आत्मनिर्भरता है। विकसित भारत का आधार भी है आत्मनिर्भर भारत। आत्मनिर्भरता का नाता हमारे सामर्थ्य से जुड़ा हुआ है और जब आत्मनिर्भरता खत्म होने लगती है, तो सामर्थ्य भी निरंतर क्षीण होता जाता है और इसलिए हमारे सामर्थ्य को बचाए रखने, बनाए रखने और बढ़ाए रखने के लिए, आत्मनिर्भर होना बहुत अनिवार्य है!</p>
<p>* हमने ऑपरेशन सिंदूर में देखा है, मेड इन इंडिया की कमाल क्या थी। दुश्मन को पता तक ना चला, कि कौन से शस्त्र-अस्त्र हैं, ये कौन सा सामर्थ्य है, जो पलक भर में उनको नष्ट कर रहा है। </p>
<p>* मेड इन इंडिया की शक्ति हमारे हाथ में थी, सेना के हाथ में थी, इसलिए बिना चिंता, बिना रुकावट, बिना हिचकिचाहट, हमारी सेना अपना पराक्रम करती रही और यह पिछले 10 साल से लगातार डिफेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर हम एक मिशन लेकर के चलें हैं, उसके नतीजे आज नजर आ रहे हैं।</p>
<p>* आज हमने उस बोझ से मुक्त होकर के मिशन मोड में सेमीकंडक्टर के काम के आगे बढ़ाया है। 6 अलग-अलग सेमीकंडक्टर के यूनिट्स जमीन पर उतर रहे हैं, चार नए यूनिट्स को हमने ऑलरेडी हरी झंडी दिखा दी है, ग्रीन सिग्नल दे दिया है। इसी वर्ष के अंत तक मेड इन इंडिया भारत की बनी हुई, भारत में बनी हुई, भारत के लोगों द्वारा बनी हुई मेड इन इंडिया चिप्स, बाजार में आ जाएगी। </p>
<p>* हमने बीड़ा उठाया और आज 11 वर्ष में सोलर एनर्जी 30 गुना बढ़ चुकी है। हम नए-नए डेम बना रहे हैं, ताकि हाइड्रो का विस्तार हो और हमें क्लीन एनर्जी उपलब्ध हो। भारत मिशन ग्रीन हाइड्रोजन लेकर के आज हजारों करोड़ रुपए इन्वेस्ट कर रहा है। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189016.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189016.jpg" alt="" width="2200" height="1263" class="aligncenter size-full wp-image-7066" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189016.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189016-300x172.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189016-1024x588.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189016-768x441.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189016-1536x882.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189016-2048x1176.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>* भविष्य की ऊर्जा को ध्यान में रखकर के, ऊर्जा के क्षेत्रों को ध्यान में रखकर के, भारत न्यूक्लियर एनर्जी पर भी बहुत बड़े इनीशिएटिव ले रहा है। न्यूक्लियर एनर्जी में 10 नए न्यूक्लियर रिएक्टर तेजी से कम कर रहे हैं। 2047 तक, जोकि हमने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है। जब देश की आजादी के 100 साल होंगे, हम परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना से भी अधिक बढ़ाने का संकल्प लेकर के आगे बढ़ रहे हैं।</p>
<p>* हम न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में बहुत बड़े रिफॉर्म लेकर के आए हैं। अब हमने प्राइवेट सेक्टर के लिए भी परमाणु ऊर्जा को उसके द्वार खोल दिए हैं, हम शक्ति को जोड़ना चाहते हैं।</p>
<p>* भारत ने तय किया था, कि हम 2030 तक क्लीन एनर्जी भारत में 50% पहुंचा देंगे। यह लक्ष्य हमारा 2030 तक था। मेरे देशवासियों का सामर्थ्य देखिए, मेरे देशवासियों की संकल्प शक्ति देखिए, मेरे देशवासियों को विकसित भारत बनाने का संकल्प को पूर्ण करने के लिए उनकी दौड़ देखिए, हमने जो लक्ष्य 2030 में तय किया था, वो 50% क्लीन एनर्जी का लक्ष्य 2025 में हमने कर लिया, 5 साल पहले हमने अचीव कर लिया।</p>
<p>* हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम कर रहे हैं। देश को विकसित बनाने के लिए हम अब समुद्र मंथन की तरफ भी जा रहे हैं। </p>
<p>* हमारे समुद्र के मंथन को आगे बढ़ाते हुए, हम समुद्र के भीतर के तेल के भंडार, गैस के भंडार, उसको खोजने की दिशा में एक मिशन मोड में काम करना चाहते हैं और इसलिए भारत नेशनल डीप वाटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने जा रहा है। यह ऊर्जा इंडिपेंडेंट बनने के लिए यह हमारी महत्वपूर्ण घोषणा है।</p>
<p>* आज पूरा विश्व क्रिटिकल मिनरल को लेकर के बहुत ही सतर्क हो गया है, उसके सामर्थ्य को लोग भली-भांति समझने लगे हैं। हमारे लिए भी क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता बहुत अनिवार्य है। एनर्जी का सेक्टर हो, इंडस्ट्री का सेक्टर हो, रक्षा क्षेत्र हो, टेक्नोलॉजी का हर क्षेत्र हो, आज क्रिटिकल मिनरल्स की टेक्नोलॉजी के अंदर बहुत अहम भूमिका है और इसलिए नेशनल क्रिटिकल मिशन हमने लॉन्च किया है</p>
<p>* 1200 से अधिक स्थानों पर खोज का अभियान चल रहा है, और हम क्रिटिकल मिनरल में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। </p>
<p>* हमारे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला स्पेस स्टेशन से लौट चुके हैं और आने वाले कुछ दिनों में वो भारत भी आ रहे हैं। हम स्पेस में भी अपने दम पर आत्मनिर्भर भारत गगनयान की तैयारी कर रहे हैं। हम अपने बलबूते पर हमारा अपना स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में हम काम कर रहे हैं।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189023.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189023.jpg" alt="" width="2200" height="1630" class="aligncenter size-full wp-image-7067" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189023.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189023-300x222.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189023-1024x759.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189023-768x569.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189023-1536x1138.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189023-2048x1517.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>* पिछले दिनों स्पेस में जो रिफॉर्म किए गए, मुझे बहुत गर्व हो रहा है, मेरे देश के 300 से ज्यादा स्टार्टअप्स अब सिर्फ और सिर्फ स्पेस सेक्टर में काम कर रहे हैं और उन 300 स्टार्टअप्स में हजारों नौजवान पूरे सामर्थ्य के साथ जुटे हैं। ये है मेरे देश के नौजवानों की ताकत और ये है हमारा हमारे देश के नौजवानों के प्रति विश्वास।</p>
<p>* आज मेरा लाल किले की प्राचीर से, मेरे देश के युवा वैज्ञानिकों को, मेरे टैलेंटेड यूथ को, मेरे इंजीनियर्स को और प्रोफेशनल्स को, और सरकार के हर विभागों को भी मेरा आह्वान है, क्या हमारा अपना मेड इन इंडिया फाइटर जेट्स के लिए जेट इंजन हमारा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? </p>
<p>* हम फार्मा ऑफ द वर्ल्ड माने जाते हैं। वैक्सीन में हम नए-नए विक्रम स्थापित करते हैं, लेकिन क्या समय की मांग नहीं है, कि हम रिसर्च और डेवलपमेंट में और ताकत लगाएं, हमारे अपने पेटेंट हो, हमारे अपनी बनाई हुई मानव जाति के कल्याण की सस्ते से सस्ती और सबसे कारगर नई-नई दवाइयों की शोध हो, और संकट में साइड इफेक्ट के बिना मानव जाति के कल्याण में काम आए</p>
<p>* BioE3 पॉलिसी भारत सरकार ने बनाई है, मैं देश के नौजवानों को कहता हूं आइये, BioE3 पॉलिसी का अध्ययन करके आप कदम उठाइए, देश का भाग्य बदलना है, आपका सहयोग चाहिए।</p>
<p>* दुनिया को हमने दिखा दिया है, यूपीआई का हमारा अपना प्लेटफार्म आज दुनिया को अजूबा कर रहा है। हमारे में सामर्थ्य है रियल टाइम ट्रांजैक्शन में 50% अकेला भारत यूपीआई के माध्यम से कर रहा है। मेरे देश के किसान भी फर्टिलाइजर का सही उपयोग कर करके धरती माता की सेवा कर सकते हैं। अनाप-शनाप उपयोग से भी धरती मां को बहुत नुकसान पहुंचा रहे हैं। </p>
<p>* आने वाला युग ईवी (EV) का है। अब ईवी बैटरी क्या हम नहीं बनाएंगे, हम निर्भर रहेंगे। सोलर पैनल की बात हो, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स के लिए जिन-जिन चीजों की आवश्यकताएं है, वो हमारी अपनी होनी चाहिए।</p>
<p>* कोविन प्लेटफार्म हमारा अपना होना चाहिए, देश ने करके दिखाया। करोड़ों-करोड़ों लोगों की जिंदगी बचाने का काम हमने किया है। पिछले 11 साल में एंटरप्रेन्योरशिप उद्यमशीलता को बहुत बड़ी ताकत मिली। आज लाखों स्टार्टअप टीयर-2, टीयर-3 सिटी में देश की अर्थशक्ति को, देश के इनोवेशन को, ताकत दे रहे हैं। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189020.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189020.jpg" alt="" width="2200" height="1127" class="aligncenter size-full wp-image-7068" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189020.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189020-300x154.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189020-1024x525.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189020-768x393.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189020-1536x787.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189020-2048x1049.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>* उसी प्रकार से मुद्रा योजना से हमारे देश के करोड़ों नौजवान उसमें भी हमारी बेटियां करोड़ों-करोड़ों लोग मुद्रा से लोन लेकर के अपना खुद का कारोबार कर रहे हैं। पिछले 10 साल में वूमेन सेल्फ हेल्प ग्रुप ने कमाल करके दिखाया। आज उनका प्रोडक्ट दुनिया के बाजार में जाने लगे हैं। लाखों करोड़ों का कारोबार हमारे वूमेन सेल फाइल्स ग्रुप कर रहे हैं।</p>
<p>* मैंने एक बार मन की बात में खिलौने की बात कही थी। हम करोड़ों करोड़ों रुपए के खिलौने विदेश से लाते थे। मैंने ऐसे ही मन की बात में कहा, कि अरे मेरे देश के नौजवानों ऐसा भी करेंगे क्या, खिलौने भी बाहर से लाएंगे और आज मैं गर्व से कहता हूं, कि मेरा देश खिलौने एक्सपोर्ट करने लग गया है। </p>
<p>* मैं देश के युवाओं से कहता हूं, आईये आप इनोवेटिव आईडियाज लेकर के आए, आपके आइडियाज को मरने मत देना दोस्तों, आज का आपका आईडिया हो सकता है आने वाली पीढ़ी का भविष्य बना सकता है। मैं आपके साथ खड़ा हूं, मैं आपके लिए काम करने के लिए तैयार हूं, आपका साथी बनकर काम करने को तैयार हूं। आप आईये, हिम्मत जुटाईये, इनीशिएटिव लीजिए।</p>
<p>* आज नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन पर बहुत तेजी से कम हो रहा है। हमारे MSMEs उसका लोहा दुनिया मानती है, जो दुनिया में बड़ी-बड़ी चीजें बनती है ना, कुछ ना कुछ तो औजार हमारे देश के MSMEs के द्वारा जाते हैं। बड़े गर्व के साथ जाते हैं, लेकिन हम कंप्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड विकास की राह पर जाना चाहते हैं, और इसलिए उनकी शक्ति बढ़े और उसमें भी मैंने पहले एक बार लाल किले से कहा था, जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट। </p>
<p>* हम सभी जो उत्पादन के क्षेत्र में लगे हैं, उन सबका मंत्र होना चाहिए, दाम कम लेकिन दम ज्यादा। हमारी हर प्रोडक्ट का दम ज्यादा हो, लेकिन दाम कम हो, इस भाव को लेकर के हमें आगे बढ़ना है।</p>
<p>* आज समय की मांग है, स्वतंत्र भारत का मंत्र लेकर के जीने वालों ने हमें स्वतंत्र भारत दिया। आज 140 करोड़ देशवासियों का एक ही मंत्र होना चाहिए समृद्ध भारत। मैं सभी राजनीतिक दलों  को, राजनेताओं को, सबसे कहता हूं कि आईये, यह किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं है, भारत हम सब का है, हम मिलकर के वोकल फॉर लोकल, उस मंत्र को हर नागरिक के जीवन का मंत्र बनाएं। </p>
<p>* भारत में बनी हुई, भारत के नागरिकों के पसीने से बनी हुई वो चीजें, जिसमें भारत की मिट्टी की महक हो और जो भारत की आत्मनिर्भरता के संकल्प को ताकत देता हो, हम उसी को खरीदेंगे, हम उसी का उपयोग करेंगे, हम उस दिशा में आगे आए, यह हमारा सामूहिक संकल्प हो, देखते ही देखते हम दुनिया बदल देंगे दोस्तों। </p>
<p>* मैं चाहता हूं, देश में ऐसे व्यापारी आगे आए, ऐसे दुकानदार आए, कि यहां स्वदेशी माल बिकता है, वो बोर्ड लगाए। हम स्वदेशी का गर्व करने लगे, हम स्वदेशी मजबूरी में नहीं, मजबूती के साथ उपयोग करेंगे। मजबूती के लिए उपयोग करेंगे और जरूरत पड़ी तो औरों को मजबूर करने के लिए उपयोग करेंगे, यह हमारी ताकत होनी चाहिए।</p>
<p>* बीता दशक रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफार्म का रहा है। लेकिन अब हमें और नई ताकत से जुड़ना है। पिछले दिनों हमने कई रिफॉर्म्स किए हैं, एफडीआई हो, इंश्योरेंस कंपनी की बात हो, विश्व की यूनिवर्सिटीज को भारत के अंदर स्थान देने की बात हो, कई रिफॉर्म्स किए हैं। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189007.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189007.jpg" alt="" width="2200" height="1668" class="aligncenter size-full wp-image-7069" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189007.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189007-300x227.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189007-1024x776.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189007-768x582.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189007-1536x1165.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189007-2048x1553.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>* 40000 से ज्यादा अनावश्यक कंप्लायंसेस को हमने खत्म किया है। इतना ही नहीं, 1500 से अधिक पुराने कानून जो बाबा आदम के जमाने के थे, उन सबको हमने खत्म कर दिया है। हमने दर्जनों कानूनों को सरल करने के लिए संसद में जाकर के जनता के हितों को सर्वोपरि रख करके बदलाव किए हैं। </p>
<p>* लेकिन एक बहुत बड़ा रिफॉर्म इनकम टैक्स एक्ट में हुआ है। करीब 280 से ज्यादा धाराएं हमने समाप्त करने का निर्णय किया है। और साथियों, सिर्फ आर्थिक मोर्चे पर ही रिफॉर्म नहीं, हमने नागरिक के जीवन को भी आसान बनाने के लिए रिफॉर्म किए हैं। इनकम टैक्स रिफंड की बात हो, रिफॉर्म का परिणाम है। कैशलेस असेसमेंट की बात हो, रिफॉर्म का परिणाम है। </p>
<p>* 12 लाख तक आज इनकम टैक्स से मुक्ति दे देना, देश का जो भविष्य बनाने में उत्सुक है ऐसे मेरा मध्यम वर्ग का परिवार, आज फुला नहीं समा रहा है। जब देश का सामर्थ्य बढ़ता है, तो देशवासियों को लाभ मिलता है। अंग्रेजों के जमाने से दंड संहिता में हम दबे पड़े थे, दंड का भय दिखाकर के जीवन चल रहा था, 75 साल आजादी के ऐसे ही गए, हमने दंड संहिता को खत्म कर दिया, न्याय संहिता को ले आए हैं। न्याय संहिता में भारत के नागरिक के प्रति विश्वास का भाव है।</p>
<p>* मैं चाहता हूं देशवासियों, देश के लिए कर रहा हूं, मैं मेरे लिए नहीं कर रहा हूं, किसी का बुरा करने के लिए नहीं कर रहा हूं। मेरे राजनीतिक दल, मेरे प्रतिस्पर्धी साथी भी, देश के इस उज्ज्वल भविष्य के लिए आगे आएं, हमारा साथ दें। </p>
<p>* स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स की बात हो, रेगुलेटरी रिफॉर्म्स की बात हो, पॉलिसी रिफॉर्म की चर्चा हो, प्रोसेस रिफॉर्म की चर्चा हो, कांस्टीट्यूशनल रिफॉर्म करने की जरूरत हो, हर प्रकार के रिफॉर्म्स, ये आज हम मकसद बनाकर के चले हैं। नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म्स के लिए हमने एक टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय किया है। यह टास्क फोर्स समय सीमा में इस काम को पूरा करें। </p>
<p>* हमारे स्टार्टअप्स हो, हमारे लघु उद्योग हो, हमारे गृह उद्योग हो, उन उद्यमियों को उनकी कंप्लायंस कास्ट बहुत कम हो जाएगी और उसके कारण उनको एक नई ताकत मिलेगी। जो एक्सपोर्ट की दुनिया में उनको लॉजिस्टिक सपोर्ट के कारण, व्यवस्थाओं में बदलाव के कारण उनको एक बहुत बड़ी ताकत मिलेगी।</p>
<p>* ऐसे-ऐसे कानून हैं हमारे देश में, छोटी-छोटी चीजों के लिए जेल में डालने के कानून हैं, आप हैरान हो जाएंगे, किसी ने नजर नहीं दौड़ाई। मैं पीछे लगा हूं, ये मेरे देश के नागरिकों को जेल में बंद करने वाले जो अनावश्यक कानून हैं, वो खत्म होने चाहिए। हम संसद में पहले भी बिल लाए थे, इस बार भी लेकर के आए हैं।</p>
<p>* हम नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स लेकर के आ रहे हैं, ये दिवाली के अंदर आपके लिए तोहफा बन जाएंगे, सामान्य मानवीय की जरूरत के टैक्स भारी मात्रा में काम कर दिए जाएंगे, बहुत बड़ी सुविधा बढ़ेंगी। </p>
<p>* हमारे एमएसएमई, हमारे लघु उद्यमी, इनको बहुत बड़ा लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की चीजें बहुत सस्ती हो जाएगी और उससे इकोनामी को भी एक नया बल मिलने वाला है। आज देश तीसरी बड़ी इकोनॉमी बनने की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है।</p>
<p>* आज इन्फ्लेशन कंट्रोल में है, फॉरेक्स एक्सचेंज रिजर्व हमारे बहुत मजबूत हैं, हमारे मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर्स बहुत मजबूत हैं, ग्लोबल रेटिंग एजेंसी भी लगातार भारत की सराहना करती है, भारत की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा से ज्यादा विश्वास व्यक्त कर रही है। </p>
<p>* यह बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था का लाभ मेरे देश के गरीबों को मिले, मेरे देश के किसानों को मिले, मेरे देश की नारी शक्ति को मिले, मेरे देश के मध्यम वर्ग को मिले, मेरे देश के विकास धरा को ताकत देने वाला बने, उस दिशा हम नए प्रयास कर रहे हैं।</p>
<p>* आज 15 अगस्त के ही दिन मेरे देश के युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपए की योजना हम लागू कर रहे हैं। आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना आज ही 15 अगस्त को लागू हो रही है, ये आपके लिए बहुत खुशखबरी है। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189022.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189022.jpg" alt="" width="2200" height="1424" class="aligncenter size-full wp-image-7070" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189022.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189022-300x194.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189022-1024x663.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189022-768x497.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189022-1536x994.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189022-2048x1326.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>* इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहले नौकरी पाने वाले नौजवान को बेटे बेटी को 15000 रुपया सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनियों को भी नए रोजगार देने के अवसर जो भी ज्यादा जुटाएगा, उनको भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना करीब करीब साढ़े तीन करोड़ नौजवानों को रोजगार के नए अवसर बनाएगी। </p>
<p>* देश गर्व से भर गया, जब एनडीए की वूमेन कैंडिडेट्स उनका पहला पास आउट हुआ था। पूरा देश गर्व से भर गया था, सारे टीवी चैनल उसी के पीछे लगे हुए थे। सेल्फ हेल्प ग्रुप, 10 करोड़ सेल्फ हेल्प ग्रुप के बहनें, क्या कमाल कर रही हैं। नमो ड्रोन दीदी नारी शक्ति एक नई पहचान बनी। </p>
<p>* हमने 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का संकल्प लिया था। 3 करोड़ और मुझे संतोष है कि हम तेज गति से कम कर रहे हैं। समय से  पहले 3 करोड़ का लक्ष्य पर कर लेंगे और आज मैं खुशी से देश को बताना चाहता हूं, कि मेरी नारी शक्ति का सामर्थ्य देखिए, देखते ही देखते दो करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। </p>
<p>* पिछले साल अनाज के उत्पादन में, मेरे देश के किसानों ने पुराने सारे विक्रम तोड़ दिए, ये सामर्थ्य है मेरे देश का। उतनी ही जमीन लेकिन व्यवस्थाएं बदली पानी पहुंचने लगा, अच्छे सीड्स मिलने लगे, किसानों को अच्छी सुविधाएं मिलने लगी हैं, तो  वो अपना सामर्थ्य देश के लिए बढ़ा रहा है। </p>
<p>* आज भारत दूध, दाल, जूट जैसे उत्पादन में नंबर वन है दुनिया में। आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फिश प्रोड्यूसर मेरे मछुआरे भाई बहनों के ताकत देखिए, फिश प्रोड्यूसर में दुनिया में हम दूसरे नंबर पर  पहुंच चुके हैं। आज भारत चावल, गेहूं,फल और सब्जी के उत्पादन में भी दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच चुका है।</p>
<p>* आपको खुशी होगी मेरे देश के किसान जो पैदाई देते हैं आज वह उत्पादन दुनिया के बाजार में पहुंच रहा है। 4 लाख करोड़ रूपया एग्रो प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट हुआ है। ये मेरे देश के किसानों ने हमें ताकत दिखाई है। पीएम किसान सम्मान निधि हो, रेन वाटर हार्वेस्टिंग हो, सिंचाई की योजनाएं हो, क्वालिटीज सीड्स हो, फर्टिलाइजर की आवश्यकता हो, हर क्षेत्र में आज और किसान को एक भरोसा हो गया है फसल बीमा का। </p>
<p>* हमारे देश के पशुधन को बचाने के लिए, हम एक कोविड की वैक्सीन मुफ्त में मिली वो तो हमें याद है, लेकिन हम पशुधन के लिए भी अब तक 125 डोज मुफ्त में पशुओं को लगा चुके हैं। </p>
<p>* भारत के किसान, भारत के पशुपालक, भारत के मछुआरे, ये हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारत के किसान, भारत के मछुआरे, भारत के पशुपालक, उनसे जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनके खड़ा है। भारत अपने किसानों, अपने पशुपालकों, अपने मछुआरों के संबंध में कभी भी कोई समझौता नहीं स्वीकार करेगा।</p>
<p>* दलित हो, पीड़ित हो, शोषित हो, वंचित हो, उनके लिए सकारात्मक रूप से सरकारें प्रो एक्टिव हो, सरकारें प्रो पीपल हो, उस दिशा में हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं। सामाजिक न्याय का अगर कोई सच्चा से सच्चा एक्जीक्यूशन है, तो सैचुरेशन में है, जिसमें कोई हकदार छूटे नहीं, हकदार के घर तक सरकार जाए और उसे अपने हक की चीजें मिले, उसके लिए हम काम कर रहे हैं।</p>
<p>* जनधन अकाउंट जब खोले गए ना, वह सिर्फ बैंक का अकाउंट था ऐसा नहीं है उससे एक स्वाभिमान मिला था। </p>
<p>* आयुष्मान भारत ने बीमारी को सहने की आदत से मुक्ति दिलाने का और उनको अच्छे स्वास्थ्य के लिए मदद करने का काम और जब हम वरिष्ठ नागरिकों को ₹500000 से ज्यादा मदद कर करके उनके आरोग्य की चिंता करते हैं।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189024.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189024.jpg" alt="" width="2200" height="1031" class="aligncenter size-full wp-image-7071" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189024.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189024-300x141.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189024-1024x480.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189024-768x360.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189024-1536x720.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189024-2048x960.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>* आज पीएम आवास 4 करोड़ गरीबों को घर मिलना, मतलब जिंदगी के नए सपने वहां बसते हैं। वो सिर्फ चार दीवारें नहीं है दोस्तों। रेहड़ी पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि योजना जो कभी ब्याज के चक्कर में फंसा रहता था, आज पीएम स्वनिधि से रेहड़ी पटरी वाला भी और आपने देखा होगा वह यूपीआई से पैसे लेता है, यूपीआई से पैसे देता है।</p>
<p>* एक समय था, गरीब हो, पीड़ित हो, आदिवासी हो, वंचित हो, दिव्यांग हो, हमारी विधवाएं माताएं बहने हो, अपने हक के लिए दर-दर भटकते रहते थे, सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाते लगाते जिंदगी पूरी हो जाती थी। आज सरकार आपके दरवाजे पर आती है, सैचुरेशन की अप्रोच को लेकर के आती है, करोड़ों लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी काम हुआ है।</p>
<p>* गरीबी हटाओ के नारे देश ने बहुत सुने हैं, लाल किले से भी सुने हैं और देश सुन सुन करके थक गया था और देश ने मान लिया था, कि गरीबी हट नहीं सकती है। लेकिन जब हम योजनाओं को गरीब के घर तक ले जाते हैं, विश्वास को गरीब के मन में हम पैदा करते हैं, तो मेरे देश के 25 करोड़ गरीब, गरीबी को परास्त कर करके, गरीबी से बाहर निकल करके एक नया इतिहास बनाते हैं। आज 10 करोड़ गरीब और 10 वर्ष में 25 करोड़ से ज्यादा गरीब ग़रीबी को परास्त कर करके गरीबी से बाहर निकले है और एक नियो मिडिल क्लास तैयार हुआ है।</p>
<p>* यह नियो मिडिल क्लास और मिडिल क्लास एक ऐसी जुगलबंदी है, जिसमें एस्पिरेशन भी है, एफर्ट्स भी हैं, वह देश को आगे बढ़ाने के लिए बहुत बड़ा सामर्थ्य बनने वाली हैं।</p>
<p>* बहुत ही निकट भविष्य में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200वीं जयंती आ रही है। हम उस जयंती के समारोह शुरू करने जा रहे हैं और महात्मा ज्योतिबा फुले के सिद्धांत, उन्होंने जो मंत्र दिए उसमें हमारे लिए प्रेरणा है- पिछड़े को प्राथमिकता। </p>
<p>* रेहड़ी पटरी वालों के लिए स्वनिधि योजना हो या हमारे हुनर वाले हाथ से काम करने वाले विश्वकर्मा योजना की बात हो आदिवासी में भी जो पिछड़े रह गए हैं उनके लिए पीएम जन मन की योजना की बात हो, हमारे पूर्वी भारत को विकास में पूरे देश के अंदर बराबरी में लाना और उनको नेतृत्व देने की दिशा में काम हो, हम सिर्फ समाज पिछड़े हो, उनकी चिंता में अटकने वाले नहीं है, जो क्षेत्र पिछड़े हैं, उनको भी हम प्राथमिकता देना चाहते हैं। </p>
<p>* जो जिले पिछड़े रहे हैं हम उनको प्राथमिकता देना चाहते हैं, जो ब्लॉक पिछड़े रहे हैं उनको प्राथमिकता देना चाहते हैं, हमने 100 एस्पिरेशनल डिस्‍ट्रिक्‍ट, 500 एस्पिरेशनल ब्लॉक, उसी मिशन में काम किया है। हमने पूर्वी भारत के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट पर बल दिया है, हमने पूर्वी भारत के जीवन को बदलकर के देश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का।</p>
<p>* खेल को बढ़ावा देने के लिए हमने नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी, कई दशकों के बाद हम देश में खेलो भारत नीति को लेकर के आए हैं, ताकि ये खेल जगत का सर्वांगीण विकास का प्रयास हो। स्कूल से लेकर के ओलंपिक तक हम एक पूरा इकोसिस्टम डेवलप करना चाहते हैं, चाहे कोचिंग की व्यवस्था हो, फिटनेस की बात हो, खेल के मैदान हों, खेल की व्यवस्थाएं हो, खेल के लिए आवश्यक साधन हों, लघु उद्योगों को भी खेल के साधन बनाने में मदद करने की बात हो। </p>
<p>* हमें मोटापे से बचाना है, ओबेसिटी से बचाना है। और इसलिए मैंने, बाकी सब करना पड़ेगा, लेकिन एक छोटा सा सुझाव दिया था कि परिवार तय करें कि जब खाने का तेल घर में आएगा 10 परसेंट कम ही आएगा और 10 परसेंट कम ही उपयोग करेंगे, और हम ओबेसिटी के खिलाफ लड़ाई को जीतने की दिशा में हम अपना योगदान देंगे।</p>
<p>* आज ये वर्ष, गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष है, देश की संस्कृति की रक्षा, भारत के मूल्यों की रक्षा के लिए उन्होंने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। मैं आज उनको नमन करता हूं।</p>
<p>* हमने प्रयागराज के महाकुंभ में देखा है, भारत की विविधता को कैसे जिया जाता है। हमारा देश भाषाओं की विविधता से बहुत ही भरा हुआ है, पुलकित है। और इसलिए हमने मराठी, असमिया,  बांग्ला, पाली, प्राकृत को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया है। </p>
<p>* इस बार हमने ज्ञान भारतम् योजना के तहत देशभर में जहां भी हस्तलिखित ग्रंथ है, जहां पांडुलिपियां हैं, सदियों पुराने जो दस्तावेज हैं, उनको खोज-खोज करके आज की टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए, उस ज्ञान की समृद्धि को आने वाली पीढ़ियों के लिए काम आए, उस दिशा में काम कर रहे हैं।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189044.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189044.jpg" alt="" width="2200" height="988" class="aligncenter size-full wp-image-7072" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189044.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189044-300x135.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189044-1024x460.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189044-768x345.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189044-1536x690.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250815189044-2048x920.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>* सेवा, समर्पण, संगठन और अप्रतिम अनुशासन, यह जिसकी पहचान रही है, ऐसा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुनिया का यह सबसे बड़ा एनजीओ है एक प्रकार से, 100 साल का उसका समर्पण का इतिहास है। मैं आज यहां लाल किले के प्राचीर से 100 साल की इस राष्ट्र सेवा की यात्रा में योगदान करने वाले सभी स्वयंसेवकों को आदरपूर्वक स्‍मरण करता हूं और देश गर्व करता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इस 100 साल की भव्‍य, समर्पित यात्रा को और हमें प्रेरणा देता रहेगा।</p>
<p>* एक समय था, कभी सवा सौ से ज्यादा जिलों में नक्सलवाद अपनी जड़े जमा चुका था। माओवाद की चंगुल में हमारे जनजातीय क्षेत्र, हमारे जनजातीय नौजवान फंसे हुए थे और आज सवा सौ जिलों में से कम होते-होते हम 20 पर ले आए हैं। जो क्षेत्र कभी रेड कॉरिडोर के रूप में जाने जाते थे, वह आज विकास के ग्रीन कॉरिडोर बन रहे हैं साथियों, हमारे लिए गर्व की बात है। भारत के नक्शे में जिन क्षेत्रों को लहू लुहान कर दिया गया था, लाल रंग से रंग दिया गया था, हमने वहां संविधान, कानून और विकास का तिरंगा फहरा दिया है।</p>
<p>* यह भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का अवसर है, तब इन जनजातीय क्षेत्रों को नक्सल से मुक्त कर करके, मेरे जनजातीय परिवार के नौजवानों की जिंदगी बचा करके, हमने भगवान बिरसा मुंडा को एक सच्ची श्रद्धांजलि दी है।</p>
<p>* मैं आज देश के सामने एक चिंता, एक चुनौती के संबंध में आगाह करना चाहता हूं। षड्यंत्र के तहत, सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है। एक नए संकट के बीच बोए जा रहे हैं और यह घुसपैठिए, मेरे देश के नौजवानों के रोजी-रोटी छीन रहे हैं। </p>
<p>* हमने एक हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू करने का निर्णय किया है। यह मिशन, इस मिशन के द्वारा यह जो भीषण संकट नजर आ रहा है, भारत पर मंडरा रहा है यह जो संकट है, उसको निपटाने के लिए तय समय में सुविचारित निश्चित रूप से अपने कार्य को करेगा, उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।</p>
<p>* जब मुझे भगवान श्री कृष्ण याद आते हैं, तो हम देख रहे हैं कि पूरे विश्व में आज युद्ध के तौर-तरीके बदल रहे हैं। हमने देखा है कि भारत युद्ध के हर नए तौर तरीकों से निपटने में समृद्ध है। हमने ऑपरेशन सिंदूर में ये दिखा दिया है, टेक्नोलॉजी में जो भी महारत थी। </p>
<p>* पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों पर, हमारे एयरबेस पर, हमारे संवेदनशील स्थानों पर, हमारे आस्था के केंद्रों पर, हमारे नागरिकों पर मिसाइल्‍स, ड्रोन अनगिनत मात्रा में उन्होंने वार किया। देश ने देखा है, लेकिन देश को सुरक्षित रखने के जो प्रयास पिछले 10 साल में हुए हैं, उस ताकत का परिणाम था कि उनके हर हमले को हमारे जाबाजों ने और हमारी टेक्नोलॉजी ने तिनके की तरह बिखेर दिया। </p>
<p>* रत्ती भर नुकसान नहीं कर पाए और इसलिए जब युद्ध के मैदान में टेक्नोलॉजी का विस्तार हो रहा है, टेक्नोलॉजी हावी हो रही है, तब राष्ट्र की रक्षा के लिए, देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमें भी हमने जो आज महारत पाई है, उस महारत का और विस्तार करने की जरूरत है। हमने आज जो महारत पाई है, उसको लगातार अपग्रेड करते रहने की आवश्यकता है। </p>
<p>* और इसलिए मैं आज लाल किले की प्राचीर से कह रहा हूं, आने वाले 10 साल में, 2035 तक राष्ट्र के सभी महत्वपूर्ण स्थलों, जिनमें सामरिक के साथ-साथ सिविलियन क्षेत्र भी शामिल हैं, जैसे अस्पताल हो, रेलवे हो, जो भी आस्था के केंद्र हो, उन्हें टेक्नोलॉजी के नए प्लेटफॉर्म द्वारा पूरी तरह सुरक्षा का कवच दिया जाएगा। </p>
<p>* और इसलिए भगवान श्री कृष्ण से प्रेरणा पाकर के हमने श्री कृष्ण का जो सुदर्शन चक्र था, उस सुदर्शन चक्र की राह को चुना है। अब देश सुदर्शन चक्र मिशन लॉन्च करेगा। यह मिशन सुदर्शन चक्र एक पावरफुल वेपन सिस्टम दुश्मन के हमले को न्यूट्रलाइज तो करेगा ही करेगा, लेकिन कई गुना ज्यादा दुश्मन पर हिट बैक करेगा। </p>
<p>* हम इस सुदर्शन चक्र के द्वारा भी टारगेटेड प्रिसाइज़ एक्शन के लिए भी व्यवस्था को विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे और इसलिए युद्ध के बदलते तौर-तरीकों में राष्ट्र की सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा के लिए मैं बड़ी प्रतिबद्धता के साथ इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए वचन देता हूं।</p>
<p>* जब हम लोकतंत्र की बात करते हैं, स्वतंत्र भारत की बात करते हैं, तब हमारा संविधान हमारे लिए सर्वोत्तम दीप स्तंभ होता है, हमारा प्रेरणा का केंद्र होता है, लेकिन आज से 50 साल पहले भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था। भारत के संविधान की पीठ में छुरा घोंप दिया गया था, देश को जेल खाना बना दिया गया था, आपातकाल लगा दिया गया था, इमरजेंसी थोप दी गई थी। इमरजेंसी के 50 साल हो रहे हैं, देश की किसी भी पीढ़ी को संविधान की हत्या के इस पाप को कभी भूलना नहीं चाहिए। संविधान की हत्या करने वाले पापियों को नहीं भूलना चाहिए और हमें भारत के संविधान के प्रति अपने समर्पण को और मजबूती देते हुए आगे बढ़ना चाहिए, वह हमारी प्रेरणा है।</p>
<p>* मैंने इसी लाल किले से पंच प्रण की बात कही थी। मैं आज लाल किले से फिर से एक बार मेरे देशवासियों का पुनः स्मरण जरूर करना चाहता हूं। विकसित भारत बनाने के लिए ना हम रुकेंगे, ना हम झुकेंगे, हम परिश्रम की पराकाष्ठा करते रहेंगे और अपनी आंखों के सामने 2047 में विकसित भारत बना करके रहेंगे।</p>
<p>* हमारा दूसरा प्रण है कि हम हमारे जीवन में, हमारी व्यवस्थाओं में, हमारे नियम कानून परंपराओं में, गुलामी का एक भी कण अब बचने नहीं देंगे। हम हर प्रकार की गुलामी से मुक्ति पाकर के ही रहेंगे। हम अपनी विरासत पर गर्व करेंगे। हमारी इस पहचान का सबसे बड़ा आभूषण, सबसे बड़ा गहना, सबसे बड़ा मुकुटमणि, हमारी विरासत है, हम विरासत का गर्व करेंगे। इन सबके लिए एकता, यह मंत्र सबसे बड़ा शक्तिशाली मंत्र है और इसलिए एकता की डोर को कोई काट ना सके यह हमारा सामूहिक संकल्प होगा।</p>
<p>* मां भारती के प्रति कर्तव्य निभाना, यह पूजा से कम नहीं है, तपस्या से कम नहीं है, आराधना से कम नहीं है और उसी भाव से हम सब मातृभूमि के कल्याण के लिए, परिश्रम की पराकाष्ठा करते हुए, 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को पार करने के लिए अपने आप को खपा देंगे, अपने आप को झोंक देंगे, जो भी सामर्थ्य हैं, कोई भी अवसर को छोड़ेंगे नहीं, इतना ही नहीं, नए अवसरों का निर्माण करेंगे और निर्मित करने के बाद हम 140 करोड़ देशवासियों के सामर्थ्य से आगे बढ़ते ही रहेंगे, बढ़ते ही रहेंगे, बढ़ते ही रहेंगे। हमें याद रखना है, 140 करोड़ देशवासियों को याद रखना है, परिश्रम में जो तपा है, उसने ही तो इतिहास रचा है। जिसने फौलादी चट्टानों को तोड़ा है, उसने ही समय को मोड़ा है। और समय को मोड़ देने का भी यही समय है, सही समय है।</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/narendr-modi-addressed-nation-on-79th-independence-day">​लाल किले के प्राचीर से 103 मिनट के संबोधन में 92-बिंदुओं पर व्याख्यान &#8216;आसान&#8217; नहीं है</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>​प्रधानमंत्री कर्तव्य भवन को राष्ट्र को समर्पित किया, कर्तव्य भवनों को इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से एक नई लाइन बनाने का प्रस्ताव है।</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 Aug 2025 13:41:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[dedicates]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[kartavy bhavan]]></category>
		<category><![CDATA[kartavy p[ath]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>कर्तव्य पथ (नई दिल्ली) :  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कर्तव्य भवन को राष्ट्र को समर्पित करते हुए इसे जन-जन की सेवा के प्रति अटूट संकल्प और निरंतर प्रयासों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कर्तव्य भवन न केवल नीतियों और योजनाओं को लोगों तक तेजी से पहुंचाने में मददगार बनने वाला है, बल्कि इससे देश के विकास [&#8230;]</p>
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]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>कर्तव्य पथ (नई दिल्ली) :  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कर्तव्य भवन को राष्ट्र को समर्पित करते हुए इसे जन-जन की सेवा के प्रति अटूट संकल्प और निरंतर प्रयासों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कर्तव्य भवन न केवल नीतियों और योजनाओं को लोगों तक तेजी से पहुंचाने में मददगार बनने वाला है, बल्कि इससे देश के विकास को भी एक नई गति मिलेगी। </strong></p>
<p>&#8220;कर्तव्य भवन एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है&#8221;, शब्दों से अलंकृत करते प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे गढ़ने वाले हमारे श्रमयोगियों की अथक मेहनत और संकल्प-शक्ति का आज देश साक्षी बना है। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को एक साथ लाकर कर्तव्य भवन में शिफ्ट किया जाएगा जिससे दक्षता, नवाचार और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय/विभाग और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय होंगे।</p>
<p><strong>प्रधानमंत्री ने कहा कि इस भवन के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण का पूरा ध्यान रखा गया है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कर्तव्य भवन के प्रांगण में एक पौधा भी लगाया। सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के लिए ऐसे कुल 10 भवनों का निर्माण होना है। इनमें से कर्तव्य भवन-3 बनकर तैयार हो गया है। </strong></p>
<p>केंद्र सरकार के सभी 51 मंत्रालयों को 10 साझा केंद्रीय सचिवालय भवनों में एक साथ लाना संसाधनों की आवाजाही को सुचारू बनाएगा, जिसके परिणामस्वरूप अधिक कुशल और समन्वित प्रशासन होगा। अनुकूल और मॉड्यूलर फ्लोर डिजाइनों के साथ संयुक्त नजदीकी समन्वय विभागीय लेआउट सरकार को अधिक दक्षता और बढ़ी हुई उत्पादकता के साथ काम करने के लिए सशक्त बनाएगा। कार्यालय के विस्तार से मौजूदा क्षमता और बढ़ती मांग के बीच के अंतर को पाटा जा सकेगा और उत्पादकता को बढ़ावा देने वाले अत्याधुनिक कार्य वातावरण की शुरुआत की जा सकेगी। ये सुविधाएं बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी में वैश्विक मानदंडों को पूरा करेंगी। पुनर्विकास परियोजना हरित बुनियादी ढांचे और स्वच्छ परिवहन के माध्यम से स्थिरता को आगे बढ़ाएगी, सरकारी कार्यों में दक्षता और तालमेल बढ़ाएगी। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188410.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188410.jpg" alt="" width="2200" height="1291" class="aligncenter size-full wp-image-7049" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188410.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188410-300x176.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188410-1024x601.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188410-768x451.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188410-1536x901.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188410-2048x1202.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>परियोजना पूरी होने के बाद किराये के तौर पर खर्च होने वाले 1500 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह प्रशासन को सुव्यवस्थित करने और कुशल शासन का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन की गई कई नियोजित सामान्य केंद्रीय सचिवालय इमारतों में से पहली है। यह लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर का एक आधुनिक कार्यालय परिसर होगा, जो दो बेसमेंट और सात मंजिलों में फैला होगा। इससे विभिन्न बिजली बचत और पुनर्चक्रण सुविधाओं के साथ स्थिरता में मदद मिलेगी, जिसके परिणामस्वरूप 30 प्रतिशत ऊर्जा की बचत होगी और वार्षिक 5 लाख 34 हजार यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन भी होगा।</p>
<blockquote><p>प्रधानमंत्री ने कई पोस्टों में कहा; &#8220;कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन जन-जन की सेवा के प्रति हमारे अटूट संकल्प और निरंतर प्रयास का प्रतीक है। ना केवल हमारे सदस्यों और लोगों तक की शिक्षा को तेजी से मित्रता में शामिल करने वाला है, बल्कि इससे देश के विकास को भी एक नई गति मिलेगी। मित्रता के सिद्धांत बने इस भवन को राष्ट्र को समर्पित कर बहुत ही गौरवान्वित हूं।&#8221;</p></blockquote>
<p>भारत सरकार इतिहास की छाया में, भविष्य के सपनों के साथ नई दिल्ली के हृदय में एक साहसिक नया अध्याय रच रही है। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना &#8211; ईंटों और इमारतों से कहीं बढ़कर, भारत की आत्मा का प्रतीक है। यह प्रशासनिक ढाँचों को एकीकृत करने और आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़े, आधुनिक और उद्देश्यपूर्ण कार्यालयों के माध्यम से प्रशासनिक उत्पादकता में सुधार लाने की एक परियोजना है। सेंट्रल विस्टा कॉम्प्लेक्स भारत के प्रशासन का केंद्र होने के साथ-साथ एक प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षण भी है जहाँ प्रमुख राष्ट्रीय त्यौहार और समारोह आयोजित किए जाते हैं। नई संसद, आधुनिक सचिवालय भवनों और हरित सार्वजनिक स्थलों के साथ, यह परियोजना दक्षता और स्थिरता के साथ नवाचार की आकांक्षा रखने वाले एक मज़बूत लोकतंत्र को दर्शाती है।</p>
<p>भारत की स्वतंत्रता के बाद, 1956 और 1968 के बीच उद्योग भवन, निर्माण भवन, शास्त्री भवन, रेल भवन और कृषि भवन सहित केंद्रीय सचिवालय भवनों की एक श्रृंखला का निर्माण किया गया। इन संरचनाओं का विकास केंद्र सरकार के मंत्रालयों के विस्तारित कार्यों को समायोजित करने के लिए कार्यालय स्थान की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने के लिए किया गया था। सेंट्रल विस्टा एवेन्यू, प्रतिष्ठित कर्तव्य पथ और इंडिया गेट के आसपास के हरे-भरे लॉन तक फैला हुआ है। राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ करना एक सार्थक बदलाव का प्रतीक है &#8211; सत्ता के प्रतीक से एक ऐसे मार्ग में परिवर्तित होना जो राष्ट्र निर्माण में जनता की भूमिका का उत्सव मनाता है। यह साझा दायित्व और लोकतांत्रिक गौरव को दर्शाता है।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188434.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188434.jpg" alt="" width="2200" height="1358" class="aligncenter size-full wp-image-7050" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188434.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188434-300x185.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188434-1024x632.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188434-768x474.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188434-1536x948.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188434-2048x1264.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188434-356x220.jpg 356w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>सेंट्रल विस्टा डेवलपमेंट मास्टर प्लान, शासन के लिए उद्देश्य-संचालित, अत्याधुनिक कार्यालय स्थलों का निर्माण करके प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने का एक परिवर्तनकारी प्रारूप है। इसका उद्देश्य भारत की संसद, कार्यपालिका और उपराष्ट्रपति एन्क्लेव तथा सभी मंत्रालयों के लिए एक एकीकृत केंद्रीय सचिवालय की गतिशील आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु आधुनिक, अनुकूलनीय और पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढाँचा तैयार करना है। यह योजना कर्त्तव्य पथ को एक जन-केंद्रित नागरिक स्थल के रूप में पुनर्जीवित भी करती है। यह पहल शासन को सुव्यवस्थित करने के अलावा, पर्यावरणीय स्थिरता —सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित करना, पैदल यात्रियों की पहुँच को प्राथमिकता देना और पुनर्विकसित क्षेत्रों में हरित क्षेत्र का विस्तार करने पर भी बल देती है। इन प्रयासों का उद्देश्य देश के लिए भविष्य के लिए तैयार प्रशासनिक ढांचे को आकार देते हुए कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।</p>
<p><strong>सेंट्रल विस्टा एवेन्यू जो प्रतिष्ठित कर्तव्य पथ और इंडिया गेट के आसपास के हरे-भरे लॉन में फैला हुआ है, उसमें समय के साथ कई बदलाव देखे गए हैं। हालांकि, इसने अपनी मुख्य पहचान को संरक्षित रखा है और राष्ट्रीय और सार्वजनिक आयोजनों की मेजबानी भी जारी है, यह एक बहुमूल्य नागरिक स्थान के रूप में स्थित है और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। नतीजतन, इसका पुनर्विकास सेंट्रल विस्टा मास्टर प्लान का एक प्रमुख केंद्र बन गया। कर्तव्य पथ के किनारे पक्के रास्ते से लेकर लॉन में पथ और पुनर्विकसित नहरों तक, कार्य एक वर्ष से भी कम समय में पूरा हो गया। सार्वजनिक पहुंच और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 85.3 हेक्टेयर क्षेत्र का पुनर्विकास किया गया है। ग्रीन कवर में 4,087 पेड़ हैं, जो पहले 3,890 पेड़ थे। 16. 5 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग अब नए सिरे से तैयार की गई नहरों और लॉन के साथ पैदल चलने वालों की आवाजाही को सुगम बनाते हैं।</strong> </p>
<p>राष्ट्रीय संग्रहालय, आईजीएनसीए, सुधार किए गए कर्तव्य पथ, इंडिया गेट प्लाजा और लॉन सहित सेंट्रल विस्टा में बेहतर सार्वजनिक स्थान। उत्तर और दक्षिण ब्लॉकों के भीतर लगभग 80,000 वर्ग मीटर सरकारी स्थान को सार्वजनिक क्षेत्रों में पुनर्निर्मित किया जाएगा क्योंकि ये ऐतिहासिक इमारतें एक राष्ट्रीय संग्रहालय परिसर में बदल जाएंगी। पुनर्निर्मित एवेन्यू में सामाजिक समारोहों के लिए निर्दिष्ट क्षेत्र होंगे, जो पर्यटकों को आराम से गतिविधियों का आनंद लेने के लिए स्थलों की पेशकश करेंगे। सभी परियोजनाओं के लिए विस्तृत पर्यावरण प्रभाव आकलन किया गया। सेंट्रल विस्टा परियोजना के निर्माण चरण के दौरान इसके पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए सख्त उपाय किए गए। ये परियोजनाएं सामूहिक रूप से हरित क्षेत्र को बढ़ाएंगी क्योंकि कुल 40,573 पेड़ लगाए जा रहे हैं और किसी भी परियोजना में कोई मौजूदा पेड़ नहीं हटाया गया है। ध्वस्त भवनों से निकलने वाले कचरे का उपचार और पुनर्चक्रण एक समर्पित निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट सुविधा में किया जाएगा जिसका उपयोग निर्माण में किया जाएगा।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188415.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188415.jpg" alt="" width="2200" height="1537" class="aligncenter size-full wp-image-7051" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188415.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188415-300x210.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188415-1024x715.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188415-768x537.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188415-1536x1073.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188415-2048x1431.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/08/H20250806188415-100x70.jpg 100w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p>भवन में सुरक्षित और आईटी-सक्षम कार्यस्थल, स्मार्ट एंट्री सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और कमांड सेंटर, सोलर पैनल, सौर वॉटर हीटर और ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं हैं। यह पर्यावरण के अनुकूल निर्माण को भी बढ़ावा देता है, जिसमें अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग, ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं। इमारत को ठंडा रखने और बाहरी ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए इसमें कांच की विशेष खिड़कियां लगाई गई हैं।</p>
<p>शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अगले महीने तक कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 भी बनकर तैयार जाएंगे। दोनों का काम लगभग अंतिम चरण में है। प्रस्तावित अन्य सात भवन भी अप्रैल 2027 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। इस परियोजना पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंत्रालयों के लिए बनाए जा रहे इन भवनों में तकनीक, सुरक्षा व पर्यावरण अनुकूलता का पूरा ख्याल रखा गया है। खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के लिए नवनिर्मित इन नए भवनों को पहले कामन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (सीसीएस) नाम दिया गया था। इन कर्तव्य भवनों को मेट्रो लाइन से जोड़ने के लिए इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से एक नई लाइन बनाने का प्रस्ताव किया गया है।</p>
<p>कर्तव्य भवनों के तैयार होते ही नार्थ और साउथ ब्लाक में मौजूद सभी मंत्रालयों को वहां से स्थानांतरित कर दिया जाएगा। दोनों ही ब्लाक को खाली कराकर इनमें भारत संग्रहालय बनाया जाएगा। इस दौरान ढांचे के साथ किसी तरह का छेड़छाड़ किए बगैर इसमें महाभारत काल से लेकर देश के आज तक के इतिहास, कला व संस्कृति आदि को प्रदर्शित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि सेंट्रल विस्टा परियोजना का यह काम दिसंबर 2031 तक पूरा कर लिया जाएगा। इनमें ही प्रधानमंत्री के लिए नए आवास व कार्यालय भी बनाए जा रहे है। इसके लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>
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		<title>​गृह मंत्रालय के सभी निर्जीव ईंट, पत्थर, टेबल, कुर्सी, खम्भे, खिड़कियां &#8216;बिलख रहे&#8217; हैं, भवन छोड़कर &#8216;सजीव&#8217; जा रहे हैं एक नए भवन में</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/nation/home-ministry-begings-moving-out</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Jul 2025 13:46:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[governemt]]></category>
		<category><![CDATA[home ministry]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त, 1947 को तमिल पुजारियों के हाथों &#8216;सेंगोल&#8217; स्वीकार किया था। 76-वर्ष बाद 28 मई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के अधीनम मठ से फिर सेंगोल स्वीकार किया और उसे अपने कालखंड में निर्मित नए संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/home-ministry-begings-moving-out">​गृह मंत्रालय के सभी निर्जीव ईंट, पत्थर, टेबल, कुर्सी, खम्भे, खिड़कियां &#8216;बिलख रहे&#8217; हैं, भवन छोड़कर &#8216;सजीव&#8217; जा रहे हैं एक नए भवन में</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त, 1947 को तमिल पुजारियों के हाथों &#8216;सेंगोल&#8217; स्वीकार किया था। 76-वर्ष बाद 28 मई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के अधीनम मठ से फिर सेंगोल स्वीकार किया और उसे अपने कालखंड में निर्मित नए संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित किया।भारत का नया संसद भवन भारतीयों द्वारा डिज़ाइन और निर्मित, यह वास्तुशिल्पीय चमत्कार पूरे देश की संस्कृति, गौरव और भावना को दर्शाता है। साथ ही, आने वाले समय में सीटों और सांसदों की संख्या में वृद्धि के साथ, भारतीय लोकतंत्र की लंबे समय से चली आ रही विशाल संसद की आवश्यकता को पूरा करने के लिए तत्पर है। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के एक भाग के रूप में विकसित किया गया यह नया संसद भवन, संसदीय कार्य में आने वाली बुनियादी ढांचे संबंधी बाधाओं का समाधान करता है। </strong></p>
<blockquote><p>सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत अब बारी आ गयी मुद्दत से स्थापित गृह मंत्रालय के स्थानांतरण का। नार्थ ब्लॉक स्थित गृह मंत्रालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल, जो पंडित नेहरू के मंत्रिमंडल में उप-प्रधानमंत्री तो थे ही, गृह मंत्री के रूप में 15 अगस्त, 1947 से अपनी अंतिम सांस तक पद पर आसीन रहे । आज जब अमित शाह के कार्यकाल में गृह मंत्रालय अपने नए परिसर की ओर अग्रमुख है, वहां के सभी निर्जीवों को, ईंट, पत्थर, दीवार, सीढियाँ, दरवाजे, खिड़कियां अब तक के सभी 29 पूर्व गृह मंत्रियों के पैरों के निशान याद कर विकल हो रहे हैं। देश के 30 वे गृहमंत्री अमित शाह के कालखंड में यह परिसर अब गृह मंत्रालय नहीं, बल्कि किसी और नाम से जाना जायेगा। </p></blockquote>
<p>गृह मंत्रालय का सेंट्रल विस्टा में एक नए, अत्याधुनिक कार्यालय परिसर में स्थानांतरण कार्य प्रगति पर है, जिसमें अधिकांश कार्यालय पहले ही स्थानांतरित हो चुके हैं। अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी पहले ही इस नई सुविधा में स्थानांतरित हो चुके हैं। सीएसएस परिसर, महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का एक प्रमुख घटक है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी बुनियादी ढांचे का केंद्रीकरण और आधुनिकीकरण करना है। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-2.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-2.jpg" alt="" width="2047" height="1367" class="aligncenter size-full wp-image-7003" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-2.jpg 2047w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-2-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-2-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-2-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-2-1536x1026.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2047px) 100vw, 2047px" /></a></p>
<p>नया परिसर उन्नत सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा और टिकाऊ डिज़ाइन सुविधाओं से सुसज्जित है, जो सरकारी अधिकारियों के लिए अधिक कुशल कार्य वातावरण सुनिश्चित करता है। उम्मीद है इस सप्ताह के अंत तक या अगले सप्ताह तक अपने नवनिर्मित अत्याधुनिक कार्यालय परिसर में स्थानांतरित हो जाएगा जो भारत की केंद्र सरकार के प्रशासनिक परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा।&#8221; </p>
<p><strong>सेंट्रल विस्टा परियोजना, भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य नई दिल्ली के प्रशासनिक केंद्र का पुनर्विकास करना है, जिसमें एक नए संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय भवनों का निर्माण और राजपथ से कर्तव्य पथ तक का नवीनीकरण शामिल है। नए भवन को गृह मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न विभागों को समायोजित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिनमें आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, जम्मू और कश्मीर मामले और आपदा प्रबंधन आदि शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि केंद्रीकृत स्थान और आधुनिक बुनियादी ढांचा समन्वय, दक्षता और सेवा वितरण में सुधार करेगा।</strong></p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-4.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-4.jpg" alt="" width="2047" height="1367" class="aligncenter size-full wp-image-7004" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-4.jpg 2047w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-4-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-4-1024x684.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-4-768x513.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-4-1536x1026.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2047px) 100vw, 2047px" /></a></p>
<p>1911 में दिल्ली को ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य की राजधानी बनाए जाने के बाद नई दिल्ली की योजना गंभीरता से शुरू हुई। लुटियंस को नगर नियोजन और वायसराय हाउस के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई हर्बर्ट बेकर, जिन्होंने 1892-1912 तक दो दशकों तक दक्षिण अफ्रीका में प्रैक्टिस की थी, दूसरे नंबर के कमांडर के रूप में शामिल हुए। बेकर ने अगली सबसे महत्वपूर्ण इमारत, सचिवालय, का डिजाइन तैयार किया, जो वायसराय हाउस के अलावा रायसीना हिल पर स्थित एकमात्र इमारत थी। </p>
<p>दिल्ली नगर नियोजन समिति की स्थापना 1912 में वायसराय भवन, सचिवालय भवन जैसी प्रमुख इमारतों और नए शहर के सौंदर्य से जुड़े अन्य संरचनात्मक कार्यों की योजना, विकास और डिजाइन तैयार करने के लिए की गई थी। एडविन लुटियंस मार्च 1912 में इस समिति के सदस्य बने। इस परियोजना का ठेका सरदार बहादुर बसाखा सिंह संधू और सरदार बहादुर सर शोभा सिंह ने लिया था।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-8.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-8.jpg" alt="" width="1814" height="1153" class="aligncenter size-full wp-image-7005" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-8.jpg 1814w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-8-300x191.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-8-1024x651.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-8-768x488.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-8-1536x976.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1814px) 100vw, 1814px" /></a></p>
<p>भारत की राजधानी दिल्ली आने के बाद, 1912 में उत्तरी दिल्ली में कुछ ही महीनों में एक अस्थायी सचिवालय भवन का निर्माण किया गया। नई राजधानी के अधिकांश सरकारी कार्यालय पुरानी दिल्ली स्थित &#8216;पुराने सचिवालय&#8217; से यहाँ स्थानांतरित हो गए। कई कर्मचारियों को ब्रिटिश भारत के दूर-दराज के इलाकों, जिनमें बंगाल प्रेसीडेंसी और मद्रास प्रेसीडेंसी शामिल थे, से नई राजधानी में लाया गया था। इसके बाद, गोल मार्केट क्षेत्र के आसपास उनके लिए आवास विकसित किए गए। पुराने सचिवालय भवन में अब दिल्ली विधान सभा स्थित है। संसद भवन का निर्माण 1921 में शुरू हुआ था और भवन का उद्घाटन 1927 में हुआ था।</p>
<p>दिल्ली नगर नियोजन समिति ने एक खाका तैयार किया, जिसमें नई राजधानी को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया था। पहली श्रेणी में वे इमारतें शामिल थीं जो सरकार नए शहर के सरकार का मुख्यालय बनने से पहले उपलब्ध कराएगी, दूसरी श्रेणी में वे इमारतें शामिल थीं जिन्हें सरकार बाद में नए शहर में जोड़ सकती थी और तीसरी श्रेणी में वे इमारतें शामिल थीं जिनका निर्माण निजी एजेंसियों द्वारा किया जाना था। </p>
<p><strong>इसका उद्घाटन 1931 में हुआ था और इसमें राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, उत्तर और दक्षिण ब्लॉक और अभिलेख कार्यालय (जिसे बाद में राष्ट्रीय अभिलेखागार नाम दिया गया) के साथ-साथ इंडिया गेट स्मारक और राजपथ के दोनों ओर स्थित नागरिक उद्यान शामिल थे। इस योजना को पारंपरिक शहरी नियोजन उपकरणों का उपयोग करके डिज़ाइन किया गया था, जिसमें एक मजबूत अक्ष, एक प्रमुख केंद्र बिंदु, महत्वपूर्ण नोड्स का निर्माण और एक निश्चित समापन बिंदु शामिल थे। उस समय, यह दुनिया में अपनी तरह की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक थी, जिसकी कल्पना और डिज़ाइन भारत की भावना, प्रगति और वैश्विक महत्व को प्रतिबिंबित करने के लिए की गई थी।</strong></p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-7.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-7.jpg" alt="" width="1814" height="1153" class="aligncenter size-full wp-image-7006" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-7.jpg 1814w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-7-300x191.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-7-1024x651.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-7-768x488.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/North-7-1536x976.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 1814px) 100vw, 1814px" /></a></p>
<p>सेंट्रल विस्टा के समग्र डिजाइन में भारतीय प्रभावों की झलक मिलती है। इसमें लाल और बेज बलुआ पत्थर का उपयोग शामिल था, जिसका उपयोग 13वीं शताब्दी से दिल्ली की स्मारकीय वास्तुकला के लिए किया जाता रहा है; सांची के महान स्तूप पर वायसराय हाउस के गुंबद की मॉडलिंग; सचिवालय ब्लॉकों के बीच स्थित डोमिनियन के स्तंभों के लिए प्राचीन भारतीय घंटा-शीर्ष; और भारतीय वास्तुकला की अनगिनत विशेषताएं &#8211; जालियां (छेदित पत्थर की स्क्रीन), छज्जा (उभरे हुए ओवरहैंग), छतरियां (स्तंभित गुंबद), और बहुत कुछ। </p>
<p>जब कार्यालय दोनों ब्लॉकों से हट जाएँगे, तो इन्हें एक संग्रहालय में बदल दिया जाएगा। &#8216;युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय&#8217; नामक इस संग्रहालय में अनुमानित 25,000-30,000 कलाकृतियाँ प्रदर्शित की जाएँगी और यह दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक होने की संभावना है। ज्ञातव्य हो कि 17 जुलाई को, गृह मंत्रालय द्वारा हिंदी में जारी एक आदेश में कहा गया था कि नॉर्थ ब्लॉक स्थित सभी कार्यालयों को सेंट्रल विस्टा-3 में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इस सुचारू स्थानांतरण के लिए नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/Picture-285-scaled.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/Picture-285-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1696" class="aligncenter size-full wp-image-7007" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/Picture-285-scaled.jpg 2560w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/Picture-285-300x199.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/Picture-285-1024x678.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/Picture-285-768x509.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/Picture-285-1536x1017.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/Picture-285-2048x1356.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></a></p>
<p>पहले तीन कार्यालय भवन लगभग पूरे हो चुके हैं। गृह मंत्रालय को नए परिसर में 347 कमरे आवंटित किए गए हैं। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अनुसार, &#8220;स्वतंत्रता के बाद भारत के लोगों ने इन शाही इमारतों पर निर्विवाद रूप से भारत सरकार की सीट होने का दावा किया था। सभी केंद्र सरकार के कार्यालयों को सीसीएस भवनों में स्थानांतरित करने से विभिन्न मंत्रालयों/विभागों या उनके संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों को किराए के आवास खाली करने में मदद मिलेगी, जिससे प्रति वर्ष लगभग ₹1,000 करोड़ की बचत होगी।&#8221;</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/home-ministry-begings-moving-out">​गृह मंत्रालय के सभी निर्जीव ईंट, पत्थर, टेबल, कुर्सी, खम्भे, खिड़कियां &#8216;बिलख रहे&#8217; हैं, भवन छोड़कर &#8216;सजीव&#8217; जा रहे हैं एक नए भवन में</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>भारत का &#8216;सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइज़ेशन&#8217; इस वर्ष दिल्ली में &#8216;विश्व शौचालय दिवस&#8217; की मेजबानी करेगा </title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 16 Jul 2025 04:11:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[international]]></category>
		<category><![CDATA[organisation]]></category>
		<category><![CDATA[social]]></category>
		<category><![CDATA[Sulabh]]></category>
		<category><![CDATA[toilet]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>पालम गाँव (दिल्ली) : अगर श्रीमती अनीता विवाहोपरान्त अपनी ससुराल से भाग नहीं गयी होती तो शायद अक्षय कुमार “टॉयलेट: एक प्रेम कथा” सिनेमा नहीं बनाते। अनीता अपने ससुराल से इसलिए नहीं भागी की वह मशहूर होना चाहती थी, किन्तु इसलिए भागी की उसके ससुराल में शौचालय नहीं था और शौचालय उसकी आवश्यकता थी। लेकिन आज़ादी [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/indias-sulabh-international-social-service-organisation-will-host-world-toilet-day-in-delhi-this-year">भारत का &#8216;सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइज़ेशन&#8217; इस वर्ष दिल्ली में &#8216;विश्व शौचालय दिवस&#8217; की मेजबानी करेगा </a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>पालम गाँव (दिल्ली) : अगर श्रीमती अनीता विवाहोपरान्त अपनी ससुराल से भाग नहीं गयी होती तो शायद अक्षय कुमार “टॉयलेट: एक प्रेम कथा” सिनेमा नहीं बनाते। अनीता अपने ससुराल से इसलिए नहीं भागी की वह मशहूर होना चाहती थी, किन्तु इसलिए भागी की उसके ससुराल में शौचालय नहीं था और शौचालय उसकी आवश्यकता थी। लेकिन आज़ादी के 64-साल बाद भी समाज के लोग &#8216;शौचालय के महत्व&#8217; को समझ नहीं पा रहे थे। उसके मायके के घर में सदा ही शौचालय रहा, जिसे वह सात भाई-बहनों के साथ प्रयोग करती रही। उसके पिता श्री अम्मूलाल कुमरे, जो प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक थे, द्वारा उसे स्वतंत्रता एवं स्वच्छता के विषय में सदा ही जानकारी दी जाती रही थी । वैसे, भारत का &#8216;सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन&#8217; इस वर्ष दिल्ली में विश्व शौचालय दिवस की मेजबानी करने जा रहा है।  </strong></p>
<p>वैसे भारत में शौचालय की क्रांति सत्तर के दशक में बिहार के आरा शहर से समाजशास्त्री डॉ. बिंदेश्वर पाठक द्वारा शुरू की जा चुकी थी, लेकिन 2011 में श्रीमती अनीता की वह पहल एक अलग क्रांति को जन्म दिया। जो बाद में उसके जीवन पर आधारित फिल्म &#8211; टॉयलेट: एक प्रेम कथा &#8211; हर दिन पेज 3 पर छाने लगी। एक ऐसे घर में ब्याह कर आने के बाद – जहाँ पर शौचालय की उपलब्धता न हो – भी पिता-द्वारा दी गई शिक्षा को भुला नहीं पाई। अनीता का ससुराल से भागना एक राष्ट्रीय खबर बनी और सिद्धार्थ-गरिमा ने टॉयलेट एक प्रेम कथा कहानी लिख डाले। श्री नारायण सिंह ने इस फिल्म का निर्देशन किया। अक्षय कुमार, भूमि पेडनेकर, अनुपम खेर और सना खान अभिनेता-अभिनेत्री और अन्य कलाकार बने। </p>
<p>मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के जितुराना गाँव की कला स्नातक अनीता नर्रे को इस साहसिक कार्य के लिए सभी ने सराहा और भारत में पहली बार ऐसी माँग करने के लिए पुरस्कृत भी किया गया, जहाँ खुले में शौच करना एक आम बात है। उनके पति शिवराम नर्रे के पास अपनी दुल्हन को वापस लाने के लिए शौचालय बनवाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। अपनी पत्नी की मांग पूरी करने में उन्हें 10 दिन लग गए। </p>
<p>विज्ञान स्नातक तृतीय वर्ष का छात्र शिवराम, गुज़ारा चलाने के लिए दिहाड़ी मज़दूरी करता है। शिवराम ने कहा, &#8220;मैं अक्सर दिहाड़ी मज़दूरी के छोटे-मोटे काम करता हूँ। मुझे हर दिन के काम के लिए 100 रुपये मिलते हैं।&#8221; अनीता, जो स्नातक हो चुकी थी, भी नौकरी की तलाश में थी ताकि वे अपनी दो बेटियों को एक स्थिर जीवन दे सकें। अनीता बीए की पढ़ाई कर रही थीं जब उनके पिता ने उनकी शादी भीमपुर तहसील के शिवराम नर्रे से करने का फैसला किया। हर आज्ञाकारी बेटी की तरह, वह शिवराम से शादी करने के लिए राज़ी हो गईं, भले ही वह एक बीपीएल परिवार से ताल्लुक रखने वाले एक खेतिहर मज़दूर थे और उनसे कम पढ़े-लिखे थे। </p>
<p><strong>11 अगस्त 2017 को यह फिल्म सम्पूर्ण भारत में प्रदर्शित हुई। इस फिल्म ने पहले दिन भारत में 13.10 करोड़ कमाया । यह फिल्म अक्षय कुमार की 9 वीं सबसे बड़ी फिल्म बनी और अक्षय कुमार की उच्चतम कमाई वाली फिल्म के रूप में उभरा । अनीता, एक आदिवासी लड़की, ने अपने कार्य से शान्त जल में एक छोटा कंकड़ फेंका है, जिसने एक लहर का रूप ले लिया है। अनीता के इस उदाहरण में ‘जान ऑफ़ आर्क’ का किरदार अदा किया गया, जिसने 15वीं सदी में फ्रांस के चार्ल्स-8 से ईश्वरीय आदेश प्राप्त किया था। </strong></p>
<figure id="attachment_6969" aria-describedby="caption-attachment-6969" style="width: 2033px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/BBB.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/BBB.jpg" alt="" width="2033" height="1141" class="size-full wp-image-6969" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/BBB.jpg 2033w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/BBB-300x168.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/BBB-1024x575.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/BBB-768x431.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/BBB-1536x862.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2033px) 100vw, 2033px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6969" class="wp-caption-text">अनीता के उस अदम्य साहस के लिए, समाज में जागरूकता लाने के लिए सुलभ इंटरनेशनल ​सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक डॉ. बिंदेश्वर पाठक उसे सम्मानित ​करते</figcaption></figure>
<p>अनीता के उस अदम्य साहस के लिए, समाज में जागरूकता लाने के लिए सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक डॉ. बिंदेश्वर पाठक उसे सम्मानित भी किये और आर्थिक मदद स्वरुप 7 लाख रुपये भी दिए। इतना ही नहीं, भारत के राष्ट्रपति द्वारा भी सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन ने उनके ससुराल में एक पक्का शौचालय बनवाया।</p>
<p>बहरहाल, आगामी 19 नवम्बर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित विश्व शौचालय दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता प्राप्त वर्ल्ड टॉयलेट डे के 25 वें संस्करण का आयोजन इस वर्ष भारत की राजधानी नई दिल्ली में होगा। इसकी मेजबानी सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन द्वारा की जाएगी। यह ऐतिहासिक निर्णय सुलभ के प्रेसिडेंट कुमार दिलीप और वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक जैक सिम के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया। यह ऐतिहासिक समिट 2030 के सतत विकास लक्ष्यों (SDG) की समयसीमा से ठीक 5 वर्ष पूर्व आयोजित हो रही है और यह एक प्रमुख मंच प्रदान करेगी:</p>
<p><strong>• एसडीजी 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) में हुई प्रगति की समीक्षा<br />
• नवाचारों और सफलता की कहानियों को साझा करने का अवसर<br />
• शहरी स्वच्छता की चुनौतियों से निपटने की रणनीतियों पर चर्चा</strong></p>
<blockquote><p>इस सम्मेलन का एक मुख्य केंद्र बिंदु होगा भारत का स्वच्छ भारत अभियान, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाया गया और जिसके अंतर्गत 11 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ — यह सामुदायिक भागीदारी से संचालित एक वैश्विक मॉडल बन चुका है। समिट का उद्देश्य यह भी होगा कि ग्लोबल साउथ के देश किस प्रकार स्थानीय, विश्वसनीय और समुदाय-आधारित समाधानों के माध्यम से मानव कल्याण से जुड़ी चुनौतियों, विशेषकर स्वच्छता जैसे विषयों से प्रभावी ढंग से निपट सकते हैं।</p></blockquote>
<p>विश्व शौचालय संगठन की शुरुआत 2001 में 15 सदस्यों के साथ हुई थी। आज इसकी संख्या 53 देशों से बढ़कर 151+ हो गई है। संगठन के सभी सदस्य शौचालय की समस्या को खत्म करने और दुनिया भर में स्वच्छता के समाधान के लिए काम करते हैं। यह संगठन सिंगापुर में 19 नवंबर 2001 को जैक सिम द्वारा स्थापित किया गया था। यह संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों, अकादमियों, शौचालय संघों, शौचालय हितधारकों और सरकार के लिए एक सेवा मंच और एक वैश्विक नेटवर्क के रूप में कार्य करता है। एक अनुमान के मुताबिक अब तक लगभग 2.4 अरब से अधिक लोगों की पहुँच स्वच्छता की सुविधा तक ना होने के कारण खुले में शौच करते हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है।</p>
<figure id="attachment_6970" aria-describedby="caption-attachment-6970" style="width: 2033px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/CCC.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/CCC.jpg" alt="" width="2033" height="1141" class="size-full wp-image-6970" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/CCC.jpg 2033w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/CCC-300x168.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/CCC-1024x575.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/CCC-768x431.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/07/CCC-1536x862.jpg 1536w" sizes="auto, (max-width: 2033px) 100vw, 2033px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6970" class="wp-caption-text">राष्ट्रपति भवन की भव्यता और राष्ट्र के दिग्गजों के बीच, अमोला पाठक द्वारा अपने दिवंगत पति डॉ. बिंदेश्वर पाठक की ओर से पद्म विभूषण ग्रहण करने पर। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी गरिमामय उपस्थिति इस अवसर की गंभीरता को प्रतिध्वनित करती है।</figcaption></figure>
<p>एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में शौचालयों के लिए सबसे लंबी कतारें हैं। अगर देश के सभी लोग, जो शौचालयों के बाहर इंतजार में खड़े हैं, एक लाइन में खड़े हो जाए तो इस कतार को खत्म होने में 5892 वर्ष लगेगी और यह चन्द्रमा से धरती तक लंबी लाइन बन जाएगी। हमारे देश में भी अधिकतम संख्या में लोग खुले तौर पर शौच करते हैं। हाल के जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक 1.2 बिलियन लोगों सहित देश के लगभग आधा हिस्से के पास घर में शौचालय सुविधा नहीं है लेकिन इन सभी लोगों के पास मोबाइल फोन है। हालांकि इस दिशा में बहुत कुछ किया गया है परन्तु विशेषकर महिलाएं शौचालयों तक पहुंच की कमी के कारण बहुत सी समस्याओं का सामना कर रही हैं। </p>
<p><strong>विगत कई वर्षों में भारत में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन इस मुद्दे पर जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किया है। 2014 में दुनिया में पहली बार दिल्ली में 18 से 20 नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय टॉयलेट महोत्सव के रूप में एक लंबा और अद्वितीय तीन दिन का जश्न मनाया गया था। शौचालय के महत्व पर जागरूकता बढ़ाने के लिए त्योहार आयोजित किया गया था। उद्घाटन समारोह में छह देशों के करीब 1000 छात्रों ने एक श्रृंखला बनाई जिसमें उन्होंने सिर पर टॉयलेट पॉट्स रखे थे। </strong></p>
<blockquote><p>आपको जानकार आश्चर्य होगा की सुलभ इंटरनेशनल ने शौचालयों का एक ऐसा संग्रहालय बनाया है जिसमें शौचालयों और मानव सभ्यता संस्कृति के गहरे रिश्तों को दिखाया गया है। यहाँ फ्रांस के सम्राट लुई तेरहवें के राजगद्दीनुमा शौचालय से लेकर महारानी विक्टोरिया के शौचालय की अनुकृति मौजूद है, जिसमें हीरे-जवाहरात लगे हैं। संग्रहालय में दिखाई गई जानकारी के अनुसार शौचालयों का इतिहास हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की सभ्यता जितना ही पुराना है। मोहनजोदजड़ो में शौचालय के अवशेष मिले हैं। मुग़लकाल में अकबर के राजभवन के अलावा राजस्थान के गोलकुंडा सहित कई किलों पर शौचालय बने मिले जो अब भी देखे जा सकते हैं। इस संग्रहालय को बनाने का विचार संस्था के संस्थापक डॉ बिंदेश्वर पाठक को लन्दन में मैडम तुसॉद का वैक्स म्यूज़ियम देखने के बाद आया। </p></blockquote>
<p>वैसे सरकार और व्यवस्था के अनुसार भारतीय संविधान के मद्दे नजर अस्पृश्यता, दहेज, बाल विवाह, जाति व्यवस्था और अन्य अनेक सामाजिक बुराइयों को खत्म कर दिया गया है। लेकिन धरातल पर ये सभी कुप्रथाएं आज भी समाज में विद्यमान है। इतना ही नहीं, मानव मल-मूत्र की सफाई की प्रथा को खत्म करने के लिए भी कानून बना है, लेकिन व्यवहार में सरकारी और सामाजिक उदासीनता के कारण वह प्रभावी नहीं हो पाया कोई पचास के दसक और उसके बाद भी जब तक ”सुलभ” ने सामाजिक आंदोलन नहीं चलाया, शौचालय की उपयोगिता को नहीं बताया, इन भंगी-परिवारों को समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास नहीं किया । </p>
<p><a href="https://youtu.be/A8SfTWVE5zw">अगर सुलभ नहीं होता तो देश में भंगी-मुक्ति नहीं हो पाता और आज भी उस समुदाय के लोग अपने सर पर मैला उठाते रहते।</a></p>
<p>कल तक जो लोग, विशेषकर समाज व्यवस्था के संभ्रांत लोग, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्त्ता, कॉर्पोरेट, मंत्री, अधिकारी और न जाने कौन-कौन, अपने “खाने के मेज पर शौच की बात करना मानवीयता और मनुष्यता के खिलाफ समझते थे; आज शहरों और महानगरों, यहाँ तक की कारपोरेट घरानों, सरकारी कार्यालयों में “भोजनावकाश” के समय “भोजन करते लोग मल-मूत्र के बारे में बात करते हैं, शौचालय की बात करते हैं। और इसका मुख्य कारण है कि सुलभ ने अपने पांच-दसक के प्रयास से न केवल गाँधी का सपना साकार किया जमीन पर, बल्कि “भारत से मैला ढोने की कुप्रथा को भी समाप्त किया।”</p>
<p><strong>बहरहाल, डॉ पाठक ने लगभग अपना सारा जीवन स्वच्छता के क्षेत्र में और हाथ से मानव-मल-मूत्र उठाने की समस्या को खत्म करने की कोशिश में लगाया । उन्होंने इसी विषय पर अपनी पीएचडी की और अन्य शिक्षा संबंधी कार्य उस वक्त शुरू किए, जब उन्होंने 1970 में सुलभ शौचालय संस्थान की स्थापना की जो बाद में सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन बन गया। आज डॉ. पाठक नहीं हैं (दो वर्ष पूर्व 15 अगस्त को उनका देहावसान हो गया), लेकिन आज भी ​याद है जब उनसे पूछा था कि &#8220;अगर सुलभ, जिसने स्वच्छता अभियान की नीव 50 वर्ष पहले डाली थी, नहीं होता तो भारत में स्वच्छता का हश्र क्या होता?” इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा: “इस बात का उत्तर मैं नहीं दे सकता, लेकिन इतना जरूर कहूंगा की अगर सुलभ नहीं होता तो देश में भंगी-मुक्ति नहीं हो पाता और आज भी उस समुदाय के लोग अपने सर पर मैला उठाते रहते।” </strong></p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/indias-sulabh-international-social-service-organisation-will-host-world-toilet-day-in-delhi-this-year">भारत का &#8216;सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइज़ेशन&#8217; इस वर्ष दिल्ली में &#8216;विश्व शौचालय दिवस&#8217; की मेजबानी करेगा </a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>डॉ. जितेंद्र सिंह: &#8216;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में सिविल सेवाओं का लोकतंत्रीकरण हुआ है​&#8217;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 23 Jun 2025 04:33:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[civil]]></category>
		<category><![CDATA[development. 11-year of modi]]></category>
		<category><![CDATA[ias]]></category>
		<category><![CDATA[jitendra singh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: एक समय में आईएएस और सिविल सेवा केवल बिहार, तमिलनाडु, केरल आदि जैसे कुछ राज्यों तक ही सीमित थी, लेकिन आज हमें उन राज्यों से टॉपर मिल रहे हैं, जो पहले पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के टॉपर्स की सूची में शायद पहले कभी शामिल नहीं होते थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ की [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/civil-services-have-been-democratised-under-narendra-modis-leadership">डॉ. जितेंद्र सिंह: &#8216;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में सिविल सेवाओं का लोकतंत्रीकरण हुआ है​&#8217;</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली: एक समय में आईएएस और सिविल सेवा केवल बिहार, तमिलनाडु, केरल आदि जैसे कुछ राज्यों तक ही सीमित थी, लेकिन आज हमें उन राज्यों से टॉपर मिल रहे हैं, जो पहले पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के टॉपर्स की सूची में शायद पहले कभी शामिल नहीं होते थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले पुंछ की युवा लड़की परसनजीत कौर का उदाहरण दिया, जिसने पहले ही प्रयास में 2022 की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 11 हासिल की या पंजाब के लड़के अनमोल शेर सिंह बेदी का उदाहरण दिया, जिसने 2016 की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 2 हासिल की थी।</strong></p>
<blockquote><p>प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में युवा आकांक्षाओं के लोकतंत्रीकरण के साथ सिविल सेवाओं का लोकतंत्रीकरण बताते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह दूरदर्शन समाचार को दिए एक विशेष साक्षात्कार में  कहा कि इससे व्यवस्था द्वारा प्रदत्त निष्पक्षता और समान अवसर में विश्वास बहाल हुआ है, तथा इससे युवाओं की आकांक्षाओं का लोकतंत्रीकरण भी हुआ है। उनके अनुसार, &#8216;यह लोकतंत्र का सच्चा सार है &#8211; जहां हर मां को, चाहे उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, यह विश्वास होता है कि उसका बच्चा शीर्ष पर पहुंच सकता है।&#8217;</p></blockquote>
<p>डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 11 साल भारत के लिए परिवर्तनकारी रहे हैं। जिस चीज के लिए कई पीढ़ियां दशकों से तरस रही थीं, वह महज एक दशक में संभव हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अतीत के आंसू पोंछे हैं और उनकी जगह उम्मीद और भविष्य की आकांक्षाओं से आंखें भर गई हैं। उनके अनुसार, प्रत्येक बीतता वर्ष एक नया मील का पत्थर साबित हो रहा है &#8211; चाहे वह बुनियादी ढांचे, शासन, प्रौद्योगिकी या युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में हो &#8211; जिससे प्रत्येक भारतीय के लिए अभूतपूर्व अवसर पैदा हो रहे हैं।</p>
<p>केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नागरिकों का आत्म-सम्मान बहाल हुआ है। प्रधानमंत्री के 2016 के ऐतिहासिक ‘‘स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया’’ आह्वान का जिक्र करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसने पारंपरिक सरकारी नौकरियों से परे रोजगार के क्षितिज को कैसे व्यापक बनाया है। आज लोगों को एहसास हुआ कि नौकरी का मतलब केवल ‘‘सरकारी नौकरी’’ नहीं है, बल्कि नवाचार, उद्यम और स्टार्टअप भी है।’’</p>
<p>उन्होंने कहा कि भारत का बायोटेक क्षेत्र इसका एक आदर्श उदाहरण है &#8211; 2014 में केवल 50 स्टार्टअप से बढ़कर 2024 में 10,075 से अधिक हो गया है, और मूल्यांकन 10 बिलियन डॉलर से बढ़कर लगभग 170 बिलियन डॉलर हो गया है। उन्होंने इसका श्रेय मजबूत सार्वजनिक-निजी भागीदारी और बायो-ई3 और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन जैसी दूरदर्शी नीतियों को दिया। पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर के भारत के विकास की मुख्यधारा में शामिल होने की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ‘दशकों तक ये क्षेत्र रेलवे का इंतजार करते रहे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब उन घाटियों में भी ट्रेनें चल रही हैं जो कभी अलग-थलग थीं।&#8217;</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/image002W55P.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/image002W55P.jpg" alt="" width="602" height="526" class="alignleft size-full wp-image-6800" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/image002W55P.jpg 602w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/image002W55P-300x262.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 602px) 100vw, 602px" /></a></p>
<p><strong>डॉ. जितेंद्र सिंह ने अंतरिक्ष और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व की पुष्टि की, विज्ञान और नवाचार में देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा पर प्रकाश डाला। उन्होंने घोषणा की कि भारत के अंतरिक्ष यात्री, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, एक्सिओम-4 मिशन पर मिशन पायलट के रूप में काम करेंगे, जहां वे जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित बायोटेक किट का उपयोग करके अत्याधुनिक अंतरिक्ष जीव विज्ञान प्रयोग करेंगे। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि भारत 2035 तक अपना स्वयं का ‘भारत अंतरिक्ष स्टेशन’ स्थापित करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है, जो देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।</strong></p>
<p>उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विश्व अब भारत के साथ सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है और इसकी वैज्ञानिक क्षमताओं को मान्यता दे रहा है, जो एक विश्वसनीय वैश्विक विज्ञान साझेदार के रूप में देश के उत्‍थान का प्रमाण है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कई ऐतिहासिक शासन सुधारों पर प्रकाश डाला, जिन्होंने पिछले एक दशक में नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का लोक शिकायत निवारण तंत्र सीपीजीआरएएमएस एक वैश्विक मॉडल के रूप में विकसित हुआ है, जो 2014 में केवल 2 लाख की तुलना में 2024 में 26 लाख से अधिक शिकायतों का निपटारा करेगा, और 96 प्रतिशत की प्रभावशाली निपटान दर के साथ।</p>
<p>मंत्री डॉ. सिंह ने पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) की शुरुआत के बारे में भी बात की, जिसने चेहरे की पहचान तकनीक के माध्यम से बुजुर्ग नागरिकों को सत्यापन के लिए बैंकों में जाने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है &#8211; सरकार में अपनी तरह की पहली पहल। इसके अलावा, उन्होंने प्रगतिशील पेंशन सुधारों का हवाला दिया, जिसमें विधवा और तलाकशुदा बेटियों के लिए पारिवारिक पेंशन का प्रावधान और महिला अधिकारियों के लिए अपने जीवनसाथी तक सीमित रहने के बजाय माता-पिता या बच्चों को लाभार्थी के रूप में नामित करने की सुविधा शामिल है &#8211; जो शासन के प्रति अधिक समावेशी और कल्‍याणकारी दृष्टिकोण को दर्शाता है।</p>
<p>मोदी सरकार की निर्मल छवि के रिकॉर्ड पर प्रकाश डालते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने गर्व से कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्रीय मंत्रिपरिषद के किसी भी सदस्य के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप सामने नहीं आया है। इसकी तुलना पिछली सरकार से करें, जब भ्रष्टाचार आम बात थी। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में आए सांस्कृतिक बदलाव की ओर भी ध्यान दिलाया, जहां सरकार अब नागरिकों को वोट बैंक के रूप में वर्गीकृत नहीं करती है, बल्कि गैर-परंपरागत मतदाता क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना सहित योजनाओं की 100 प्रतिशत संतुष्टि सुनिश्चित करती है।</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/civil-services-have-been-democratised-under-narendra-modis-leadership">डॉ. जितेंद्र सिंह: &#8216;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में सिविल सेवाओं का लोकतंत्रीकरण हुआ है​&#8217;</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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		<title>ब्लैक थर्स्डे : जांच समिति की पहली बैठक कल, मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत एयर इंडिया के लिए न्यूनतम मुआवजा देयता 435 करोड़ रुपये से अधिक है</title>
		<link>http://www.aryavartaindiannation.com/nation/black-thursday-first-meeting-of-the-inquiry-committee-tomorrow</link>
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		<dc:creator><![CDATA[शिवनाथ झा]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Jun 2025 05:50:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश]]></category>
		<category><![CDATA[accident]]></category>
		<category><![CDATA[air india]]></category>
		<category><![CDATA[compensation]]></category>
		<category><![CDATA[death]]></category>
		<category><![CDATA[tata]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अहमदाबाद / नई दिल्ली: &#8220;ब्लैक थर्स्डे&#8221; को अहमदाबाद में हुए रूह-कंपाने वाली एयर इंडिया विमान दुर्घटना में एयर इंडिया और टाटा समूह संयुक्त रूप से दुर्घटना में मारे गए सभी यात्रियों के परिवारों और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते प्रत्येक को 1. 25 करोड़ रूपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसमें टाटा [&#8230;]</p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/black-thursday-first-meeting-of-the-inquiry-committee-tomorrow">ब्लैक थर्स्डे : जांच समिति की पहली बैठक कल, मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत एयर इंडिया के लिए न्यूनतम मुआवजा देयता 435 करोड़ रुपये से अधिक है</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>अहमदाबाद / नई दिल्ली: &#8220;ब्लैक थर्स्डे&#8221; को अहमदाबाद में हुए रूह-कंपाने वाली एयर इंडिया विमान दुर्घटना में एयर इंडिया और टाटा समूह संयुक्त रूप से दुर्घटना में मारे गए सभी यात्रियों के परिवारों और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते प्रत्येक को 1. 25 करोड़ रूपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसमें टाटा संस की ओर से ₹1 करोड़ और एयरलाइन की ओर से ₹25 लाख की अंतरिम सहायता शामिल है। एयर इंडिया के आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में वित्तीय सहायता की पुष्टि की गई। इसके अलावे, मुआवजे के अलावा, घायलों के लिए चिकित्सा लागत &#8211; जिसमें बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्र भी शामिल हैं &#8211; को पूरी तरह से कवर किया जाएगा। विमान में सवार 242 लोगों में से केवल एक ही दुर्घटना में बच पाया।</strong></p>
<p>एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कहा, &#8220;हम सभी एयर इंडिया में इस नुकसान से स्तब्ध हैं और प्रभावित परिवारों और उनके प्रियजनों के लिए शोक मना रहे हैं।&#8221; यह दुर्घटना बोइंग 787 ड्रीमलाइनर से जुड़ी थी और गुरुवार को सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद हुई। विमान 650 फीट की ऊंचाई पर खो गया और हवाई अड्डे के पास एक छात्र छात्रावास में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस त्रासदी के जवाब में, एयर इंडिया ने 100 से अधिक देखभाल करने वालों और 40 इंजीनियरिंग कर्मियों को अहमदाबाद भेजा है। यात्रियों और चालक दल के परिवारों की सहायता के लिए अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली और लंदन में सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। ये केंद्र यात्रा, आवास और मनोवैज्ञानिक देखभाल का समन्वय कर रहे हैं। तकनीकी टीम अब साइट पर मदद कर रही है और देखभाल करने वाले परिवारों को सहायता प्रदान कर रहे हैं,” विल्सन ने कहा, “कई और देखभाल करने वाले आगे सहायता प्रदान करने के लिए अहमदाबाद की यात्रा कर रहे हैं।”</p>
<p><strong>उन्होंने दुर्घटना स्थल का दौरा करने के बाद व्यक्तिगत दुख भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, &#8220;आज सुबह, मैंने दुर्घटनास्थल का दौरा किया और वहां के दृश्यों को देखकर मैं बहुत दुखी हुआ।&#8221; &#8220;मैंने सरकार में प्रमुख हितधारकों से भी मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि एयर इंडिया जमीनी स्तर पर काम करने वालों और जांच में पूरा सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।&#8221;जांचकर्ताओं ने हॉस्टल की छत से फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर बरामद कर लिया है, जहां विमान नीचे गिरा था। हालांकि, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर अभी भी गायब है और उड़ान के अंतिम सेकंड को समझने के लिए यह महत्वपूर्ण बना हुआ है। दोनों उपकरणों के बिना, पूरी उड़ान की कहानी को फिर से बनाना मुश्किल है। विल्सन ने जांच में एयर इंडिया के पूर्ण सहयोग और पीड़ितों के परिवारों को दीर्घकालिक सहायता देने का वादा किया। उन्होंने कहा, &#8220;हम जानते हैं कि जांच में समय लगेगा, लेकिन हम पूरी तरह से पारदर्शी रहेंगे और जब तक समय लगेगा, हम इस प्रक्रिया का समर्थन करेंगे।&#8221; उन्होंने निरंतर देखभाल का वादा करते हुए अपनी टिप्पणी समाप्त की: &#8220;एयर इंडिया इस त्रासदी से प्रभावित लोगों की देखभाल करने और हम पर रखे गए भरोसे को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करना जारी रखेगा।&#8221;</strong></p>
<blockquote><p>उधर, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि दुर्घटनाग्रस्त हुए एअर इंडिया के ड्रीमलाइनर विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है और उसकी डिकोडिंग शुरू हो गई है। अधिकारी अब ब्लैक बॉक्स में रिकॉर्ड हुए डेटा का उपयोग करके दुर्घटना के कारण का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसमें डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) शामिल हैं। ब्लैक बॉक्स को दिल्ली डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर प्रयोगशाला लाया जा रहा है।दिल्ली के उड़ान भवन में यह अत्याधुनिक सुविधा क्षतिग्रस्त ब्लैक बॉक्स की मरम्मत, उड़ान डेटा प्राप्त करने और हवाई दुर्घटनाओं का फोरेंसिक-स्तर का विश्लेषण करने के लिए स्थापित की गई है। एयर इंडिया प्लेन क्रैश के बाद से यह प्रयोगशाला का पहला बड़ा परीक्षण है।</p></blockquote>
<figure id="attachment_6751" aria-describedby="caption-attachment-6751" style="width: 2560px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/2-scaled.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/2-scaled.jpg" alt="" width="2560" height="1707" class="size-full wp-image-6751" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/2-scaled.jpg 2560w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/2-300x200.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/2-1024x683.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/2-768x512.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/2-1536x1024.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/2-2048x1366.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6751" class="wp-caption-text">केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू</figcaption></figure>
<p>12 जून, 2025 को एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई 171, अहमदाबाद और गैटविक हवाई अड्डे (लंदन) के बीच उड़ान भरने वाला बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान, उड़ान भरने के एक मिनट के भीतर ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह दुर्घटना अहमदाबाद के घनी आबादी वाले मेघानी नगर इलाके में हुई। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री, 2 पायलट और 10 चालक दल के सदस्य शामिल थे। मृतकों में यात्री और अहमदाबाद के मेघानी नगर निवासी युवा मेडिकल छात्र शामिल हैं। उनके असामयिक निधन को न केवल उनके परिवारों के लिए बल्कि राष्ट्र के भविष्य के लिए भी एक बड़ी क्षति बताया गया है।</p>
<p>मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि विमान हादसे की स्वतंत्र जांच करने के लिए सरकार की तरफ से केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है और समिति को अपनी जांच पूरी करने तथा एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। समिति की पहली बैठक सोमवार को होने जा रही है।  </p>
<p><strong>राम मोहन नायडू ने कहा, &#8220;समिति में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव, गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, गुजरात के प्रतिनिधि, राज्य आपदा प्रतिक्रिया प्राधिकरण, अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त, भारतीय वायु सेना के निरीक्षण एवं सुरक्षा महानिदेशक, बीसीएएस, डीजीसीए के महानिदेशक, आईबी के विशेष निदेशक और फोरेंसिक विज्ञान सेवा निदेशालय के निदेशक शामिल होंगे।इस जांच पर संयुक्त रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए 3 महीने के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास करेंगे। &#8220;</strong></p>
<p>विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने उसी दिन दुर्घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी। एएआईबी के महानिदेशक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जीओ टीम को तुरंत भेजा गया और बाद में फोरेंसिक और चिकित्सा विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया गया।13 जून को शाम करीब 5 बजे विमान के ब्लैक बॉक्स की बरामदगी के साथ एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। डिकोडिंग प्रक्रिया से उड़ान के अंतिम क्षणों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। </p>
<figure id="attachment_6752" aria-describedby="caption-attachment-6752" style="width: 2200px" class="wp-caption aligncenter"><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/3-1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/3-1.jpg" alt="" width="2200" height="1792" class="size-full wp-image-6752" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/3-1.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/3-1-300x244.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/3-1-1024x834.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/3-1-768x626.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/3-1-1536x1251.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/3-1-2048x1668.jpg 2048w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a><figcaption id="caption-attachment-6752" class="wp-caption-text">केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 12 जून, 2025 को गुजरात के अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया विमान के दुर्घटनास्थल का दौरा किया</figcaption></figure>
<p>डीजीसीए ने एयर इंडिया को जेनएक्स इंजन से लैस सभी बोइंग 787-8 और 787-9 विमानों का तत्काल तकनीकी निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। वर्तमान में भारतीय विमानन कम्पनियों के पास सेवारत 33 ड्रीमलाइनरों में से 8 का निरीक्षण किया जा चुका है। शेष विमानों का तत्काल निरीक्षण किया जा रहा है। डीजीसीए ने भारत में संचालित सभी वाइड-बॉडी विमानों के रखरखाव प्रोटोकॉल और उड़ान योग्यता प्रक्रियाओं की अपनी सतत निगरानी भी तेज कर दी है। </p>
<p><strong>केन्द्रीय मंत्री ने विमानन सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की वैश्विक स्थिति की पुष्टि की तथा कहा कि आईसीएओ सहित अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भारत की विमानन नियामक प्रणालियों को लगातार मजबूत और सुसंगत बताया है। उन्होंने सुरक्षा और पारदर्शिता के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।  मंत्रालय ने जनता और मीडिया से अटकलें लगाने या अपुष्ट रिपोर्टिंग से बचने का आग्रह किया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, सभी आधिकारिक निष्कर्ष समय पर और पारदर्शी तरीके से साझा किए जाएंगे। सरकार सच्चाई को सामने लाने और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। </strong></p>
<p>घटना के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुर्घटना स्थल और अहमदाबाद सिविल अस्पताल का दौरा किया, जहां उन्होंने घायलों और शोक संतप्त परिवारों के साथ बातचीत की तथा बचाव एवं राहत प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने आगे की कार्रवाई के बारे में निर्देश देने के लिए हवाई अड्डे पर एक उच्च स्तरीय बैठक की भी अध्यक्षता की। घटना के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने घटनास्थल पर पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से जमीनी हालात का जायजा लिया और केंद्रीय एजेंसियों को प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। </p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/4.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/4.jpeg" alt="" width="1600" height="1520" class="aligncenter size-full wp-image-6753" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/4.jpeg 1600w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/4-300x285.jpeg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/4-1024x973.jpeg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/4-768x730.jpeg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/4-1536x1459.jpeg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/4-24x24.jpeg 24w" sizes="auto, (max-width: 1600px) 100vw, 1600px" /></a></p>
<p><strong>बहरहाल, दुर्घटना के यात्रियों के लिए मुआवजा निर्धारित करने वाले नियमों का एक महत्वपूर्ण सेट मॉन्ट्रियल कन्वेंशन, 1999 है। मॉन्ट्रियल कन्वेंशन एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जो यात्रियों की मृत्यु या चोट के साथ-साथ सामान और कार्गो के नुकसान, हानि या देरी के लिए एयरलाइन की ज़िम्मेदारी को नियंत्रित करती है। </strong></p>
<p>इस संधि के अनुसार, एयर इंडिया को प्रति पीड़ित 1,51,880 विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) की एक निश्चित राशि का भुगतान करना होगा। एसडीआर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा बनाई गई एक लेखा इकाई है, जो पाँच मुद्राओं की एक टोकरी पर आधारित है, जो दुनिया भर में एक समान मूल्यांकन सुनिश्चित करती है। लगभग 120 रुपये प्रति एसडीआर की वर्तमान दर पर, यह प्रति पीड़ित लगभग 1.8 करोड़ रुपये है।</p>
<p>231 यात्रियों और 10 चालक दल के सदस्यों सहित 256 लोगों की जान जाने के बाद, मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत एयर इंडिया के लिए न्यूनतम मुआवज़ा देयता 435 करोड़ रुपये से अधिक है। हालांकि, चालक दल के सदस्यों को आम तौर पर रोजगार अनुबंधों या श्रमिकों के मुआवज़े के कानूनों के तहत मुआवज़ा दिया जाता है, न कि सीधे मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत, जो कुल भुगतान के आंकड़ों को थोड़ा समायोजित कर सकता है। </p>
<p>मॉन्ट्रियल कन्वेंशन एयरलाइनों को पीड़ितों के परिवारों को कम से कम 16,000 एसडीआर (लगभग 18 लाख रुपये) का अग्रिम भुगतान करने का आदेश देता है, किसी भी जांच के समाप्त होने से पहले भी। यह भुगतान आमतौर पर परिवार की तत्काल ज़रूरतों, जैसे अंतिम संस्कार और संबंधित खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाता है। जबकि निश्चित एसडीआर मुआवज़ा एक आधार रेखा निर्धारित करता है, अगर एयरलाइन द्वारा कोई लापरवाही या गलती साबित होती है तो पीड़ितों के परिवार उच्च भुगतान की मांग कर सकते हैं।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/5-1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/5-1.jpg" alt="" width="2200" height="1593" class="aligncenter size-full wp-image-6754" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/5-1.jpg 2200w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/5-1-300x217.jpg 300w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/5-1-1024x741.jpg 1024w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/5-1-768x556.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/5-1-1536x1112.jpg 1536w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/5-1-2048x1483.jpg 2048w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/5-1-324x235.jpg 324w" sizes="auto, (max-width: 2200px) 100vw, 2200px" /></a></p>
<p><strong>हल बीमा विमानन बीमा का एक विशेष रूप है जो तीसरे पक्ष की देयता या यात्री की चोटों को कवर करने के बजाय विमान को होने वाली शारीरिक क्षति या हानि के लिए कवरेज प्रदान करता है। यह बीमा विमान मालिकों, संचालकों और पट्टेदारों के लिए आवश्यक है, जो दुर्घटनाओं, टकरावों, आग, प्राकृतिक आपदाओं और कभी-कभी उड़ान के लापता होने सहित कई जोखिमों के विरुद्ध विमान के वित्तीय मूल्य की रक्षा करता है। अहमदाबाद दुर्घटना में शामिल बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर का बीमा 80 मिलियन अमेरिकी डॉलर और 115 मिलियन अमेरिकी डॉलर (665 से 960 करोड़ रुपये) के बीच मूल्य की पतवार बीमा पॉलिसी के तहत किया गया था। चूंकि विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था, इसलिए बीमाकर्ता संभवतः विमान के पूरे बीमित मूल्य का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होंगे।</strong></p>
<p>मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के अनुसार एयरलाइनों को देयता बीमा रखना आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे दुर्घटना, चोट या नुकसान की स्थिति में यात्रियों और कार्गो मालिकों को अपने मुआवज़े के दायित्वों को पूरा कर सकें। यह आवश्यकता यात्रियों की सुरक्षा के लिए डिज़ाइन की गई है, ताकि यह गारंटी दी जा सके कि एयरलाइनों के पास कन्वेंशन की सख्त देयता व्यवस्था के तहत अनिवार्य रूप से मुआवज़ा देने के लिए वित्तीय संसाधन हैं। कन्वेंशन में कहा गया है कि अंतर्राष्ट्रीय परिवहन में लगे सभी एयर कैरियर को मृत्यु, चोट, सामान और कार्गो दावों के लिए अपने दायित्व को कवर करने वाला पर्याप्त बीमा रखना चाहिए। एयर इंडिया के लिए, इस देयता बीमा से यात्रियों के मुआवज़े में 435 करोड़ रुपये और क्षतिग्रस्त छात्रावास और अन्य संभावित तीसरे पक्ष के नुकसान से संबंधित अतिरिक्त दावों को कवर करने की उम्मीद है।</p>
<p><a href="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/7-2.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" src="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/7-2.jpg" alt="" width="1701" height="1988" class="aligncenter size-full wp-image-6757" srcset="http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/7-2.jpg 1701w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/7-2-257x300.jpg 257w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/7-2-876x1024.jpg 876w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/7-2-768x898.jpg 768w, http://www.aryavartaindiannation.com/wp-content/uploads/2025/06/7-2-1314x1536.jpg 1314w" sizes="auto, (max-width: 1701px) 100vw, 1701px" /></a></p>
<p>कुल मिलाकर, बीमा दावों और मुआवज़े के भुगतान को मिलाकर 120 मिलियन अमेरिकी डॉलर और 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर (1,000-1,250 करोड़ रुपये) के बीच होने का अनुमान लगाया जा सकता है, जिसमें पतवार बीमा भुगतान, यात्री देयता दावे और अन्य तृतीय पक्ष और ज़मीनी नुकसान लगभग 10-20 मिलियन अमेरिकी डॉलर शामिल हैं। इसमें मेडिकल कॉलेज को होने वाले नुकसान भी शामिल होंगे, जिसके रेज़िडेंट डॉक्टर्स हॉस्टल पर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। टाटा समूह ने कॉलेज के पुनर्निर्माण के लिए प्रतिबद्धता जताई है। कि दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के लिए मुख्य प्राथमिक बीमाकर्ता टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस है, जिसके पास बीमा पॉलिसी में 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। अन्य भारतीय बीमाकर्ताओं में न्यू इंडिया एश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी जैसी कई सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियाँ शामिल हैं। बीमा पॉलिसी में पतवार बीमा और देयता बीमा दोनों को कवर किया जाता है। </p>
<p>The post <a href="http://www.aryavartaindiannation.com/nation/black-thursday-first-meeting-of-the-inquiry-committee-tomorrow">ब्लैक थर्स्डे : जांच समिति की पहली बैठक कल, मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत एयर इंडिया के लिए न्यूनतम मुआवजा देयता 435 करोड़ रुपये से अधिक है</a> appeared first on <a href="http://www.aryavartaindiannation.com">आर्यावर्तइण्डियननेशन - aryavartaindiannation</a>.</p>
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